भैया ने भाभी को मेरे सामने चोदा

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हैल्लो दोस्तों, में आज आप सभी चाहने वालों को अपनी एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ, जिसके बारे में सोचकर में आज भी बहुत चकित रहता हूँ और मन ही मन उसको सोचता रहता हूँ. मेरा नाम राधे है और मैंने अब तक बहुत सारी सेक्सी कहानियाँ पढ़ी है, में हरियाणा का रहने वाला हूँ और में दिखने में एकदम ठीक-ठाक हूँ और अब में अपनी घटना शुरू करता हूँ.

दोस्तों में जब छोटा था तो वो एक दिन टी.वी. देख रहा था तो उसने देखा कि एक फिल्म में एक गुंडा एक हिरोइन का रेप कर रहा था, जो कि अक्सर हिन्दी फिल्म में होता था, लेकिन रेप करने के बाद जब गुंडा हिरोइन के ऊपर से हटा तो हिरोइन मर गई, क्योंकि हिन्दी फिल्म में पूरा नहीं दिखाते तो उसे सब कुछ उल्टा समझ में आ गया और अब आप हँसना मत में आपको उसकी सोची हुई बात बताऊंगा. फिर वो समझा था कि अगर कोई लड़का औरत के बूब्स पर अपनी जीभ को छू देता है तो वो मर जाती है.

दोस्तों यह बात राधे को बहुत दिन तक तंग करती रही. उसके पड़ोस में एक भाभी जी रहती थी, उनका नाम शिखा था और वो बहुत ही हॉट सेक्सी थी, लेकिन थोड़ी सी साँवली जरुर थी, उनकी कमर बहुत पतली थी और बूब्स एकदम बॉम्ब और जब वो सूट पहनती थी तो भी उनकी छाती सूट के बाहर से ही दिखती थी, राधे अक्सर उनके घर पर जाकर खेला करता था. एक दिन वो भाभी अपने बेटे को दूध पिला रही थी और उन्होंने साड़ी पहनी हुई थी और उनका ब्लाउज दोनों तरफ से खुला हुआ था, राधे भी मग्न होकर वहीं पर खेलने लगा और भाभी का बेटा एक बूब्स से दूध पी रहा था और उनका दूसरा बूब्स भी खुला हुआ था. उनके इतने बड़े बड़े बूब्स देखकर उससे अजीब सा अहसास आया. राधे का मन किया कि क्या कभी वो भी भाभी का दूध ऐसे पी सकता है.

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फिर यह देखकर वो और भी ज्यादा सोचने लगा कि अगर एक छोटा बच्चा बूब्स को चूसे तो कुछ नहीं होता, लेकिन अगर एक आदमी चूसे तो औरत मर जाती है? और इतने में भाभी उठकर नहाने चली गई. राधे भी उनके पीछे पीछे जाने लगा, भाभी बाथरूम में घुस गई. दोस्तों गाँव में बाथरूम का दरवाजा ज्यादातर लकड़ी का होता था, राधे उस लकड़ी के दरवाजे से भाभी को देखने लगा, वो नादान था. अब अगर दिन में कोई बाथरूम के बाहर से झाँकेगा तो अंदर वाले को पता चल जाएगा, क्योंकि बाथरूम की रोशनी में बहुत बदलाव आएगा और फिर ठीक वैसा ही हुआ और भाभी तुरंत समझ गई और वो बोली..

भाभी : कौन है राधे?

राधे : हाँ भाभी.

भाभी : तुम यहाँ पर क्या कर रहे हो? फिर राधे सीधा खड़ा हो गया और बोला कि जी कुछ नहीं भाभी, भाभी ने दरवाजा खोला और क्योंकि राधे बहुत छोटा था. फिर बोला कि क्या तुम्हें भी नहाना है क्या? तो राधे डर गया और बोला कि हाँ तो भाभी ने दरवाजा खोलकर राधे को अंदर बुला लिया, राधे को अजीब सा अहसास आ रहा था, क्योंकि भाभी पूरी नंगी और गीली थी.

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उन्होंने सिर्फ़ काली कलर की पेंटी पहनी हुई थी और उनकी कमर इतनी कम और बूब्स इतने बड़े बड़े पानी उनके ऊपर से आता और उनके बूब्स से होकर उनके निप्पल से गिर रहा था. फिर वो सब राधे को अजीब सी सुरसुरी हो रही थी, उसको थोड़ा सा मज़ा आ रहा है और यह बात भाभी को अच्छी तरह से समझ में आ रही थी. अब भाभी ने दिखाने के लिए फिर अपने बूब्स को हाथ से दबाना शुरू कर दिया, थोड़ा और हिलाने लगी और उनके निप्पल से हल्का हल्का दूध निकल रहा था और वो पानी के साथ मिक्स होकर नीचे उनकी नाभी तक जा रहा था, राधे को पता नहीं था, लेकिन सब बहुत अच्छा लग रहा था.

फिर भाभी बोली : राधे तुम्हारे कपड़े भीग जाएँगे तो वापस क्या पहनोगे? चलो कपड़े उतार लो.

फिर भाभी ने राधे के पूरे कपड़े उतार दिए और सिर्फ़ उसकी अंडरवियर को छोड़कर भाभी अंडरवियर की तरफ देखते हुए बोली कि अरे यह भी उतार दो.

राधे : नहीं में हमेशा पहनकर ही नहाता हूँ.

भाभी : फिर दूसरी क्या पहनने के लिए घर से लाओगे?

इतना बोलते ही भाभी ने उसकी अंडरवियर पकड़ ली और नीचे कर दी. फिर भाभी जी मुस्कुराई और वापस नहाने लगी और वो अपने बूब्स को दबाने और सहलाने लगी, भाभी बीच बीच में बूब्स को दबाते हुए राधे के लंड को देख रही थी, वैसे वो अभी लंड नहीं था बस एक छोटी सी नुनु थी. असल में भाभी यह देख रही थी कि क्या वो उस नुनु में जान डाल सकती है या नहीं, लेकिन नुनु में जान कहाँ से आती, क्योंकि राधे अभी उन सभी कामों से बहुत अंजान था.

उन्होंने कोशिश की और अपनी पेंटी को धीरे से नीचे करके वैसे ही छोड़ दिया, जिसकी वजह से उनके बाल पेंटी के बाहर आ गये. अब राधे और थोड़ा चकित हो गया. भाभी अभी भी उसके लंड को देख रही थी, लेकिन राधे देखना चाहता था कि इस पेंटी के अंदर क्या है? उसने पेंटी की तरफ हाथ करके पेंटी को हल्के से पकड़ लिया और थोड़ा नीचे कर दिया और भाभी उसकी तरफ देखकर धीरे से मुस्कुराने लगी.

भाभी : क्यों क्या हुआ राधे?

राधे : वो में फिसल रहा था.

भाभी : लाओ में तुम्हें साबुन लगा देती हूँ.

फिर यह बात कहकर भाभी उसको साबुन लगाने लगी, लेकिन दोस्तों भाभी को साबुन कहाँ लगाना था? वो तो बस एक बहाना था, उन्होंने बहुत जल्दी पूरे शरीर पर साबुन लगा दिया और फिर भाभी ने सही मौका देखकर उसकी नुनु पर भी साबुन लगाया और वो कहने लगी.

भाभी : अरे राधे यह नुनु सभी से थोड़ी अलग है.

फिर यह बात कहते हुए वो धीरे धीरे अपनी उंगलियों से साबुन नुनु पर लगा रही थी और उसे दबा दबाकर देख रही थी.

राधे : क्यों अलग कैसे है भाभी?

भाभी : यह देखो.

यह देखो बोलकर भाभी ने राधे के लंड का टोपा हल्का सा दबाया और बोला कि यह है अलग.

राधे : लेकिन इसमें क्या अलग है?

अब भाभी ने फिर एक हाथ से उसके आँड को और उसकी नुनु को पीछे से पकड़ा और दूसरे हाथ से उसकी चमड़ी को पीछे किया, चमड़ी टाईट थी इसलिए पीछे नहीं हो सकी, उन्होंने पानी से हाथ धोए और नुनु को भी धोया. फिर उन्होंने वापस चमड़ी को पीछे करके दिखाया और बोला कि यह देखो.

राधे : इसमें क्या अलग है?

भाभी : अरे यह बिल्कुल अलग ही तो है.

अब भाभी को लगा कि वो राधे को समझ नहीं आया, भाभी ने थोड़ी देर और मेरी नुनु की चमड़ी को आगे पीछे किया और दबा दबाकर देखा, लेकिन नुनु में कोई जान नहीं आई. फिर वो उसे नहलाकर बाहर ले आई. अब राधे रात को सोते समय वही सब सोचता रहा. अगले दिन रविवार था और पड़ोसी भैया (शिखा भाभी के पति) उनकी छुट्टी थी.

उनका नाम गिरीश था और वो उस समय अपने कमरे में थे, राधे वहाँ पर गया तो देखा कि भैया भाभी बेड पर लेटे हुए थे और फिल्म देख रहे थे. उसको देखकर भाभी बोली आओ राधे आओ, क्यों रात को नींद अच्छी तो आई हाहहाहा यह बात बोलकर भैया भाभी ज़ोर ज़ोर से हँसने लगे. लग रहा था कि भाभी ने भैया को सब कुछ बता दिया था.

भैया : सुना है कल तुम बहुत नाहए हाहहा.

तो राधे शरमा गया.

भैया : चलो अब शरमाओ मत और किसी को बताना नहीं वैसे ग़लती तुम्हारी नहीं है शिखा की है, क्योंकि वो इतनी हॉट है कि किसी के भी मुहं में पानी आ जाए.

भाभी : मुहं में या कहीं और हाहहाहा

फिर वो दोनों ज़ोर ज़ोर से हंसने लगे और फिर भैया ने भाभी के ऊपर अपना एक पैर रख दिया और उनके बूब्स को ज़ोर से मसल दिया और भाभी मुस्कुराने लगी.

भाभी भैया से : वैसे राधे का नुनु आपके नुनु से थोड़ा अलग है.

भैया : अरे मेरा नुनु नहीं नुना है हाहहाहा और वैसे राधे का अलग कैसे है? तो भाभी जी शरमाकर बोली कि में कैसे बताऊँ और मुस्कुराने लगी.

भैया : शरमाना किस बात का राधे भी अब बड़ा हो गया, उसको भी यह सब पता होना चाहिए.

फिर यह बात बोलकर उन्होंने एक हाथ से भाभी के बाल पकड़े और स्मूच करने लगे, उन्होंने अपनी पूरी जीभ को उनके मुहं में डाल डाल दिया और भाभी कौनसी कम थी, वो भी पूरा मज़ा लेने लगी और फिर अपने दूसरे हाथ से भैया ने भाभी के बूब्स को पकड़ लिया और ज़ोर ज़ोर से मसलने लगे.

भाभी : राधे सामने है जी अभी नहीं.

भैया : अरे उसको कभी ना कभी तो पता चलना ही है और जितना जल्दी हो उतना अच्छा है.

दोनों ने अभी कपड़े पहने हुए थे और भैया ने ऊपर से अपना लंड घिसना शुरू कर दिया. भाभी भी थोड़ा गरम हो गई थी.

भाभी : हाँ तुम आज दिखा दो राधे को कि कैसे त्रप्त करते है एक जवान औरत को आअहह आहहहह.

अब भैया उनके ऊपर थे और उन्होंने भाभी की साड़ी को उठाना शुरू कर दिया, वो नज़ारा देखने लायक था, भाभी की भरी हुई जांघे देखकर राधे को बहुत अच्छा लग रहा था.

भाभी : आहहहह उफ्फ्फ्फ़ राधे तेरे भैया हमेशा बड़ी जल्दी में रहते है.

फिर भैया ने ऊपर से भाभी की पेंटी में हाथ डाल दिया और धीरे धीरे मसलने लगे.


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