कामसूत्र मामा मामी के साथ

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सोचो, अगर कोई नया-नया जवान लड़का एक आदमी और औरत को करते हुए देख ले और वो सेक्स बहुत कामुक और गरम हो, तो लड़के की हालत होगी. इसका अंदाज़ा मुझसे अच्छा कोई नहीं जानता; क्युकि, जब मै नया-नया कॉलेज में आया था, तो पढ़ने के लिए शहर गया था औरअपने मामा के यहाँ रह रहा था. उनको कोई औलाद नहीं थी और मै उनका लाडला था, तो उन्होंने मुझे हॉस्टल में रहने नहीं दिया और मै उनके घर आ गया. मामी ने मुझे बिलकुल अपने बच्चे की तरह वेलकम किया और स्पेशल खाना बनाया और मुझे ऊपर अलग से कमरा दे दिया, ताकि पढ़ते हुए कोई परेशान नहीं करे. खाना खा के हम सब गप्पे मारते रहे और फिर सोने चले गए. मामी को नहीं पता था, कि मुझे रात को पानी पीने की आदत है और उन्होंने पानी नहीं रखा. रात को सोने के कुछ देर बाद ही मुझे प्यास लगी, तो मै पानी लेने रसोई में आने लगा. मामा- मामी का कमरासीढ़ियों के नीचे था और रसोई भी साथ ही थी. जब मै नीचे आ रहा था, तो मुझे कुछ आवाज़े सुनाई दी. ध्यान लगा सुना, तो आवाज़ मामा-मामी के कमरे से आ रही थी. उत्सुकतावश, मै उधर गया, तो दरवाजे के छेद में से झांकने की कोशिश करने लगा. 

कमरे का नज़ारा देखकर, मै वही का वही खड़ा रह ज्ञा. मामा -मामी दोनों बिस्तर पर नंगे थे और एक दूसरे से लिपटे हुए थे. मामा, मामी को मस्ती में चुम रहे थे और उनकी जीभ मामी के गोरे बदन पर चल रही थी और मामी मस्ती में अपने बदन को हिला रही थी और उनके मुँह से कामुक आहें निकलरही थी. मामा-मामी इस खबर से अनजान थे, कि मै उनको दरवाजे के छेद से देख रहा हु. मैने कभी इतना कामुक नज़ारा पहले नहीं देखा था, लेकिन दोस्तों ने मस्ती में नंगी तस्वीरो वाली किताब जरूर दिखाई थी. ब्लूफिल्म के बारे में सुना था, लेकिन कभी देखने का मौका नहीं मिला था और आज तो मेरेसामने ब्लूफिल्म चल रही थी. मेरा बदन गरम होने लगा था और मेरे लंड पर खुजली होने लगी थी और उसने फुदकना शुरू कर दिया था और कुछ ही देर में, वो एक डंडे की तरह खड़ा हुआ, एक सांप की तरह लहरा रहा था. 

मामी अब जमीन पर आकर अपने घुटनो पर बैठ गयी थी और मामा आधे बिस्तर पर लेटे थे और उनके पैर जमीन पर लटके थे और उनका लंड सीधा किसी डंडे की तरह खड़ा था. मामी ने लंड को अपने हाथ में लेकर उसको सहलाना शुरू कर दिया और एकाएक मुँह में लेकर किसी लोलीपोप की तरह चूसनेलगी. मामा के मुँह से जोर-जोर से आवाज़े निकलने लगी थी अहहहः ………… ऊऊऊओ ……जोर से चूस हरामजादी, दबा अपने होठो के बीच में और दाँतो से काट. कुतिया जैसे बोला है, वैसे कर. मै कमीना तेरा हरामी पति हु. जवाब में मामी भी गालिया दे रही थी. बदनचोद, आज तो तोड़ कर ही दम लुंगीऔर फिर तेरे सामने किसी कुत्ते से अपने चूत को चटवाऊंगी और उसके लंड को अपनी चूत और गांड में लुंगी. मामा-मामी गांलिया देते हुए, एक दूसरे को मार भी रहे थे और जोर से जोर से हँस रहे थे. 

अब तक, मै भी पूरा गरम हो चूका था और मेरा हाथ मेरे लंड पर था और मै उसको मस्ती मै मसल रहा था. मैने शॉर्ट्स पहना हुआ, लेकिन वो काफी टाइट था और मुझे मेरे खड़े लंड के साथ परेशान कर रहा था, तो मैने अपना शॉर्ट्स उतार दिया और अपने खड़े लंड को देखने लगा. आज तो कुछ ज्यादा हीबड़ा लग रहा था और जोर-जोर से झटके मार रहा था. मैने अपने हाथ से लंड को पकड़ा और उसके सुपाड़े को मसलने लगा. मेरे लंड से हल्का-हल्का रस टपकने लगा था और मेरे लंड का सुपाड़ा पूरा गीला हो चूका था. मैने अपने लंड को धीरे-धीरे मसलकर मुठ मारना शुरू कर दिया, लेकिन मेरी आँखे अभीमामा-मामी के बिस्तर पर लगी हुई थी. अब मामा की जगह मामी आ गयी थी और मामा अपने घुटनो पर बैठकर मामी की चूत को मस्ती में अपनी जीभ से चाट रहे थे. अहहः…..ओोओओओओओ मर गयी, कुत्ते और जोर से चाट, अपनी बहन को भी ऐसी ही चोदा था. हरामी, तेरा बाप भी ऐसा ही हरामी था क्या और तेरे बाप ने तेरी माँ को ऐसे ही चोदकर, तुझे पैदा किया था. 

मामा अब खड़े हो गए और मामी के पैरो को अपने कंधो पर रख लिया. अब मामी आधी हवा में झूल रही थी और इतने में, मामा ने मामी की चूत को अपने हाथ से खोलकर, अपने लंड को उनकी चूत पर टिका दिया और अपनी गांड को जोर से हिलाकर पुरे लंड को मामी की चूत में उतार दिया. मामी और मामी दोनों की आवाज़ो से कमरा भर गया था अहहहः……कुत्ते-कुतिया, हरामी, बहनचोद; इन गालियो से कमरा गूंज रहा था. कुछ ही देर के झटको के बाद मामा ने धक्के धीरे कर दिए और मामी की आवाज़े भी कम हो गयी. मै समझ गया, कि दोनों का काम हो गया और मै नंगा ही जमीन पर बैठ गयाऔर अपने लंड का मुठ मारने लगा. मेरे मुँह से जोर-जोर से आवाज़े आने को बेताब थी, लेकिन मैने बड़ी मुश्किल से अपने को रोका हुआ था, लेकिन फिर भी सिसकिया तो निकल ही रही थी. कुछ जोरदार धक्को के साथ मेरे लंड ने वीर्य की जोरदार और तेज धार वाली पिचकारी छोड़ दी. मेरा सारा माल मेरेशरीर पर और कुछ जमीन पर फैल गया था. मैने लंड को हिला-हिलाकर पूरा माल बाहर निकाल दिया और जोर की साँस छोड़ दी. पर, जैसे ही मै उठा, मेरे हाथो से तोते उड़ गए. मामा -मामी दरवाजे पर खड़े हुए मुस्कुरा रहे थे और बोले, चौक क्यों रहे हो? तुमने हमारा शो देखा और हमने तुम्हारा, बातबराबर और जोर-जोर से हँसने लगे. मै उनसे बिना कुछ बोले ही, अपने कमरे में भाग गया और पूरी रात सो नहीं पाया. जब नहाकर नीचे आया, तो मामा मामी से नज़रे नहीं मिला पा रहा था. मामा ने मुस्कुराते हुए, मामी को आँख मारी और मामी ने मेरे पीछे आकर मेरे गले में बाहें डाल दी और बोली,डार्लिंग कोई ना. अब तुम भी हमारे साथ सेक्स करना. पूरी तरह से सीखा देंगे. उस रात मामा – मामी से सेक्स किया और मैने सोफे पर बैठकर सिर्फ देखा, लेकिन मेरा मुठ मामी ने मारा. उसके बाद तो हम लोगो ने काफी समय तक सेक्स के मज़े लिये. फिर, जब मेरी शादी हो गयी, तो मै वहां से चलेगया. लेकिन, मै आज भी उन रातो को मिस करता हु.


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