स्विमिंग पूल में अंकल के साथ चुदाई

हैल्लो दोस्तों, यह स्टोरी मेरी और मेरे पड़ोसी अंकल की है. बैंगलोर में दिसम्बर में काफ़ी धूप रहती है जिस वजह से काफ़ी गर्मी हो जाती है. फिर में अपनी गर्मी दूर करने के लिए स्विमिंग करने गई. मैंने स्विमिंग कॉस्ट्यूम पहन रखा था और मेरा स्विमिंग कॉस्ट्यूम यूनिक टाईप का था, जिसमें सिर्फ़ बॉडी कवर होती है और मेरी क्लीवेज साफ़-साफ़ दिखती है, सिंगल पीस और गांड भी थोड़ी-थोड़ी दिखती है. में इसके नीचे ब्रा और नहीं पेंटी पहनती हूँ, मुझे सिर्फ़ फ्री स्टाइल अच्छे से करनी आती है.

अब मेरा बड़ा मन करता है कि में सारी स्टाइल बहुत अच्छे से सीखूं. फिर शाम के करीब 4 बजे में अपना कॉस्ट्यूम पहनकर स्विमिंग पूल में उतरी, उस समय पूल में कोई भी नहीं था. फिर मैंने 2 लैप्स मारे, तभी मैंने देखा कि अमृत अंकल भी आ गये है. अब पड़ोसी होने के कारण मेरी उन लोगों से जान पहचान थी, लेकिन हाँ कभी कुछ ख़ास बात नहीं हुई थी बस में उनके बेटे को शनिवार और रविवार को कोचिंग पढ़ाती थी. फिर अंकल भी अपना कॉस्ट्यूम पहनकर पूल में आ गये. फिर मेरा अंकल से नमस्ते हुआ और हमारे बीच ऐसे ही थोड़ी बहुत बात हुई. अंकल ने बॉडी वैक्स कर रखी थी, उनका पेट एकदम अंदर था और वो बहुत स्मार्ट लग रहे थे. फिर बात करने के बाद हम दोनों स्विमिंग करने लगे.

अब में फ्री स्टाईल कर रही थी और वो अलग-अलग स्टाइल कर रहे थे. फिर थोड़ी देर के बाद में उनके पास गई और उनसे पूछा कि क्या वो मुझे भी अपनी तरह सारी स्टाइल सिखा सकते है? तो उन्होंने कहा कि हाँ-हाँ क्यों नहीं? बताओं कौनसा सीखना है? तो मैंने कहा कि बैक स्टाइल. फिर अंकल ने कहा कि ठीक है में तुम्हें आराम से सिखा दूँगा.

फिर उसके बाद अंकल ने मुझे सपोर्ट करने के लिए पकड़ा और अब अंकल का एक हाथ मेरी गर्दन के नीचे और एक हाथ मेरे हिप्स पर था. अब अंकल के हाथ से मेरी गांड पूरी दब रही थी. फिर अंकल मुझे पकड़कर बोले कि चलो अपने पैर चलाना शुरू करो. अब पैर चलाते वक़्त मेरे पैर ऊपर नीचे हो रहे थे. अब अंकल के हाथों के स्पर्श से मुझे अजीब सा लग रहा था. फिर थोड़ी दूर जाकर में एकदम से गिर सी गई. अब गिरते वक़्त एकदम से अंकल का हाथ मेरे कॉस्ट्यूम के अंदर चला गया, जिस वजह से अंकल ने मेरे हिप्स और बीच की लाईन महसूस कर ली.

फिर अंकल ने झट से अपना हाथ बाहर निकाला और सॉरी बोला, तो मैंने थोड़ा शरमाते हुए बोला कि इट्स ओके, आपकी कोई ग़लती नहीं है. अब अंकल को तभी समझ में आ गया था कि ये लड़की सही है. फिर अंकल ने फिर से मुझे उसी तरह से उठाया और हम फिर से करने लगे. अब इस बार अंकल धीरे-धीरे मेरा कॉस्ट्यूम अंदर की तरफ धकेल रहे थे, मतलब जिस पार्ट से मेरी गांड कवर हो रही थी उसे मेरी गांड के छेद की तरफ दबा रहे थे.

अब ऐसे करके अंकल ने मेरी पेंटी को एकदम वी-शेप वाली पेंटी की तरह कर दिया था. अब मेरी पूरी गांड दिख रही थी. अब अंकल मेरी गांड दबा रहे थे और मुझे हंसी आ रही थी. फिर अंकल ने कहा कि चलो बस हो गया, अब में तुम्हें ब्रेस्ट स्टाइल सिखाता हूँ. फिर अंकल मेरे पीछे आकर खड़े हो गये, अब में अंकल का लंड बहुत अच्छे से महसूस कर पा रही थी.

फिर अंकल ने मेरे हाथ पकड़े और ब्रेस्ट स्टाइल में जैसे चलाते है वैसे चलवाने लगे. अब हर बार जब में अपने हाथ पीछे लेती तो वो मेरे बूब्स को छू देते. अब में बहुत मस्त हो गई थी, अब तो अंकल ने भी अपना लंड रगड़ना स्टार्ट कर दिया था. फिर उसके बाद अंकल ने मुझे अपनी तरफ घुमाया और मुझे स्मूच करने लगे.

फिर उन्होंने मुझे स्मूच करते-करते मेरे बूब्स पर अपना हाथ रख दिया और ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगे. अब उसके बाद वो मुझे स्मूच करते-करते ही अपने राईट हाथ से मेरे बूब्स दबा रहे थे और अपने लेफ्ट हाथ से मेरी गांड दबा रहे थे. उसके बाद अंकल ने जो पूरा कपडा मेरे छेद पर इकहट्टा किया था, उसको साईड में कर दिया और मेरी गांड में उंगलियाँ करने लगे. अब में अयाया अया आ उउउहह हम्म्म्म करके आवाज़े निकालने लगी थी. फिर अंकल ने फिर से मेरे बूब्स दबाए और अब वो मेरी चूत तक पहुँच गये थे. फिर उन्होंने मेरी चूत में पहले अपनी एक उंगली घुसाई और फिर बाहर निकालकर चाटी और उसके बाद सीधी अपनी तीन उंगलियाँ घुसा दी और बहुत ज़ोर-ज़ोर से रगड़ने लगे.

अब उन्हें बहुत जल्द मेरा छेद भी मिल गया था. अब मुझे 5 मिनट में ही उनके रगड़ने से पहली मस्ती आ गई थी. फिर उसके बाद अंकल ने अपने स्विमिंग कॉस्ट्यूम को हल्का सा ढीला किया और अपने लंड को बाहर निकाल दिया और मेरी गांड पर रगड़ने लगे. फिर उसके बाद मैंने पानी के अंदर जाकर अंकल के लंड को किस किया और उनकी बॉल्स को मसाज दी.

अब ज़्यादा देर तक सांस नहीं रोक पाने के कारण मैंने उनका लंड 5 बार 10-10 सेकेंड तक चूसा और उसके बाद 2 मिनट तक हिलाया. फिर उसके बाद अंकल ने मुझे पूल में ही उल्टा किया और झट से अपना लंड घुसा दिया, उनका लंड इतना बड़ा नहीं था, लेकिन पता नहीं उनका घुसाने का अंदाज़ बहुत ज़्यादा अच्छा था. अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, फिर 3-4 मिनट तक ऐसे ही चोदने के बाद अब कपड़े बार-बार बीच में आ रहे थे तो अंकल ने एकदम से मेरा कॉस्ट्यूम उस जगह से फाड़ दिया.

फिर उन्होंने मुझे उल्टा करके 5 मिनट तक चोदा तो में झड़ गई. फिर उसके बाद अंकल ने मुझे अपनी गोद में उठाया और ज़ोर-ज़ोर से ऊपर नीचे करने लगे, वाह क्या मज़ा था? आ आहा उउउहं आअहह बहुत मजा आ रहा था. फिर अंकल ने मुझे अपने लंड से उतारकर बाहर बैठा दिया और बहुत मस्त ढंग से 5 मिनट तक मेरी चूत चाटी. फिर उसके बाद हम दोनों ड्रेसिंग रूम में शॉवर लेने चले गये. फिर वहाँ अंकल ने मुझे खूब चूसा, चाटा और फिर से शॉवर में ही चोदा. अब इस पूरे अनुभव में मेरी चूत 5 बार झड़ गई थी.

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