कानपूर में मामी को खूब चोदा

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हेलो दोस्तों, यह मेरी पहली कहानी है, जो मैं लिख रहा हूं. पहले मैं अपने बारे में बताता हूं. मेरा नाम पंकज है मैं मुंबई में रहता हूं. मेरी उमर २९ साल है, दिखने में ठीक ठाक हूं.

अभी मैं अपनी स्टोरी पर आता हूं, मेरी मामी कानपुर में रहती है. उनकी उम्र ३० साल है और वह दिखने में बहुत अच्छी लगती है. उनका फिगर ३६-३२-३८ है, और ज्यादातर साड़ी पहनती है, उनके दो बच्चे हैं, उनके पति दुबई में काम करते हैं और वह साल में एक बार आते हैं, यह बात एक साल पहले की है उनके बच्चों की गर्मी की छुट्टी हो चुकी थी.

एक दिन उनका फोन आया कि मुंबई घूमना चाहती हूं और बच्चे की छुट्टी भी हो चुकी है, तो मैं बोला ठीक है. पर आप कैसे आओगे? तो उन्होंने बोला हां यह बात तो है? क्या कर सकते हैं.

मैंने कहा मैं देखता हूं, मेरे को ऑफिस से छुट्टी मिलेगी तो आपको लेने आता हूं. मुझे ऑफिस से दो हफ्ते की छुट्टी मिल गई मैंने ट्रेन का टिकट निकाला और कानपुर चला गया, जाने के बाद एक दिन रुकने के बाद मैंने सेकंड क्लास एसी के चार टिकट निकाले उस समय तक मेरे मन में कुछ नहीं था.

शाम को ४ बजे ट्रेन पकड़ने थी, सुबह के ७ बजे थे बच्चे सो रहे थे, मैं उठा तो देखा मामी उठ चुकी थी और बैग पैक कर रही थी. मैंने बोला और भाभी जी पेकिंग हो गई? तो वह बोली हां बस हो गई है और बोली आप बैठो मैं चाय बना देती हूं. मैं टीवी देखने लगा, मामी थोड़ी देर में चाय लेकर आई और सोफे पर बैठ गई और हम चाय पीने लगे.

हम चाय पीते पीते बात करने लगे. वह बोलने लगी मुंबई में घूमने के लिए बहुत सारे स्पॉट हो गए हैं, मैंने कहा हां तो उन्होंने बोला और आप की वाइफ कैसी हैं? मैंने कहा ठीक है, उसके तो मजे हैं मैंने कहा मैं समझा नहीं, तो वो मुस्कुराने लगी और बोलने लगी जिसका पति उसके साथ हो तो उसके तो मजे होंगे ना.

मैंने कहा ऐसी कोई बात नहीं है. फिर वह बोली मैं नहा लेती हूं और वह चली गई. उनकी बात के बारे में सोचने लगा और मेरा मन उनको चोदने का करने लगा. मामी नहा कर आई और कपड़े पहनने लगी, उसके रूम में दरवाजा खुला था मैं चुपके से देखने लगा मामी अपना ब्रा का हुक लगा रही थी और नीचे पेटिकोट पहना हुआ था यह सब देखने लंड खड़ा हो गया.

फिर मैंने सोचा यह अच्छा मौका है मैं अचानक दरवाजा खोला और मुझे देखकर डर गई, मैं कपड़े पहन रही हूं. मैंने बोला सॉरी बोल कर चला गया. वो थोड़ी देर में आई और कहा की आप नाहा लो और मैं नहाने चला गया और मैं उनको चोदने का प्लानिंग करने लगा.

मैंने मामी को बोला कि मेरा टॉवेल तो मेरे बैग में है आप दे दो ना.. वह बोली ठीक है और वह टॉवेल देने आई तो मैंने अपना हाथ बाहर किया और टॉवेल के बहाने उनका हाथ पकड़ लिया, वह बोली हाथ क्यों पकड़ लिया? मैंने बोला आपका एक काम है, बोलिए क्या? मैं बोला मेरे पीठ में साबुन लगा दो ना.. तो वह बोली ठीक है. मैं नंगा था मैंने बोला रुको टॉवेल दे दो मैंने कुछ नहीं पहना है उसने कहा ठीक है.

और एक मिनट बाद वह बाथरुम में आ गई और मैंने साबुन दिया, वह लगाने लगी  क्या मजा आ रहा था? मेरा लंड ९० डिगरी में खड़ा हो गया था. मैंने बोला यह मौका अछ्हा हे, जो होगा वह देखा जाएगा. और मैंने शोवर चालू कर दिया, मामी बोलि ये क्या कर रहे हो? में भीग रही हु. मेंने अपना टॉवेल उतारा और नंगा हो गया और अपना हाथ उनके कमर पे रख दिया, वह बोलने लगी क्या कर रहे हो?

मैं बोला प्लीज एक बार और, वो बोली मैं चिल्लाऊंगी. मैंने उनके हाथ में अपना लंड  दिया और उनके होंठ को किस करने लगा, फिर वह मुझे धक्का देने लगी. मैंने उनका  साड़ी खोलने लगा, अब वह शांत हो गई है और साथ देने लगी, और बोली कोई आ जायेगा बच्चे सो रहे हैं बेडरुम का दरवाजा खुला है.

मैंने बोला ठीक है और वह दरवाजा बंद करने चली गई. मैं बाथरुम से बाहर निकला और उनको पकड़ लिया और उनकी साड़ी उतार दिया और बेड पर लेटा दिया और बूब्स दबाने लगा, और उनका पेटीकोट का नाडा खोलने लगा. वह पागल हो चुकी थी. और मेरे लंड को पकड़ रही थी, और बोल रही थी कितना मस्त लंड है, और मेरे ऊपर आ गई. और मेरा लंड चूसने लगी और बोलने लगी तुम्हारा लंड मामा के लंड  से लंबा और मोटा हे और अपना ब्लाउज खोलने लगी.

थोड़ी देर बाद मेंने उनका ब्रा खोला अब वह पूरी नंगी थी, और मैं उन्हें 69 पोज में किया और उनकी चूत चाटने लगा, वह मेरे लंड को चूस रही थी और बोल रही थी मुझे चोदो मैं सीधा हुआ और उनके चूत पर अपना लंड रख दिया और हिलाने लगा.

वह बोली प्लीज अंदर डालना प्लीज, मैं एक धक्का मारा और आधा लंड घुस गया. वो बोली बाप रे बाप इतना मोटा लंड और मैंने एक धक्का और मारा तो पूरा लंड  घुस गया और वह बोली मेरी चूत फाड़ दिया अहह उऔ उई अह हां हहह औउ ये उऔउ आराम से ८ महीने के बाद मेरी चूत में लंड गया है.

फिर मैंने उन के दोनों पैर उठा लिए और अपने कंधे पर रख लिए और चोदने लगा. उईइ माँआआ मर गई और चोदने लगा मामी आह औउ उई अह्ह्ह बहुत मजा आ रहा है अहः हां और चुदवाने लगी, करीब १० मिनट बाद हम साथ में जड़ गए और चिपक कर सो गए.

३० मिनट बाद उठी और नहाने चली गई और नाश्ता बनाया और बच्चों को उठाया, फिर उनके बच्चे बाहर खेलने लगे, बारा बजे मैंने फिर चोदा, फिर हम मुंबई पहुंच गए. मुंबई में जब भी मौका मिलता था तब चोद देता था, एक महीने पहले कानपुर गया तब भी चोदा.

मेरी मामी मुझे बोलती है मैं कानपुर शिफ्ट हो जाऊं.


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