लंड एक और औरतें दो

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आज मैं दोस्तों आपको अपनी अजीब – औ – गारीब यौन संबंध की कहानी सुनाने जा रहा हूँ | दोस्तों मेरी शादी को दो साल हो चुके हैं और वो अपने घर वालों की अकेली ही बेटी थी | मेरी बीवी का बाप एक रेल हादसे में गुजर गया था और अब उसकी माँ यानी मेरी सास हमारे साथ ही रहने लगी थी | मैं और मेरी बीवी दिन पे काम पे जाया करते थे और घर के छोटे मोटे काम को मेरी सासु ही संभाल लिया करती थी | हालांकि मैं अपनी बीवी से सेक्स के मामले में बिलकुल खुश था पर सच पूछो तो मेरी सास भी दिखने में धमाल लगती थी | बस सोचता था की मेरे ससुर तो इसकी रोज ही चुत बजाता होगा और अपने लंड को मसल लिया करता था |

एक दिन हुआ यूँ की मेरी को काम पर जाना था और मेरे ऑफिस की छुट्टी थी जिस वजह से मैं घर पर ही रुक गया और आज तो मेरी सास के बदन को देख आँख सकने का बहुत अच्छा मौका था | मेरी सास घर का काम कर रही थी और उसके मोटे गद्रिले चुचों और पीछे से मटके वाली गांड को देख दिल बहला रहा था | मैंने देखा की सा ने पैंटी नहीं पहनी थी जिस वजह से उसकी साडी में गांड एक दम बराबर मुझे दिखायी पड रही थी | मेरे तन बदन में ऐसा तूफ़ान छाया की मैंने अपनी सास को पीछे जकड लिया और उसके चुचों को भींचने लगा | मेरी सास के बदन में जवानी दौड़ने लगी थी अब | वो भी मेरे बेटा. . .!! कहकर मेरी बाहों में आ गयी और अपने साडी के पल्लू को हटाकर बोलू मेरी बेटी भी तेरी है और मेरा बदन भी तेरा . . !!


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One Comment
  1. sexy
    August 21, 2016 |