कैसा ये प्यार है?

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ये मेरि फ़िरसत सतोरी है जिसके मधयम से मैं अपनि बा तप सबके समने रख रहा हून। अगर अपकि कोइ भि परतिकरिया हो तओ मैल करमा। मुझे इनतज़र रहेगा। बात 1 साल पहले कि है जब मैं एक त्रैनिनग के लिये जैपुर जर अहा था। सोर्री मेरा नाम रज है और मेरि अगे 28 सल है।

 

मेरे सथ मेरि एक फ़रिएनद पूजा भि जा रहि थि। पूजा मेरे सथ हि जोब करति है। हुम दोनो जब जैपुर पहूनचे तो रात के 8 बजे थे। होत मौसम के करन पूजा ने एक हलका सा सलवर और सुइत पहना था। हुम जब होतेल पहुचे तो पता चला कि हुम लोगोन के लिये गलति से एक हि रूम रेसेरवे था।

होतेल के मनगेर ने सोर्री कहा और कहा कि आज अपको कम चलना होगा, कल से आपके लिये एक और रूम खलि हो जयेगा। पूजा के कहने पेर मैं उसके रूम मे चला गया। हुम जकर सो गये। रात मे सोते हुये मेरा एक हात पूजा के चुतदोन पैर लगा। मेरि निनद खुल गयि। हुम दोनो एक हि बेद पेर थे। मैं बीचेन हो गया और मैन ईक हात उसके चुतद के बीच मे लगा दिया। कुच देर के बाद पूजा ने मेरा हात हता दिया। दुस मिनुत के बद मने उसके लिपस चूम लिये। पूजा भि बीचेन हो गयि और मेरे होनतो को चुमने लगि। फिर मेने उसकि बिना बाल कि चूत को चता।


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2 Comments
  1. August 20, 2016 |
    • August 20, 2016 |