आंटी की फुद्दी चोदी

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मैं एक पंजाबी बॉय हु फ्रॉम अमृतसर. मैं पहले अपने बारे में थोड़ा सा बता देता हु. मेरा कद ५.९ फिट है और मेरी बॉडी मस्कुलर है. मेरे लंड का साइज़ ९ इंच लम्बा और ४ इंच मोटा है. मैं एक साइंस स्टूडेंट हु. पहले मैं बहुत शांत और समझदार था, लेकिन जब से मुझे वो रंडी आंटी मिली. उस दिन से, मेरा दिमाग ख़राब हो गया. चलो, अब आपको ज्यादा बोर ना करते हुए, मैं कहानी पर आता हु. हुआ यू, कि मैं अपने रिसर्च कलेक्शन के लिए बैंगलोर जा रहा था. अमृतसर से ट्रेन पहले दिल्ली और फिर आगे. दिल्ली में मेरे सामने वाली बर्थ पर एक आंटी बैठ गयी थी. बिलकुल नार्मल थी और उनके साथ उनका एक ५ साल का बेटा भी था. साइड वाली बर्थ पर दो भइये बैठे हुए थे और वो दोनों आंटी को बुरी नज़र से देख रहे थे. मैंने पहले तो ध्यान नहीं दिया. आंटी का बेटा बड़ा ही क्यूट था और मुझे बहुत प्यारा लगा. जब ट्रेन में सामान बेचने वाले आये, तो उनका बेटा पोपकोर्न लेने कि जिद करने लगा और उन आंटी ने मना कर दिया. तो उन भइये ने बोला, कि बेटे, कोई ना.. हम लेकर दे देते है. तो उस लेडी ने बोला, हमारे पास पैसे है.. हम खुद ही ले लेंगे..कोई जरूरत नहीं है आपकी..

पर बच्चा रो रहा था, तो मैंने अपने लिए एक पॉपकॉर्न का पैकेट ख़रीदा और एक बच्चे के लिए भी ले दिया. तब वो बच्चा चुप कर के बैठ गया. बच्चा ख़ुशी से खाने लगा. तब वो आंटी बोली – आप कहाँ जा रहे हो? मैंने उसे कहा – मैं बैंगलोर जा रहा हु. वो बोली – मैं भी वहीँ जा रही हु. इस तरह से हमारे बीच काफी बातें होने लगी. स्टडी रिलेटेड, लाइफ रिलेटेड.. तभी उसने पूछा, वहां पर कहा रहोगे? मैंने कहा – वहां पर यूनिवर्सिटी का गेस्ट हाउस है, वहीं पर रहूँगा. पर मैं पहली बार बैंगलोर जा रहा हु, तो मुझे पता नहीं है कहाँ पर है गेस्ट हाउस. तब वो आंटी बोली – चलो कोई बात नहीं. वो हमारे नजदीक ही पड़ता है. मैं आपको बता दूंगी. इस बीच हम काफी घुलमिल गये. अगली सुबह हम बैंगलोर पहुच गये. तब वो आंटी बोली – तुम साथ में हमारे घर चलो.. फ्रेश होकर आप चले जाना. हम उसके घर चले गए. उसका घर काफी सुंदर था और बड़ा भी था. वो घर में अपनी सास और बेटे के साथ अकेले रहती थी. उसकी सास को दिखाई और सुनाई बहुत कम देता था. मैं थकावट के कारण वहीँ सो गया.

शाम को उसके बेटे ने मुझे उठा दिया और वो आंटी मेरे लिए चाय ले आई. बातो – बातो में मैंने कहा – आपका घर बहुत सूंदर है. तो वो बोली – आप यहाँ पर रुक जाओ, जितने दिन भी आप चाहो. हमे कोई तकलीफ नहीं होगी. मैंने सोचा और कह दिया – चलो ठीक है. पर आपको मुझसे किराया लेना होगा, तभी मैं रुकुंगा यहाँ पर. वो मान गयी और हसने लगी. अगली सुबह वो मुझे कलेक्शन साईट पर ले गयी. मैं वहां पर कलेक्शन करने लगा. वो भी मेरा साथ दे रही थी. हम दोनों काफी दूर निकल गये थे. वहां नजदीक ही पानी था. मैं अपना मुह धोने लगा. वो भी आकर अपना मुह धोने लगी. मुह धोते हुए उसका दुपट्टा नीचे गिर गया और उसके बड़े – बड़े गोल – गोल मम्मे बाहर निकल गए. मैं देख कर सन्न रहा गया और अपनी आँखे बंद कर ली. ये देख कर वो मुस्कुराने लगी. बाद में हम घर वापस आ गये और शाम को उसने डिनर बनाया. फले अपनी सास और बेटे को खिला दिया और बाद में हम दोनों इकठ्ठे डिनर करने बैठे. तभी उसने पूछा, आपकी कोई गर्लफ्रेंड है? मैंने जवाब दिया – नहीं, मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है.

वो हैरान हो गयी और पूछने लगी, क्या तुम इतने सुंदर हो फिर क्यों नहीं? मैंने कहा – मैंने कभी ध्यान नहीं दिया इस तरफ. वो हसने लगी. मैं सोने के लिए अपने रूम में चला गया. जो उसके रूम के साथ ही था. रात को मैं सोते समय अंडरवियर के सिवा कुछ नहीं पहनता, तो मैं बिस्तर पर ऐसे ही लेटा था. शायद दिन में जो उसके मम्मे देखे थे, उस वजह से मेरा लंड खड़ा हो गया और अंडरवियर का टेंट बन गया. तभी वो दूध देने कमरे में आ गयी और मुझे कुछ पता नहीं चला. जब उसने कहा – क्या हुआ? तब मैं बोला – कुछ नहीं, क्यों क्या हुआ? वो बोली – नीचे देखो. क्या हुआ पड़ा है. मैंने देखा और उसको सॉरी बोला. वो बोली – कोई बात नहीं. लाओ दूध पी लो. ये कह कर वो टेबल पर दूध रख कर आगे बढ़ी और मेरे ऊपर आ गिरी. पहली बार, उसके मम्मे मेरी चेस्ट से रब हुए और उसने मुझे जोर से हग कर लिया. मैंने कहा – कोई देख लेगा, आप उठ जाओ प्लीज. वो घबरा कर उठ गयी और मुझे दूध दे कर चली गयी. मैंने बिस्तर पर लेटा रहा और आधी रात तक सोच – सोच कर मज़े ले रहा था. करीब १:३० वो नाइटी पहने हुए मेरे कमरे में आई.

आंटी मेरे पास आई. वो बोली – तुम सो नहीं रहे हो. मुझे भी नीद नहीं आ रही थी. मैंने उसे नाइटी में देखा, तो वो बम लग रही थी. उसकी गांड बिलकुल गोल – गोल थी. उसके मम्मे तो और भी गजब थे. पतली कमर और पट/जांघ मोटे – मोटे. मेरे तो होश ही उड़ गये, ये सब देख कर. तब वो बोली – मुझे बहुत दर्द हो रहा है पेट में. आप दबा दोगे, मेरा पेट? मैंने कहा – ओके. मैं दबा देता हु. मैं गरम तेल ले आया और उसके पेट की मालिश करने लगा. उसकी नेवल बहुत ही गहरी, गोल और सेक्सी थी, मानो एक पेग समां सकता हो उसमे. मालिश करते – करते मेरा लंड उसकी फुद्दी को टच होने लगा. जिस से मेरा लंड अकड़ गया. तभी आंटी भी गरम हो गयी और उन्होंने मेरा लंड अपने हाथ में ले लिया और हिलाने लगी. मैं कुछ भी नहीं बोला. उसने मेरा अंडरवियर भी उतार दिया और मेरा लंड देख कर डर गयी. वो बोली – इतना बड़ा … ये देख कर वो पागल हो गयी और जल्दी से मेरे लंड को लोलीपोप की तरह चूसने लगी. जिस से मेरा लंड बिलकुल लोहे की रॉड की तरह हो गया. मैंने भी उसकी फुद्दी में ऊँगली डाल दी और उसके दाने को मसलने लगा.

वो अहहहः अहहहः ह्म्म्मम्म्म्म कर रही थी. उसकी कामुक सिसकिया सुनकर मैं जोश में आ गया और उसकी पेंटी को फाड़ दिया और उसकी ब्रा उतार कर उसके मम्मे को जोर – जोर से दबाने लगा. उसको होठो को अपने मुह में लेकर चुसने लगा. तभी उसकी फुद्दी वेट हो गयी और बोली अब जल्दी से मेरे चूत की प्यास को अपने लंड से बुझाओ. तभी मैंने अपना लंड उसकी फुद्दी के मुह पर रखा और जोर का झटका मारा. मेरा लंड उसकी फुद्दी के पेटल्स (लिप्स) को चीरता हुआ आधा अन्दर चले गया. आंटी एकदम से सीधी हो गयी और उसकी आँखे भर आई. वो बहुत जोर से चिल्लाई.. मार दिए रे… मुझे….. मेरी चूत फट गयी… उसकी फुद्दी गरम गरम थी. जो मेरे लंड को बड़ी अच्छी महसूस हो रही थी. मैं थोड़ा रुका और उसको किस करने लगा और उसके मम्मे दबाने लगा. वो बोली – रुक क्यों गये? पूरा लंड अन्दर डालो. मैंने तभी एक और झटका मारा और मेरा पूरा लंड उसकी फुद्दी के अन्दर चला गया पचाक… पाचक… की आवाज़ के साथ… अब वो अपनी गांड उठा – उठा कर फुद्दी मरवाने लगी. मैंने उसकी टाँगे उतार कर जोर – जोर से फुद्दी की ठुकाई शुरू कर दी.

वो जोर – जोर से हहहहहः ऊऊऊओह्हह्हह्हह्हह मर ग्यीईईईईईइ माँआआआआआह्हह्हह्हह्हह करने लगी. मेरा भी जोश बड़ने लगा और मैंने अपनी स्पीड भी बढ़ा दी. उसकी आवाज़ अहहहः अहहहः अहहहः ऊऊओ ऊऊओ ओह्ह्हह्ह्ह्ह निकलने लगी और फुद्दी चपक चपक चोक कापक चपक की आवाज़ करने लगी. १० मिनट के बाद, उसकी फुद्दी का पानी छुट गया और मेरा लंड उसकी फुद्दे के पानी से गीला हो गया. अब उसकी फुद्दी और स्लोप्री हो गयी और मैं उसको चोदता रहा. १० मिनट के बाद, मेरे लंड ने उसकी फुद्दी को अपने घी से लथपथ कर दिया. मैं उसके ऊपर ही लेट गया और पूरी रात हम ऐसे ही लेटे रहे. जब तक मैं रहा, हम मस्त चुदाई की और मज़े लिए.


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