मकान मालकिन के बूब्स का टेस्ट

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हैल्लो दोस्तों, मेरी इस साईट पर ये पहली स्टोरी है. मेरा नाम आदित्य है और ये बात उन दिनों की है जब में इंजिनियरिंग की पढाई कर रहा था. मेरा एक दोस्त था लकी, वो एक रूम लेकर किराये पर रहता था और में भी ज्यादातर उसके रूम पर ही रहता था. हम लकी के मकान मालिक को भैया कहकर बुलाते थे और उनकी पत्नी का नाम सीमा था, वो बहुत ही मस्त थी और वो मकान मालिक बहुत मज़ाक करता था, वो दिलखुश इंसान था. एक बार की बात है और में कॉलेज गया हुआ था और दोपहर को वापस आया तो मैंने देखा कि घर पर सीमा भाभी नहीं है और भैया किसी लड़की को अपने घर लाए है.

फिर मैंने अपने दोस्त से पूछा कि ये लड़की कौन है? तो मेरे दोस्त लकी ने बताया कि ये भैया की गर्लफ्रेंड है तो मुझे शॉक लगा कि शादीशुदा आदमी की गर्लफ्रेंड और वो भी उसके घर के अंदर हो और उसके बाद वो लड़की शाम को चली गई.

फिर 2 दिन के बाद सीमा भाभी अपने मायके से वापस आई तो मैंने उनसे पूछा कि भाभी क्या भैया के कोई गर्लफ्रेंड है? तो भाभी रोने लग गई और बोली कि अब आदि आपसे क्या छुपाना? और उन्होंने मुझे सब कुछ सच-सच बता दिया.

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फिर वो बोली कि उसके पति उस लड़की को ही प्यार करते है और मुझे नहीं, कई सालों से तो उनको मुझे बिना टच किए हो गये है और अब वो अपना सारा दर्द बाहर निकाल रही थी. फिर मैंने बोला कि भाभी आप भी क्यों परेशान होती हो? आपकी मदद के लिए में हूँ ना, में आपका साथ दूँगा और उनके दिल के दर्द को फिर थोड़ा कम किया और भाभी को चुप कराया. फिर में भाभी से धीरे-धीरे खुलने लगा और में पहले तो भाभी से नॉर्मल ही बातें करता था. फिर धीरे-धीरे में भाभी से सेक्सी-सेक्सी बातें करने लगा.

फिर एक दिन मैंने भाभी से पूछ ही लिया कि भाभी आपकी भी सुहागरात मनी होगी तो वो मुझे अजीब सी निगाहों से देखने लगी और हंसकर बोली कि हाँ. फिर मैंने पूछा कि बताओ भाभी कैसे-कैसे, क्या-क्या हुआ था? तो पहले तो वो मना करने लगी, रहने दो, छोड़ो. फिर मेरे जोर देने पर वो भी मान गई और बोली कि उस दिन मुझे बहुत दर्द हुआ था, जैसे चाकू से उंगली कटी हो वैसा दर्द होता है और जैसे ही जब लंड चूत में अंदर जाता था तो बहुत दर्द होता था और उन्होंने मुझे अपनी पूरी सुहागरात की बात बताई. अब मेरा लंड तो खड़ा हो गया था. फिर भाभी ने मेरी केफ्री के ऊपर से मेरे लंड को देखा और वो समझ गई कि आज लंड गर्म है और ये सब देखकर वो अपने रूम में चली गई. अब मुझे उस दिन का इंतजार था जिस दिन घर में कोई ना हो.

फिर एक दिन में कॉलेज नहीं गया था और अपने रूम में ही था तो मैंने मन बना लिया था कि आज में भाभी को चोद कर ही रहूँगा. फिर उसके बाद भाभी के बच्चे तो स्कूल चले गये और भैया अपने काम पर चले गये थे. अब घर में, में और भाभी हम दोनों ही थे, बस फिर क्या था? फिर में मौका देखकर उनके रूम में चला गया और जाकर भाभी के बेड पर बैठ गया और भाभी से बोला कि भाभी मुझे आपसे बात करना बहुत अच्छा लगता है.


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