मसाज के साथ चुदाई फ्री

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हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राजू है और में इस साईट पर बहुत सारी कहानी पढ़ चुका हूँ, मुझे लगा कि  मुझे भी अपनी लाईफ कि कुछ घटना आप लोगों के साथ शेयर करनी चाहिए। में फर्स्ट टाईम अपनी स्टोरी लिख रहा हूँ और कुछ ग़लती हो तो माफ़ करना। में दिल्ली में आयुर्वेद थेरेपिस्ट का काम करता हूँ, इस काम ने मुझे बहुत कुछ दिया है। 25 दिसम्बर 2010 को मुझे क्लिनिक जाना पड़ा, क्योंकि मेरे साथ काम करने वाले बाकी थेरेपिस्ट सारे चर्च गये थे। अब मुझे आधे दिन काम करना था, फिर उस दिन 11 बजे एक सुंदर सी एक लेडी आई, उनको डॉक्टर से मिलना था उस लेडी को चलने में काफ़ी प्रोब्लम हो रही थी तो मैंने उसे डॉक्टर के पास भेज दिया। फिर करीब 20 मिनट के बाद डॉक्टर ने मुझे अंदर बुलाकर बताया कि इन मेडम को स्पीनल मसाज और पीछे की साईड पोटाली मसाज देना है।

फिर में उस लेडी को लेकर रूम में गया और कहा कि मेडम आपको अपना ऊपर का पूरा ड्रेस निकालना पड़ेगा नहीं तो आपकी ड्रेस तेल के कारण खराब हो सकती है। तो उसने कहा कि आप कैसे भी करो? लेकिन मेरा दर्द कम कर दो। फिर मैंने उसे पेट के बल लेटने को कहा और तो वो लेट गयी। अब उसके ऊपर सिर्फ़ एक टावल और नीचे सलवार था। फिर मैंने टावल को खोलकर गर्दन से पीठ तक ऑयल लगाया और मसाज करना शुरू कर दिया। फिर 10 के बाद उसकी गर्दन पर मेरे हाथ लगने के कारण उसके मुँह से कुछ आवाजे निकलने लगी तो मैंने सोचा कि दर्द के कारण होगा लेकिन थोड़े टाईम के बाद ऐसा लगा कि ये तो कुछ और हो रहा है। अब मुझे भी कुछ हो रहा था, अब में उसकी चूची साईड से टच करने लगा, अब उसके मुँह से बस म्‍म्म्ममम म्‍म्म्मममम आवाज़ निकल रही थी।

अब मैंने उसकी पीठ मसाज स्टार्ट कर दी और उसको कहा कि ये आपका सलवार थोड़ा और नीच कर दूँ, तो वो मान गयी। अब मुझे उसके आधे चूतड़ नज़र आ रहे थे और कुछ देर तक मालिश करते-करते सलवार और नीचे कर दिया। अब में उसको पॉइंट मसाज देने लगा और पीठ पर मसाज करते-करते कभी मेरा हाथ उसकी गांड की दरार में चला जाता। अब ये करते-करते मेरे लंड का बुरा हाल हो गया था।  फिर मैंने सोचा अगर इसके घर जा कर मसाज करूँगा तो कुछ हो सकता हैं, फिर मैंने उससे पूछा कि मेडम अगर आप चाहें तो में आपके घर आकर भी मसाज कर सकता हूँ। तो उसने कहा ठीक है तुम अभी आ सकते हो, तो मैंने कहा कि में 1 बजे फ्री रहूँगा। फिर उसने ओके बोला और फिर मैंने पीठ मसाज के बाद उसकी बॉडी से ऑयल सॉफ किया और वो बाहर चली गयी, अब जाते-जाते उसने कहा कि वो मेरा बाहर इंतजार करेगी।

अब उसके जाते ही में बाथरूम के अंदर घुस गया और उस लेडी को मन में सोचकर मुठ मारी तब जाकर मुझे कुछ आराम मिला, क्योंकि मेरे लंड का करीब 1 घंटे से बुरा हाल था। अब में 1 बजे बाहर निकला, तो वो लेडी मेरा इंतजार कर रही थी, फिर वो मुझे अपने घर ले गयी, उसका काफ़ी बड़ा मकान था। फिर वो मुझे अपने बेडरूम में ले गयी, वहाँ 2 रूम हीटर थे, उसने उन दोनों को चालू कर दिया, क्योंकि सर्दी का टाईम था और उसने अपने कपड़े उतारना शुरू किया और वो सिर्फ़ ब्रा पेंटी में बेड पर सीधा लेट गयी। फिर मैंने भी उसके पैरो की मसाज स्टार्ट की, अब मसाज करते-करते मेरा हाथ उसकी चूत को टच कर रहा था, अब मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। अब उसकी पेंटी थोड़ी गीली थी, ये सब देखकर मेरे लंड का बुरा हाल हो गया। अब में उसके पेट का मसाज कर रह था, अब में मसाज करते- करते कभी चूचि को भी दबाता और अब वो सिर्फ़ सिसकारियाँ ले रही थी। फिर मैंने कहा कि मेडम में ये ब्रा निकाल दूँ, तो उसने हाँ बोला और मैंने उसकी ब्रा को निकाल दिया। अब उसके मोटे-मोटे बूब्स मेरे सामने थे और अब में ज़ोर-जोर से उसकी चूचीयों की मालिश करता रहा और उसके मुँह से हहाआअँ यसस्स आआआररम से मसस्स्स्स्सई की आवाज निकल रही थी।


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