Hindi Sex Kahaniya & Sex Pictures http://sexkahani.net Desi Chudai Kahani, Indian Sex Stories, Chudai Pics ,College Girls Pics , Desi Aunty-Bhabhi Nude Pics , Big Boobs Pics Fri, 24 Mar 2017 05:08:38 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=4.7.3 https://i2.wp.com/sexkahani.net/wp-content/uploads/2016/02/Screen-Shot-2016-02-19-at-9.35.10-PM.png?fit=25%2C32&ssl=1 Hindi Sex Kahaniya & Sex Pictures http://sexkahani.net 32 32 91686163 टीचर को उनकी बर्थडे पर चोदा http://sexkahani.net/%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%9a%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%89%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%a1%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%a6/ http://sexkahani.net/%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%9a%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%89%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%a1%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%a6/#respond Fri, 24 Mar 2017 05:08:38 +0000 http://sexkahani.net/?p=10414 हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम राज है… मैंने सोचा कि में भी अपने साथ हुई घटना के बारे में आप लोगों को बताऊँ.. मेरी उम्र 22 साल है और में नागपुर का रहने वाला हूँ. मेरी बॉडी ठीक-ठाक है और लम्बाई 5 फीट 9 इंच है. तो आपको ज्यादा बोर ना करते हुए में सीधा स्टोरी पर आता हूँ. ये बात 2 साल पहले की है जब में एक स्कूल में पढ़ने जाया करता था. उस स्कूल में 6 लेडी टीचर और 2 मेल टीचर थे. वहां एक मेडम थी.. जिसका नाम रानी नाम था.. वो करीब 30 साल की थी और दिखने में माल थी. दोस्तों जो भी उसे एक बार देख ले.. तो बस देखता ही रह जाये वो 5 फुट 5 इंच की एक सुंदर औरत थी. उसके बूब्स क्या बताऊँ? क्या मस्त थे और गांड के बारे में.. तो कुछ बोल ही नहीं सकता. जब मैंने रानी को पहली बार देखा.. तो मुझे वो बहुत अच्छी लगी.. लेकिन में बहुत ही शर्मिला था.. तो कुछ बोल नहीं पाया.

जब मुझे स्कूल में 1-2 महीने हो गये.. तो सभी मुझसे खुल कर बातें करने लगे. रानी भी मुझसे सबसे ज्यादा खुलकर बातें करती थी.. वो मेरे पास आने की कोशिश करती रहती थी. एक दिन रानी ने मुझे बताया कि उसके पति नागपुर के बाहर जॉब करते है और महीने – दो महीने में एक बार ही घर आते है. रानी और उसकी एक लड़की दोनों ही नागपुर में रहते है. उसकी लड़की करीब 7 साल की है. रानी हमेशा मुझसे अपनी हर एक बात शेयर करती थी और मुझसे एकदम खुलकर बातें करती थी.

एक दिन रानी ने मुझसे पूछा कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड है क्या? में थोड़ा सोच में पड़ गया कि ये क्या पूछ रही है. में थोड़ा शर्माया.. तो रानी बोलने लगी मुझसे क्यों शरमा रहे हो.. तो मैंने नहीं में अपनी गर्दन हिलाई.. तो वो हंसने लगी और बोली झूठ मत बोलो.. तो मैंने कहा सही में मेरे कोई गर्लफ्रेंड नहीं है.. तो रानी बोली तुम इतने अच्छे हो तुम्हे कोई मिली नहीं.. फिर मैंने कहा कि नहीं मुझे ये सब पसंद नहीं है.

एक दिन रानी ने मुझे घर बुलाया.. उसकी बेटी का बर्थ-डे था.. तो स्कूल में से सिर्फ़ मुझे ही बुलाया था. तो में शाम के समय रानी के घर गया. मैंने घर जा कर देखा तो वहां सिर्फ़ रानी और उसकी बेटी और रानी की बहन ही थे.. तब मुझे पता चला कि स्कूल में से सिर्फ़ मुझे ही बुलाया है. हम तीनो ने बर्थ-डे मनाया.. उस समय रात के 9 बज रहे थे. फिर रानी ने कहा कि खाना खाकर जाना.. मैंने पहले मना किया लेकिन बाद में रानी के ज्यादा ज़ोर देने पर में मान गया. रानी की बहन के घर में उसके बेटे की तबीयत खराब हो गई तो उसे फोन आया. तो वो करीब 10 बजे बिना खाना खाये ही चली गई.

अब घर में हम ही थे.. फिर करीब 10:45 बजे हमने खाना खाया और खाना खाने के पहले ही रानी की बेटी सो गई थी. हमें पता ही नहीं चला कि खाना खाते-खाते 11:45 हो गये थे. रात ज्यादा होने के कारण मुझे घर जाने के लिए कोई साधन नहीं मिलने वाला था.. लेकिन में वहां रुक भी नहीं सकता था.. तो मैंने रानी से जाने के लिए कहा. तो रानी बोली इतनी रात को तुम्हें जाने के लिए कुछ नहीं मिलेगा.. तुम आज रात यहीं रुक जाओ.. मैंने मना किया लेकिन वो नहीं मानी तो मुझे रुकना पड़ा. फिर खाना होने के बाद में टी.वी देखने लग गया और रानी फ्रेश होने चली गई. में टी.वी देखता रहा.. तो मैंने देखा कि रानी एक नाइटी पहने मेरे पास आ कर बैठ गई.. क्या बताऊँ?

दोस्तों में तो उसे देखता ही रह गया. रानी उस नाइटी में क्या लग रही थी.. तो टी.वी देखते देखते रानी ने मुझे बताया कि उसके पति करीब 4 महीने से घर नहीं आये है और फिर मुझे बोला तुमने कभी किसी के साथ सेक्स किया है.. में तो बस उसकी तरफ देखता ही रह गया कि ये क्या पूछ रही है? तो में कुछ बोलता उसके पहले ही रानी ने मेरी पेंट पर अपना हाथ रख दिया.. मुझे थोड़ा डर लग रहा था.

मैंने कभी ऐसा किया नहीं था. वो मुझसे फिर से पूछने लगी.. तो मैंने नहीं कहा तो वो बोली कि मेरे साथ सेक्स करोगे क्या? में तो ये सुनकर पागल ही हो गया.. लेकिन मैंने रानी से बोला कि नहीं ये ग़लत है.. तो वो बोलने लगी कि मैंने करीब एक साल से सेक्स नहीं किया है. उसके पति जब भी आते है.. तो वो अपने ही काम में लगे रहते है.. वो मेरे साथ कुछ करते ही नहीं है. ऐसा बोल कर वो मेरे लंड को पेंट के ऊपर से ही हाथ में पकड़ कर हिलाने लगी. में बोलता रहा कि ये ग़लत है.. मत करो.. लेकिन वो नहीं मानी. फिर रानी मेरे पास आ कर मेरे होठों को किस करने लगी.. अब में भी उसका साथ देने लग गया. मुझे भी मजा आने लग गया. फिर में रानी के बूब्स को नाईटी के ऊपर से ही धीरे-धीरे दबाने लग गया. रानी धीरे-धीरे आवाज़े निकालने लग गई और सिसकियां देने लग गई.. हम्म ऊऊओ ससस्स और बोलने लगी और ज़ोर से दबाओ.. आज इसका सारा दूध पी जाओ.

फिर मैंने रानी की नाइटी ऊतार दी.. रानी ने नीचे कुछ नहीं पहना था. मैंने पूछा.. तो वो बोलने लगी तुम्हारे लिए ही कुछ नहीं पहना है. दोस्तों मैंने पहली बार किसी औरत को नंगा देखा था. फिर में रानी के बूब्स पर टूट पड़ा और एक हाथ से उसके बूब्स को दबाने लगा और एक बूब्स को मुँह में लेकर चूसने लगा.. वो अब आवाजें निकालने लगी.. इसका सारा दूध पी लो आज. फिर में अपना एक हाथ रानी की चूत पर रखकर उसकी चूत को सहलाने लगा..

वो बोलने लगी आह्ह्ह्हह इसकी सारी खुजली मिटा दो.. ये आज से तेरी गुलाम है और ज़ोर-ज़ोर से आवाज़े निकालने लगी.. हह एम्म्म ऊऊऊ सस्स. फिर मैंने अपना मुँह रानी की चूत पर रखा और उसे चाटने लगा.. क्या मस्त लग रहा था. फिर रानी मुझे बोलने लगी कि राज अब और मत तड़पाओ.. अपना लंड मेरी चूत मे डाल दो.

फिर मैंने कहा पहले इसे अपने मुँह में लेकर चूसो.. तो वो मेरा 6.5 इंच लंबा लंड और 2.5 इंच मोटा लंड देखकर बोली.. ये तो मेरे पति से ज्यादा मोटा है और चूसने लगी.. क्या बताऊँ? दोस्तों कितना मज़ा आ रहा था. फिर मैंने अपना लंड रानी की चूत पर रखा और रगड़ने लगा.. रानी तड़प रही थी. फिर मैंने एक झटका मारा लेकिन लंड अंदर नहीं गया.. क्योंकि रानी की चूत टाईट थी और बहुत दिनों से रानी ने सेक्स नहीं किया था और उसके पति का इतना मोटा भी नहीं था.

मैंने एक बार फिर से एक झटका मारा.. इस बार लंड का सुपाड़ा पूरा अंदर चला गया और रानी के मुँह से आवाज़े आने लगी.. वो चिल्ला उठी.. आआह्ह्ह्ह उसे दर्द हो रहा था. फिर मैंने एक और जोर का झटका दिया और मेरा 6.5 इंच लंबा लंड रानी की चूत में पूरा अंदर चला गया. वो ज़ोर से चिल्ला उठी.. करीब 40 मिनट बाद में झड़ने वाला था..

मैंने पूछा कहाँ निकालूं. तो रानी बोली अंदर ही छोड़ दो. फिर मैंने उसे डॉगी स्टाइल में भी चोदा. मैंने रानी से कहा अब मुझे तुम्हारी गांड मारनी है.. तो वो मना करने लगी.. फिर मैंने भी उससे ज्यादा जिद नहीं की. उस रात हमने 4 बार सेक्स किया.. उसके बाद हम नंगे ही सोये गये.

 
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बड़ी दीदी की चूत में कुत्ते का लन्ड फंस गयी http://sexkahani.net/%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a5%82%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4/ http://sexkahani.net/%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a5%82%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4/#respond Thu, 23 Mar 2017 11:29:22 +0000 http://sexkahani.net/?p=10423 हेलो दोस्तों, आज जो जानवर के साथ सेक्स कहानियों बताने जा रही हु वो मेरी दीदी की कुत्ते से चुदाई की कहानी हैं । आज मैं बताउंगी कैसे दीदी ने कुत्ते से चुदवाया, कैसे कुत्ते ने दीदी को चोदा, कैसे दीदी ने कुत्ता के लण्ड से चुदवाई , कुत्ते ने दीदी की चूत चाट चाटकर चोदा, कुत्ते ने दीदी की गांड मारा ।मेरा नाम शाज़िया मिर्ज़ा है और मैं सैंतीस साल की मॉडर्न ख्यालों वाली तालीम-याफता तलाकशुदा औरत हूँ। एक प्राइवेट बैंक में जनरल मैनेजर हूँ। अच्छी-खासी तनख्वाह है जिसकी वजह से मेरा लाइफ-स्टाइल भी काफी हाई-क्लास है।
मैं नासिक में ही एम-कॉम कर रही थी और फाइनल ईयर शुरू होने के पहले दो महीने ट्रेनिंग के लिये मुम्बई आयी थी। शानदार फ्लैट में पेईंग-गेस्ट बन कर रहने लगी। दीदी का नाम सईदा था और वो करीब चालीस साल की बहुत ही खूबसूरत और खुशदिल औरत थीं। दीदी के पास एक बड़ा सा काले रंग का डोबरमैन कुत्ता भी था जिसे वो ‘जानू’ कह कर बुलाती थीं। ट्रेनिंग के लिये मुझे नारीमन पॉइन्ट के करीब जाना पड़ता था इसलिये मैं सुबह ही निकल जाती थी और शाम को लौटती थी। शाम को मैं खाना बनाने में दीदी की मदद करती और उनके कुत्ते जानू के साथ खेलती और टीवी देखती थी। उनके शानदार फ्लैट में तीन बेडरूम थे इसलिये मैं और सईदा आँटी अलग-अलग कमरे में सोती थीं। एक-दो हफ्तों में मैं सईदा आँटी से काफी वाकिफ हो गयी। सईदा आँटी काफी खुले और आज़ाद ख्यालों वाली थीं। हर रोज़ रात को खाने से पहले टीवी देखते हुए शराब के एक-दो पैग पीती थीं। मुझसे भी बॉय-फ्रेंड्स वगैरह के बारे में पूछती और अपने कॉलेज के दिनों में इश्कबाज़ी के किस्से और शादी से पहले गैर-मर्दों से अपनी चुदाई के किस्से भी मुझे सुनाती। लेखिका: शाज़िया मिर्ज़ा

एक दिन शाम को मैं घर आयी तो दीदी ने मुझे बताया कि उन्हें एक पार्टी में जाना है और उन्हें लौटने में रात को काफी देर हो जायेगी। उन्होंने मुझे हिदायत दी कि मैं दरवाजा ठीक से अंदर से लॉक कर लूँ और खाना खा कर सो जाऊँ और उनके लौटने का इंतज़ार ना करूँ। उनके पास बाहर से दरवाजा खोलने के लिये दूसरी चाबी थी। मैं खाना खा कर टीवी देखने लगी और टीवी देखते-देखते वहीं सोफे पर ही सो गयी। करीब आधी रात के वक्त दीदी वापस लौटीं तो मेरी नींद खुली। मैंने देखा कि दीदी काफी नशे में थीं। इससे पहले मैंने उन्हें कभी इतने नशे में नहीं देखा था। उन्होंने ऊँची हील के सैन्डल पहने हुए थे और नशे में उनके कदम ज़रा से लड़खड़ा भी रहे थे। “काफी मज़ा आया पार्टी में… आज थोड़ी ज्यादा ही पी ली”, दीदी मुस्कुराते हुए बोलीं। “तू फिक्र ना कर और अंदर जा कर सो जा…. सुबह जाना भी है तुझे…. मैं थोड़ी देर टीवी देखुँगी… मेरी सहेली ने एक इंगलिश मूवी की कैसेट दी है!” (उस ज़माने में सी-डी या डी-वी-डी प्लेयर नहीं थे) लेखिका: शाज़िया मिर्ज़ा उन्हें ड्राइंग रूम में छोड़ कर मैं अपने बेडरूम में जा कर सो गयी। सोते हुए मुझे करीब एक घंटा हुआ होगा जब सिसकरियों की आवाज़ से मेरी नींद खुल गयी। हालाँकि मुझे चुदाई का कोई तजुर्बा नहीं था लेकिन मैं बा‍ईस साल की थी और सैक्सी किताबों और ब्लू-फिल्मों की बदौलत उन सिसकरियों का मतलब बखूबी समझती थी।

लेकिन मुझे ताज्जुब इस बात का था कि दीदी के साथ आखिर था कौन। मैं बिस्तर से उठी और दरवाजे के पास जाकर बिना आवाज़ किये धीरे से थोड़ा दरवाजा खोला। जब मैंने ड्राइंग रूम में झाँक कर देखा तो मुझे अपनी नज़रों पर यकीन नहीं हुआ। दीदी ने जो सलवार-कमीज़ पहले पहन रखी थी वो अब सोफे पर एक तरफ पड़ी थी और उनके जिस्म पर इस वक्त सिर्फ एक छोटी सी ब्रा और उनके पैरों में वही ऊँची पेंसिल हील वाले सैन्डल मौजूद थे। सबसे हैरत की बात ये थी कि दीदी फर्श पर अपने हाथ और घुटनों के बल झुकी हुई थीं और उनका कुत्ता जानू पीछे से उनकी कमर के दोनों तरफ अपनी अगली टाँगें जकड़े हुए उनके चूतड़ों पर चढ़ा हुआ था और आहिस्ता-आहिस्ता झटके मार रहा था। दीदी की पीठ पर पुरी तरह से झुका हुआ वो कुत्ता सामने देख रहा था और उसके कुल्हे एक लय में दीदी के चूतड़ों पर आगे-पीछे ठुमक रहे थे। दीदी अपनी आँखें मूंदे सिसक रही थीं। करीब दो मिनट तक मैं हैरत-अंगेज़ आँखें फाड़े देखती रही और उसके बाद मेरे होशो हवास बहाल हुए। साफ ज़ाहिर था कि उस डोबरमैन कुत्ते के लन्ड से अपनी चूत चुदवाते हुए सईदा आँटी दुनिया जहान से बिल्कुल बेखबर थीं। फिर अचानक जानू ज़ोर से झटका मारते हुए दीदी की कमर पर और आगे झुक गया और उसके कुल्हे हैरत-अंगेज़ रफ्तार से आगे-पीछे चोदने लगे।

जानू के पिछले पैर ज़मीन पर फिसलने लगे थे लेकिन उसने चोदने की रफ्तार ज़रा भी कम नहीं की। “आऊ…! आआऊ…! ऊऊऊहहह…! ऊँआआऊ!” दीदी ज़ोर से कराहने लगीं और अपना एक हाथ नीचे से अपनी टाँगों के करीब ले गयीं। “ओहह नहींऽऽ! आआऊऊऽऽऽ! ऊँऽऽ…! मर गयीऽऽऽ!” कुत्ता जो भी कर रहा था उसकी हरकत से दीदी को तकलीफ हो रही थी। उनकी मुठ्ठियाँ फर्श के मुकाबिल जकड़ कर बंद और खुल रही थीं। उनका खुला हुआ मुँह दर्द से बिगड़ा हुआ था। “ऊँहहऽऽ आआईईऽऽऽ! मादरचोद…. जानू! आज फिर तूने अपनी ज़ालिम गाँठ अंदर ठूँस दी!” कराहते हुए सईदा आँटी फर्श पर ज़रा सा आगे की ओर खिसकीं तो कुत्ता भी उनके साथ चिपका हुआ खिंच गया लेकिन उनसे अलग नहीं हुआ। कुत्ते ने उसी तेज़ रफ्तार से चोदना ज़ारी रखा। मुझे साफ ज़ाहिर था कि दीदी तकलीफ में थीं। उनके खिसकने से अब वो दोनों साइड से मेरी नज़रों के सामने थे और मैं उनकी तकलीफदेह हालत साफ-साफ देख पा रही थी। कुत्ते के लन्ड की जड़ में गेंड जैसी फूली हुई गाँठ दीदी की चूत में पैंठ कर फंस गयी थी और दोनों एक दूसरे से वैसे ही जुड़ गये थे जैसे कुत्ता और कुत्तिया अक्सर आपस में चिपक कर जुड़ जाते हैं।“ऊँऊँऽऽ जानू…!” दीदी कराही पर फिर उन्होंने जूझना बंद कर दिया और अपनी गाँड हवा में कुत्ते के मुकाबिल और ऊपर ठेल कर अपना सिर फर्श पर टिका दिया।

जानू अभी भी ज़ोर-ज़ोर से आगे पीछे चोदना ज़ारी रखे हुए था। दीदी अब पुर-सकून हो गयी थीं तो कुत्ता बहुत तेज़ रफ्तार से छोटे-छोटे झटके मार कर चोद रहा था। जानू के कुल्हे लरजते और काँपते नामुदार हो रहे थे। मुझे फिर से दीदी की सिसकियाँ और कराहें सुनाई दीं लेकिन अब ऐसा लग रहा था कि एक बार फिर हालात उनके काबू में थे और अब उन्हें मज़ा आ रहा था। लेखिका: शाज़िया मिर्ज़ा मुझे भी एहसास नहीं हुआ कि मैंने कब अपनी नाइटी उठा कर पैंटी में हाथ डाल कर अपनी चूत सहलाना शुरू कर दिया था। मैंने देखा कि सईदा आँटी के ऊपर झुके हुए जानू ने अचानक अपने कुल्हे चलाना बंद कर दिये और उसी तरह बे-हरकत खड़ा हो गया। दीदी से कस कर चिपका हुआ कुत्ता ऐंठ कर काँप रहा था। उसकी आँखें भी शीशे की तरह जम गयी थीं। फिर उसने आहिस्ता-आहिस्ता अपने कुल्हे चला कर चोदना शुरू किया लेकिन एक-दो मिनट में ही फिर से बिल्कुल रुक गया। उस वक्त मुझे एहसास हुआ कि कुत्ते ने सईदा दीदी की चूत में अपना रस छोड़ दिया है। जानू तो निबट गया था लेकिन जब उसने दीदी से अलग होने की कोशिश की तो ज़ाहिर हो गया कि वो और दीदी अभी भी एक दूसरे से चिपक कर जुड़े हुए थे। “नहीं… जानू…! प्लीज़! रुक! जानु रुक!” दीदी ने उसे हुक्म दिया।

जानू भी फरमाबरदार था और दीदी की कमर से उतरने की और कोशिश नहीं की और मुँह खोलकर अपनी जीभ बाहर निकाले हाँफता हुआ उनकी कमर पर चढ़ा रहा। दीदी भी हाँफ रही थीं और गहरी साँसें ले रही थीं। “मेरा अच्छा बच्चा जानू!” वो प्यार से बोलीं, “नाइस बॉय! बस ऐसे ही रुके रहो!” जानू दीदी की पीठ पर निढाल सा हो गया और उनकी गर्दन और बालों को चाटने लगा। लेखिका: शाज़िया मिर्ज़ा दीदी बहुत ही एहतियात से आहिस्ता से खिसकीं ताकि उनकी चूत में फंसी कुत्ते के लन्ड की गाँठ पर खिचाव ना पड़े। ऐसे ही कुलबुलाते हुए सईदा आँटी थोड़ा और इधर उधर खिसकीं और अपना दाहिना हाथ अपनी टाँगों के बीच में ले जा कर अपनी चूत और कुत्ते के लन्ड को टटोला। फिर सईदा आँटी अपनी चूत सहलाने लगीं। बहुत ही चोदू नज़ारा था। दो-तीन मिनट में ही सईदा आँटी पूरे जोश में अपनी चूत अपने हाथ और उंगलियों से ज़ोर-ज़ोर से सहला रही थीं जबकि उनका आशिक-कुत्ता जानू उनकी कमर पर सवार था और उसका लन्ड उनकी चूत में फंसा हुआ था। इधर मैं भी अपनी चूत ज़ोर-ज़ोर से रगड़ रही थी। मुझे ये देख कर हैरत हुई कि कुत्ते ने फिर आहिस्ता-आहिस्ता अपने कुल्हे चलाने शुरू कर दिये। सईदा आँटी के हिलने डुलने और लन्ड से भरी चूत सहलाने से शायद जानू का लन्ड फिर से उकसा गया था। “नहीं जानू! फिर से नहीं! रुक..!”

दीदी कराहते हुए चींखी लेकिन वो खुद उस वक्त बहुत मस्ती में थीं और झड़ने के करीब थीं। कुत्ते ने ज़ोर-ज़ोर से अपने लण्ड दीदी की चूत में आगे-पीछे चलाने लगा था और दीदी भी अपने चूतड़ हिलाती हुई पूरे जोश में अपनी चूत रगड़ने लगीं। “आआआईईईऽऽ! आआऽऽऽ ऊँआआआईईईऽऽऽ!” दीदी की चूत में झड़ने की आगाज़ी लहरें फूटने लगीं तो वो मस्ती में कराहने लगीं। कुत्ते का लन्ड दीदी की चूत में वैसे ही कायम था और दोनों ने अपनी-अपनी मस्ती में डूबे हुए अपनी अलग-अलग ताल पकड़ ली। “ऊँहह आँहह ऊँऽऽ आँईईऽऽ!” दीदी ज़ोर-ज़ोर से कराह रही थीं। उनका चमकीला जिस्म ऐंठ गया था। एक हाथ अपनी चूत सहलाने में मसरूफ होने की वजह से वो एक ही हाथ के सहारे झुकी हुई थीं और उनके तने हुए मसल लरज़ते हुए अलग ही नज़र आ रहे थे। वो रुक-रुक कर लंबी साँसें लेती तो फुफकारने जैसी आवाज़ निकलती। कुत्ते ने बेहद जोश में दीदी की चूत में लन्ड पेल रहा था और दीदी भी वैसे ही डटी रही। दीदी की चूत में झड़ने की आखिरी लहरें दौड़ने लगीं तो उनकी ताल अहिस्ता हो गयी और उन्होंने अपना हाथ चूत से हटा लिया। एक बार फिर अपने दोनों हाथों और घुटनों के सहारे झुकी हुई स‍इदा आँटी अपनी कमर पर कुत्ते को सम्भालने लगीं।

कुत्ता भी वैसे ही झड़ने लगा जैसे कि पिछली बार झड़ा था। बस इतना फर्क था कि इस बार झड़ते हुए वो दो -तीन बार रिरियाया। “ओहह जानू! आँहह जानू!” स‍इदा आँटी सिसकीं, “ऊँह! आँह! उँहह.. ऊँह!” दीदी की सिसकियों और कुत्ते की रिरियाहट से साफ ज़ाहिर था कि कुत्ते के लन्ड से गरम शीरा सईदा आँटी की चूत में बह रहा था। दीदी उस वक्त जानू की कुत्तिया बनी हुई थी। कईं सारे हल्के-हल्के झटके मारते हुए जानू का झड़ना बंद हुआ और फिर से वो दीदी की कमर पर निढाल सा हो गया। “मादरचोद जानू! तूने फिर से चोद दिया! मेरी चूत दर्द कर रही है!” दीदी सिसकते हुए बोली, “बस अब ऐसे ही रुके रहो!” जानू को तो जैसे पहले से ही दीदी के इस हुक्म की उम्मीद थी। वो पहले से ही बिना हिले-डुले उनकी पीठ पर झुका हुआ था। दोनों थके हुए और ज़ाहिरन मुतमाइन थे। दीदी ने अपना सिर फर्श पर टिका दिया लेकिन अपनी गाँड कुत्ते के मुकाबिल उठी रहने दी जिसका लन्ड इस वक्त अपनी कुत्तिया की चूत में कस कर बंधा हुआ था। कैसी लगी हिंदी ऐनिमल सेक्स स्टोरी , रिप्लाइ जररूर करना ,

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दो चोरों ने मिलकर चूत फाड़ी http://sexkahani.net/%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a5%82%e0%a4%a4-%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a5%9c%e0%a5%80/ http://sexkahani.net/%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a5%82%e0%a4%a4-%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a5%9c%e0%a5%80/#respond Thu, 23 Mar 2017 11:15:39 +0000 http://sexkahani.net/?p=10420 हैल्लो दोस्तों, में एक शादीशुदा औरत हूँ और मेरी उम्र 34 साल है. मेरे पति एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते है, वो मार्केटिंग में है इसलिए वो अक्सर शहर से बाहर रहते है, मेरे दो बच्चे है, एक लड़का एक लड़की है. अब में आपको अपने बारे में बता दूँ में एक खूबसूरत औरत हूँ और मेरे बूब्स का साईज 40 होगा. अब में आपको ज्यादा बोर ना करती हुई सीधी अपनी स्टोरी पर आती हूँ.

यह बात दिसम्बर की है. में अपने घर में अपने बच्चों के साथ अकेली थी और बाहर काफ़ी ठंड थी और धुंध भी पड़नी शुरू हो गयी थी. अब खाना खाने के बाद बच्चे अपने कमरे में सोने चले गये थे. में काफ़ी टाईम तक टी.वी देखती रही और टी.वी देखते-देखते कब मेरी आँख लग गयी मुझे पता ही नहीं चला.

कुछ देर के बाद अचानक से कुछ टूटने की आवाज़ से मेरी नींद खुल गयी तो मैंने आस पास देखा तो कोई भी नहीं था. अब मेरे रूम की लाईट बंद थी और टी.वी चल रहा था. में उठी और टी.वी बंद किया, अब में समझी शायद टी.वी में से आवाज़ आई है. मैंने टी.वी बंद करके जैसे ही बाथरूम का दरवाजा खोला तो मेरे होश उड़ गये. अब मेरे सामने दो आदमी खड़े थी, जिनके चेहरे पर कपड़ा बँधा हुआ था और हाथ में चाकू था.

उनमें से एक आदमी ने मुझे धक्का मारा और अपने हाथों से मेरा मुँह बंद कर दिया, तो में कुछ भी समझ नहीं पाई कि क्या हो रहा है? अब में बहुत डर गयी थी और शायद इसी कारण मेरी चीख भी नहीं निकल पाई थी. अब तक उन दोनों ने मुझे कुर्सी पर बैठा दिया था और धीरे से एक आदमी बोला कि अगर तूँ चीखी तो समझ लेना कि यह तेरी आखरी चीख होगी. मेरी तरफ से कोई हरकत नहीं हुई और अब मेरी बॉडी डर के मारे काँप रही थी.

दूसरा आदमी मेरे कान के पास आकर बोला कि बता घर के सारे गहने और पैसे कहाँ पर रखे है? और यह कहते हुए दूसरे ने चाकू मेरी गर्दन पर लगा दिया. अब में समझ गयी थी कि यह दोनों चोर है. मैंने अपने मुँह में से दबी हुई आवाज निकाली, तो वो समझ गये कि में कुछ बोलना चाहती हूँ, तो एक ने मेरा मुँह खोल दिया.

में डरी हुई आवाज़ में बोली कि मेरे पास सिर्फ़ एक मंगलसूत्र और कान के झुमके है और मेरे पास कुछ भी नहीं है. तब दूसरा चोर चाकू दिखाता हुआ बोला कि साली सीधे से बताती है कि चाकू तेरे अंदर घुसेड़ दूँ. में बोली कि में सच कह रही हूँ. वो चोर बोला कि बता घर में और कौन है? तो में बोली कि सिर्फ़ में और मेरे बच्चे. उन दोनों ने मुझे कुर्सी से बांधना शुरू कर दिया और एक चोर मेरे पास खड़ा रहा और दूसरा चोर कमरे का सामान देखने लगा.

में बोली कि में सच कह रही हूँ मेरे पास इस समय कुछ भी नहीं है, सब बैंक के लॉकर में है. मेरी बात सुनकर एक ने मुझसे अलमारी की चाबी माँगी, तो में कुछ नहीं बोली. तब एक बोला कि साली बताती है या तेरे बच्चो को मार दूँ. अब में बहुत डर गयी थी और उनको चाबी दे दी. उन्होंने पूरी अलमारी और बाकी का सामान चैक कर लिया मगर उनको कुछ भी नहीं मिला. वो दोनों चोर गुस्से से मेरे पास आए और मेरा मंगलसूत्र और कान से झुमके उतारने लगे, तो में कुछ नहीं बोली.

अब में समझी कि शायद अब यह दोनों चले जाएँगे, लेकिन मेरी सोच ग़लत थी. अब मेरा मंगलसूत्र उतारते समय एक चोर के हाथ मेरे मोटे-मोटे बूब्स पर चले गये. वो तभी अपने साथी से बोला कि यार क्या हुआ अगर माल नहीं मिला? यह माल तो हमें जरूर मिलेगा. अब उसके हाथ मेरे बूब्स पर थे, तो में डर गयी और बोली कि प्लीज़ मुझे जाने दो, में दो बच्चो की माँ हूँ. दूसरा चोर बोला कि तीसरे बच्चे की माँ बनने के लिए तैयार हो जा.

अब मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था, वो दोनों ही चोर काफ़ी लंबे ऊँचें थी. अब उन दोनों ने अपने मुँह के कपड़े खोल लिए थे, अब वो दोनों मुझे ललचाई नजरों से देखने लगे थे. एक ने मेरे ब्लाउज के हुक खोलने शुरू कर दिए. अब मेरे ब्लाउज के सभी हुक खुल चुके थी, अब मेरे मोटे-मोटे बूब्स मेरी ब्रा से बाहर आ रहे थे. वो दोनों मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरे बूब्स को दबाने लगे.

अब एक ने मेरी ब्रा का हुक भी खोल दिया था और अब मेरे दोनों बूब्स आज़ाद थे. उन दोनों ने मेरा एक-एक बूब्स पकड़ लिया और जोर-जोर से दबाने लगे. अब मेरी आँखों से आँसू निकलने शुरू हो गये थे. मैंने उनसे बहुत मिन्नते की मगर वो दोनों कहाँ मानने वाले थे? एक ने मुझे खोल दिया और मेरी साड़ी को मेरी टाँगों से ऊपर तक उठा दिया. अब वो दोनों यह सब कुछ बहुत जल्दी-जल्दी कर रहे थे. अब में समझ गयी थी कि मेरे साथ क्या होने वाला है? वो दोनों मुझे कुर्सी से उठाकर बेड पर ले गये.

अब मेरे बूब्स नीचे लटक रहे थे और अब उन दोनों के लंड पेंट में खड़े हो गये थे. अब वो दोनों मेरे बूब्स को जोर-जोर से चूस रहे थे. अब मुझे भी कुछ होने लगा था और अब में कुछ नहीं बोल रही थी. तो तब एक चोर बोला कि साली क्या बूब्स है? दिल करता है कि चूस-चूसकर लाल कर दूँ. अब मेरे दोनों निपल्स लाल हो चुके थे, अब मुझे भी मजा आने लगा था.

इतने में एक ने मेरी साड़ी खोल दी और मेरे पेटीकोट का नाड़ा ढूँढने लगा और जब उसे नाडा नहीं मिला तो उसने मेरा पेटीकोट मेरी जांघों से ऊपर तक उठा दिया. मैंने नीचे पेंटी नहीं पहनी थी तो मेरी चिकनी चूत देखकर उन दोनों की आँखे फट गयी, अब वो दोनों पागल हो गये थे. वो दोनों खड़े हुए और उन दोनों ने अपनी पेंट उतार दी, उन दोनों का लंड उनका अंडरवेयर फाड़कर बाहर की तरफ आ रहा था. जैसे ही उन दोनों ने अपने अंडरवेयर खोले, तो मेरी आँखे फटी की फटी ही रह गयी एक का लंड 9 इंच का तो दूसरे का 8 इंच से कम नहीं होगा.

एक चोर ने मुझे बेड पर सीधा लेटाकर अपना 9 इंच लंबा लंड मेरी चूत के लिप्स पर रख दिया और दूसरे ने अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया. अब में उसका लंड लॉलीपोप की तरह चूसने लगी थी. अब वो दूसरा वाला धीरे-धीरे अपना लंड मेरी चूत में डालता जा रहा था. अब में दर्द से पागल हो रही थी मगर में चीख भी नहीं सकती थी, क्योंकि एक लंड मेरे मुँह में था.

उसने अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया और आगे पीछे धक्के मारने लगा. अब मुझे भी मज़ा आने लगा था और अब मेरे मुँह से उम्म्म्म, आह की आवाजे आने लगी थी. अब मुझे उसका लंड चूसना अच्छा लग रहा था, अब पूरे कमरे में छप-छप की आवाजे आने लगी थी. कुछ देर के बाद एक चोर ने मेरे मुँह में ही अपना वीर्य गिरा दिया मगर नीचे वाला फुल स्पीड में अंदर बाहर कर रहा था.

उसने भी एक ज़ोरदार झटका मारकर अपना वीर्य मेरी चूत के अंदर ही गिरा दिया और ऊपर वाले चोर का वीर्य मेरे गले के अंदर जा रहा था. कुछ देर तक लेटे रहने के बाद में बाथरूम की तरफ भागी कि कहीं में सच में गर्भवती ना हो जाऊं. जब में वापस आई तो मैंने देखा कि वो दोनों चोर अपने कपड़े पहनकर वहाँ से भाग चुके थे. अब मुझे अपने आपसे शर्म और हँसी दोनों आ रही थी. मैंने ज़िंदगी में भी नहीं सोचा था कि इस तरह दो चोर मुझे चोदोंगे.

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सगी बहनों को पिलवाया लंड का रस http://sexkahani.net/%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b2%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%95/ http://sexkahani.net/%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b2%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%95/#respond Thu, 23 Mar 2017 11:07:26 +0000 http://sexkahani.net/?p=10412 हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रशीद है और में जम्मू से हूँ में इस साईट का बहुत बड़ा फैन हूँ और जो स्टोरी में आप लोगों को बताने जा रहा हूँ, वो बिल्कुल सच्ची कहानी है, तो में आपका समय ख़राब ना करते हुए सीधा स्टोरी पर आता हूँ.

मेरे दो बहनें है एक मुझसे छोटी है और उसको हम प्यार से छोटी बोलते है और एक मेरी बड़ी दीदी जो एक मस्त माल है. मेरी दीदी के ऊपर मेरी हमेशा नज़र थी, उनके फिगर का साइज़ 36-32-36 है और वो दिखने में एक पटाखा थी और मैंने छोटी को सेक्स के बारे में बचपन से ही सिखा दिया था और हम दोनों सेक्स से संतुष्ट भी थे और छोटी और में बिल्कुल पति-पत्नी की तरह ही घर में रहते थे और मेरी माँ हाऊसवाईफ है और पापा सरकारी कर्मचारी है. वो दोनों हमेशा काम में व्यस्त रहते है और छोटी और में हमेशा मेरे रूम में सेक्स करते थे.

मैंने छोटी को हमेशा मेरे लंड का जूस पीने के लिए बोला था और वो बहुत भोली है और मैंने उसको यह बोला था कि अगर वो मेरे लंड का जूस नही पियेगी तो भविष्य में बहुत प्रोब्लम आ सकती है. वो पिछले 3 साल से मेरे लंड का जूस हर रात को दूध में मिला कर पीती थी और माँ 2 दूध के ग्लास छोटी के हाथ में देती थी और छोटी हमेशा मेरे रूम में ले कर आती थी और में अपना दूध पी कर छोटी को रात में बिना कंडोम के चोदता था और सारा जूस छोटी के दूध के ग्लास में मिला देता था और वो भी बहुत जल्दी पी लेती थी और अब तो उसकी आदत हो गई है.

एक दिन क्या हुआ? पापा ऑफिस के काम से बाहर गये हुए थे और माँ एक बाबा के प्रवचन सुनने के लिए बाहर गई हुई थी. तभी पूरे घर की जिम्मेदारी मेरी बड़ी बहन ले रही थी, तो हमेशा माँ दूध देने के लिए छोटी को भेजती थी. दीदी को कुछ भी पता नहीं था और अचानक दीदी ऊपर मेरे कमरे में आई, तो देखा कि छोटी बहुत हंस रही है. दीदी ने सोचा कि क्या बात है? तो दीदी ने खिड़की से देखा, छोटी पूरी नंगी थी और में उसकी चूत को अपनी जीभ से चाट रहा था.

दीदी यह देखकर बहुत गुस्सा हो गई और कुछ नहीं बोली और आगे क्या हो रहा है देखने के लिए वो वहीं रुकी रही. फिर सब ख़त्म होने के बाद मैंने छोटी से बोला कि छोटी अब तेरा जूस पीने का टाईम हो गया है. तुम्हारा दूध का ग्लास लाओ तभी छोटी ने कपड़े पहने और दूध का ग्लास लाने के लिए दरवाजा खोला, तो दीदी बाहर खड़ी थी और शरमा भी रही थी, क्योंकि में नंगा था और छोटी को चोदने के कारण मेरे लंड पर पानी लगा हुआ था, तो बड़ी दीदी बोली तुम लोग यह सब करने के लिए एक साथ सोते हो तुम दोनों कैसे भाई बहन हो.

फिर छोटी ने दीदी से बोला कि पता है दीदी, सॉरी, लेकिन भैया मुझे पिछले 3 साल से चोदते आ रहे है और में उनके लंड का पानी पीती हूँ, ताकि मुझे भविष्य में कोई प्रोब्लम ना हो. दीदी मेरी तरफ गुस्से से देखने लगी मैंने, तो सोचा आज तो मेरी वॉट लग गई. दीदी ने बोला में आज माँ को बताऊँगी कि तुम लोग क्या करते हो.

हम दोनों ने दीदी के पैर पकड़कर माफी माँगी और में अभी भी नंगा था. तभी दीदी ने बोला कि तूने ऐसी हिम्मत कैसे की बड़ी बहन के होते हुए, तभी मैंने बोला कि दीदी में समझा नहीं? दीदी बोली कि तू आज तक छोटी को जो करता आ रहा है, वो आज से मेरे साथ भी करेगा और हम दोनों दूध में मिला कर तेरा पानी पीयेगें. मेरी तो लॉटरी लग गई थी, अब तो ज्यादा जूस निकालना पड़ेगा.

फिर दीदी, छोटी और में नीचे गये और हम दोनों ने दीदी को चोदने के लिए तैयार किया. में दीदी को नहाने के लिए बाथरूम में ले गया और वहाँ उनके होंठ और चूत को पानी के साथ चाटने लगा. दीदी मेरी पहली चुदाई में पागल हो गई थी, वो बार बार मेरे बाल पकड़कर उनके बूब्स को मसल रही थी. फिर मैंने दोनों बहनों को सुहागरात के लिए तैयार किया और फिर दोनों को नहला कर सफ़ेद ब्रा और पेंटी पहना दिया. फिर दीदी 4 ग्लास दूध गर्म के लाई.

दीदी ने मुझसे बोला कि अब हम आज कुछ अलग करेंगे तू हमारी चूत का पानी अपने दूध के ग्लास में मिला कर पी. मैंने बोला ठीक है आप की मर्ज़ी. दीदी और छोटी ने अपनी चूत से पानी निकालकर मेरे दूध के ग्लास में डाल दिया और मैंने उसको पी लिया. उसके बाद मैंने छोटी से बोला कि देख तुझे में 3 साल से चोद रहा हूँ, तो आज में दीदी को संतुष्ट करूँगा, तू हमारा साथ देना. तभी छोटी हमारे नीचे अपनी जीभ से मेरे लंड और दीदी की चूत चाट रही थी.

फिर दीदी बोली की मेरी चूत साफ कर और दीदी ने छोटी को बोला कि मुझे ऊपर आकर किस कर, में दीदी की चूत में उंगली डालकर सेक्स करने लगा और दीदी और छोटी दोनों पागलों की तरह किस कर रहे थे. तभी मैंने अपना लंड बिना कंडोम के दीदी की चूत में डाल दिया, दीदी चिल्लाने लगी कि क्या कर रहा है? रशीद मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

तभी छोटी बोली दीदी दर्द पहले पहले होगा, उसके बाद तो मज़ा ही मज़ा है. फिर मैंने दीदी को बहुत चोदा और दीदी पागलों की तरह चिल्ला रही थी और सिसकियाँ निकाल रही थी. फिर मैंने दीदी से बोला कि आप की गांड दिखा दो, मुझे चोदना है. फिर दीदी ने अपनी गांड पीछे कर दी, मैंने ज़ोर से धक्का दिया और चोदने लगा और दीदी बोलने लगी कि ऱशीद आज तूने मेरा दिल जीत लिया.

अब तू मुझसे जैसा बोलेगा में वैसा ही करुँगी. में आज से तेरी गुलाम हूँ और मैंने दीदी से बोला कि आपको मेरा लंड चाटना है, दीदी बोली कि उसके लिए तो में कब से बेताब हूँ, ला दे और लंड को आइसक्रीम की तरह चाटने लगी. फिर दीदी बोली कि चल रशीद मुझे और छोटी को दूध पीना है और हमें तेरे इस गर्म पानी से दूध पीला दे.

मैंने बोला कि दीदी अगर असली दूध पीना है, तो अपना मुँह खोलो और यह गर्म पानी पी लो, इसमें दूध की कोई ज़रूरत नही है और छोटी और दीदी दोनों मेरा लंड चूसने लगी और मेरे लंड का पूरा पानी पी गई. उस दिन से मेरे बेडरूम में छोटी या बड़ी बहन में से एक जरुर होती है और में अब कंडोम का इस्तेमाल करता हूँ और अपनी दोनों बहनों की चुदाई करके उन्हें संतुष्ट करता हूँ और में भी मजे लेता हूँ.

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इंग्लिश टीचर के मुहं में लंड डालकर चुस्वाया http://sexkahani.net/%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b6-%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%9a%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b9%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b2/ http://sexkahani.net/%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b6-%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%9a%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b9%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b2/#respond Thu, 23 Mar 2017 11:05:50 +0000 http://sexkahani.net/?p=10410 English Teacher Ke Muhn Mein Lund Daalkar Chuswaya :

हैल्लो दोस्तों, ये करीब जून के शुरू की बात है, तब मेरे एग्जॉम ख़त्म हो चुके थे। मेरी इंग्लिश की मेडम बहुत ही सेक्सी है और उसके शानदार बूब्स है और वो कपड़े भी ऐसे पहनती है कि उसके जिस्म का कुछ हिस्सा नजर आता रहता है। वो जैसे ही क्लास में आती थी तो उसके निप्पल खड़े होते थे, वो टाईट कमीज पहनती थी और उसकी ब्रा भी निप्पल के खड़े होने की वजह से टाईट रहती थी, उसके निप्पल अपना निशान उस पर बना लेते थे, फिर पढ़ाई तो भाड़ में ही जानी थी। उनका नाम सुनीता है, उनकी उम्र 28 साल है, वो दिखने में बहुत ही सेक्सी है, उनकी हाईट 5 फुट 3 इंच है और उनकी बहुत टाईट बॉडी है, उसकी शादी हो चुकी है, लेकिन वो अपने पति से खुश नहीं थी।

ख़ैर फिर में इंग्लिश का पेपर लेकर उनके घर पेपर के बारे में बातचीत करने गया, तो वो सलवार कमीज में बहुत खूबसूरत लग रही थी, उसकी कमीज थोड़ी छोटी थी। उनके घर में इतना शोर नहीं था ऐसा लगता था जैसे कोई भी ना हो। फिर उसके बाद उन्होंने मुझसे कहा कि में बुक लाती हूँ फिर डिसकस करते है। फिर थोड़ी देर के बाद उन्होंने मुझे अपने कमरे से आवाज़ दी और कहा कि यहाँ आ जाओ, तो में चला गया। अब बुक उनके कमरे में किसी ऊँची जगह पर रखी थी, उफ क्या सीन था? अब मेडम बुक को लेने के लिए ऊपर होती, तो उनकी शर्ट भी ऊँची हो जाती और मुझे उनकी पीठ नजर आती। अब मेरा तो उसी वक़्त खड़ा हो गया था। फिर में उनके पास गया और उनसे कहा कि मेडम में आपको उठाता हूँ, तो आप बुक को उतार लेना। फिर उन्होंने कहा कि तुम मुझे उठा सकते हो? तो मैंने जल्दी से जवाब दिया हाँ मेडम। फिर उन्होंने कहा कि ठीक है तो आज तुम्हारा ज़ोर देख लेते है।

फिर उन्होंने कहा कि तुम मुझे पीछे से उठाकर ऊँचा करो और में बुक उतारती हूँ और इससे तुम्हारे ज़ोर का पता चल जाएगा। अब में तो चाहता ही यही था तो में मान गया, उफ़फ्फ अब मेरे तो पसीने छूट रहे थे। फिर मैंने उसको उनके कूल्हों के नीचे से उठाया और उनका वजन ज्यादा था, लेकिन मैंने उसे उठा ही लिया। अब उनके कूल्हें मेरे पेट से लग रहे थे और अब वो अभी ऊपर बुक खोज रही थी और मुझसे पूछा कि थके तो नहीं, तो मैंने कहा कि नहीं। फिर मैंने उसे थोड़ा सा नीचे किया तो अब उनके कूल्हें मेरे खड़े हुए लंड के साथ लगने लगे थे, लेकिन उन्होंने कुछ भी नहीं कहा। अब मुझे तो ऐसा लग रहा था कि मेरी बरसों की ख्वाइश पूरी होने जा रही है। फिर मैंने पूछा कि मेडम बुक मिली या नहीं तो उन्होंने कहा कि सब्र करो। फिर मैंने आहिस्ता-आहिस्ता अपना एक हाथ उनकी शर्ट के नीचे ले जाना शुरू किया, तो उनको लगा कि में थक गया हूँ और वो फिसल रही है।

ख़ैर अब मेरे हाथ उनकी बॉडी को लगने लगे थे, अब मेरा लंड तो बस मेरी अंडरवेयर को फाड़ने लगा था। फिर उन्होंने तुरंत मुझसे कहा कि तुम मुझे उतार दो, तो मैंने जल्दी से उन्हें उतारा, उफ़फ उनके कड़क निप्पल। अब मेरे अंदर तो करंट दौड़ रहा था। फिर उन्होंने कहा कि बुक नहीं मिल रही है, में तुम्हारे लिए कुछ पीने को लाती हूँ और फिर ऐसे ही पेपर के बारे में बातचीत कर लेंगे। फिर मैंने कहा कि ओके, तो वो किचन में चली गयी। अब में कमरे में अकेला था तो मैंने अपने लंड को जल्दी से हाथ लगाया और दबाया ताकि मेरे लंड से जल्दी ही पानी निकल जाए और मुझसे मेडम के साथ कोई गलती ना हो जाए। उनके पति आर्मी में है और वो शायद वहाँ गया हो। ख़ैर अभी मैं अभी अपना लंड दबा ही रहा था कि मेडम शरबत लेकर आ गयी और वो कब किचन से निकली मुझे कुछ पता ही नहीं चला। अब उन्होंने मुझे लंड को दबाते देख लिया था, तो मैंने जल्दी से अपने लंड पर से अपना हाथ हटा लिया।

अब मैं किसी हद तक तो चाहता था कि मेडम मुझे देखे, क्योंकि मुझे उन्हें गर्म करना था। फिर मेडम ने मुझे स्माइल दी और पूछा कि ये क्या कर रहे थे? तो मैंने कहा कि कुछ नहीं। फिर मैंने शरबत लिया और वो दरवाज़े की तरफ बढ़ी और दरवाज़ा लॉक कर दिया। फिर मैंने उन्हें हैरान होकर देखा तो उन्होंने कुछ नहीं कहा और मेरे पास आकर बैठ गयी। अब वो मेरे इतनी पास बैठी थी कि में दूर नहीं हो सकता था। फिर मैंने उनकी आँखों में देखा तो ऐसा लग रहा था कि वो अब तक सेक्स की तलाश में है। फिर मैंने उनको टच करना चाहा, लेकिन में डर रहा था। फिर उसके बाद उन्होंने मुझसे पेपर लिया और फेंक दिया और पूछा कि तुमने पहले कभी किया है? तो मैंने पूछा कि क्या? तो उन्होंने कहा कि अंजान मत बनो। फिर में दिल ही दिल में खुश हुआ और उन्हें जवाब दिया जी हाँ एक बार किया है। फिर उन्होंने पूछा कि क्षकश या क्षकशकश। तो मैंने जानबूझकर उनसे पूछा कि इनका मतलब क्या है? तो उन्होंने कहा कि सिर्फ किसिंग, टचिंग या चुदाई। फिर मैंने तो चुदाई का नाम सुना तो मैंने तुरंत जवाब दिया कि हाँ मेडम।

फिर मुझसे बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हुआ तो मैंने जल्दी से उनके दोनों हाथों से पकड़ा और सोफे पर लेटा दिया और उन्हें किस करने लगा, तो उन्होंने कुछ भी नहीं कहा। अब में गर्म हो गया था, फिर मैंने उन्हें फ्रेंच किस किया और अब मेरा लंड तो बस फुल हार्ड था, मैंने शर्ट पेंट पहनी हुई थी। फिर मैंने उनके बूब्स पर बहुत देर तक किस किया, अब उनके बूब्स तो उनकी शर्ट के ऊपर से भी थोड़े-थोड़े नजर आ रहे थे। अब वो भी गर्म हो गयी थी और मेरी किसिंग उन्हें और गर्म करती जा रही थी। अब उन्होंने सोफा पकड़ लिया था और जो में करना चाहता था मुझे करने दिया। फिर मैंने उनकी शर्ट उतारी और अपनी शर्ट भी उतार दी। अब वो इतनी गर्म हो चुकी थी कि वो लाल हो रही थी। फिर मैंने उनकी सलवार उतारी और उसके बड़े-बड़े कूल्हों को दबाने लगा। फिर मैंने अपनी पेंट उतारी और अंडरवेयर भी उतार दी और उससे कहा कि मेडम प्लीज उल्टी हो जाओ, तो उन्होंने मुझसे कहा कि चुदाई करोगे।

फिर मैंने कहा कि अब मुझसे कंट्रोल नहीं होता। फिर उनके बूब्स सोफे से टच हुए तो दबने लगे और में उन्हें किसिंग करने लगा और उनकी कमर पर अपना हाथ फैरने लगा, तो उन्हें बहुत मज़ा आया। फिर में उनकी पीठ पर लेट गया तो मेरा लंड उनकी चूत से टच हुआ। अब मेरा लंड भी गर्म था और उनकी चूत भी गर्म थी। फिर मैंने उनकी ब्रा को पीछे से खोला और उतारकर फेंक दिया तो उनके बूब्स तो जैसे आज़ाद हो गये हो और ज्यादा खड़े हो गये। फिर मैंने उनके बूब्स को बहुत ज्यादा दबाया और फिर उन्हें सीधा किया और उनके बूब्स को चूसा उफफफ्फ़ क्या टेस्ट था उनके बूब्स का? फिर मैंने उनके निपल्स को चूसने के बाद उनकी दोनों टाँगें सीधी की और ऊपर कर दी और अपना लंड उनकी चूत में डाला, क्या टाईट चूत थी उनकी? फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत में अंदर किया तो मेरा लंड थोड़ा ही अंदर गया और उससे मज़ा आया। अब वो आह, ओह, प्लीज और जैसी आवाजे निकाल रही थी। फिर मैंने थोड़ा और ज़ोर लगाया तो मेरा पूरा लंड उनकी चूत में चला गया और वो बहुत तेज चीखी, लेकिन उन्होंने मुझे रोका नहीं।

फिर मैंने अपना लंड अंदर बाहर अंदर बाहर करना शुरू किया और करीब 30-40 मिनट तक उनकी चुदाई की। अब मेरा पानी निकल आया था और उनका भी पानी निकल गया था, उफफफ्फ क्या दिन था? मैंने कभी सोचा भी नहीं था। फिर उन्होंने मुझसे कहा कि अब तुम मेरे मुँह में अपना लंड डालो। फिर मैंने थोड़ी देर तक और उनकी चुदाई की और उनके बाद उनके मुँह में अपना लंड डाल दिया और उसे अंदर बाहर करने लगा, तो मुझे बहुत मज़ा आया। फिर 15 मिनट के बाद उन्होंने मुझसे कहा कि अब बस करो मेरे पति आते ही होंगे, अब तुम जाओ। फिर मैंने उनके पूरे जिस्म पर किसिंग की और फिर अपने कपड़े पहने और उसे फ्रेंच किस देकर कहा कि मेडम आप चाहती है कि में फिर आऊँ। फिर उन्होंने कहाँ कि मुझे अपना मोबाईल नंबर दे दो, जब भी मेरे घर पर कोई नहीं होगा तो में तुम्हें बुला लूँगी। फिर मैंने कहा कि ठीक है, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि तुम मुझे फोन नहीं करोंगे, तो मैंने कहा कि ठीक है। फिर मैंने उसे अपना मोबाईल नंबर दिया और अब तक में उसे 3 बार चोद चुका हूँ ।।

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बस में बिना कंडोम के ही पेल दिया चूत में लंड http://sexkahani.net/%e0%a4%ac%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%b2/ http://sexkahani.net/%e0%a4%ac%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%b2/#respond Thu, 23 Mar 2017 11:03:23 +0000 http://sexkahani.net/?p=10408 हाय मेरा नाम अनीता हे उम्र २१ साल हे और हॉट हूँ. बहोत लड़के लाइन मारते थे. लेकिन मेने कभी भी भाव नहीं दिया. क्यू की मुझे इन सब में इतना इंटरेस्ट नहीं था. और कोई मेरे स्टेट्स जितना था भी नहीं. तो मुझे गुरुर था की मुझे कोई भी कभी भी कोई लड़का मिल सकता हे. जब में चाहू पर ये बात गलत निकली. उए एक्सीडेंट के बाद वेसे मव बेजिक्ली मुंबई से हूँ. बीएम्एस कर रही हूँ. में डायरेक्ट इंसिडेंट पे आती हूँ जो के २ महीने पहले हुआ था में दिवाली के हॉलिडे के कारण अपनी नानी के वहा रहने जा रही थी. जो औरंगाबाद में हे.

मेने ट्रावेल्स की एक स्लीपर बुक की क्यू की में एक काफी रीच फेमिली से बिलोंग करती हूँ इसलिए कम्फर्ट का हमेशा ख्याल रखती हूँ. मेने सामान पेक किया और मोम एंड भाई मुझे छोड़ने आए. में सीएसटी से बस में चढ़ी और बाय वगेरा करके बेठ गई. और बस कुछ दूर जाने के बाद शायद शांताक्रुज के पास रुकी जहा पर मेरी सामने वाली सिट पर एक लड़का आया.
उसे देखते ही में देखती रह गई. वो बहोत ही हॉट दिख रहा था. सावला वेल ब्लू जीन्स टी –शर्ट और सपोर्ट सूज पहने हुए थे. उसकी स्माइल बड़ी ही कमाल की थी. और आईज भी मेने आस पास देखा तो तो कुछ और लेडीज भी उसी को देख रही थी. पता बही क्यू में उससे बात करना चाहती थी. हालाके मेने कभी किसी को इतना भाव भी नहीं दिया था.

पर मेने आइडिया ड्राप कर दिया और उसने भी अपने बेड पे लेट के पर्दा लगा दिया और में भी अपने सेल में फोन करने लगी. रात के करीब १२ बजे एक जगह बस रुकी. और वो निकला मुझे मौका मिला और मेने कहा क्या तुम मुझे एक पानी की बोटल ला दोगे…? तो उसने जस्ट मेरी तरफ देखा और कुछ नहीं कहा मुझे बहोत ही गुस्सा आया उसका अटीट्यूड देख कर और जब वो वापस आया तो सोचा था उसे सुनाउंगी खूब पर वो दो बोटले लाया था.

एक खुद के लिए और एक मेरे लिए. मेने बोटल लेते हुए थैंक्स कहा. और पेसे दिए तो उसने चुपचाप पेसे लिए और बेठ गया. और मुझे कुछ समज में नहीं आ रहा था. तो में उसके बेड के पास गयी और पूछा क्या वह बेठ सकती हूँ…? तो उसने थोडा साइड हो कर जगह बना दी और मेने देखा ये सब लास्ट सिट से एक आंटी और अंकल देख रहे हे. पर्दा के अन्दर से तो मेने उससे पूछा की क्या तुम बोल नहीं सकते. और वो हस पड़ा और बोला बोल सकता हूँ.

और में भी मुस्कुरादी. मेने उसका नाम पूछा तो बोला अजय. फिर हमारी यही बाते चली और में उसके बारे में पूछने लगी. में, ‘तुम क्या करते हो..?

अजय ’इंजीनियरिंग’,
में; कहा से…?

अजय; औरंगाबाद से.

में; कौन से इयर में हो.?

अजय; क्या तुम पुलिस वाली हो..? इतने सवाल पीछ रही हो…

मेने सॉरी कहा और वहा से जाने लगी तो उसने सॉरी कहा और और कहा ३rd इयर और बोला वो थोडा परेशां हे इस लिए गुस्से में बोला तो हमलोग ने यही बाते की और फिर वो मेरे बारे में पुच्च्ने लगा.

थोड़ी देर बाद उसको कोई कॉल आई और वो एस मेम निकल चूका हूँ. हां जान सुबह मिलते हे. एसा कहा और फोन रखने के बाद मेने उससे पूछा गर्लफ्रेंड थी..? तो उसने ना कहा तो मेने पूछा कौन था फिर ,तो बोला कोई नहीं जुज़ एसी फ्रेंड, मेने पूछा तुम्हारी गर्लफ्रेंड का नाम क्या हे..? तो उसने बोला आई डोंट हेव एनी गर्लफ्रेंड तो फिर मेने कहा झूटे तुम इत्बे अच्छे दीखते हो पर्सनालिटी भी मस्त हे तो क्यू नहीं हे..?

उसने कहा गर्ल फ्रेंड के लिए टाइम नहीं हे. इत्ने में बस की लाइट ड्राईवर ने ऑफ कर दिया. पर में वही बेठी रही और कीछ सूज नहीं रहा था.तो मेने कहा क्या में यहाँ बेठ सकती हूँ..? तो उसने और जगह बना दी. वो सिंगल बेड था इस लिए मेरे बूब्स उसके आर्म पर टच हो रहे थे. और बहोत ही अच्छा फिल हो रहा था. और में सोचने लगी की ये मेरे स्टेट्स का हे हॉट भी हे और कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं हे. और इसे में अपना बना लेती हूँ.तो मेने उसके हाथ पर हाथ रखा और कहा मुझे तुम अच्छे लगते हो.

और मेने कभी किसी लड़के को इतना भाव नहीं दिया. पर तुम हटके हो क्या तुम मेरे साथ रिलेसन रखोगे..? फुर्थेर शादी भी करुँगी तुमसे. वो थोडा सेंटी हो गया और मेरा हाथ हटा दिया. और बोला वे सिर्फ अट्रैक्शन हे और तुम मेरे बारे में कुछ जानती भी नहीं हो तो प्लीज् स्टॉप आल धिस एंड गेट बेक तो योर सिट.

मुझे बहोत ही हर्ट हुआ और मेरे आंसू निकल ने लगे क्यू की मेने कभी नहीं सोचा था की कोई लड़का मेरे साथ एसा करेगा. और उसे भी चूता लगा वो मेरे आंसू पूछने लगा. और हग किया तो में भी उसे टाईटली जकड लिया. और कुछ देर बाद उसे किस करने लगी. और वो भी किस करने लगा और पता नहीं कितने टाइम तक किस किया. बट वो बड़ा ही एक्सपर्ट लग रहा था.

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किस में, फिर हम अलग हुए और मेने पर्दा ठीक किया और हम दोनों लेट गए. और मेने उसे फिर किस किया और उसकी जिन्स के उपर से इसका लंड दबाने लगी. और वो भी मेरे बूब्स दबाने लगा. वो कहने लगा यू गोत गाद पर्स ऑफ़ ३२ड में हेरान रह गयी. और मेने पूछा तुम्हे केसे पता पर उसने कुछ नहीं कहा और मेने फिर ज़िप खोली और उसका लंड बहार निकाला और जगह चेंज करके उसके लंड को सुक किया.

मुझे साइज तो नहीं पता पर मोटा था. और आधा ही मुह में ले पायी और कुछ देर तक सक किया पर वो आराम से लेटा था. और बूब्स को प्रेस कर रहा था. में उसकी जिन्स की जिप खोलने लगी. तो ही स्टॉपड में और कहा सेक्स नहीं. करेगा. सिर्फ इंटिमेट होना हे तो इट्स ओके और फधेर रिलेसनशिप या मेरेज सोचना भी नहीं. तो मुझे बहोत ही ज्यादा चूता लगा. और वह मेरे आधे बाबस टॉप और ब्रा से बहार ही थे. मेने कपडे बराबर किये और पूछा क्यू क्या कमी हे मुज्मे तो उसने कहा की कांट बी इन रेलेसनशिप तो मेने उसे वजह पूछी बट उसने नहीं बताई. तो मेने कहा ठाट रियली वांट तो बी विथ यू बट वो कुछ नहीं बोला तो मेरे काफी पूछने पर बाद में उसने कहा उसकी फेमिली नहीं हे मोम डेड का एक्सिडट हुए ५ साल हो गए और उसके चाचा चाची ने १२ तक पढाया. और फिर जॉब पे जाबे को कहा बट वो हॉस्टल में रह कर फुर्थेर पढाई कर रहा हे और एक्स्पेसिवे के लिए उसे गिगोलो बनाना पड़ा तो मुझे उस पैर नहोत ही तरस आया.और चूता भी लगा.

मेने सोरी कहा और बोला तुम मेरे साथ एक बार सेक्स करो में पेसे दूंगी बट उसने मन किया और बोला बिना कंडोम उसने किसी के साथ भी नहीं किया. और ना करेगा. तो मेने बोला आज कार्लो बिना कंडोम के बहोत मजा आएगा बहोत मजा आता हे. वो मुस्कुराया और कहा वो जिनका फोन आया था उस मेम को माँ बनना हे इसी लिए में तुम्हारे साथ सेक्स नहीं कर सकता. वारबा सप्रेम ख़तम हो जाएगा. तो मेने उसका नम्बर माँगा और उसने मुझे दे दिया. और फिर हम वही सो गए और सुबहे करीब ७ बजे औरंगाबाद पहोंचे. हम उठे और सामन ले कर बहर निकले और निचे उतरे तो वह पे एक गाडी कड़ी थी उसमे एक लेडी थी और वो अजय को देख के मुस्कुराई और अजय वह जा के बात करने लगा. और ३-४ मिनट बाद वो लेडी मेरे पास आई और बोली तुम भी चलबा चाहोगी. हमारे साथ ? मेरा काम हो जाएगा तो तुम इसे ले कर चली जाना.. तो में रेडी हो गयी और नानी के गहर पर कहा की बस खराब हो गयी थी रात में तो टाइम लगेगा. पहोचने में और हम उस लेडी के घर चल पड़े.

वो कोई प्रोजोन माल के पास रहती थी. उसका बंगला था वह हॉल में बेठी और अजय और लेडी अन्दर चले गए और में टीवी देखने लगी और खुछ देर बाद मुझे आवाज़ आने लगी वो उस लेडी की थी तो में समज गयी गेम चालू हो चुकी हे. मेने जा के देखा तो दार खुला था. और लेडी निचे थी और अजय अपना लंड उसकी चूत में डाल रहा था. और बहोत जोर जोर से चुदाई कर रहा था. मुझे भी सेक्स चड़ने लगा और काफी देर तक ये सब चल रहा था. और इतने में लेडी की नजर मुज्पे गयी. और उन्होंने कहा अन्दर आजा. में तो तिन बार झड चुकी हूँ.तू आके इसकी मदद कर, तो में भी ऊपर बेड पे चढ़ गयी और अजय को किस करने लगी वो लेडी को अलग अलग पोजीसन में चोद रहा था. और फिर उस लेडी ने कहा नेता कब माँ बनूँगी../ तब अजय बोला सॉरी मेम में जल्दी नहीं जड़ पाता क्यू की सामने वाली को सेतिस करना होता हे और ऊपर से आज फर्स्ट टाइम बिना कंडोम तो थोड़ी दिक्कत हो रही हे.

उसने ये कहते ही मुझे टाईटली पकड़ा और फ्रेंच किस करने लगा और ५ मिनट बाद झड गया.और बोला मेम यू सेटिस्फाई तो लेडी ने हाँ कहा और वो लंड निकालने लगा तो लेडी ने कहा कुछ देर एसे ही रहने दो. अपेम मिक्स होने दो. वो दोनों सेटिस्फाई हो चुकी थी. बट मेने ही कुछ देर बाद जब मुझसे रहा नहीं गया मेने भी लेडी से कहा कैन आई हेव हिम हियर एंड नाउ तो वो समज सकती थी मेरी हालत और वो मुस्कुरातीदी. और में बेड के साइड में हो गयी. मेने भी अजय को मेरी तरफ खिंचा. और किस करने लगी तो अजय बोला मेम यू वांट मी तो बी अ गुड बॉय और बेड बॉय तो मेने उसे एक जोर की चूमती ली जिससे वो जोर से चीखा. और बोली अनीता बोलाओ और मेरे साथ ज़बरदस्ती करो और कपडे फाडो एंड सेक्स करो ये सब लेडी आराम से निचे लेट कर देख रही थी. ये सब सुन के अजय बोला यस मेम और लेडी बोली ये कुछ नया देखने मिलेगा और तीनो हस पड़े. और फिर अजय ने मेरी लेंगी खिंची और में फिर बेड पे गिर गयी.और वो मेरे उपर आया और मेरा टॉप स्लिवेज से पकड़ के एक बार में फाड़ दिया.

और इससे पता चल रहा था की वो कितना ताकतवर हे. और जोर जोर से बूब्स दबाने लगा. और ब्रा भी फाड़ दी और में उसके एबीएस पर हाथ फेर रही थी, और इससे मुझे बड़ा ही मज़ा आ रहा था. और उसका लंड एक दम टाईट हो के मुझे लग रहा था. वो फिर निचे गया और जिन्स उतारने लगा, और तन लेडी बोली जिन्स नहीं फाडोगे तो उसने कहा नहीं कुछ और फाड़ने वाला हु मेम और फिर पेंटी के उपर से ही हाथ फेरने लगा. और में २ मिनट में ही जड़ गयी और फिर उसने मेरी मेचिंग ब्लैक पेंटी को दोनों हाथ से पकड़ा और खीच के फाड़ दिया और फेंक दिया और चूत को किस करने लगा. (में पहले भी काफी लडको से इंटिमेट हुई हूँ बट बूब्स दबवाना और और लंड से जादा नहीं) मिजे बड़ा ही मज़ा आ रहा था. और में उसके सर पे हाथ रखके चूत पे दबाने लगी. मेने कहा झड़ने वाली हूँ तो वो साइड हो गया और अपना लंड मेरे चूत पे रखा पर मेने उसे ऊपर बुलाया और सूचक करने लगी. और कुछ देर बाद वो लेडी बोली पूरा ले अन्दर तब ध्यान आया की वो लेडी भी वहा हे.

तो मेने लेना चाह पर गले में लग रहा था तो वो हसी और बोली नहीं ले पाएगी बेटा छोड़ दे में नहीं ले पायी तो तू केसे ले पाएगी…? फिर अजय निचे हुआ और चूत पे सेट किया. और बोला रेडी मेम तब लेडी बोली डाल डाल बेटा पूछना क्या उससे तो अजय बोला मेम फर्स्ट टाइम हे इसका, तो बोली हाय राम पहली बार में ही उसका क्यों ले रही हे छोटे से सुरुआत करती. मुझे उनकी बाते सुनके डर लगने लगा. और में मना करने लगी. पर इतने में अजय ने लंड अन्दर डाल दिया. और मुझे बहोत दर्द देने लगा तो मेने मना किया पर वो मेरे बाबस सूचक करने लगा और लेडी बोली बस कुछ देर दर्द होता हे रो मत बाद में हसेगी. और ये सुकर मान तुजे एक्सपर्ट बाँदा मिला हे. और तब अजय ने एक झटका दिया. और अन्दर डाल दिया. में तो जिसे मारने वाली थी और मेने उसे धक्का दिया पर उसने मेरा हाथ बेड पर रख्खा और अपने हाथ से दबा के अपने लंड को अन्दर बाहर करने लगा और किछ टाइम में पता नहीं केसे दर्द मज़े में बदल गया. और मेरे मुह से सिसकारी निकल ने लगी.

टब अजय ने हाथ हटा दिया और फास्ट हो गया. और मेरे लिप्स पर किस करके बोला सॉरी मेम आप ही बोली थी बेड बॉय और ज़बरदस्ती करने की, तो फिर मेने चूमती ली और कहा नौटी फ़ास्ट करो मज़ा आ रहा हे और लेडी हस्ने लगी और बोली आया ना मज़ा और बोली गुड साजिद फैक हेर मेरा मुह खुला रह गया और मेने कहा तुम्हारा नाम साजिद हे…? तो वो मुस्कुराया और स्पीड बड़ा दी. और कहा ना मेरा नाम अजय हे. न साजिद और स्पीड से सेक्स करने लगा और मुझे चूत की वाल्स टाईट महसूस हुई. और में झड गयी और में बस बस करने लगी तो अजय या साजिद जो भी उठ गया और मेने देखा बेड पर खून था. और उसके लंड पे भी था. तो अजय बाथरूम में जाने लगा तो मेने कहा तुम नहीं झाडोगे तो वो बोला नहीं इट्स ओके, सेकंड टाइम में झड़ने में बहोत टाइम जाएगा मुझे. और वो नहाके बाहर आया ओर और किछ देर बाद में भी नहाने चली गयी.

तो चूत बहोत जल रही थी. बहार निकलने पर आंटी उठी और मिजे दावा दी और मुझे कहा ७ये पेन किलर ले लो.

और एक आई पिल दी और बोली ये ले लो और खा लो रिस्क नहीं ले सकते और अजय तब तक कपडे पहन चूका था. तो लेडी ने कपबोअर्ड खोला और पता नहीं कितने पेसे अजय को दिए. और कहा की तुम हमेशा ही मज़ा देते हो. तो मिजे पता चला की ये लेडी हमेशा की कस्टमर हे. और फिर लेडी अलग से और पेसे दिए और कहा ये विधाउट कंडोम और मेरी चूत सुहानी करने के लिए मेने लेडी से थैंक्स कहा और सॉरी बोला की उनकी बेड सिट ख़राब करदी और लेडी से पूछा की मुझे कितने पेसे देने होंगे अजय को तो उन्होंने कहा तुम्हारी सटीसफेकसन की कीमत क्या हे तो में चुप हो गयी. तो उन्होंने कहा २०००-५००० के बिच मे.

दे दो वो कुछ नहीं बोलेगा. मेरे पर्स में करीब १०००रु थे तो मेने अजय से कहा मेरे साथ एटीएम में चले वह पेसे दे दूंगी. तो हम लोगो ने लेडी को बाय बोला और उसने अजय को टाईट किस दिया और बोली अब बेबी होने के बाद ही हम मिलेंगे तो अजय ने कहा ओके मेरी जान. फिर हम लोग वहां से चले गए.

फिर हम लोग नजदीक के एटीएम में गए और मेने उसे वह से निकाल के ३००० रु दिए तो उसने बिना गिने रख लिए और बाय बोलके चला गया. मेने पूछा फिर कब मिलोगे तो उसने कहा जब आप बुलाओगी मेम. और उसने अपना नंबर दिया और चला गया.

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इतनी बार चुदवाने के बाद भी दर्द का नाटक करती है http://sexkahani.net/%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%ad%e0%a5%80/ http://sexkahani.net/%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%ad%e0%a5%80/#respond Thu, 23 Mar 2017 11:00:11 +0000 http://sexkahani.net/?p=10406 मैं आपकी प्यारी सी और चुलबुली स्मिता आपको अपनी चुदाई की कहानी बताने जा रही हूँ।मेरा भाई जो मुझसे 2 साल छोटा है उसका नाम साहिल है। यह सब तब हुआ था जब मेरा ममेरा भाई हमारे घर पर आया था। यह वही है जिसने मुझे पहले चोदा था, हमारे घर पर एक हफ़्ता रुका था, इस बीच हमने 3 बार मस्ती की थी। जब भी उसको मौका मिलता है, मुझे पकड़ लेता है। कभी रसोई में तो कभी घर के पीछे, हम लोग बहुत चिपकते रहते थे।
साहिल को शायद हम पर शक हो गया था लेकिन एक हफ्ते बाद मेरा कज़िन चला गया। कुछ दिनों बाद मेरे मम्मी-पापा को किसी रिश्तेदार के यहाँ जाना पड़ा।

उस दिन मैं और मेरा भाई घर में अकेले थे। मैं रसोई में लंच तैयार कर रही थी मेरा भाई भी रसोई में आ गया। मुझसे बातें करने लगा। पहले तो सामान्य बातें करता रहा।

लेकिन फिर उसने कहा- स्मिता, तुम्हें नहीं लगता कि हमारे मामा का लड़का थोड़ा ज्यादा ही फ्लर्ट टाइप का है?
मैं एकदम धक्क से रह गई कि यह ऐसा क्यों पूछ रहा है? मैंने ऐसे ही कहा- नहीं तो ! ऐसा तो कुछ भी नहीं लगा मुझे। क्यों तुम ऐसे क्यों पूछ रहे हो?

“बस ऐसे ही, मैंने कई बार नोटिस किया है कि तुम से कुछ ज्यादा ही लग रहा था। रसोई में भी वो तुम्हारे पास ही बैठा रहता था। वैसे क्या बातें करता था वो तुमसे?

अब मुझे थोड़ा शक हुआ। मैंने बात टालने के लिए कहा- नहीं, बस ऐसे ही इधर-उधर की बातें करता रहता था।

मैंने तिरछी नज़र से देखा तो मेरे भाई की नजर मेरी गाण्ड पर थी और उसकी आँखों में मैं वासना देख सकती थी। एक बार इस ख्याल ने मेरे मन में कुलबुलाहट पैदा कर दी कि मैं अपने भाई के साथ जो करना चाहती थी, शायद वही मेरा भाई भी मेरे साथ करना चाहता है।

मैंने देखा मेरी गाण्ड में मेरा पंजाबी सूट फँसा हुआ था और मेरा अपना छोटा भाई मेरी गाण्ड देख रहा था।
मैंने अचानक पूछा- ऐसे क्या देख रहे हो भईया?

वो थोड़ा संभला और कहा- नहीं, कुछ नहीं।

अब मुझे पूरा यकीन हो गया था कि मेरी प्यास अब मेरा छोटा भाई मिटाएगा। उस दिन के बाद मैं उसको लाइन देने लगी। कभी उसके सामने झुक जाती और उसको अपने मम्मे दिखाती। उस समय मैंने कई बार अपने भाई को लंड मसलते देखा था।

एक दिन वो पल आ ही गया जब मेरे भाई ने मुझे ठोक दिया। उस दिन मम्मी-पापा घर पर नहीं थे। मैं झाड़ू लगा रही थी। मैंने बहुत ही ढीले कपड़े पहन रखे थे।

नीचे ब्रा भी नहीं पहनी थी। मैं रोज की तरह उसके सामने झुक कर झाड़ू लगाने लगी। मेरे मम्मे और निप्पल देख कर उसकी आँखें चमकने लगीं।

उसने अपने होंठों पर जीभ फिराई, और मुझे अपने एक हाथ की दो उँगलियों को गोल कर के दूसरे हाथ की उंगली को उसमें घुसेड़ कर चुदाई का इशारा दिया।

मैंने नाटक करते हुए अपने मम्मे पकड़ कर कपड़े ठीक किए और शरमाने का नाटक किया और उसको एक आँख मार कर अपने बेडरूम में भाग गई।

मुझे पता था आज मेरा भाई ज़रूर कुछ करेगा क्योंकि आज उसका लंड निक्क़र में कुछ ज्यादा ही बड़ा लग रहा था।

वो मेरे पीछे-पीछे कमरे में आ गया। उसने मुझे दबोच लिया और अपने पैन्ट की चैन खोल कर अपना मूसल निकाल कर मेरे चूतड़ों में सटा दिया। मैंने भी ना-नुकर नहीं की।

मैंने भी कहा- हरामी बहनचोद अगर तुझे सब पता था, तो मुझसे इतनी मेहनत क्यों करवाई। तुझे सिड्यूस करने के लिए?

उसने कहा- मैं देखना चाहता था कि मेरी रंडी कुतिया बहन किस हद तक अपने भाई से चुदवाने के लिए मरती है।

मैंने कहा- जब बहन-भाई राज़ी तो क्या करेगा काजी। अब आजा मेरे प्यारे बहनचोद भाई और लेले अपनी बहन के नज़ारे।

अब हम दोनों बिल्कुल खुल चुके थे। उसने अपने होंठ अपनी बहन के गुलाबी होंठों पर रख दिए। एक हाथ से मेरे 32 साइज़ के लेफ्ट मम्मे को दबाने लगा।

उसने कहा- मेरी स्मिता दीदी, तू तो एकदम मस्त माल है। पता नहीं कितनी बार तेरे नाम की मुट्ठ मारी है। आज तेरी चूत चोद कर सारी गर्मी निकाल दूँगा।

मैंने भी कहा- अरे मेरे बहनचोद भाई, तेरी बहन का भी यही हाल था। यह साला मामा का लड़का पहले मिल गया वरना मैं तेरे साथ ही अपनी सुहागरात मनाती।

भाई ने कहा- चल कोई बात नहीं। आज से तुझे मैं अपनी रंडी बन कर रखूँगा और रोज तेरी लूँगा।

 

बातें करते-करते पता ही नहीं लगा कब हम दोनो नंगे हो गये। उसका लंड आज पहली बार इतनी करीब से देखा था। एकदम सुंदर लाल गुलाबी मशरूम जैसा उसका सुपाड़ा देख कर मेरे मुँह में पानी आ गया।

उसके पहले कि वो कुछ बोलता, मैंने उसे अपने मुँह में ले लिया। और किसी छोटे बच्चे की तरह चूसने लगी। भाई सिसकारियाँ लेने लगा।

यह तो मैं थी जो अपने भाई के लंड को मज़े के साथ किसी ब्लू-फिल्म की हीरोईन की तरह चूस रही थी।

उसने कहा- तुम तो बिल्कुल एक रंडी बन गई हो बहना ! एकदम रंडी की तरह लंड चूसती हो, ‘आहह’ ज़ोर से चूस बहना ! तेरा क्या कहना ! मज़ा आ गया ! आज तो इतना चिकना माल घर पर मेरे लंड के लिए तड़प रहा था और मैं मुट्ठ मार कर अपने लंड को शांत कर रहा था।

‘ऊऊओह आहह’ पूरा मुँह में ले लो दीदी !

और मैंने उसका 6.5 इंच का पूरा लंड मुँह में लेने की कोशिश की। मेरे गले तक पहुँच गया था।

उसने मेरा सिर पकड़ के दबा दिया। मैंने उसकी तरफ देखा। उसने मेरे मुँह में धक्के मारने स्टार्ट कर दिए थे।

आज मैं अपने आप को एक रंडी की तरह महसूस कर रही थी। ऐसा लग रहा था जैसे मेरा भाई मुझे पैसे देकर बाज़ार से लाया हो। काफ़ी देर उसका लंड चूसने से वो और भी बड़ा और लाल हो गया था।

अब मैं बेड पर बिछ गई। भाई मेरे ऊपर आ गया और मुझ पर चुम्बनों की बारिश कर दी मेरे गालों पर, मेरे गले पर और जब वो मेरे गुलाबी निप्पल्स के पास पहुँचा तो उसने वहाँ चुम्मा नहीं लिया और नीचे पेट पर चला गया।

मैंने एक गाली दी- बहनचोद, मेरे दूध नहीं पियेगा क्या?

उसने मेरी तरफ देखा और ऊपर आ कर मेरे चूचुकों पर पहले अपने होंठ रगड़े और फिर उसको मुँह में ले लिया।

मैंने अपने होंठ अपने दांतो में दबा लिए, “आहह मेरे बहनचोद भाई पी ले मेरा दूध, श आआन्ं तू भी तो बिल्कुल बच्चे की तरह चूसता है मुम्मा… उउउंमाआ आहह।”

वो मेरे एक चूचुक को चूस रहा था और दूसरे को मसल रहा था।

आज मैं जन्नत में थी। मैंने उसका सर पकड़ कर अपने मम्मों में दबा लिया।

मैं मस्ती में सिसियारही थी, “आ आ चूस ले भाई ज़ोर से आज के बाद रोज मेरा ही दूध पीना तू उउउंम आहह।”

वो बारी-बारी से मेरे दोनों मटर के दाने चूस रहा था। कभी-कभी वो अपनी जीभ से मेरे चूचुकों की हिलाता तो बस ऐसा लगता जैसे मैं अभी झड़ जाऊँगी।

चूस-चूस कर मेरे मम्मे और चूचुक लाल करने के बाद उसने मेरी चूत पर अपने होंठ रख दिए। उसके इस हमले से मैं उछल पड़ी।

सच कहूँ मेरा भाई मेरे ममेरे भाई से भी बड़ा चोदू निकला। उसको पता था कि अपनी सेक्सी बहन को कैसे चोदना है। उसने अपनी जीभ मेरी गीली चूत में डाल दी और मैं झड़ गई। वो मज़े से मेरे काम रस को चाट गया।

लेकिन वो रुका नहीं ओर मैं बेड पर पड़ी-पड़ी मादक कराहें निकालती रही। अब वो मेरी टाँगों के बीच आ गया था।

उसने कहा- बहना अब असली मज़े का समय आ गया है।

मैंने कहा- हाँ मेरे बहनचोद भैया, प्लीज़ ज़रा ध्यान से चोदना। मैं तुम्हारी बहन हूँ, कोई रंडी नहीं।

ऐसा मैंने इस लिए कहा था क्योंकि उसका लंड ममेरे भाई के लंड से ज्यादा मोटा था। उसने अपना लाल मशरूम मेरी स्ट्राबेरी पर रखा और पुश किया।

मेरे मुँह से एक ‘आह’ निकली और उसका टोपा मेरी चूत में घुस गया था। उसने फिर थोड़ा और ज़ोर लगाया तो आधे से ज्यादा लंड चूत में गया और मेरे मुँह से निकला- उउउइ माआ धीरे भैया बहुत मोटा है उह भाई।

“चुप साली छिनाल, कुतिया नखरे करती है। इतनी बार चुदवाने के बाद भी दर्द का नाटक करती है।”

मैंने कहा- नहीं भाई, सच कह रही हूँ। तुम्हारा बहुत मोटा है।

उसने मेरी एक ना सुनी और पूरा लंड डाल दिया मेरे अंदर। मैं बस एक चीख मार कर रह गई। अब वो मुझे धकापेल चोदने लगा।

मैं भी मस्ती से उसका साथ देने लगी- चोद बहन के लौड़े, साले कुत्ते अपनी कुतिया बहन को… आज से मैं तेरी रंडी और तेरी कुतिया हूँ, मादरचोद.. जब कहेगा तेरे लंड के आगे कुतिया बन जाऊँगी और तू कुत्ते की तरह मेरे ऊपर चढ़ जाना। आज के बाद रोज तेरी बहना तेरा बिस्तर गर्म करेगी और जी भर कर चोदना अपनी बहन को भाई।

“हाँ मेरी बहना अब तेरी चूत में मेरा लंड ही लेते रहना, तू इसी तरह अपने भाई से चुदवाती रहना।”

उसने मुझे कुतिया बनने को कहा।

मैं उसके सामने कुतिया बन गई।

मेरा भाई मुझे किसी कुत्ते की तरह ऊपर चढ़ कर चोद रहा था।

“आहह.. आहह.. आह.. ऊहह.. उम्.. मम्मी.. तेरे बंटी ने आज मुझे चोद ही डाला..” और मैं झड़ गई। थोड़ी देर बाद मेरा भाई भी झड़ने ही वाला था तो मैंने उसको लंड निकालने को कहा और अपने मुँह में ले लिया।

वो मेरे मुँह में झड़ गया। अब हम जब भी मौका मिलता है चुदाई करते हैं।

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उसने मेरी चूत को अब चोद चोदकर भोसड़ा बना दिया http://sexkahani.net/%e0%a4%89%e0%a4%b8%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a5%82%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%a6-%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%a6/ http://sexkahani.net/%e0%a4%89%e0%a4%b8%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a5%82%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%a6-%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%a6/#respond Thu, 23 Mar 2017 08:59:22 +0000 http://sexkahani.net/?p=10404 हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम कनिका है और में हरयाणा की रहने वाली हूँ। दोस्तों में सेक्सी की बहुत भूखी हूँ, लेकिन एक रंडी नहीं और मेरी यह आज की कहानी मेरी पराए मर्द से पहली चुदाई की एक घटना है। दोस्तों में अब 42 साल की हूँ और संजीव जीजाजी 58 साल के है और मेरे फिगर का साईज 44-40-48 है। मेरी लम्बाई 5 फीट 7 इंच है और संजीव 6 फीट 1 इंच लंबे चौड़ी छाती और थोड़ी मोटे है, लेकिन बहुत अच्छे स्वभाव के है। दोस्तों अब में आप सभी को मेरा पहला सेक्स अनुभव बताती हूँ। यह मेरा सेक्स संजीव से कैसे शुरू हुआ? दोस्तों बात 1996 की है तब में 25 साल की थी। उन दिनों मेरे पति भी आर्मी में थे तभी उनको कुछ बीमारी लग गई और वो बहुत ज्यादा बीमार हो गये और तब ज्यादा मोबाइल नहीं होते थे। तभी मुझे टेलिग्राम से यह मैसेज मिला और में बहुत घबरा गई और मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा था। में बस रो रही थी और सोच रही थी कि कैसे अपने पति के पास उनसे मिलने जाऊँ? क्योंकि सफ़र बहुत लंबा था और अंजान था। उसी टाईम मेरे घर पर अपनी पत्नी के साथ संजीव मतलब मेरे जीजाजी आ गये मुझसे मिलने ( यानी मेरी मुहं बोली बहन के साथ ) तो मुझे रोते देखकर उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या बात है तुम रो क्यों रही हो? तो मैंने उनको सब बता दिया।
उस समय संजीव भी आर्मी में थे और वो मुझसे बोले कि इसमें रोने की क्या बात है अगर तुम्हे उससे मिलना है तो चल में तुम्हे वहां पर लेकर चलता हूँ। फिर दीदी ने ही मुझे कुछ सात्वना दी और उन्होंने मेरे घर पर बात करके मेरे भाई को बुला लिया और मेरे भाई ने मेरे साथ जाने के बजाए संजीव को मेरे साथ ले जाने के लिए बोला और मेरे दोनों बच्चों को वो अपने साथ गावं ले गया। फिर उसी रात को संजीव मेरे पास रहे और सुबह हम लोग एक प्राइवेट बस से दिल्ली आ गये और फिर वहाँ हमने ट्रेन में फर्स्ट क्लास में सीट बुक करवा ली और रात को दस बजे हमारी ट्रेन चली और टिकिट चेक होने के बाद संजीव ने दरवाजा बंद करके मुझे ऊपर सुला दिया और खुद नीचे सो गये और बस यही सफर मेरे लिए पहली पराए मर्द से सेक्स की वजह बन गया। रात को मुझे नींद नहीं आ रही थी और संजीव सो गये थे। शायद वो सोने का नाटक कर रहे थे।
तभी में बाथरूम जाने के लिए नीचे उतरी तो मैंने देख कि संजीव का लंड एकदम तना हुआ है और खंबे की तरह खड़ा है। में उनका लंड देखकर एकदम हैरान हो गई और मन ही मन सोचने लगी कि इतना बड़ा लंड आदमी का कैसे हो सकता है? मैंने बहुत बार चाहा लेकिन मेरी नज़र संजीव के लंड पर से हट ही नहीं रही थी। उनके लंड को बेड शीट के नीचे से देखकर ही मेरी चूत गीली हो रही थी, लेकिन अब तक में किसी पराए मर्द से चुदी नहीं थी तो इसलिए में आगे नहीं बड़ पा रही थी और फिर जैसे तैसे करके में बाथरूम में चली गई और जब में वहां से वापस आई तो मैंने देखा कि उनका लंड अब भी वैसे ही तना हुआ है और अब में बहुत डरते डरते हुए उनकी सीट पर बैठ गई और बहुत हिम्मत करके उनकी आँखों में आंखे डालकर देखने लगी कि तभी वो मुझसे बोले..
संजीव : क्यों कनिका नींद नहीं आ रही क्या? वो मेरे उनके पास बैठते ही बोले।
में : जी हाँ, मुझे नींद नहीं आ रही, थोड़ा डर लग रहा है, लेकिन दोस्तों पता नहीं उनकी क्या हालत होगी?
फिर संजीव मेरा हाथ पकड़ते हुए बोले कि डर लग रहा है तो एक काम करो थोड़ा पानी पी लो, मैंने थोड़ा पानी पिया और उसी बीच मैंने महसूस किया कि वो मुझसे थोड़ा और सटकर बैठ गए और फिर हम कुछ इधर उधर की बातें करने लगे। दोस्तों तब मैंने महसूस किया कि संजीव ने अपना लंड मेरी गांड से बिल्कुल सटा रखा था और मुझे अच्छा भी लग रहा था, लेकिन में उनसे कुछ कह नहीं पा रही थी। तभी इतने में एक स्टेशन आ गया। वहाँ पर संजीव ने दो कप चाय ली और फिर हमने चाय पी और उस समय रात के करीब दो बज रहे थे। फिर चाय पीने के बाद संजीव ने मुझसे कसम देकर पूछा कि कनिका क्या तू मुझे एक बात सच सच बताएगी?
में : हाँ अगर मुझे पता है तो में आपको जरुर बताउंगी।
संजीव : तू अभी कुछ देर पहले क्या देख रही थी? क्यों तुझे अच्छा लगा क्या? सच बोलना प्लीज़ अगर तुझे अच्छा लगा तो में तुझे और भी मज़ा दूँगा और अगर नहीं लगा तो में कुछ नहीं कहूँगा?
दोस्तों यह बात कहकर संजीव ने मेरा एक हाथ अपने हाथों में लेकर ज़ोर से दबा दिया और थोड़ा मुस्कुराते हुए मेरी तरफ देखने लगे। फिर जैसे तैसे करके मैंने कहा कि हाँ मुझे अच्छा लगा तो बस फिर क्या था संजीव मेरे ऊपर लट्टू हो गये? और अब उन्होंने मुझे अपनी गोदी में कैच कर लिया। फिर में एकदम से उनके ऐसा करने से बहुत आश्चर्यचकित हो गई क्योंकि वो मुझे अपनी छाती पर ज़ोर से दबाने लगे और जिसकी वजह से मेरी छाती उनकी छाती से दब रही थी और मुझमें एक अजीब सा अहसास ला रही थी और मेरे बदन पर उनकी पकड़ बहुत मजबूत थी और अब संजीव मेरे बूब्स को दबाने लगे और मेरी चूत को मसलने लगे और मेरे कपड़े उतारने लगे और फिर वो खुद भी नंगे हो गये और अब उनका लंबा, मोटा, तना हुआ लंड मेरी आँखों के सामने उछल रहा था। फिर उन्होंने मुझे अपनी बाहों में लेकर अब सीट पर लेटा दिया और फिर मेरी चूत को चाटने लगे। दोस्तों वैसे तो मेरे पति ने भी मेरी चूत बहुत बार चाटी थी, लेकिन आज मुझे चूत चटवाने का असली मज़ा संजीव से आया। मैंने उनके कुछ देर चाटने के बाद पानी छोड़ दिया और तब संजीव ने मुझसे अपना लंड चुसवाया और में उनके लंड का टोपा अंदर बाहर करके उनका लंड चूस रही थी। मुझे उनका लंड पूरा मुहं में लेने में दिक्कत हो रही थी क्योंकि उनका लंड बहुत मोटा था। वो बहुत मुश्किल से मेरे मुहं के अंदर जा रहा था, लेकिन उतनी ही आसानी से मेरे हलक में पहुंच रहा था और ज्यादा लंबा होने की वजह से मुझे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और मेरी आँखों से आंसू बाहर आने लगे थे।
फिर करीब कोई दो पांच मिनट लंड को चूसने के बाद संजीव ने मुझको खिड़की के सहारे घोड़ी बना दिया और अब एक बार मेरी चूत चाटकर एक ही ज़ोर के धक्के में अपना पूरा का पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया और अब में दर्द होने की वजह से बहुत ज़ोर से चीखने चिल्लाने लगी थी और अपनी चूत को आगे की तरफ करके लंड को बाहर निकालने की नाकाम कोशिश करने लगी, लेकिन संजीव की मजबूत पकड़ और मेरी चूत में फंसे हुए लंड से में थोड़ा भी आगे नहीं बढ़ सकी और अब वो मोटा और सख्त लंड मेरी चूत में लगातार आगे पीछे होने लगा था, लेकिन अब जल्दी ही मुझे भी बहुत मज़ा आने लगा और में सिसकियाँ लेने लगी उफफफफ्फ़ अहाह्ह्ह्हह्ह हाँ और ज़ोर से चोदो जीजू उुईईईईईईइ माँ मेरी चूत को और ज़ोर से मारो अहह्ह्हह्ह्ह्ह संजीव में गई। फिर कुछ देर की चुदाई के बाद संजीव ने मेरी चूत में अपना वीर्य डाल दिया और फिर वो कुछ देर वैसे ही मेरी चूत में अपना लंड रखकर रुक गया और उसके कुछ देर बाद संजीव ने मेरी चूत से अपना लंड बाहर निकाला और मेरी चूत को साफ किया और अपना लंड भी साफ किया। फिर हम दोनों एक ही सीट पर पूरे नंगे बैठकर एक दूसरे की बाहों में आकर प्यार करने लगे और चूमने चाटने लगे। फिर उस पूरी रात को दूसरी सुबह तक हमने करीब तीन बार जमकर सेक्स किया। मुझे उसकी चुदाई में बहुत मज़ा आया और फिर में अपने कपड़े पहनकर बहुत थककर गहरी नींद में सो गई, लेकिन संजीव नहीं सोए और दोपहर को जब में नींद से उठी तो मैंने देखा कि ट्रेन एक स्टेशन पर खड़ी हुई थी और संजीव ने खाना मँगवाया और ख़ाना खाकर हम दोनों फिर से सो गये। उस रात को फिर से एक बार मेरी उस ट्रेन में बहुत जमकर चुदाई हुई और इस तरह से में संजीव से चुदते हुए अपने पति के पास पहुँच गई और वहां से वापसी में भी हमने दो बार बहुत मस्त चुदाई की और उसके बाद जब तक मेरे पति जॉब पर रहे में कभी उनके साथ नहीं गई, में बस छुट्टियों में ही उनसे चुदवाती और बच्चों की पढ़ाई का बहान करके में उनकी गैरमोजूदगी में संजीव से बहुत मस्त चुदवाती रही और बहुत बार संजीव ने मुझे अपने फार्म हाउस में भी अपने साथ ले जाकर वहां पर चोदा है और मैंने उसकी चुदाई के बहुत मज़े लिए और हर कभी कोई अच्छा मौका देखकर उससे चुदवाती रही और एक बार बरसात में भीगते हुए भी संजीव से मेरी चुदाई हुई। उसने मेरी चूत को अब चोद चोदकर पूरी तरह से भोसड़ा बना दिया।

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आंटी की चूत को चोदकर लाल किया http://sexkahani.net/%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a5%82%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%bf-3/ Tue, 21 Mar 2017 15:41:38 +0000 http://sexkahani.net/?p=10397 हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम समीर है और में नई मुंबई से हूँ, में 21 साल का एम.बी.ए. Ist ईयर का स्टूडेंट हूँ, सामान्य बॉडी, मस्त बंदा हूँ और अपनी लाईफ का एक ही फंडा है खुश करो और खुश रहो। मेरा 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड है, जो कि बहुत लड़कियों को संतुष्ट कर चुका है। वैसे में कर्नाटक से हूँ और मुंबई से एम.बी.ए. कर रहा हूँ और अपने दोस्तों के साथ रहता हूँ। मेरी इस साईट पर यह पहली स्टोरी है और उम्मीद है कि आप सबको पसंद आयेंगी।
अब में आप लोगों को बोर ना करते हुए सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ। मुझे मुंबई आये बस 5 ही महीने हुए है, में जिस बिल्डिंग में रहता हूँ वहाँ दूसरे फ्लोर पर एक गुजराती फेमिली रहती है, पति, पत्नी और उनका एक 4 साल का बच्चा है, अंकल करीब 30 साल के होंगे और आंटी 27 साल की है, आंटी हाउस वाईफ है, उनका नाम रोशनी है, वो दिखने में बहुत ही खूबसूरत और सुंदर है और वो एक नंबर का कड़क आईटम थी। आप लोगों को पता ही है कि गुजराती आंटियां होती ही ग़ज़ब की है कातिलाना नज़रे, गोरा बदन, चिकनी कमर, किसी की भी नियत खराब कर दे, उन्हें देखकर मुर्दे का भी लंड खड़ा हो जाए। जब भी में उन्हें देखता था तो उनके बूब्स से मेरी नज़र नहीं हटती थी, उनकी हाईट 5 फुट 4 इंच और उनका फिगर 36-28-34 है, वो हमेशा विदेशी कपड़ों में ही रहती है और वो ज़्यादातर ढीली टी-शर्ट में ही घूमा करती थी। मुझे हमेशा से अपने से ज़्यादा उम्र की लड़कियों/औरतों से सेक्स करने की चाह थी, जो इस आंटी ने पूरी कर दी थी।

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हमारा 3 फ्लोर का बिल्डिंग है, हुआ यह था कि जब में पहले दिन फ्लेट पर आ रहा था तो सीढ़ियों पर आंटी को देखा तो बस देखता ही रह गया, पता नहीं मुझे क्या हो गया था? लेकिन उन्हें 5 सेकेंड के लिए बस प्यार से देखता ही रहा और आंटी ने नोटिस किया, लेकिन कुछ जवाब नहीं दिया। शायद उन्हें मेरे देखने का अंदाज़ पसंद आ गया होगा। फिर अगले दिन से रोज़ सुबह जब में कॉलेज के लिए निकलता था तो आंटी अपने बच्चे को लेकर स्कूल की वैन के लिए इंतज़ार करती खड़ी रहती थी और शाम को अपने बच्चे को खेलने के लिए नीचे लाया करती थी। फिर क्या था? मुझे रोज़ आंटी के दर्शन होते थे, में सुबह शाम रोज़ उन्हें प्यार से देखा करता था। ये सिलसिला ऐसे ही चल रहा था, ये उन्हें भी पता था कि में रोज़ उनको देखता हूँ, तब तक उनके लिए मेरे मन में कुछ ग़लत विचार नहीं थे। फिर करीब एक हफ्ते के बाद जब शाम को में कॉलेज से लौट रहा था तो रोज़ की तरह वो नीचे अपने बच्चे के साथ खेल रही थी।

फिर अचानक से जब वो बॉल उठाने के लिए मेरे सामने झुकी तो में बस उसको देखता ही रह गया, क्या ग़ज़ब के बूब्स थे उनके? राउंड शेप, एकदम गोरे-गोरे बूब्स देखकर मेरा लंड वहीं खड़ा हो गया। अब मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि में क्या करूँ? अब मेरी हालत खराब हो गई थी, उन्हें पता चल गया था कि में उनके बूब्स को देख रहा हूँ। फिर में अंजान बनकर आगे बड़ रहा था तो आंटी ने मेरी तरफ देखकर एक नॉटी सी स्माईल दे दी। अब मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि में कैसे बर्ताव करूँ? फिर मैंने भी स्माईल की और अपने रूम की और आगे बड़ा। फिर घर आकर में सीधा मुठ मारने बाथरूम में चला गया। अब उनके गोरे-गोरे बूब्स को याद करके में मुठ मारने लगा। फिर बाहर आने के बाद उनके लिए मेरी नियत एकदम से बदल गयी। अब बस में उन्हें किसी भी तरह से चोदना चाहता था, लेकिन में कोई परेशानी भी नहीं लेना चाहता था, क्योंकि में मुंबई में नया हूँ और मुश्किल से इस बिल्डिंग में फ्लेट मिला था तो ये सब ध्यान में रखते हुए में कोई कदम नहीं उठा रहा था। फिर मैंने उस रात उनको सोचकर 3 बार और मुठ मारी। एक तरफ उनको लेकर मेरी उत्तेजना बढ़ती जा रही थी और दूसरी तरफ ये सोसाइटी का डर भी था।

फिर मैंने यही फैसला लिया कि में अपनी तरफ से कोई स्टेप नहीं लूँगा। फिर अगले दिन सुबह जब में कॉलेज के लिए निकला तो मैंने नोटिस किया कि आंटी का व्यवहार में बदलाव हो गया था। फिर जैसे ही में सीड़ियों से उतरा तो उसने मुझे देख लिया और अजीब से घूरने लगी तो में समझ गया कि अब आग दोनों तरफ लगी है और लाईन भी साफ़ थी, लेकिन फिर भी कोई आगे नहीं बड़ रहा था। अब मुझे उनके व्यवहार से ऐसा लग रहा था कि शायद वो अपने पति से संतुष्ट नहीं थी, वैसे भी उनका पति दिखने में कुछ खास नहीं था, उनके लिए वो पर्फेक्ट पति नहीं था। फिर में दिनभर कॉलेज में यही सोचता रहा कि क्या करूँ? आंटी को में खुद प्रपोज करूँ या इंतज़ार करूँ? अब मेरे दिमाग़ में बस यही चल रहा था और फिर जब शाम को में कॉलेज से घर लौटा तो आंटी गेट के पास खड़ी थी। मैंने उन्हें देखकर स्माईल किया, लेकिन उन्होंने अगला स्टेप उठा ही लिया।
फिर जैसे ही में उनके पास से गुज़रा तो उन्होंने हाय कहा और मैंने भी हाय कहा और पूछा कि क्या करते हो? नाम क्या है? और मैंने भी वही पूछा। तो उन्होंने अपना नाम रोशनी बताया और बोली कि मेरे हॉल की टूयूब लाईट चल नहीं रही है, तुम अगर थोड़ा चेक कर लो तो बड़ी मेहरबानी होगी, क्योंकि वॉचमैन भी आधे घंटे से दिखाई नहीं दे रहा है। फिर मैंने यह सुनते ही खुशी के मारे सीधा हाँ कर दिया, में अपने घर में इलेक्ट्रीशियन के छोटे मोटे काम कर लेता था तो मुझे उनकी मदद करने में कोई प्रोब्लम नहीं थी। फिर मैंने उसके घर जाकर चेक किया तो उनका टूयूब लाईट खराब हो चुका था। फिर मैंने दुकान से नया टूयूब लाईट लाकर चेंज करके उनको दे दिया।

फिर वो मेरे लिए जूस लेकर आई और कहने लगी कि थैंक यू सो मच, अगर आप ना होते तो पता नहीं मुझे और कितनी देर इसको ठीक कराने के लिए इंतज़ार करना पड़ता। फिर मैंने कहा कि एक पड़ोसी अपने पड़ोसी के काम ना आ सके तो वो पड़ोसी किस काम का तो उन्होंने भी एक नॉटी सी स्माईल दे दी। फिर हमने थोड़ी देर तक इधर उधर की बातें की और मैंने पूछा कि आपके पति क्या काम करते है? तो उन्होंने बताया कि वो एक कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर है और उन्हें आने में रात को रोज़ देर हो जाती है। फिर मैंने जानबूझ कर उनके बारे में पूछा कि आप क्या करती है? तो वो थोड़ा फ्रेंक हो गई और नॉटी सी स्माईल देकर कहने लगी कि आप तो ऐसे पूछ रहे है जैसे कुछ जानते ही नहीं हो तो में शॉक हो गया और सोचने लगा कि क्या बोलूं? इतने में उन्होंने कहा कि तुम किस सोच में डूब गये।

में – कुछ नहीं।

रोशनी – फिर वो पूछने लगी लाईफ कैसी चल रही है? गर्लफ्रेंड कैसी है तुम्हारी?

में – जी, मेरे कोई गर्लफ्रेंड नहीं है और लाईफ तो मस्त चल रही है।

रोशनी – छुपाओ मत, तुम इतने स्मार्ट हो और तुम्हारे गर्लफ्रेंड नहीं है, ऐसा हो ही नहीं सकता है।

में – स्मार्ट लोग गर्लफ्रेंड नहीं बनाते है, वो तो बस दोस्त बनाते है।

रोशनी – अच्छा तो क्या हम दोस्त बन सकते है?

में – क्यों नहीं, आप कुछ चाहों और में मना करूँ ऐसा हो ही नहीं सकता। (एक नॉटी सी स्माईल के साथ)

रोशनी – अच्छा ऐसा क्यों?

में – आप हमारी पड़ोसी जो हो।

फिर हम एक दूसरे के इशारे अच्छी तरह से समझ रहे थे, लेकिन कोई खुलकर बात नहीं कर रहा था। फिर मैंने कहा कि मुझे अब चलना चाहिए तो उन्होंने जाते समय मेरा मोबाईल नंबर माँग लिया। अब रूम पर आकर मेरा तो खुशी का ठिकाना नहीं था और में बस उनके कॉल या मैसेज का इंतज़ार कर रहा था। फिर रात को करीब 1 बजे उनका मैसेज आया कि कल सुबह 9 बजे घर आ जाना, मुझे तुमसे कुछ कहना है। में समझ गया कि वो क्या कहना चाहती है? ये पढ़कर में पागल हो गया और जिसकी मुझे ख्वाहिश थी आखिरकार वो होने जा रहा था।

फिर में सीधा बाथरूम में मुठ मारने चला गया और रातभर यही सोचता रहा कि में उसे किस-किस पोज़िशन में चोदूं? क्योंकि पहले से मुझे शादीशुदा औरतों के साथ सेक्स करने का बड़ा मन था, लेकिन कभी मौका नहीं मिला था। फिर में सुबह 8 बजे उठा और रूम पार्टनर को बोल दिया कि मेरी तबियत खराब है तो में आज कॉलेज नहीं जा सकता। फिर जैसे ही वो लोग चले गये तो में नहाकर, फ्रेश होकर 9 बजने का इंतज़ार कर रहा था। सच बताऊँ तो उत्तेजना बहुत थी, लेकिन वो कहते है ना कि सब्र का फल मीठा होता है। फिर जैसे ही 9 बज गये तो में सीधा उनके घर की और चला गया, मुझे पता था कि अंकल 8 बजे ही ऑफिस चले जाते है और उनका बेटा भी स्कूल जा चुका था तो वो अकेली थी। फिर मैंने डोर बेल बजाई तो उन्होंने दरवाज़ा खोल दिया और कहा कि जल्दी अंदर आ जाओ कोई देख लेगा। ये सुनते ही मेरी उत्तेजना और बड़ गयी, उन्होंने उस वक़्त नाईटी पहनी हुई थी और मुझे जूस ऑफर किया। फिर जूस ख़त्म होने के बाद मैंने जानबूझ कर उनसे पूछा कि मुझे ऐसे अचानक इतनी सुबह क्यों बुलाया? आख़िर ऐसी भी क्या बात है? फिर उन्होंने कहा कि अब ज़्यादा होशियारी मत दिखाओ और तुम्हें भी पता है कि तुम यहाँ क्यों आए हो? इतना कहकर वो शर्मा कर रूम की और चली गयी। दोस्तों ये कहानी आप चोदकाम डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

ये सुनते ही मेरा टावर सिग्नल देने लगा। फिर में भी रूम की और गया और उन्हें हग किया, वाऊ क्या हसीन पल था वो? सच बताता हूँ दोस्तों आज भी जब वो पल याद करता हूँ तो मेरे रोंगटे खड़े हो जाते है। मैंने पहली बार उनके बूब्स को महसूस किया था और उन्हें पागलों की तरह किस करने लगा, में जब रोमांटिक होता हूँ तो जंगली जानवर बन जाता हूँ। अब मुझे उनका भी रेस्पॉन्स मिल रहा था। फिर हम दोनों भूखे भेड़िए की तरह एक दूसरे पर टूट पड़े, करीब ऐसे ही 15 मिनट तक हमारी किस्सिंग चलती रही। फिर मैंने अपना एक हाथ उनकी नाईटी के अंदर डालकर उनके बूब्स दबाना शुरू किया, वाऊं क्या सॉफ्ट बूब्स थे उनके? मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैंने धीरे-धीरे उनकी नाईटी उतार दी, अब वो सिर्फ़ लाल कलर की ब्रा और पेंटी में थी, क्या ग़ज़ब लग रही थी वो? में बता नहीं सकता। दोस्तों आप खुद ही कल्पना कर लो कि गोरा बदन, लाल कलर की ब्रा और पेंटी में कैसा दिखता है? ये देखकर मेरा अंदर का जानवर जाग गया और में सीधा उनकी ब्रा का हुक खोलकर उनके बूब्स पर टूट पड़ा।

फिर में पागलों की तरह उनके बूब्स को दबा रहा था, चूस रहा था और काट भी रहा था, में इतना ज़ोर- ज़ोर से ये सब कर रहा था कि उनकी साँसे एकदम से तेज़ हो गई और वो आआआहह उूउऊहह आआअहह की आवाज़ें निकालने लगी और कहने लगी कि दबाओ और ज़ोर से दबाओ। ये सुनकर में और पागलों की दबाने लगा, चूसने लगा और उनके बूब्स के साथ बच्चो जैसे खेलने भी लगा। उनके बूब्स दबाने में क्या मजा आ रहा था? ये सिलसिला 10 मिनट तक जारी रहा और वो इतनी गर्म हो चुकी थी कि जब मैंने अपना एक हाथ उनकी पेंटी के अंदर डाल दिया तो वो पेंटी उनके पानी से गीली हो गई थी।

फिर मैंने झट से उनकी पेंटी को निकालकर फेंक दिया और उनकी चूत को बस देखता ही रह गया, क्या ग़ज़ब की चूत थी उनकी? आआहाआह एकदम क्लीन शेव, पिंक कलर की चूत और ऊपर से इतनी गर्म थी कि क्या बताऊँ? ये देखते ही में उस पर टूट पड़ा और पागलों की तरह उनकी चूत को चाटने लगा और अपने दोनों हाथों से उनके बूब्स भी दबाने लगा। वो तो सीधा सातवें आसमान पर पहुँच गयी थी और इतनी आवाज़ें निकाल रही थी कि जैसे कोई पॉर्न स्टार हो, आआआआआहह आआअहह उउऊहह आआआआअ आआहह। मैंने उनकी चूत चाट-चाट कर उनको इतना मदहोश कर दिया था कि उन्हें होश ही नहीं था और चूत चाटते-चाटते उस समय ही उनका पानी पूरा मेरे मुँह में ही निकल गया और उस समय में भी इतना मदहोश था कि में पूरा पानी पी गया। फिर वो बोलने लगी कि मेरे राजा अब और मत तड़पाओ इस प्यासी चूत को, अब डाल भी दो इसे अंदर, लेकिन में नहीं माना और अब मेरी बारी थी।

फिर मैंने अपने कपड़े उतार दिए और कहा कि अब मेरा लंड चूसो तो वो मना करने लगी, लेकिन जैसे ही उसकी नज़र मेरे 7 इंच के लंड पर पड़ी तो वो सीधे उस टूट पड़ी और पोर्न स्टार की तरह लॉलीपॉप समझकर चूसने लग गयी और जैसे ही उसने मेरे लंड को मुँह में लिया तो में तो पागल सा हो गया। मुझे ऐसा लग रहा था कि में सातवें आसमान में हूँ, अब मुझे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि ये क्या हो रहा है? लेकिन मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। सच दोस्तों जो मज़ा लड़की से अपना लंड चुसवाने में है, वो मज़ा किसी लड़की को चोदने में भी नहीं है। वो करीब 8 मिनट तक मेरा लंड चूसती रही और वो इतनी पागलों की तरह चूस रही थी कि मुझसे कंट्रोल ही नहीं हो रहा था और मेरा स्पर्म निकल गया और उसने भी मज़े से मेरा पूरा पानी पी लिया। अब हम थक गये थे तो 5 मिनट तक हम ऐसे ही पड़े रहे और 5 मिनट के बाद उसने मेरा फिर से चूसकर खड़ा कर दिया और में उसकी चूत को चाटकर उसे गर्म करने लगा। फिर करीब 10 मिनट में उससे रहा नहीं गया और वो ज़ोर-ज़ोर से साँस लेते हुए कहने लगी डाल दो अंदर।

फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर रखा और अंदर बाहर करने लगा, लेकिन मेरा लंड थोड़ा ही अंदर जा रहा था। तब मुझे एहसास हुआ कि या तो उनके पति का लंड छोटा ही होगा तो इसलिए संतुष्ट नहीं कर पाते है या ये लंड की बहुत प्यासी है। फिर मैंने देर ना करते हुए फिर एक ज़ोर का झटका मारा तो मेरा आधा लंड अन्दर घुस गया तो वो चिल्ला उठी, निकाल दो बहुत दर्द हो रहा है। फिर मैंने लंड बाहर निकाला और 1 मिनट के बाद फिर से मैंने एक ज़ोर का झटका दिया तो मेरा पूरा लंड उनकी चूत को फाड़ते हुए अंदर चला गया और में सीधा उनको किस करने लगा ताकि उनकी आवाज़ बाहर ना आए। अब मुझे पता था कि वो चिल्लायेगी और उनकी आँखों से आँसू निकल आए। फिर थोड़ी देर तक हम दोनों शांत रहे। उन्हें बहुत दर्द हो रहा था, तभी उन्होंने कहा कि उनके पति का लंड बहुत छोटा है और वो 5 मिनट में ही झड़ जाते है और वो ठीक से सेक्स भी नहीं करते, संतुष्ट करना तो बहुत दूर की बात है। फिर रात को वो थके हुए रहते है तो इसलिए सेक्स भी नहीं करते है, वो महीने में मुश्किल से 1 या 2 बार ही सेक्स करते है। फिर मैंने उनसे कहा कि अब टेन्शन मत लो जब तक में यहाँ हूँ, जब भी तुम्हारा मन करे में तुम्हारे साथ सेक्स करूँगा, ये कहकर मैंने उनको भरोसा दिलाया। अब उनका दर्द भी कम होने लगा था तो मुझमें और जोश आ गया। फिर में उनके पैरों को मेरे कंधो पर रखकर ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाता गया, अब वो भी खूब मज़े ले रही थी, आआहह चोदो मुझे, जी भरकर चोदो मुझे, आज से में सिर्फ़ तुम्हारी हूँ, जितना मर्ज़ी हो चोदना, लाल कर दो मेरी चूत को। ये सुनकर मेरा जोश और बड़ गया और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। फिर 5 मिनट के बाद मैंने उनको डाईनिंग टेबल के सहारे इस तरह किया कि उनकी बॉडी टेबल पर लेटी हुई थी और पैर ज़मीन पर थे। फिर में उनको उस पोज़िशन में पागलों की तरह चोदता रहा। फिर करीब 10 मिनट के बाद मेरा निकलने वाला था तो मैंने कहा कि मेरा निकलने वाला है। फिर उन्होंने कहा कि अंदर ही छोड़ दो में सब संभाल लूँगी। फिर मैंने अपना पूरा पानी उनके अंदर ही छोड़ दिया। अब हम दोनों थके हुए एक दूसरे की बाहों में लेटे हुए थे। उसके बाद मैंने उनको बहुत बार अलग-अलग स्टाईल में चोदा। अब एक हफ्ते पहले ही उनके पति का गुजरात में ट्रान्सफर हो गया है तो वो अब अपनी फेमिली के साथ रहते है। अब में उन्हें बहुत याद करता हूँ, हम दोनों अभी भी एक दूसरे के सम्पर्क में है, लेकिन अब ऐसा लगता है कि हम दोनों की चुदाई फिर कभी नहीं हो पायेगी ।।

धन्यवाद …

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आँचल मेडम को डॉगी स्टाइल में जबरदस्त चोदा http://sexkahani.net/%e0%a4%86%e0%a4%81%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a1%e0%a5%89%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%b2-%e0%a4%ae/ Tue, 21 Mar 2017 15:38:41 +0000 http://sexkahani.net/?p=10395 हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम वीरेन है और में आज आप सभी को अपनी एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ जो कि मेरे साथ हाल ही में घटी है. दोस्तों मेरी उम्र 23 साल है. मेरा रंग गोरा और मेरी हाईट 5.11 इंच है. मेरे लंड का साईज़ 8.5 इंच है और 5 इंच मोटा है. में एक कॉलेज में पढ़ता हूँ. उसी कॉलेज में मेरी एक इलेक्ट्रॉनिक लेब की एक मेडम है.

उनका नाम आँचल है और उनकी उम्र करीब 26 साल है और वो अभी तक कुँवारी है. में उन्हे देखकर हमेंशा पागल हो जाता हूँ क्योंकि वो बहुत ही सुंदर दिखती है. उनके फिगर का साईज करीब 36-32-34 है, लेकिन उनका रंग गेंहुआ है, मतलब गोरी से थोड़ा सा कम और सावलीं से ज़्यादा. में उनको अधिकतर समय घूरता रहता था. वो भी मुझे देखा करती थी और बस दूर से ही मुस्कुराकर रह जाती थी, लेकिन में जब भी उनको देखता तो मुझसे बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं होता था. मेरा मन करता था कि में उन्हे वहीं पर चोद दूं, लेकिन में मजबूर था.

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तो एक दिन की बात है, हमारे क्लास का लेब हो रहा था और में उनको लगातार देख रहा था और जब अचानक से उन्होंने मेरी तरफ देखा तो मैंने उनकी तरफ आँख मार दी. तो वो हड़बड़ाकर इधर उधर देखने लगी कि कोई हमें देख तो नहीं रहा. लेकिन किस्मत से उस समय हमें किसी ने नहीं देखा था. फिर कुछ देर के बाद जब सभी बच्चे लेब ख़त्म होने के बाद क्लास से बाहर जाने लगे तो में जानबूझ कर सबसे पीछे निकाला और फिर मेडम ने मुझे रोक लिया और उसने मुझसे पूछा.

आँचल : तुमने मुझे आंख कैसे मारी?

वीरेन : वो तो बहुत सीधा काम है, क्या तुम्हे वो पसंद आया?

फिर मैंने उनके बूब्स को पकड़कर दबा दिया

आँचल : आऊच तुम यह क्या कर रहे हो, तुम्हे कुछ होश भी है या नहीं?

तो मैंने उनकी साड़ी के ऊपर से ही चूत पर अपना एक हाथ रखकर कहा कि में आपको बहुत प्यार करता हूँ और आपके साथ सेक्स करना चाहता हूँ.

आँचल : तुम यह क्या कर रहे हो, बंद करो यह सब, हमें कोई देख लेगा?

तो मैंने कहा कि तो फिर आप मुझे ऐसी कोई जगह बताओ जहाँ पर हमारे अलावा कोई हमें देख ना पाए?

आँचल : तो तुम मेरे घर पर आ जाओ, वहां पर कोई भी नहीं है, में तुम्हे अपने घर का पता दे देती हूँ.

तो मैंने कहा कि मुझे कोई पता नहीं चाहिए, कॉलेज की छुट्टी के बाद हम साथ चलेंगे.

आँचल : मुस्कुराकर बोली कि ठीक है .

तो मैंने उनके बूब्स को कसकर ज़ोर से दबाया और वहां से चला गया. छुट्टी होने के बाद हम साथ साथ कॉलेज से बाहर निकले और मैंने मेडम को अपनी बाईक पर बैठाया और उनके घर चल दिए. घर पहुंचते ही मैंने मेडम के दरवाजे को बंद किया और अब मैंने मेडम को पीछे से पकड़ लिया और अपना हाथ उनके हाथ पर सहलाने लगा. मेडम वहीं पर गर्म होने लगी. में उनकी गर्दन पर चूमने लगा और चूमते चूमते मेडम को आगे घुमाया और उनकी साड़ी का पल्लू हटाया और उनका ब्लाउज खोल दिया.

फिर ब्रा के ऊपर से ही उनकी छाती को चाटने लगा तो मेडम ने मुझे हटाया और मुझे स्मूच करने लगी. हम लोगों का स्मूच लगभग बीस मिनट तक चला, कभी वो मेरी जीभ को चूसती तो कभी में उनकी जीभ को चूसता और जब में उनके नीचे वाले होंठ को चूसता तो वो मेरे ऊपर वाले होंठ को चूसती तो कभी वो मेरे नीचे वाले होंठ को चूसती. अब में धीरे धीरे चूमते चूसते नीचे आ गया. फिर मैंने उनकी ब्रा को खोल दिया. वो शरमा रही थी और अपने बूब्स अपने दोनों हाथों से छुपा रही थी. तो मैंने उनको अपनी गोद में उठाया और उनके बेडरूम में ले गया और उनके बेड पर लेटा दिया. वो अपना बूब्स छुपाते हुए पलट गई, लेकिन मैंने उन्हे पलटने से रोका और बाकी की साड़ी को भी निकाल दिया और अब मेडम मेरे सामने पूरी नंगी थी. मैंने मेडम के एक बूब्स को मुहं में लेकर चूसने लगा और दूसरे को दबाने लगा.

तो मेडम की साँसे फूलने लगी और मेडम पूरी तह से कांप रही थी. उनके चेहरे पर पसीने की कुछ बूंदे दिखने लगी थी, जिससे मुझे पता चल गया था कि मेडम अभी तक कुँवारी है और में उनके दोनों बूब्स को चूसकर उनकी चूत पर आया तो वो अपने दोनों पैरों को घुमाने लगी.

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मैंने अपने हाथों से मेडम का पैर पकड़कर फैलाया और अपना मुहं उनकी चूत पर ज्यो ही रखा तो वो पूरी तरह से सिहर उठी और पहली बार बोली आह्ह्ह्हह्ह ऊऊह्ह्ह्हह् वीरेन तुम यह क्या कर रहे हो? और अपने पैरों के बीच मेरे सर को दबाकर अपनी कमर को हिलाने लगी. तभी मैंने मेडम की चूत को अपने दांतो से काट लिया, थोड़ा सा तो वो चिल्लाई आह्ह्ह्ह वीरेन प्लीज आईईईईई दाँत ना लगाओ, मुझे बहुत दर्द होता है और अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था. मैंने भी अपनी शर्ट, पेंट और अंडरवियर को उतार दिया और मेडम को अपना लंड दिखाया तो वो लंड देखकर एकदम डर सी गई और बोली कि नहीं उन्हें सेक्स नहीं करना, क्योंकि मेरा लंड उनकी चूत में नहीं जा सकता, लेकिन मैंने उन्हे किसी तरह से समझाया और सेक्स करने के लिए मनाया.

फिर मैंने उनके पैरों को फैलाकर अपना लंड उनकी चूत पर सेट किया और एक जोरदार झटका दिया और मेरा पूरा का पूरा लंड मेडम की गरम जोश से भरी गीली चूत में फिसलता हुआ चला गया. मेडम पूरे ज़ोर से चिल्लाई और हांफते हुए रोने लगी. तो मैंने उनके मुहं पर अपना मुहं रख दिया और स्मूच करने लगा और धीरे धीरे धक्के लगाने लगा. उनकी चूत बहुत टाईट लग रही थी और करीब 15 मिनट के बाद में मेडम को थोड़ा अच्छा महसूस हुआ.

मैंने अपना लंड अब अंदर बाहर करना शुरू किया और धीरे धीरे अपनी चुदाई की स्पीड को बड़ा दिया और अब मेरा लंड बहुत आसानी से चूत के अंदर बाहर हो रहा था और जब कुछ देर के बाद मैंने जब अपने लंड को चूत से बाहर निकाला तो में बिल्कुल चकित रह गया कि उनकी चूत से एक भी बूंद खून नहीं निकला था. फिर मैंने मेडम को डॉगी स्टाइल में आने को कहा और फिर मैंने उन्हे डॉगी स्टाइल में जबरदस्त चोदा और करीब 55 मिनट की चुदाई के बाद में उनकी चूत में झड़ गया और थककर उनके ऊपर लेट गया और उनके बूब्स को सहलाने लगा और कुछ देर के बाद में उनके बूब्स को चूमने, चूसने लगा और थोड़ी ही देर बाद मेडम उठकर बाथरूम में चली गई और अपनी चूत को अच्छी तरह से धोकर आ गई और मेरी छाती से लिपटकर मेरी बाहों में लेट गई.

फिर मैंने उनसे पूछा कि आप मुझे सच सच बताए कि आप आज तक कितनी बार सेक्स कर चुकी है? तो वो बोली कि यह आज मेरा पहली बार सेक्स था. तो मैंने कहा कि नहीं आप मुझसे कुछ छुपा रही हो ऐसा हो ही नहीं सकता? और अगर ऐसा था तो आपकी इस पहली घमासान चुदाई से आपकी चूत से खून क्यों नहीं निकाला? तो वो मुझसे बोली कि वीरेन जब में 20 साल की थी तब दो लड़को ने मेरा रेप किया था और इसलिए मेरी चूत की सील पहले से ही टूटी हुई है.

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मैंने कहा कि तो कोई बात नहीं मेडम अब आप बिल्कुल भी टेंशन ना लो, में हूँ ना. तो वो मुझसे बोली कि वीरेन क्या तुम मुझसे शादी करोगे? तो मैंने कहा कि लेकिन मेडम यह कैसे हो सकता है? वो बोली कि देखो वीरेन हम दोनों की उम्र में मात्र 4 साल का अंतर है जिससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता है, में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ और में अब तुमसे शादी भी करना चाहती हूँ. वीरेन प्लीज तुम वो पहले इंसान हो जो मेरे दिल को बहुत अच्छे लगे हो और तुमने आज मुझे चोदकर वो सुख दिया है जिसको में बहुत सालों से तलाश रही थी. तुमने मुझे आज पूरी तरह से संतुष्टि का सुख दिया है और में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ. वीरेन हम दोनों कॉलेज छोड़ देंगे और अपनी एक नई दुनिया बसाएँगे, प्लीज अब मान भी जाओ ना वीरेन, प्लीज मेरी जान अब जिद छोड़ दो.

तो मैंने कुछ देर सोचने के बाद कहा कि ठीक है मेडम, में भी आपसे बहुत प्यार करता हूँ और में आपसे शादी भी करने को तैयार हूँ, लेकिन सिर्फ़ आप एक साल रुक जाए, क्योंकि इसके बाद मेरा एक साल और है, फिर मेरी पढ़ाई पूरी होने के बाद मुझे कहीं भी अच्छी सी नौकरी मिल जाएगी और हम दोनों एक साथ रहने लगेंगे और हम दोनों उसी समय शादी भी कर लेंगे.

मेडम ख़ुशी से मुझे चूमते, चाटते हुए बोली कि सच में मुझे बिल्कुल भी विश्वास नहीं होता कि तुम मान गये, में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ, तुम बहुत अच्छे हो वीरेन. दोस्तों फिर उसके बाद हम लोगों ने उस रात करीब चार बार और सेक्स किया और फिर हम लोग रोज रोज सेक्स करने लगे. में हर रोज उनकी ज़ोर ज़ोर से जमकर चुदाई करता और बस अब उनकी गांड मारनी ही बाकी है और में जब भी उनकी गांड मारना चाहता हूँ तो वो मुझे साफ मना कर देती है और कहती है कि अपनी सुहागरात के लिए भी तो कुछ बचाकर रख लो और तुम सुहागरात के दिन ही मेरी गांड मारना और में तुमसे उस दिन कुछ भी नहीं कहूंगी.

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