रेखा दीदी ने चोदना सिखाया

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नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम दीपू है और में B.A. पढाई कर रहा हूँ, मेरी उम्र 22 साल है और मेरी हाईट 5 फुट 8 इंच है, में उड़ीसा का रहने वाला हूँ. हम घर में दादा जी, दादी, माँ और में रहते थे. मेरे दादा जी हाई स्कूल में चपरासी की नौकरी करते थे. में हर शनिवार को अपने घर जाता था और रविवार शाम को मामा के यहाँ आ जाता था. अब में सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ.

मेरे बचपन से मामा के घर पर होने से मुझे पड़ोस के सारे लोग जानते है, मुझे बहुत प्यार भी करते थे. इस कहानी की हिरोइन रेखा दीदी है, वो दिखने में बहुत सुंदर है, वो थोड़ी मोटी भी है, उनका साईज़ 32-30-32 है, वो मुझसे 3 साल बड़ी थी. मामा के घर के बगल वाला घर उनका है, में अक्सर उनके घर आता जाता हूँ. उनके घर में खाना ख़ाता था और सो जाता था, रेखा दीदी मुझसे बहुत प्यार करती है.

में भी उनसे बहुत प्यार करता हूँ, हम दोनों एक साथ स्कूल जाते थे. मुझे याद है तब में क्लास 10वीं में पढ़ाई करता था और रेखा दीदी 12वीं क्लास में थी. एक दिन में स्कूल से आकर होमवर्क कर रहा था, तभी मुझे ज़ोर से पेशाब आया तो में भागकर गया और मैंने देखा कि बाथरूम अंदर से बंद था तो मैंने बाथरूम के साईड में पेशाब करना स्टार्ट किया.

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तब मेरा लंड खड़ा था और उसी टाईम पता नहीं रेखा दीदी आ टपकी और उन्होंने मेरा लंड देख लिया और अपना मुँह नीचे करके भागकर चली गई. अब में शर्म के मारे अपना मुँह नीचे लटका कर आ गया. फिर कुछ दिन ऐसा ही चला गया, फिर में रेखा दीदी से भी अच्छे से बात करने लगा, अब सब नॉर्मल था क्योंकि में सेक्स के बारे में ज्यादा कुछ जानता भी नहीं था और तब तक तो में मुठ भी नहीं मारता था.

फिर एक दिन रेखा दीदी के मम्मी-पापा कुछ दिन के लिए तीर्थ यात्रा पर गये तो वो रेखा दीदी की देखभाल करने के लिए दादा जी कह कर गए थे. रेखा दीदी के और एक बड़ा भाई था जो मुंबई में काम करता है. फिर रात को रेखा दीदी ने मेरे साथ बैठकर हमारे घर खाना खाया और फिर खाना ख़ाकर में टी.वी देख रहा था तो रेखा दीदी ने कहा कि चलो हमारे घर पर चलते है. फिर दादा जी ने कहा कि नहीं रेखा तुम हमारे घर पर ही सो जाओं तो रेखा दीदी ने कहा कि नहीं दादा जी दीपू और में सो जायेंगे, कोई प्रोब्लम नहीं है. दादा जी ने कहा कि ठीक है और कोई प्रोब्लम हो तो बुला लेना तो रेखा दीदी ने ओके कहा.

फिर हम चले गये और अब रात के 10 बज रहे थे. फिर रेखा दीदी ने कहा कि टी.वी देखेगा तो मैंने कहा कि नहीं दीदी में बहुत थक गया हूँ और अब मुझे सोना है. तो रेखा दीदी मेरा हाथ पकड़कर अपने बेडरूम में ले गई और फिर हम दोनों सोए. अब दीदी मेरे बालों को सहला रही थी तो मुझे नींद आ गई और में कब सो गया मुझे पता ही नहीं चला.

अब रात के करीब 12 बजे होगें और मुझे कुछ गुदगुदी महसूस हुई तो मेरी नींद खुल गई. फिर मैंने देखा कि रेखा दीदी मेरी पेंट की चैन खोलकर मेरा लंड चूस रही है, अब में तो पहले डर गया और हैरान भी था कि रेखा दीदी ऐसा कैसे कर रही है? फिर मैंने दीदी को बोला कि दीदी आप ये क्या कर रही हो? तो दीदी शॉक हो गई और अपना मुँह नीचे करके बैठ गई. फिर मैंने दीदी से पूछा कि तुम ये क्या कर रही थी? अब दीदी खामोश थी. फिर में उठा और दीदी का चेहरा ऊपर उठाया और पूछा कि दीदी क्या बात है? तुम ऐसा क्या कर रही थी? तो दीदी ने मुझसे सॉरी कहा और मेरे गले लग गई.

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फिर वो कहने लगी कि सॉरी दीपू वो मेरा मन कर रहा था तो मैंने ऐसा किया. फिर मैंने कहा कि छि छि ऐसा गंदा काम करने का आपका मन करता है. तो दीदी ने कहा कि अच्छा जैसे बीवी को कुछ करेगा ही नहीं. फिर मैंने कहा कि कौन बीवी? फिर दीदी ने कहा कि छोड़ उस बात को मेरी एक मदद करेगा तो मैंने कहा कि कहो ना दीदी, में नहीं करूँगा तो और कौन करेगा? फिर दीदी ने बोला कि अगर तुझे मज़ा नहीं आया तो मत करना ओके. फिर दीदी ने कहा कि खा मेरी कसम जो में कहूँगी तू वो करेगा तो मैंने भी उनकी कसम खा ली. फिर दीदी ने कहा कि तू मुझे चोदेगा तो मैंने कहा कि वो क्या होता है? तो दीदी ने कहा कि आ जा सिखाती हूँ, फिर उन्होंने मेरे पूरे कपड़े उतार दिए और मुझे पूरा नंगा कर दिया.


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