सुहागरात पे पहले साड़ी और फिर चूत फाड़ा

हैलो दोस्तों.. मेरा नाम अनुराग है और में दिल्ली से हूँ। में पर आप सभी का स्वागत करता हूँ। आज में आपके साथ अपनी एक सच्ची कहानी शेयर कर रहा हूँ। यह बात उन दिनों की है जब में बारहवीं क्लास में पढ़ता था। मेरे मामा जी के बेटे की नई नई शादी हुई थी और वो कनाडा में रहता है। उसका वहाँ अपना बिज़नेस है.. तो बात यह हुई कि वो शादी करके जल्दी ही सऊदी चला गया क्योंकि उसको बहुत बड़ा प्रॉजेक्ट मिल गया था। में उसकी शादी पर नहीं जा सका क्योंकि मेरे एग्जाम चल रहे थे।

एक दिन में मामा जी के घर गया.. सब लोग मंदिर गये हुए थे। घर में सिर्फ़ में और मेरी भाभी शिल्पा थी। लेकिन मुझे नहीं पता था कि घर में कोई नहीं है। में हमेशा की तरह बिना बेल बजायें अंदर चला गया और मामा जी को आवाज़ दी लेकिन अंदर से कोई रिप्लाई नहीं आया.. तो मैंने 3-4 बार और पुकारा.. फिर भाभी ने आवाज़ दी तो मैंने अपने बारे में बताया तब भाभी को पता चला कि में उनका रिश्तेदार ही हूँ।

उस वक़्त तक़ मेरी भाभी पर बुरी नज़र नहीं थी। भाभी बोली चलो में आपके लिए चाय बना के लाती हूँ। सर्दी बहुत ज़्यादा थी तो मैंने भी चाय के लिए हाँ कर दी। भाभी जब चाय बनाने के लिए गयी तो में वहां बैठ कर टी.वी देखने लगा। जब मैंने टी.वी चालू किया तो टी.वी पर सेक्सी गाना चल रहा था।

मेरा मूड खराब होना स्टार्ट हो गया और भाभी के आने की आवाज़ सुनकर मैंने चेनल चेंज कर दिया। तब मैंने शरमाते हुये भाभी से पूछा कि बाकी फेमिली कहाँ है.. तो भाभी ने बताया कि वो सब मंदिर गये है और शाम को ही सब वापस आयेंगे। मेरी तो क़िस्मत चमक पड़ी तो मैंने भाभी को बोला कि में 2-3 दिन के लिए यहाँ ही रहूँगा।

भाभी ने मुझे मेरा रूम दिखा दिया और में वहां जाकर आराम करके अपने मोबाइल पर ब्लू फिल्म देखने लगा। मैंने हेड फोन्स लगाये और जल्दबाज़ी में अपना दरवाज़ा लॉक करना भूल गया था और उधर भाभी के फोन पर मामा जी का फोन आया कि उनकी कार खराब हो गई है और वो कल सुबह आयेंगे और मुझे घर पर ही रहने को कहा।

यह बताने भाभी मेरे रूम में आई तो में अपने कंबल में मुठ मार रहा था। भाभी मेरे पास आकर खड़ी हो गई और मुझे बताने लगी कि कैसे उनकी कार खराब हो गई है। मेरा ब्लू फिल्म और भाभी को देखकर मूड खराब होता जा रहा था। भाभी ने उस टाईम काली साड़ी पहनी हुई थी। में तो आउट ऑफ कंट्रोल हो रहा था.. भाभी का फिगर 36-28-34 था।

मेरा तो सेक्स की गर्मी के कारण इतनी सर्दी में भी चेहरा लाल हो रहा था। मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था। भाभी जाने ही लगी थी कि मैंने उनको आवाज़ दी और उनको अपने पास बैठाकर इधर उधर की बातें करने लगा।

फिर धीरे धीरे में भाभी के पास आने लगा और मैंने फिर एक ही झटके में भाभी को पकड़ लिया और अपने बेड पर पटक दिया। भाभी बोलने लगी कि यह सब क्या कर रहे हो लेकिन में इतना उत्सुक था कि मेरी कोई आवाज़ ही नहीं निकल पा रही थी। में पागलो की तरह भाभी को किस करता रहा और भाभी मुझे दूर हटाने की कोशिश कर रही थी.. लेकिन में कहाँ मानने वाला था।

भाभी मुझे गालियाँ देने लगी लेकिन मैंने उनकी एक ना सुनी और उन्हें किस करता रहा। फिर कुछ ही समय बाद मैंने भाभी की साड़ी को उतारना चाहा लेकिन भाभी चिल्लाये जा रही थी और मुझे दूर धकेले जा रही थी। मैंने पास में पड़ी एक ब्लेड से भाभी की साड़ी को थोड़ा फाड़ दिया और फिर मैंने बाकी साड़ी को हाथ से ही फाड़ दिया।

भाभी चिल्ला रही थी कि छोड़ दो मुझे.. लेकिन मैंने उनकी एक ना सुनी और जल्दी जल्दी उनका ब्लाउज भी फाड़ दिया। भाभी गुस्से के मारे लाल हुए जा रही थी। में बहुत तेजी से भाभी के बूब्स ब्रा के उपर से ही दबाने लगा। तब जाकर भाभी थोड़ा शांत हुई और फिर मैंने दोबारा किस करना शुरू कर दिया। आप ये कहानी अन्तर्वासना – स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

अब भाभी किस करने मे मेरा साथ दे रही थी। भाभी को भी धीरे धीरे मज़ा आने लगा। फिर मैंने भाभी के पूरे कपड़े उतार दिए और उन्हें नंगा कर दिया। भाभी मुझे बोलने लगी कि आज लगता है तुम मुझे चोद के ही रहोगे। इसके लिए मेरी इतनी कीमती साड़ी फाड़ने की क्या ज़रूरत थी। फिर मैंने कहा कोई बात नहीं भाभी.. में आपको नई साड़ी ला दूंगा।

इस पर भाभी मुस्करा पड़ी। फिर धीरे धीरे मैंने भाभी की चूत को टच किया.. भाभी के शरीर में कंपन स्टार्ट हो गया। में धीरे धीरे किस करने लगा जिससे भाभी को बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैंने किस करते-करते ही अपने भी कपड़े उतार दिए। भाभी मेरा 9 इंच का लंड देखकर हैरान रह गई।

मैंने भाभी से कहा कि इतना बड़ा पहले कभी नहीं देखा क्या? तब भाभी ने बताया कि उसने अभी तक़ सुहागरात भी नहीं मनाई है। भाभी ने कहा कि पहले तो तुम मुझे भाभी कहना बंद करो और मुझे शिल्पा कहना स्टार्ट करो.. आज से में तुम्हारी गर्लफ्रेंड हूँ। मैंने फिर भाभी को खूब किस किया और धीरे धीरे उनकी चूत की तरफ बढ़ा और उनकी चूत पर किस किया और फिर एक उंगली से उनकी चूत को चोदना चाहा.. लेकिन उनकी चूत सच में वर्जिन थी।

फिर मैंने पास में पड़ा ऑयल अपनी उंगली पर लगाया और भाभी की चूत पर में धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा.. लेकिन शिल्पा उंगली से ही चिल्ला उठी। मैंने उंगली की स्पीड बड़ा दी कुछ ही समय बाद उन्हें मज़ा आने लगा और फिर उसकी चूत ने ढेर सारा लावा छोड़ दिया। भाभी बहुत खुश नज़र आ रही थी। मैंने फिर 2 उंगलियों से भाभी की चूत को चोदना स्टार्ट कर दिया।

भाभी फिर से चिल्ला उठी लेकिन में नहीं रुका। जब दोबारा भाभी काफ़ी गर्म हो गई तो मैंने अपने लंड पर ढेर सारा ऑयल लगाया और थोड़ा शिल्पा की चूत पर भी लगाया और धीरे धीरे अपना लंड उसकी चूत से टच करने लगा.. शिल्पा कहने लगी कि बस डाल दो।

मैंने एक ही झटका दिया था कि अचानक शिल्पा रोने लग गई.. और वो दर्द के मारे चिल्ला रही थी। उसने मुझे धकेल दिया और कहने लगी कि मुझे नहीं करना यह सब और ना ही मुझसे कंट्रोल हो रहा था। मैंने शिल्पा को वाइन पिलाई जिससे वो अपने होश में नहीं रही और उसको दोबारा गर्म किया। इस बार मैंने एक ही झटके में अपना सुपाड़ा अंदर कर दिया और लगातार किस करता रहा।

उसे वाइन की वजह से दर्द थोड़ा कम हो रहा था। फिर मैंने दूसरा धक्का भी मार दिया और शिल्पा फिर से चिल्ला पड़ी.. मम्मी, लेकिन में फिर भी धीरे धीरे धक्के लगाता रहा और कुछ ही समय बाद उसको भी मज़ा आने लगा। फिर मैंने एक और धक्का मारा और उसकी सील तोड़ दी सील टूटते ही वो बहुत जोर से चिल्लाई अनुराग छोड़ दो मुझे.. तुम्हारा बहुत बड़ा है.. निकालो इसे, मुझे नहीं करना सेक्स..

लेकिन मैंने उनकी एक ना सुनी और लगातार सेक्स करता रहा और बड़े बड़े शॉट मारते मारते अपना पूरा लंड अंदर डाल दिया। भाभी बहुत चिल्ला रही थी कि छोड़ दो मुझे प्लीज़.. छोड़ दो.. वो लगातार चिल्लाये जा रही थी.. लेकिन में भी लगातार धक्के लगाता रहा। आप ये कहानी अन्तर्वासना – स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

फिर 4-5 मिनिट के बाद भाभी को भी मज़ा आने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी। उन्होंने मुझे नीचे से ही हग कर लिया और कहने लगी कि फक मी हार्ड अनुराग प्लीज़.. डू फास्टर एंड हार्डर.. में भी पूरे जोश में आकर धक्के पर धक्के लगाता रहा और फिर मैंने भाभी को घोड़ी बनने को कहा और मैंने पीछे से भाभी को खूब चोदा.. पूरे घर में हमारी चुदाई की ढप धप धप ढप्प्प की आवाज आ रही थी।

फिर भाभी ने कहा की रुकना मत चोदते रहो.. कुछ ही समय बाद मेरा निकलने वाला था। मैंने भाभी से पूछा कि कहाँ छोडू तो भाभी ने बोला कि एक भी बूंद बाहर नहीं आनी चाहिये.. सब मेरे अंदर आने दो। तब में और शिल्पा एक साथ झड़ गये और में भाभी के उपर ही लेटा रहा। हम वैसे ही सो गये और फिर बाद में उठकर जब चड्डी की तरफ देखा तो भाभी हैरान रह गई।

जल्दी जल्दी भाभी ने अपनी फटी हुई साड़ी और चड्डी को कूड़ेदान में फेक दिया और नहाकर फ्रेश हो गई। आज भाभी बहुत खुश थी। भाभी ने मुझसे वादा किया कि जब भी तुम कहोगे में तुम्हारे साथ सेक्स करुँगी। आज से में तुम्हारी लाईफ टाईम के लिए गर्लफ्रेंड हूँ। तो दोस्तों यह थी मेरी कहानी ।।

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