दोस्त की बहन के साथ तीन दिन

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हैल्लो दोस्तों, आज में आप सभी को अपनी एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ और जो अभी एक महीने पहले मेरे साथ घटी है. दोस्तों मेरा नाम रजत शर्मा है और में बी-कॉम के दूसरे साल में अपनी पढ़ाई कर रहा हूँ. दोस्तों अपनी कहानी को शुरू करने से पहले में आप सभी को बताना चाहता हूँ कि यह मेरी पहली कहानी है तो अगर मुझसे कोई भी ग़लती हो जाए तो प्लीज आप सभी मुझे माफ़ जरुर करना. यह कहानी मेरे दोस्त की बहन की है जो 12th क्लास में पढ़ती है और उसका नाम पूजा है, लेकिन घर में सब उसे विन्नी बुलाते है और वो दिखने में बिल्कुल करीना कपूर लगती है और शायद उससे भी ज्यादा अच्छी और सेक्सी है. दोस्तों में बचपन से ही उसे जानता था, क्योंकि उसका भाई मेरा बहुत अच्छा दोस्त था और वो उस समय थोड़ी छोटी थी, लेकिन वो धीरे धीरे अपनी उम्र के साथ साथ बड़ी होती गई और अब एकदम गजब पटाका हो चुकी है, उसके फिगर का साईज 34-30-36 उसका गोरा रंग, वो बहुत मस्त और इतनी सेक्सी कि पूछो मत, आस पास के सब लड़के उस पर लाईन मारते और उसके सच्चे आशिक़ो की तो कोई कमी ही नहीं थी.

दोस्तों मेरी उससे हमेशा किसी ना किसी छोटी बात पर लड़ाई होती ही रहती थी, लेकिन धीरे धीरे जैसे वो बड़ी हुई हमारी लड़ाई कम और दोस्ती बढ़ने लगी और अब में उसके साथ बहुत हंसी मजाक किया करता था और में मजाक़ में कभी कभी उसे कई बार छू भी लेता था और मन ही मन अब उसकी तरफ बहुत ज्यादा आकर्षित होने लगा था और में मन ही मन उसकी चुदाई करने की बात सोचने लगा था. एक बार मैंने होली के दिन उसे रंग लगाने के बहाने उसके मुलायम मुलायम बूब्स को छुआ तो में मानो उस समय उनको छूकर जैसे जन्नत में चला गया और उसके बूब्स इतने मुलायम थे कि जैसे वो कोई रुई से बने हो और शायद उन्हें आज तक किसी ने छुआ भी नहीं था और उस दिन से मैंने उसे चोदने की बात मन ही मन ठान ली थी और अब जब भी मुझे कोई अच्छा मौका मिलता है तो में उसे स्माईल पास करता या छेड़ने लगता था और फिर धीरे धीरे वो भी मुझे लाईन देने लगी थी.

एक दिन की बात है, में उस दिन उसके घर पर था और उससे हंसी मजाक कर रहा था और वो भी मेरे पास सोफे पर बैठी हुई थी, लेकिन कुछ देर बाद वो अचानक से उठकर पानी लेने फ्रिज के पास चली गई. फिर में भी तुरंत उसके पीछे पीछे चला गया, उसने पीछे मुड़कर देखा और वो मुझे देखते ही मुझसे पूछने लगी कि क्या चाहिए? फिर मैंने उससे कहा कि तू मुझसे शर्त लगा ले कि में तुझे बिना छुये किस कर सकता हूँ, लेकिन वो कुछ नहीं बोली और मेरी बात को सुनकर चकित होकर खड़ी खड़ी मेरी तरफ देखती रही. फिर मैंने उससे कहा कि तू अपनी आखें बंद कर, उसने तुरंत अपनी आखों को बंद कर दिया और में बहुत धीरे से उसके पास गया और मैंने उसको एक बहुत छोटा सा किस कर दिया.

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फिर उसने आँख खोली और वो मुझसे कुछ नहीं बोली बस वो थोड़ा सा मुस्कुरा रही थी और अब में दोबारा उसके करीब गया और इस बार मैंने उसे बहुत धीरे और दमदार फ्रेंच किस किया, थोड़ी देर में वो भी जोश में आ गई और मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी और थोड़ी देर बाद में उससे अलग हो गया और मैंने देखा कि उसकी आखों में हवस की आग लगी हुई थी और जिसको देखकर में अब समझ चुका था कि उसको अब मुझसे क्या चाहिए? फिर मैंने उससे कहा कि जब घर पर कोई ना हो तो मुझे बता देना में चला आऊंगा और उससे यह बात कहकर में अपने घर पर चला आया और उस रात को मैंने उसकी चुदाई के बारे में सोचकर एक बार मुठ मारी और पूरी रात उसके बारे में सोचता रहा और मुझे नहीं पता कब में सो गया. दोस्तों उसके घर पर ऐसा मौका बहुत कम ही मिलता है, जब घर पर कोई ना रहता हो, लेकिन एक दिन भगवान ने मेरे मन की बात सुन ली और मेरी वो इच्छा पूरी हो गई. एक दिन उसका मेरे पास फोन आया कि उसके घर वाले तीन चार दिनों के लिए कहीं बाहर जा रहे है और वो खुद अपनी बीमारी का बहाना बनाकर घर पर ही रुक गई है और अब उसकी यह बात सुनकर मेरी खुशी का तो कोई ठिकाना ही नहीं था.

फिर में अपने घर पर यह बात बोलकर निकल गया कि में अपने दोस्तों के साथ कहीं बाहर घूमने जा रहा हूँ तो में उसके घर पर रात के ठीक दो बजे पहुंचा और उसके मकान की पीछे की दीवार कूदकर उसे फोन किया और फिर उसने पीछे का दरवाज़ा खोल दिया. दोस्तों वो क्या लग रही थी उस गुलाबी कलर की टी-शर्ट में, जिसमें से उसके बूब्स बहुत साफ साफ दिख रहे थे और एक छोटी सी केफ्री जिसमें उसकी दूध जैसी गोरे गोरे पैर मुझे पागल कर रहे थे. वो मेरे आगे आगे चल रही थी और में उसकी गांड को देखकर यह बात सोच रहा था कि अब तो तीन, चार दिन जब तक इसके घर वाले नहीं आ जाते तब तक यह मेरी ही है और जैसे ही में रूम के अंदर पहुंचा तो उसने ए.सी. चला दिया और अपने भाई के लेपटॉप पर एक फिल्म को भी चला दिया.

फिर में भी धीरे से उसके पास जाकर बैठ गया. फिर मुझे एक आइडिया आया और मैंने लेपटॉप पर एक मस्त सी ब्लूफिल्म को चला दिया, क्योंकि मुझे पहले से ही पता था कि उसका भाई अपने लेपटॉप में ब्लूफिल्म कहाँ पर छुपाकर रखता है, वो भी यह सब देखकर बहुत चकित थी कि और उसका भाई यह सब देखता है, लेकिन धीरे धीरे वो भी फिल्म देखकर मदहोश होने लगी और जैसे ही फिल्म में लड़के ने अपना लंड लड़की की चूत में डाला तो उसने एकदम से मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली कि प्लीज थोड़ा आराम से करना, क्योंकि में अब तक वर्जिन हूँ और में तो उसके मुहं से यह बात सुनकर पागल हो गया था, क्योंकि इतनी सेक्सी चूत का ताला आज मुझे जो खोलना था. फिर मैंने उसका हाथ अपने दूसरे हाथ में लिया और सहलाने लगा और जिसकी वजह से वो भी जोश में आ रही थी और थोड़ी देर के बाद हम दोनों बहुत गरम हो चुके थे.

फिर उसने खुद ही लेपटॉप बंद करके दूर रख दिया और मैंने भी अपना वो बेग अलग रख दिया, जिसमें ढेर सारे कंडोम और चोकलेट थी, में धीरे से उसके पास गया और अपने होंठ उसके होंठो के बहुत करीब ले गया और कुछ देर वैसे ही रहने के बाद उसे प्यार से किस किया और फिर हम दोनों एक दूसरे को प्यार से किस करने लगे. दोस्तों जब माल इतना तगड़ा हो तो उसे चोदना भी आराम से ही चाहिए और में उन तीन, चार दिनों की बहुत अच्छी प्लानिंग करके आया था.

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