कॉलेज का अधूरा सपना पूरा किया

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हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विशाल है और में पूना में रहता हूँ. दोस्तों यह मेरे साथ नवम्बर महीने में घटित हुई एक सच्ची घटना है जब में अपनी कार से काम पर जा रहा था तो मेरा ध्यान सिटी बस स्टॉप पर खड़ी एक लड़की पर गया तो मुझे उसका चेहरा कुछ जाना पहचाना सा लग रहा था तो मैंने अपनी गाड़ी को एक साईड में रोककर खड़ी कर दिया और अब में उसे बहुत ध्यान से देख रहा था और फिर मुझे याद आ गया कि में अपने कॉलेज के जमाने में जिस लड़की पर लाईन मारता था यह वही थी और उसका नाम रेखा था. में अब सीधा अपनी कार से उतरकर उसके पास जाकर उससे बोला कि हैल्लो पहचाना मुझे? तो उसने कुछ देर मुझे बहुत ध्यान से देखकर मुस्कुराकर कहा कि तुम विशाल हो ना. तो मैंने बोला कि तुम्हारा बहुत धन्यवाद, तुमने मुझे कम से कम पहचाना तो सही.

फिर मैंने उसके बारे में और उसने मुझे अपने बारे में बताया. दोस्तों में आप सभी को बता दूँ कि रेखा एक सीधी साधी लड़की है और उसका कॉलेज में भी किसी से कुछ चक्कर नहीं था, वो दिखने में बहुत सुंदर लड़की है जिसकी वजह से कोई भी उस पर लट्टू हो सकता है और में भी उस पर बहुत मरता था, लेकिन वो कभी भी किसी को मौका नहीं देती थी और वो बहुत सीधी थी मैंने उसे बहुत बार उससे अपने प्यार के बारे में कहना चाहा, लेकिन उसने मेरी बात को ना समझते हुए मुझसे हमेशा साफ मना कर दिया. फिर कुछ देर बाद बातों ही बातों में उसने मुझसे कहा कि उसे भी काम पर जाना था वो एक प्राईवेट कंपनी में सुपरवाईज़र की नौकरी कर रही थी और अब उसकी शादी हो चुकी थी और उसका पति भी एक बहुत बड़ी प्राईवेट कंपनी में नौकरी करता है.

फिर मैंने उसे उसकी कम्पनी पर लाकर छोड़ दिया और उससे उसका फोन नंबर ले लिया और मैंने मेरा भी नंबर उसे दिया और मैंने उससे कहा कि तुम्हे किसी भी बात की ज़रूरत हो तो मुझे एक बार फोन ज़रूर करना. फिर में अपने काम पर आ गया, लेकिन अब भी उसका वो सुंदर चेहरा मेरी आखों के सामने घूम रहा था, दूसरे दिन में फिर से उसी वक़्त उसी बस स्टॉप पर उसका इंतजार कर रहा था. फिर कुछ देर बाद वो आई और मैंने उसे अपनी कार फिर से उसके ऑफिस तक छोड़ दिया. दोस्तों अब यह कम हर रोज का हो गया था और में अब उस उसके घर से उसकी कम्पनी तक छोड़ने जाता इस बीच हमारी बहुत सी बातें हुई, लेकिन अब मुझे धीरे धीरे उसकी बातों से लग रहा था कि वो कुछ ज्यादा परेशान है और मैंने बातों ही बातों में उसे बताया कि में तुमसे बहुत ज्यादा प्यार करता था.

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वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर एकदम से चकित रह गई और फिर उसने मुझसे कहा कि लेकिन तुमने तो मुझे कभी नहीं बताया? अब में एकदम चुप रहा तो उससे कुछ नहीं बोला और एक दिन मैंने उसे मेरे साथ बाहर कहीं खाना खाने के बारे में पूछा तो वो झट से मान गई और फिर उसने अपने ऑफिस से आधे दिन की छुट्टी ले ली में उसे होटल लेकर गया और हमारे बीच दिन भर बातें हुई कि तभी मैंने उससे पूछ ही लिया कि रेखा तुम कुछ उदास हो और मैंने उसकी इस बात पर बहुत दबाव दिया तब कुछ देर बाद उसने मुझे बताया कि उसके पति उसे संतुष्ट नहीं कर पाते और उनके साथ कुछ समस्या है, बस छूने से ही उनका निकल जाता है और बहुत बार तो वो यह सब करने के लिए तैयार ही नहीं होते वो यह सब बताते वक़्त रो रही थी और वो अपनी शादी के पूरे एक साल बीत जाने के बाद भी बिल्कुल कुंवारी ही थी. मैंने उसके आंसू साफ किए और अब मैंने उससे कहा कि तुम्हारे पति को किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाना चाहिए और उनकी इस बीमारी का इलाज करवाना चाहिए. तो उसने कहा कि वो किसी डॉक्टर की दवाईयां ले रहे है, लेकिन उनका कोई भी असर नहीं हो रहा है. दोस्तों अब मेरे दिल में रेखा के प्रति धीरे धीरे उसकी यह सब बातें सुनकर बहुत स्नेह और प्यार आने लगा था.

फिर उस दिन हम दोनों खाना खाकर कुछ देर साथ में रहकर अपने अपने घर पर चले गए थे, लेकिन में बस अब अपने घर पर भी रेखा के बारे में सोच रहा था लेकिन अब भी मेरे मन में उसके लिए कोई ग़लत ख्याल नहीं था. फिर कुछ दिन बाद मेरे पास उसका कॉल आया और उसने मुझसे कहा कि वो बहुत टेंशन में है और मैंने उससे मिलकर उसकी पूरी समस्या के बारे में पूछा तो मुझे पता चला कि उसका पति रोज रात को शराब पीकर घर पर आता है और वो अक्सर करके बाहर ही रहता है और वो अब ज़ोर ज़ोर से रोने लगी.

फिर मैंने उसे अपने गले लगाया और उससे कहा कि चलो आज तुम छुट्टी लो में तुम्हारा मूड थोड़ा फ्रेश करता हूँ. में अब उसे एक बार फिर से अपनी कार में बैठाकर घुमाने ले गया और कुछ देर बाद उसका मूड कुछ चेंज हो रहा था तो मैंने उससे ड्रिंक्स पीने के बारे में पूछा तो उसने हाँ कहा. हमने अब कार में ही बैठकर वोडका पी और कुछ देर बाद उस पर नशा चाड़ने लगा और ड्रिंक्स के बाद वो मुझे बहुत नशीली नजरों से देख रही थी और अब देखते ही देखते उसने मुझे एक किस किया और में तो एकदम से बिल्कुल चकित रह गया.

अब मेरे अंदर अब एक करंट सा दौड़ने लगा और वो नशीली निगाहों से मेरी आखों में ही देख रही थी. हम अभी भी कार में ही थे और फिर उसने और मुझे एक लंबा किस किया जिसकी वजह से पूरी तरह से उसका सलाइवा और मेरा सलाइवा घुल मिल रहा था और उसकी मेरी जीभ एक दूसरे से टकरा रही थी. मेरा एक हाथ उसके बूब्स को दबा रहा था और उसका एक हाथ मेरा लंड को सहला रहा था और करीब 20 मिनट तक लगातार किस करने के बाद हम अलग हुए और फिर मैंने उससे कहा कि हम किसी होटल में चलते है तो वो मेरी बात जल्दी से मान गई और हमने ज्यादा देर ना करते हुए एक होटल में रूम बुक किया और फिर अपने उस रूम पर चले गये.

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