मुझे तुम्हारा ही लंड चोदेगा

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हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विशाल है और में आपके लिए एक कहानी लेकर आया हूँ. मेरे घर में एक नौकरानी है, जिसका नाम सुधा है. उसकी उम्र 30 साल के आस पास होगी, उसकी मस्त चूचीयाँ भरी हुई है और गांड तो एकदम मस्त है. ये घटना आज से 2 साल पुरानी है. में सुधा को रोज झाड़ू लगाते वक्त उसकी मस्त मोटी गांड को देखता था और जब वो पोछा या कपड़े बर्तन साफ़ करती तो में जानबूझ कर उसके सामने ही रहता था ताकि उसकी चूचीयाँ देख सकूँ. वो हमेशा साड़ी में ही रहती थी और ब्रा नहीं पहनती थी, उससे मुझे उसके बूब्स के दर्शन हो जाते थे. उसने मुझे देख लिया था कि में उसके बूब्स देख रहा हूँ.

उस दिन रोज की तरह वो झाड़ू लगाने आई थी और में हॉल में बैठा टी.वी देख रहा था. उसने आज साड़ी का पल्लू ऐसे रखा था कि मुझे उसके बूब्स ज्यादा से ज्यादा दिख जायें और फिर वो मेरे सामने झाड़ू लगाने लगी और मुझे तिरछी नज़रो से देखने लगी कि में उसके बूब्स को देख रहा हूँ या नहीं. फिर मेरी और उसकी नज़र मिल गई और उसने एक नॉटी स्माइल दी और फिर से झाड़ू लगाने लगी और अपनी गांड मेरी तरफ करके ऐसे झाड़ू लगाने लगी, जिससे उसकी गांड हिलने लगी. मेरे मन में अब कंट्रोल नहीं हो रहा था. मैंने सोचा कि आज कुछ भी हो जाये, आज में इसको चोद कर ही रहूँगा और में उसकी गांड को देखकर अपने लंड को सहलाने लगा और कुछ सोचने लगा. फिर सुधा किचन में चली गई और किचन से मुझे देखने लगी और वो वहां से मुझे नॉटी स्माइल दे रही थी.

फिर में भी अब किचन में चला गया. सुधा किचन में बर्तन धो रही थी, में वहीं गया और उसे बातें करने लगा, क्या बात है सुधा? आज आप बहुत खुश हो रही हो, कहीं बाहर घूमने जा रही हो. तो वो बोली नहीं रे विशाल ऐसी कुछ बात नहीं है, बस ऐसे ही. अच्छा मुझे लगा कि कहीं घूमने जा रही हो, फिर उसने विशाल वो देखो कहते ही सुधा ने खिड़की की और इशारा करके मुझे कुछ देखने को कहा, में उसके पीछे जाकर देखने लगा. मुझे कुछ नहीं दिख रहा था तो मैंने उससे कहा कि क्या है? और उससे बहुत ज्यादा चिपक गया, जिससे मेरा लंड उसकी गांड पर टच हो रहा था. मेरा लंड तो पहले से ही खड़ा था और अब और भी ज्यादा लोहे की तरह हो गया था.

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उसे भी मेरे लंड का स्पर्श हो रहा था और वो अपनी गांड मेरे लंड पर दबाने लगी. में समझ गया कि सुधा का मन भी चुदवाने का हो रहा है. फिर में अपना लंड उसकी गांड पर रगड़ने लगा और मज़ा लेने लगा. सुधा ने अपनी आँखे बंद कर ली और वो मेरे लंड का मज़ा ले रही थी. फिर मैंने उसके कान के पास जाकर उससे कहा कि क्या हुआ सुधा? क्या दिखाना चाहती हो? और मेरे लंड का ज़ोर उसकी गांड में लगाने लगा. वो ही जो तुम्हें नहीं दिख रहा है, में कब से दिखाना चाह रही थी. कहते ही नॉटी स्माइल दी और अपनी गांड को और ज्यादा मेरे लंड पर दबाने लगी. मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था, में अब उसकी गांड को हाथों से दबाने लगा और उसके कान के पास जाकर कहा कि सुधा तुम्हारी गांड तो मस्त कड़क है तो क्या तुम्हारी चूत भी ऐसी ही होगी? और में उसकी चूत को उसकी साड़ी के ऊपर से ही सहलाने लगा. हहहाहा विशाल खुद ही देख लो ना कि मेरी चूत कैसी है और गांड कितनी कड़क है. लेकिन हाथ से नहीं, तुम्हारे इस लंड महाराज से देखो और कहते ही मेरे लंड को पेंट के ऊपर से ही पकड़कर सहलाने लगी. मेरी हालत खराब हो रही थी तो मैंने अब उसके बूब्स पर हाथ रखा और दबाने लगा, अब सुधा को भी मज़ा आ रहा था. सस्स्सुउउउ विशाल दबाओ ऐसे ही. में अब उसके बूब्स उसके ब्लाउज के ऊपर से ही दबा रहा था और उसके गले पर किस कर रहा था.

फिर कुछ देर ऐसे ही करने के बाद में सुधा के ब्लाउज के हुक को खोलने लगा. कुछ ही मिनट में मैंने उसे ऊपर से नंगा कर दिया था. उसके बूब्स पूरे नंगे देखकर में पागल हो गया था. फिर मैंने उसे मेरी तरफ घुमाया और उसके बूब्स को चूसने लगा, उसके बूब्स बहुत मस्त थे. हाँ विशाल चूस लो इन्हें, हाँ ऐसे ही चूसते रहो, पी लो सारा का सारा रस. मेरे बूब्स को बहुत दिनों से किसी ने नहीं चूसा है हह्ह्ह दबाओ और ज़ोर से दबाओ ना. हाह्ह्ह्ह ऐसे कहती रही और मेरे सिर को अपने बूब्स पर दबाने लगी. मैंने एक एक करके उसके बूब्स को चूस-चूस कर लाल कर दिया और करीब 10 मिनट तक में उसके बूब्स को चूस रहा था. फिर मैंने उसकी साड़ी और पेटीकोट को निकाल दिया और वो मेरे सामने पूरी नंगी थी. क्या गजब की लग रही थी?

फिर में नीचे बैठा और उसकी चूत के वहां देखने लगा. उसकी चूत पर थोड़े ही बाल थे और बालों में छुपी हुई उसकी चूत को में ढूंढने लगा और फिर मैंने झांटो को बाजू में करके उसकी चूत को खोज निकाला और अपनी ज़ुबान से उसकी चूत के दाने को छेड़ने लगा. जैसे ही मैंने अपनी जीभ वहां लगाई सुधा तड़पने लगी और बोलने लगी. हाह्ह्ह्हह विशाल क्या कर रहे हो? हाह्ह्ह्ह ऐसा मत करो ना. हाह्ह्ह्ह मेरे राजा क्या मज़ा दे रहे हो हाईईइ माँ हह्ह्ह्हह ऐसे ही हाँ मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है विशाल, चूसो ना और ज़ोर से. ह्ह्ह्हह्ह आआआअ सही जगह अपनी ज़ुबान से कर रहे हो. माआअ हाअ माआ आआआअ और ज़ोर से ह्ह्ह्हह्ह. फिर करीब 5 मिनट तक चूत चूसने के बाद सुधा का शरीर अकड़ने लगा. मुझे पता चल गया था कि सुधा झड़ने के करीब है तो में और ज़ोर से चूसने लगा.

तो सुधा बोली विशाल में झड़ने वाली हूँ. ह्ह्ह्हह्ह म्‍म्माआअ हाअ म्‍म्म्मीई गई. आआआआआ एयाया हाआआआआ और कहते ही बहुत सारा पानी मेरे मुँह पर छोड़ दिया. उसके चहरे पर एक खुशी दिख रही थी. अब में खड़ा हो गया और मेरे कपड़े निकालने लगा तो सुधा बोली कि रुको बाबा में तुम्हारे कपड़े निकाल देती हूँ, मुझे भी कुछ सेवा करने का मौका दो ना. कहते ही मुझे किस करने लगी और में भी उसे जोर जोर से किस करने लगा. फिर सुधा किस करते करते मेरी शर्ट के बटनों को खोल रही थी और फिर उसने मेरी शर्ट को खोल दिया और अब वो किस करके करते नीचे जाने लगी.

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अब वो मेरी छाती पर किस कर रही थी और अपना हाथ फेर रही थी और फिर किस करते-करते वो मेरी हाफ पेंट के करीब आ गई और किस करने लगी और मेरी पेंट धीरे-धीरे नीचे करके निकाल दी. अब में सिर्फ़ चड्डी में था और फिर मेरे खड़े लंड को वो चड्डी के ऊपर से ही किस करने लगी. तो सुधा बोली कि तुम्हारा लंड कितना बड़ा हो गया है.

में बोला कि उसे तुमने ही इतना बड़ा किया है और अब सुधा ने मेरा आखरी कपड़ा भी निकाल दिया और मेरे लंड को सहलाने लगी और फिर मेरे लंड पर किस किया और कहा कि इतना अच्छा लंड पहले क्यों नहीं मिला? में तो कब से ऐसे लंड के लिए तरस रही हूँ और मेरे लंड को चूसने लगी. में तो सातवें आसमान पर था और वो मजे से लंड चूस रही थी, जैसे कि चूसने की एक्सपर्ट हो.

फिर सुधा बोली कि मुझे जवान लंड बहुत ही पसंद है, अब में तो इसे नहीं छोड़ूँगी और मेरे लंड को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी. तो मैंने उसके बूब्स दबाते हुए कहा कि ये तो कब से तुम्हारी चूत में जाने के लिए तरस रहा था लेकिन तुम ही इस पर ध्यान ही नहीं दे रही थी. तो वो बोली अब दे दूँगी ना ध्यान और वो भी ज्यादा दूंगी, अब में भी झड़ने के करीब था तो में सुधा से बोला कि में झड़ने वाला हूँ.


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