पूजा भाभी के आम चूसे

loading...

हैल्लो दोस्तों, यह मेरी पहली कहानी है. मेरा नाम राहुल है और में 22 साल का हूँ और अब में अपनी इंजिनियरिंग की पढ़ाई खत्म करके किसी अच्छी सी नौकरी की तलाश में लगा हुआ हूँ. दोस्तों आज में अपनी एक ऐसी सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ, जिसमें मैंने अपनी भाभी जिसका नाम पूजा है, उनके आम मतलब बूब्स चूसे और उनके साथ बहुत मज़े किए.

आज में आप सभी को वही सारी घटना बताने जा रहा हूँ और यह अभी कुछ ही दिन पहले की बात है, जब में अपने घर पर वापस आ गया था, तब में घर के सभी लोगों से मिला, भैया, भाभी उनके बच्चे और सभी से मैंने बहुत हंसी मजाक किया. दोस्तों एक दिन मुझे बैठे बैठे मेरा वो सबसे हसीन पल याद आ गया, जिसके बारे में मैंने सोचा कि क्यों ना में अपने उस पल को करीब चार साल बाद आप सभी को बता दूँ, जिसको में आज तक भी नहीं भुला सका.

दोस्तों यह बात तब की है जब में 12th में अपनी पढ़ाई कर रहा था, उसके एक साल पहले ही मेरे बड़े भाई की शादी हुई थी. मेरी भाभी का नाम पूजा है, वो मुझसे करीब तीन साल ही बड़ी है. भाभी और मेरी बहुत जमती है और जमती भी क्यों ना हो, में हूँ ही इतना खुले विचारों का और मेरा व्यहवार सभी के साथ बहुत अच्छा है. में बहुत ज्यादा हंसी मजाक से सभी को खुश करता था, इसलिए मुझसे सभी लोग बहुत खुश थे और मेरा साथ उनको अच्छा लगता था.

loading...

दोस्तों मेरा बड़े भाई की नौकरी बाहर है, इसलिए वो तो हमारे घर पर कम ही रह पाता है और हमेशा अपने काम में व्यस्त रहता है. अरे हाँ दोस्तों पहले आप लोग मेरी भाभी के बारे में भी तो सुन लो, वो चेहरे से बिल्कुल मस्त दिखती है, उनके फिगर का आकार 34-24-36 है और कोई भी अगर उनका जो एक बार देख ले तो उसका हार्ट फैल हो जाए और उसके ऊपर उनकी वो मीठी बोली और उनकी वो कातिल मुस्कान उन पर अच्छे अच्छे फिदा हो जाए.

यह घटना कुछ ऐसे हुई कि वो जून के दिन थे और उस समय कुछ ज्यादा ही गर्मियां थी और हमारे घर में सिर्फ एक ही ऐसी है और उसी समय सभी जगह पर शादियों का भी दौर चालू हो गया था और अब मेरे भी आखरी पेपर आने वाले थे तो एक दिन हमारे यहाँ पर सभी लोगों को शादी में जाना पड़ा, लेकिन मेरे पेपर अब बहुत करीब होने की वजह से में नहीं जा पा रहा था, तो इसलिए मुझसे मेरे पापा मम्मी ने एक दूसरे से बात करने के बाद कहा कि अब तुम अगर यहाँ पर अकेले रहोगे तो तुम्हारे खाने का इंतज़ाम कैसे होगा, हम उसके लिए अब क्या करे तुम ही हमे बताओ? तभी पूजा भाभी बीच में बोली कि में भी राहुल के साथ यहीं पर रुक जाती हूँ और आप लोग चले जाइए हम दोनों साथ में रह सकते है, मेरे यहाँ पर रहने से राहुल के खाने की समस्या भी खत्म हो जाएगी और आप लोगों को भी इसके अकेले रहने की बात भी दिमाग में नहीं आएगी, आप लोग बिना टेंशन के चले जाईए में हूँ ना इसके साथ.

अब मेरे पापा मम्मी भाभी की यह बात सुनकर बिना किसी चिंता के बहुत खुश होकर शादी में चले गये. उनके चले जाने के बाद भाभी और में अब घर पर एकदम अकेले रह गये थे और फिर में कुछ देर बाद अंदर जाकर भाभी के रूम में ए.सी. चालू करके बैठ गया, क्योंकि उस दिन गरमी बहुत हो रही थी और भाभी भी मेरे पीछे पीछे उसी कमरे में आकर बैठ गई. दोस्तों भाभी ने उस दिन लाल कलर की साड़ी पहनी हुई थी और उन्होंने लाल कलर की लिपस्टिक भी लगा रखी थी, सच कहूँ तो दोस्तों वो उस दिन किसी हिरोईन से कम नहीं लग रही थी और इसलिए मुझे उनको देखकर और भी ज्यादा गर्मी लगने लगी थी, में उनको लगातार घूर घूरकर देखने लगा था.

भाभी : राहुल तुम यहाँ पर बैठकर आराम से पढ़ो और ए.सी. की स्पीड को और भी ज्यादा बढ़ा लो, तब तक में हम दोनों के लिए खाना बनाती हूँ, शायद अब तुम्हें भूख लगने लगी होगी.

loading...

में : हाँ ठीक है भाभी, आप आपका काम कर लो तब तक में अपनी पढ़ाई में थोड़ा सा मन लगा लेता हूँ.

दोस्तों उसके बाद भाभी मुझसे बात करके तुरंत उठकर खाना बनाने चली गई, उनके चले जाने के बाद में अपनी तैयारी करने लगा, वैसे भी वो जब तक मेरे सामने थी, मेरी नजर बार बार घूम फिरकर उनके सेक्सी गदराए बदन पर ही जा रही थी और थोड़ी देर बाद भाभी दोबारा वापस आ गई.

भाभी : चलो राहुल आ जाओ खाना बन गया है, चलो मेरे साथ गरम गरम खा लो वरना ठंडा हो गया तो तुम्हें खाने में इतना मज़ा भी नहीं आएगा.

दोस्तों में भाभी के कहने पर उठा और फिर में उनके साथ खाना खाने चला गया और अब हम दोनों एक साथ में बैठकर खाना खा रहे थे. मैंने देखा कि उनका वो सेक्सी जिस्म उस लाल कलर की साड़ी में और भी ज्यादा चमक रहा था और उनकी कुछ पसीने की बूँद उनके दोनों बूब्स के बीच की दरार से गिरकर फिसलकर अंदर जा रही थी, यह मस्त नजारा देखकर मेरा मन और भी ज्यादा उछलने लगा और में मन ही मन बहुत खुश था और में अपनी चोर नजर से बस उनको ही देखे जा रहा था.

तभी कुछ देर बाद भाभी ने मुझसे पूछा कि क्या हुआ राहुल? क्या तुम्हें मेरा खाना अच्छा नहीं लगा? तो मैंने कहा कि नहीं भाभी आपका खाना तो बहुत अच्छा स्वादिष्ट बना है तभी तो देखो में कितने आराम से मज़े ले लेकर इसको खा रहा हूँ, शायद इस बात का आपको बिल्कुल भी अंदाजा नहीं है? इसलिए अपने मुझसे ऐसा सवाल पूछ लिया? अब उन्होंने मुझसे कहा कि तो तुम खाने में अपना मन लगाओ, मुझे ऐसा लगता है कि शायद तुम्हारा ध्यान अब कहीं और भटक गया है. दोस्तों यह बात उन्होंने मुझसे एक शरारती स्माईल के साथ कहा, जिसकी वजह से मुझे तो दिल का दौरा पड़ गया.

फिर में खाना ख़ाकर वापस दूसरे कमरे में जाकर अपनी पढ़ाई करने बैठ गया. तभी कुछ देर बड़ी भाभी आई और अब वो मेरे लिए आम काटकर ले आई और भाभी मेरे पास में बैठ गई और फिर वो मुझसे पूछने लगी कि क्या कोई तुम्हारी गर्लफ्रेंड है?

में तो उनके मुहं से यह बात सुनकर अचानक से घबरा गया, मुझे उसके कहे उन शब्दों पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं था कि वो मुझे यह सब क्या पूछ रही है. मैंने कभी ऐसा सोचा भी नहीं था कि कभी वो मुझसे यह सब बातें भी पूछ सकती है? तो मैंने उनसे बोला कि नहीं भाभी अब तो ऐसा कुछ भी नहीं है. फिर उन्होंने मुझसे कहा कि तभी तुम खाना खाते समय कहीं और देख रहे थे, तुम्हारा ध्यान खाने पर कम उस तरफ कुछ ज्यादा था और फिर वो मुझसे यह बात कह कर हंसने लगी. दोस्तों में पहले तो बहुत डर गया था, लेकिन अब उनकी पूरी बात को सुनकर थोड़ा सा शरमाकर बोला कि वो तो मुझसे बस ग़लती से हो गया था.

भाभी ने फिर और ज़ोर से हंसकर मुझसे कहा कि नहीं पगले कोई बात नहीं है मुझे तुम्हारी उस हरकत का बिल्कुल भी बुरा नहीं लगा और मुझसे यह बात कहकर उन्होंने अपना एक हाथ मेरी जांघ पर मारा और अब मेरे शरीर में उस हाथ के छूने की वजह से एक करंट दौड़ गया, में उनके नशे में अब बिल्कुल चूर चूर हो गया था. फिर वो मुझे दिखा दिखाकर बहुत आराम से चूस चूसकर आम खाने लगी थी और आम खाते खाते वो मुझसे बोली कि क्यों बस वो ही देख रहे थे या कुछ और भी खाना है? तो में उनकी इस बात को सुनकर बहुत शरमाकर उनसे बोला कि नहीं भाभी आप गलत सोच रही हो मेरा कोई भी इरादा नहीं था, जैसा आपने मेरे बारे में गलत सोच लिया है, में तो बस ऐसे कहीं दूसरी तरफ देख रहा था, लेकिन मेरी नजर अचानक से कहीं और पड़ गई.

अब वो मुझसे कहने लगी कि देखो तुम अब मुझसे ज्यादा झूठ तो मत बोलो जो तुम्हारे मन में हो वो तुम मुझसे कह दो, मुझसे अब तुम क्या छुपाते हो? में किसी से कुछ भी नहीं कहूंगी. दोस्तों मैंने उनकी बात को सुनकर उनके ऊपर बहुत विश्वास और साथ में बड़ी हिम्मत जुटाकर बोल दिया कि भाभी आप मुझे बहुत पसंद हो और में आपको यह बात बहुत दिनों से कहना चाहता था, लेकिन तब तक मुझमें इतनी हिम्मत नहीं थी, इसलिए में अब तक बस आपको अपनी चोर नजर से देखकर अपने मन हो बहलाता रहा, मुझमें आगे बढ़ने की बिल्कुल भी हिम्मत नहीं थी.


जिसकी कहानी पढ़ी उसका नंबर यह से डाउनलोड करलो Install [Download]

और कहानिया

loading...