कॉलेज गर्लफ्रेंड की पहली चुदाई

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हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सैफ और मेरी उम्र 22 साल है। में मुंबई का रहने वाला हूँ। दोस्तों में एक बार फिर से अपनी एक और नयी घटना आप सभी चाहने वालों के लिए लेकर आया हूँ |

और में आशा करता हूँ कि मेरी पिछली दो कहानियों की तरह आपको मेरी यह कहानी भी जरुर पसंद आएगी। अब ज्यादा बोर ना करते हुए में सीधे अपनी आज की कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों यह बात तब की है जब में कॉलेज में था और में उस समय अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था। में दिखने में बहुत अच्छा हूँ।

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दोस्तों में जब शुरू शुरू में कॉलेज में था तो तब तक मेरी किसी भी लड़की में ज्यादा रुची नहीं थी, लेकिन जैसे जैसे आगे के साल में पहुंचता गया तो में उनकी तरफ बहुत आकर्षित हो गया और मुझे उनसे बातें करना हंसी मजाक करना बहुत अच्छा लगने लगा था। दोस्तों उस समय मेरी क्लास में एक लड़की थी और जिसका नाम कामिनी था |

और वो मेरे साथ कॉलेज में पहले साल से थी और मेरी ही ब्रांच की थी तो इस वजह से मेरा उसकी तरफ बहुत ज्यादा लगाव हो गया था, वैसे पहले से ही हमारे बीच मजाक मस्ती होती रहती थी और जब हम दूसरे साल में पहुंचे तो हमे फ्रेशर ऑर्गनाइज़ करनी थी और वो डिपार्टमेंट मुझे लेना था, लेकिन पता नहीं जानबूझ कर या फिर किस्मत से कामिनी ने भी वही डिपार्टमेंट ले लिया।

दोस्तों वो दिखने में बहुत सुंदर और बिल्कुल एक गुड़िया की तरह थी। उसका फिगर 32-26-34 था और मेरे मन में उसको लेकर पहले से ही बहुत अजीब-सा आकर्षण था, क्योकि हमारी कभी इतनी कोई खास बातचीत नहीं थी,|

बस कभी कभी थोड़ा हंसना, मजाक करना होता रहता था, इसलिए उससे ज्यादा बताने कि मेरी कभी हिम्मत नहीं हुई, लेकिन जब फ्रेशर का टाईम आया तो हमें एक दूसरे को जानने का मौका मिला |

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और उसके बाद अब हमारी रुची एक दूसरे में कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगी और फिर धीरे धीरे हमारी अच्छी ख़ासी दोस्ती हो गयी थी और एक दिन उसने मुझे फ़ेसबुक पर रिक्वेस्ट भेजी। फिर हम हर रोज ऑनलाईन बातें किया करते थे।

फिर एक बार एक प्रोजेक्ट में उसे मुझसे कुछ मदद चाहिए थी तो हमारे मोबाईल नंबर एक दूसरे के पास पहुंच गए और उसके बाद धीरे धीरे हमारी दोस्ती बहुत ज्यादा बड़ गयी थी।

अब हम एक दूसरे से सभी बातें किया करते थे और हमारे बीच अब कोई भी बात छुपी हुई नहीं थी और फिर वो 14 फरवरी का दिन आया।

हमारे कॉलेज में एक पार्टी थी और वहां पर अधिकतर सब अपने अपने जोड़े से थे और उस दिन मैंने भी मन ही मन सोचा कि क्यों ना आज में भी उससे अपने दिल की बात कह दूँ? |

मेरे दोस्तों ने मुझे थोड़ी सी बीयर पिला दी और जिसकी वजह से अब मुझमें थोड़ी हिम्मत आ गई। फिर में उसके पास चला गया और मैंने उससे कहा कि मुझे तुमसे कुछ जरूरी बात करनी है और फिर में उसको एक साईड में ले गया।

उसके बाद मैंने उसको अपने मन की बात कही तो उसने मेरी बात को हंसी ख़ुशी स्वीकार कर लिया और फिर हम हमेशा के लिए साथ हो गये और हम रोज़ रात को फोन पर बात किया करते थे, |

मेरा उससे बात करने की वजह से उसकी तरफ झुकाव दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा था और शायद उसकी तरफ भी कुछ ऐसा ही था, वो भी अब मुझे मन ही मन बहुत चाहने लगी थी। हमें एक दूसरे के साथ रहना, घूमना फिरना, साथ में बैठकर घंटो बातें करना बहुत अच्छा लगने लगा था।

एक दिन जब हम साथ में बैठे हुए थे तो कुछ देर बाद अचानक से उसके पेट में दर्द होने लगा और मुझे उस बात का अहसास उसके चेहरे से हुआ और फिर मैंने कुछ देर बाद उससे पूछा कि क्या बात है? तो वो मुझसे कहने लगी कि वो यह बात मुझे नहीं बता सकती और अब में उसके बिना बताए ही समझ गया कि उसके पीरियड्स चल रहे है।

फिर भी मैंने उसको समझाकर उससे कहा कि तुम मुझसे अपने मन की बात नहीं करोगी तो और किससे करोगी? तो थोड़ा हिचकिचाते हुए उसने मुझे वो सब दुःख बताया।

अब हम एक दूसरे से पूरी तरह से सारी बातें करने लगे और एक दिन मैंने ऐसे ही उससे पूछ लिया कि क्या तुमने कभी सेक्सी फिल्म देखी है?

फिर उसने मुझसे थोड़ा शरमाते, हिचकिचाते हुए कहा कि बस एक या दो बार ही देखी है, लेकिन कभी ढंग से देखने का मौका ही नहीं मिला। फिर मैंने उससे पूछा कि क्या तुम देखना चाहोगी? |

तो वो तुरंत बोली कि हाँ, लेकिन में यहाँ पर होस्टल में नहीं देख सकती, क्योंकि उसके साथ उसके रूम में एक लड़की और भी उसके साथ रहती थी|

और उसके बाद हमारी वो बात वहीं पर अधूरी ही रह गई। दोस्तों बहुत ही जल्दी हमारे पेपर खत्म होने वाले थे और उसके बाद हम सबको अपने घर पर जाना था। फिर मैंने एक प्लान बनाया और मैंने कामिनी से कहा कि वो अपने घर पर कहे कि उसके पेपर चार दिन के लिए आगे बड़ गये है।

फिर वो मुझसे पूछने लगी कि में ऐसा क्यों कहूँ और इससे हमारा क्या फायदा होगा? फिर मैंने उससे पूछा कि क्या तुम मेरे साथ कुछ समय बिल्कुल अकेले में नहीं बिताना चाहती? फिर उसने कहा कि हाँ में भी ऐसा करना तो चाहती हूँ, लेकिन कुछ गड़बड़ ना हो जाए?

अब मैंने उससे कहा कि तुम बस एक बार हाँ कर दो और उसके बाद बाकी का सब काम में संभाल लूँगा, तुम उसकी बिल्कुल भी चिंता मत करो और उसने ठीक वैसा ही किया जैसा मैंने उससे करने को कहा था।

दोस्तों उसने अपने घर पर फोन करके यह बताया कि वो चार दिन बाद आएगी, क्योंकि उसके पेपर किसी कारण से थोड़ा आगे सरक गए है और अब हम कॉलेज से एक साथ निकले।


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