मालकिन के साथ लंड की होली

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हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अर्णव है और में 24 साल का हूँ, मेरे लंड का साईज़ 7 इंच है. में बाकी सबकी तरह झूठ नहीं बोलूँगा कि मेरा लंड 9 इंच का है, लेकिन जो इसे एक बार लेता है इसका दीवाना हो जाता है. में चंडीगढ़ में रहता हूँ, मुझे जॉब के लिए चंडीगढ़ आए हुए 2 महीने ही हुए थे, तो में रहने के लिए रूम देख रहा था. तो मुझे जहाँ रूम मिला, उस मकान मालकिन का नाम पूनम था, फिगर मस्त था, लगभग 36-30-34 होगा. मेरा पहली बार उन्हें देखकर लंड खड़ा हो गया था, अब में आपको पूनम के बारे में बता दूँ, वो एक तलाकशुदा लेडी है, उम्र करीब 30 साल होगी और उसके एक लड़का है और उसके फिगर का तो क्या कहना? फिर मैंने उनके यहाँ शिफ्ट किया और रहने लगा.

फिर कुछ दिन में हमारी आपस में ठीक ठाक बात होने लगी, पूनम दिखने में मस्त और उसके बूब्स देखकर तो मेरा अपने ऊपर से कंट्रोल ही खो जाता और मेरा लंड पेंट फाड़कर बाहर निकलने को होता और उसे चोदने को होता. फिर मेरे दिमाग़ में उसे चोदने को लेकर चलने लगा और में प्लानिंग करने लगा कि कैसे उसे चोदा जाए? अब में रोज़ उससे मिलता और बातें करता. अब हम काफ़ी फ्रेंक हो गये थे, अब हम कभी-कभी मज़ाक में एक दूसरे को टच कर देते थे.

मैंने देखा कि अभी होली के दिन वो उदास थी, में उसे होली विश करने गया था. फिर मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ? तो उसने कहा कि कुछ नहीं तुम नहीं समझोगे, तो मैंने कहा कि तुम्हारा दोस्त हूँ और तुम अपना दुख सुख मुझसे शेयर कर सकती हो. तो वो मेरे पास आई और रोने लगी और मेरे कंधे पर सिर रख लिया और कहने लगी कि उसे पिछले साल की होली याद आ गई अपने पति के साथ मनाई हुई. तो मैंने कहा कि ऐसा क्या था उस होली में? जो इस होली में नहीं है. वो कहते-कहते रुक गई, फिर बोली कि कुछ नहीं. तो मैंने कहा कि तुम मुझे बताओ तो सही तभी तो वैसी ही होली मनायेंगे, अब उसकी आँखों में अचानक से चमक दिख रही थी, लेकिन वो बोली कि तुमसे नहीं हो पायेगा.

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फिर मैंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है तुम कहो. फिर वो मेरे पास में बैठकर मेरी जांघ पर हाथ फैरने लगी और बोली कि लास्ट टाईम मैंने होली अपने पति के साथ बेड पर बंद रूम में मनाई थी. फिर बस उसके इतना कहने की देर थी और मैंने उसके लिप पर अपने लिप रख दिए और चूसने लगा कि तभी मुझे याद आया कि यहाँ उसका बेटा भी तो होगा. तो वो बोली कि वो होली खेलने गया है, तू आज यहाँ पिचकारी चलाना. बस फिर क्या था? हमने एक दूसरे को बाँहों में भरा और एक दूसरे के लिप चूसने लगे और में उसके बूब्स उसके कपड़ो के ऊपर से ही दबा रहा था, अब उसके बूब्स मेरे एक हाथ में आ ही नहीं रहे थे.

फिर वो बोली कि बाहर से ही खेलेगा या इसका दूध भी पियेगा, बस फिर में उसके कपड़े उतारने लगा और वो मेरे कपडे उतारने लगी और कपडे उतरने के साथ उसका वो शरीर को सहलाना, किस करना, में कभी भूल नहीं सकता हूँ. फिर मैंने उसके कपडे उतारे, अब वो ब्रा और पेंटी में थी, वो क्या मस्त माल लग रही थी? अब में तो उसे देखते ही उसकी रसीली चूचीयों पर टूट पड़ा.


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