Aunty Ki Chudai

आंटी को लंड पर बिठाकर चुदाये के मजे दिए

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Hindi Sex Stories हेलो दोस्तों मैं विश्वनाथ आप सभी का KAMUKTA में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। मैं 24 साल का एक बहुत ही आर्कषक लड़का हूँ। मेरा कद 5’ 8” है। मेरा बदन बहुत ही कसरती है। मैं देखने में बहुत हैडसम और जवां मर्द लगता हूँ। मुझ पर कई लड़कियाँ मरती है और मुझसे चुदाना चाहती थी। मुझे वो अपनी चिकनी रसीली चूत देना चाहती थी पर मैं सबसे हॉट, कमसिन और खूबसूरत लड़की को ही चोदता हूँ। मुझे मोटी, काली, और भद्दी लड़कियों की चूत से सख्त नफरत है। सिर्फ देखने में अच्छी, सुंदर और मोडर्न लड़कियों की बुर चोदना मुझे पसंद है। सलमान की तरह मेरे 6 पैक ऐब्स बने हुए है। मेरे बाल घुघराले है। मैं अभी तक 6 खूबसूरत लड़कियों को चोद चुका हूँ और हर चूत की फोटो मैं अपने फोन में खींच लेता हूँ।
मेरा सेक्स पावर इतना जादा है की जैसे ही किसी हॉट सेक्सी लड़की की चुद्दी में लंड डालता हूँ और उसे बजाने लग जाता हूँ वो “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” की आवाज निकालने लग जाती है। बिना लड़की चोदे मेरा काम ही नही चलता है। मैं अंदर से काफी गर्म हूँ और बिना सेक्स और चुदाई किये मेरी जिस्म की गर्मी दूर ही नही होती है। आज आपको अपनी सेक्सी स्टोरी सूना रहा हूँ। दोस्तों मेरा घर कानपुर में है। कई दिनों से किसी लड़की को चोदने का मौक़ा नही मिल पा रहा था। क्यूंकि अभी गर्मी की छुट्टियाँ चल रही थी। मेरी गर्लफ्रेंड पूजा, मोना, और रचना से मेरा कांटेक्ट नही हो पा रहा था। वो सब अपने अपने रिश्तेदारों के घर गर्मी की छुट्टियाँ बिताने चली गयी थी। इसलिए कई दिनों से मुझे चूत मारने को नसीब नही हो रही थी। कुछ दिन बाद मेरे पड़ोस की रिया आंटी मुझे लाइन देने लगी। उनके पति बम्बई में किसी फैक्ट्री में नौकरी करते थे। रिया आंटी का घर मेरे घर के बगल ही था। एक दिन उन्होंने मुझे बुलाया और अपने पास बिठाया। अभी 2 महीना पहले उनको एक लड़का पैदा हुआ था।

“क्या है आंटी??? कैसे याद किया??” मैंने उसने पूछा
“अरे बेटा तुम तो अब कभी मेरे घर आते ही नही हो। मैंने रसगुल्ले बनाये है। बैठो लेकर आती हूँ” रिया आंटी बोली
दोस्तों वो बहुत अच्छी आंटी थी। मुझे बहुत प्यार करती थी। जो भी पकवान बनाती हूँ जरुर मुझे देती थी। आंटी रसगुल्ले ले आई और मुझे दे दिया। मैं खाने लगा। तभी उनका लड़का कुनकुनाने लगा। आंटी ने उसे अपनी गोद में लिटा लिया अपने ब्लाउस की बटन खोलने लगी। उसकी चूची 40” की थी। जल्दी ही उन्होंने अपनी बायीं चूची निकाली और लड़के के मुंह में डाल दी। मेरी नजर उनकी रसीली चूची पर पड़ गयी। इकदम से मेरा लंड खड़ा हो गया। काश ये चूची मुझे पीने को मिल जाती मैं सोचने लगा।
“अरे बेटा विश्वनाथ खाओ खाओ। रुक क्यों गये” रिया आंटी बोली
मैं फिर से रसगुल्ले को चम्मच से काटकर खाने लगा। पर बार बार मैं तिरझी नजरों से आंटी के बड़े से मम्मे को देख रहा था। उफ्फ्फ कितनी बड़ी, बिल्कुल सफ़ेद और गोरी गोरी चूची थी। मेरा आंटी को चोदने का मन कर रहा था।
“बेटा तुम तो जानते ही हो की मेरे पति यहाँ नही रहते है। ये कुछ सामान की लिस्ट है। प्लीस बेटा इसे बजार से ला दो” आंटी बोली
पैसे और झोला लेकर मैं बजार चला गया। पर बार बार रिया आंटी के 40” के मम्मे मुझे याद आ रहे थे। हे भगवान आज आंटी के मम्मे पिला दो और चुद्दी दिलवा दो। मैं कई बार मन्नत मांगी। करीब 1 घंटे बाद मैं सामान ले आया। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“अरे! ले आये बेटा” आंटी बोली
“बैठो चाय पी लो” रिया आंटी बोली और रसोई में चली गयी। मेरा तो लंड पहले से तन गया था। मैं भी उनके पीछे चला गया। वो खड़ी होकर गैस पर चाय बना रही थी।

मैंने पीछे से उनको पकड़ लिया और उसके गले पर किस करने लगा। मैंने जल्दी जल्दी उनके गले और ब्लाउस पर पीछे से किस कर रहा था। काफी देर तक मैंने उनको नही छोड़ा। फिर वो चुदने को तैयार हो गयी। उनकी चाय उफन गयी थी मेरे चक्कर में। आंटी मुझे ताड़ने लगी तो मैंने उनको सीने से लगा लिया।
“रिया आंटी आई लव यू सो मच” मैंने कहा तो वो भी मेरे सीने से चिपक गयी। काफी देर तक हम रसोई में खड़े रहे और एक दूसरे के सीने से चिपके रहे। फिर मैंने उनको पीठ से दोनों हाथो से जकड़ लिया और उनके रसीले होठ चूसने लगा। आंटी थरथराने लगी। वो कांपने लगी। मैं जल्दी जल्दी उनके मधुर ओठ चूसता जा रहा था। बड़ा आनंद आ रहा था दोस्तों। रिया आंटी ने नाक में रिंग पहन रखी थी। वो गजब की मस्त आइटम लग रही थी। वो मेरा पूरा साथ निभा रही थी। मैंने जवानी के मजे उनके साथ लूट लिए और 15 मिनट उनके अंगूर की तरह रसभरे होठ चूस लिए। जिन्दगी का मजा आ गया था दोस्तों। आंटी ने मेरी जींस के उपर से मेरा लंड पकड़ लिया और हिलाने लगी।
“आंटी चुद्दी दोगी अपनी??” मैंने पूछा
“चल कमरे में चल बेटा” वो बोली
मैंने उनको लेकर बेडरूम में चला गया। उनका लड़का सो गया था। घर पर कोई नही था। मैं आज आराम से आंटी को चोद सकता था। कमरे में पहुचते ही आंटी बिस्तर पर लेट गयी। मैं उनके उपर लेट गया। मैंने ही उनके ब्लाउस के बटन खोलना शुरू कर दिया। फिर ब्लाउस निकाल दिया। आंटी ने अंदर कोई ब्रा नही पहनी थी क्यूंकि उनका लड़का बार बार दूध पीता था।

फिर मैंने अपने सारे कपड़े निकाल दिया। मेरा लंड 8” का था और तन गया था।
रिया आंटी ने खुद ही अपनी साड़ी उतार दी। जल्दी से उन्होंने अपने लाल रंग के पेटीकोट का नाडा खोल दिया और निकाल दिया। फिर उन्होंने अपनी पैंटी निकाल दी। मैंने रिया आंटी के बगल लेट गया। वो मेरे उपर आ गयी। वो गोल मटोल और भरे हुए जिस्म की थी। उनका जिस्म भरा हुआ था और काफी सेक्सी था। आंटी का फिगर 40 32 34 का था। वो बहुत सुंदर, हसीन, कमसिन और चुदासी आइटम थी। हम दोनों फिर से किस करने गले। मुझे लग रहा था की कोई गद्दा मेरे उपर पड़ा हुआ है। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। मैंने आंटी के छलकते दूध को पकड़ लिया और दबाने लगा। कुछ ही देर में उनकी रसीली चूची से दूध निकलने लग गया। मुझे ये देखकर बड़ा रोमांच हुआ। मैंने कसके आंटी की बायीं चूची को निचोड़ दिया और नीचे अपना मुंह लगा दिया। आंटी “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” करने लगी। दूध की सफ़ेद बुँदे मेरे मुंह में जाने लगी। मैं इस तरह आंटी से खेलने लगा। दूध दबाता और उनकी काली काली सेक्सी निपल्स से रस निकलने लग जाता। मैं पी लेता। कुछ देर बाद मैंने उसकी दाई चूची अपने मुंह में ले ली और चूसने लगा। आंटी “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की कामुक आवाजे निकालने लगी। दोस्तों मैं हाथ से उनके खूबसूरत बूब्स दबा भी रहा था और दूध भी पी रहा था। मुझे भरपूर आनंद मिल रहा था।

उसके बाद मैं तेज तेज मुंह चलाकर उनकी बायीं चूची पीने लगा। रिया आंटी के बूब्स कमाल के थे। 40” के बड़े बड़े थे और बड़ी मुस्किल से मेरे मुंह में जा रहे थे। उनकी चूचियां बेहद मुलायम और नर्म थी। मैं बार बार उस काले गोले को चूस रहा था। उनकी चूची से दूध निकल रहा था। मैं पूरा का पूरा पी जाता था। कई बार मैंने अपने दांत आंटी के मम्मे में गड़ा दिये। वो “…..ही ही ही……अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” बोलकर चीख जाती थी। मैं मुंह चला चलाकर उनके बूब्स चूस रहा था। दोस्तों मुझे जन्नत जैसा महसूस हो रहा था। आज तो मेरी जिन्दगी में चार चाँद लग गए थे। वो मेरे उपर किसी गद्दे की तरह लेटी थी।
उसके बाद आंटी ने खुद ही अपनी चूत में मेरा लंड सरका दिया। मेरे दोनों हाथ उन्होंने पकड़ लिए और उपर नीचे उठने बैठने लगी। मैं सीधा लेट गया। अब आंटी चुदने लगी। मैंने उनके 40” के बूब्स हाथ में ले लिए थे। आंटी जल्दी जल्दी मेरे लंड पर उठने बैठने लगी। वो चुद रही थी। मुझे अच्छा लग रहा था। मुझे कुछ नही करना पढ़ रहा था। वो आपने आप चुद रही थी। मैं सिर्फ उनके बूब्स को सहला रहा था और मस्ती से उनको चोद रहा था। कुछ देर बाद मेरा 8” का लंड जल्दी जल्दी उनकी चुद्दी में सरकने लगा। मुझे अजीब सा नशा मिल रहा था। उधर आंटी भी चुदासी होती जा रही थी। फिर उन्होंने मेरे दोनों सेक्सी कंधों पर हाथ रख दिया और मुझ पर झुक गयी। उसके बाद तो वो किसी घोड़ी की तरह मेरे मोटे लंड की सवारी करने लगी। “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” आंटी चिल्ला रही थी। वो मेरे लौड़े की सवारी करने में बिसी थी। अब मुझे भी सेक्स का नशा चढ़ गया गया था। मैंने काफी देर तक उनकी निपल्स को मसला। फिर उनके गोल मटोल चूतड़ को हाथ में भर लिया और सहलाने लगा। आंटी जल्दी जल्दी अपनी कमर मटका रही थी और मेरे लंड पर बैठकर चुदा रही थी। मुझे भरपूर मजा मिला दोस्तों। आधे घंटे बाद मैंने उनके गुलाबी भोसड़े में माल गिरा दिया।

1 Comment

  1. Koi bhabhi auntyHaryana Punjab NCR chd se jisko real sex Karna ho aapki identity gupt rhegi