ऋतू की चूत का भोसड़ा बनाया

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हैल्लो फ्रेंड्स मेरा नाम राजेश अरोड़ा है और में चंडीगढ़ का रहने वाला हूँ। दोस्तों आज में एक अपने जीवन की सबसे अनोखी कहानी सुनाता हूँ जो मेरे साथ आज से 3 साल पहले हुई थी.. तब में एक कॉलेज में पढ़ता था और मेरे सर का थोड़ी ही दूरी पर एक प्राईवेट एजुकेशन सेंटर था तो स्टूडेंट्स पेपर के लिए जयपुर जाते थे। तब एक स्टूडेंट की अपनी कुछ समस्या के चलते जाना नहीं हो पा रहा था और इससे उसका पूरा एक साल खराब हो सकता था तो ये बात दोस्तों तक पहुंची फिर सभी ने एक सेटिंग की तो उसकी जगह कोई और भी पेपर दे सकता था। तो वो स्टूडेंट मुझे कहने लगा कि प्लीज़ मेरी जगह आप पेपर देने चले जाओ। तभी मैंने कहा कि ठीक है और फिर में जब अपने सर के साथ जयपुर पहुँचा।

फिर मेरा एक अच्छे होटल में रुकने का इंतज़ाम किया था और में वहाँ पर रुका गया। मुझे बहुत अच्छा लगा लेकिन अफ़सोस की बात तो यह थी कि वहाँ पर हमारे साथ कोई लड़की नहीं थी। तभी मैंने सर को बोला कि कहाँ बोरिंग जगह ले आए। फिर सर बोले कि सिर्फ दो दिन बाद लड़कियाँ भी पेपर देने आ जाएँगी। तभी में बहुत खुश हुआ और जयपुर का मौसम बहुत अच्छा था। हम रोज शाम को छत पर बैठ कर बियर पीते और मजे करते और फिर किसी तरह दो दिन निकल गए और सभी लड़कियाँ भी आ गई। अब तो हमारा एक बहुत अच्छा माहोल भी बन गया। सारा दिन मजे मस्ती करना और उनमे एक लड़की थी ऋतु.. जो एक स्कूल में टीचर थी.. वो भी अपने पेपर देने आई हुई थी वो दिखने में बहुत गोरी थी।

सर ने बताया कि यह लड़की चालू है और सर ने बहुत ट्राई मारी लेकिन बात नहीं बनी.. लेकिन सर बहुत उम्र के थे लेकिन उनकी मुझसे बहुत अच्छी बनती थी और हम अक्सर देर रात तक एक साथ बैठकर बातें करते थे और इसी तरह हमारा जयपुर का टूर भी खत्म हो गया और हम लोग वापस आ गये और इसी दौरान रास्ते में मैंने और ऋतु ने एक दूसरे का नंबर भी ले लिया और फिर घर आकर हम अक्सर फोन पर बातें करते थे और हमारा अफेयर शुरू हो गया। वो बोली कि मुझे आपके साथ वहीं पर चलना है जहाँ पर हम पहली बार मिले थे.. तो हम दोनों निकल पड़े चंडीगढ़ से जयपुर के लिए। हम लोग करीब दो बजे रात को वहाँ पर पहुँचे और पहुँचते ही शुरू हुआ हमारा खेल। रूम पर जाते ही हम फ्रेश हुए और हमने अपने कपड़े पहने और बेड पर आ गये।

बेड पर आते ही हमारी किस शुरू हो गई पता ही नहीं चला कि हमे कब जोश आ गया और मैंने उसे पटक कर लेटा दिया और उसके ऊपर आ गया और मैंने अपना हाथ उसकी टी-शर्ट में डाला और उसके बूब्स बहुत अच्छे थे। थोड़ी देर में उसकी टी-शर्ट भी उतार दी और में ब्रा के ऊपर से ही उसकी चूचियों को चूस रहा था। मैंने जब उसकी ब्रा उतारी तो देखता ही रह गया उसकी चूची एकदम गुलाबी कलर की थी और मैंने पहली बार किसी लड़की की चूची का दाना पिंक देखा था और उसे चूसने में बहुत मजा आया। उसके बूब्स लगभग 32 के होंगे.. लेकिन थे बहुत टेस्टी। उसके बाद में नीचे उसका लोवर उतारने लगा तो वो मना करने लगी और मैंने उसे जोर से किस किया और वो उसमे खो गई और मैंने उसका लोवर उतार दिया। ऋतु बहुत गोरी लड़की थी उसकी जांघे देखकर मेरा जोश और भी बड़ गया और मैंने एक हाथ उसकी पेंटी में घुसा दिया। उसकी चूत बहुत मुलायम थी। तभी उसकी पेंटी उतारी तो उसकी चूत के दर्शन भी हुए.. वाह क्या चूत थी उसकी और चूत बहुत टाईट थी लेकिन सर ने बताया था कि वो पहले भी चुदवा चुकी है.. लेकिन उससे मुझे क्या करना था?

तभी मैंने धीरे से उसकी चूत पर एक किस किया और वो मचल उठी और बोलने लगी कि जान अब और बर्दाश्त नहीं होता प्लीज़ अपना लंड डाल दो और वो अपना हाथ मेरे लोवर के अंदर डालने लग गई। फिर मैंने अपनी बनियान उतारी और लोवर भी और सिर्फ़ अंडरवियर में आ गया फिर उसने धीरे से मेरा अंडरवियर भी उतारा और तभी वो चोंक गई.. क्योंकि मेरा लंड थोड़ा बड़ा है और मोटा भी.. वो बोली कि जान तुम्हारा बहुत बड़ा है मुझसे नहीं होगा। तभी मैंने सोचा कि यह तो खड़े लंड पर लाठी लगने वाली बात हो गई। फिर मैंने उसे थोड़ी देर उसके पूरे शरीर को किस किया और वो अपने आपे से बाहर हो गई.. क्योंकि वो बहुत गरम हो चुकी थी और फिर वो मान गई।

तभी मैंने उसे सीधा लेटाया और एक पैर उठाया और उसकी तरफ मोड़ दिया। फिर में उसके ऊपर आ गया.. अब मैंने अपनी पोज़िशन सेट की और लंड को उसकी चूत से सटाया उसकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी। तभी मैंने जैसे ही थोड़ा सा दबाव डाला लंड फिसल गया और एकदम से चूत के नीचे चला गया। मैंने फिर से पोज़िशन सेट की.. उसकी चूत सही में बहुत टाईट थी.. लेकिन इस बार थोड़ा ज़्यादा प्रेशर से लंड को चूत में डाला तो मेरे लंड का थोड़ा सा मुहं अंदर चला गया और वो छटपटाने लगी और कहने लगी कि.. प्लीज़ मान जाओ ना.. आज ये सब नहीं करते है.. प्लीज। फिर में थोड़ी देर ऐसे ही पड़ा रहा और उसे अपनी इधर उधर की बातों में लगाने लगा। फिर जब उसका दर्द कम हुआ तो एक और झटका मारा। मेरा लंड आधा ही गया था कि वो अधमरी सी हो गई और बहुत ज़ोर से रोने और चिल्लाने लगी और में भी थोड़ा सा डर गया और लंड को बाहर निकाला। उसके बाद उसे थोड़ी देर लेटने दिया।

फिर में सिगरेट पीने के लिए रूम से बाहर चला गया। थोड़ी देर में वो बहुत ठीक हो चुकी थी फिर में उसके पास आकर लेट गया.. वो अभी भी नंगी ही लेटी हुई थी। फिर मैंने जैसे ही उसके बूब्स दबाए मुझे फिर से जोश आ गया तो मैंने उसे दोबारा ट्राई करने के लिये लेटा ही लिया। इस बार मैंने उसके बेग से एक क्रीम निकाली और अपने एक हाथ से उसकी चूत और अपने लंड पर लगाकर लंड को चिकना कर लिया और फिर एक ज़ोर का धक्का लगाया और फिर लंड आधा ही गया था कि उसकी हालत फिर वैसी ही हो गई.. लेकिन इस बार में रुकने वाला नहीं था फिर मैंने और ज़ोर लगाकर लगभग पूरा लंड चूत के अंदर डाल ही दिया। लेकिन उसकी जैसे जान ही निकल गई। फिर में ऐसे ही उसके ऊपर लेटा रहा और उसे किस करने लगा उसके बूब्स पर, उसके होंठो पर, वो पांच मिनट में कुछ ठीक हो गई.. फिर मैंने धीरे धीरे अपना काम शुरू किया। थोड़ी ही देर में वो अकड़ कर झड़ गई और ढीली पड़ गई.. लेकिन मेरा तो मौसम अभी अभी बनना शुरू हुआ था। फिर मैंने उसे तेज तेज धक्के देने शुरू किए तो वो फिर दर्द से चिल्लाने लगी। थोड़ी देर में वो फिर से गरम हो गई और मेरा साथ देने लगी। फिर में उसके जोश को देखकर और जोश में आ गया और जोर जोर से चोदने लगा।

फिर करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद वो फिर से झड़ गई। में अभी भी झड़ने नहीं वाला था तो फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया और उसके कुल्हे पकड़ कर चोदने लगा। 15 मिनट की चुदाई के बाद वो फिर झड़ गई और अब मेरा भी होने वाला था लेकिन वो ढेर हो गई और बोली कि मुझसे अब और नहीं होगा। फिर मैंने अपना लंड चूत से बाहर निकाला और उसने मेरा पकड़ कर अपने मुहं में ले लिया और अपने मुहं में ही मुझे ठंडा किया और उसने सारा वीर्य चाटकर साफ कर दिया। फिर उसके चहरे से साफ नजर आ रहा था कि वो अब पूरी तरह संतुष्ट है और उसकी चूत में दर्द भी शायद कम हो गया था। उस चुदाई के बाद मैंने उसे वहाँ पर दो बार और चोदा और फिर हम थक कर सो गये ।।


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