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कमसिन क्लासमेट की पहली चुदाई (Meri Pahli Chudai: Kamsin Classmate Ki Chut Chudai)

यह Meri Pahli Chudai की कहानी है, यह एक सच्ची घटना है। आशा करता हूँ कि आप लोगों को मेरी कहानी पसंद आएगी।
हाय दोस्तो, मेरा नाम नवी है अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार!

मैं दिखने में सुन्दर हूँ.. गोरा हूँ। मेरी लम्बाई 5 फुट 8 इंच है। मैं एकदम फिट हूँ और मेरा लंड भी लम्बा और मोटा है। मैं दक्षिण दिल्ली का रहने वाला हूँ।

बात उन दिनों की है जब मैं 11 वीं क्लास में था और हमारे स्कूल में भी दाखिला शुरू होने लगे थे। एक दिन जब मैं अपनी क्लास के बाहर बैठा था क्योंकि दाखिला के काम में टीचर क्लास में नहीं आए थे। उसी दिन एक लड़की का मेरी ही क्लास में दाखिला हुआ था। मैं क्लास के बाहर अकेले ही बैठा था और कोई नहीं आया था।

वह मेरे पास आई और उसने पूछा- ग्यारहवीं क्लास कहाँ है?
जब मैंने उसे पहली बार देखा तो बस देखता ही रह गया। वो इतनी ज्यादा खूबसूरत थी कि मैं तो बस उसी में खो गया।
मैंने बताया- यही है क्लास!

कनिका अन्दर चली गई और थोड़ी देर बाद कनिका बाहर आकर मुझसे बात करने लगी। उसने मुझे बताया कि वह इसी शहर में रहती है। धीरे-धीरे हमारी बात होने लगी और हम दोनों अच्छे दोस्त बन गए।

कुछ ही दिनों में हम दोनों एक-दूसरे से अपनी हर बात बताने लगे थे। मुझे कनिका बहुत ही खूबसूरत लगती थी। जब मैंने पहली बार कनिका को देखा था मैं तो उसी दिन से उसे चाहने लगा था। मैंने कई बार सोचा कि उसे अपने दिल की बात बताऊँ.. पर मुझे एक अनजाना सा डर था कि कहीं वो मुझसे बात ही करना छोड़ दे। कभी-कभी मुझे ऐसा भी लगता था कि कनिका भी मुझे चाहती है।

फिर एक दिन मैंने हिममत करके कनिका को ‘आई लव यू..’ बोल दिया।
उसने मुझे घूरा और उठ कर चली गई, फिर उस दिन कनिका ने पूरे दिन मुझसे बात नहीं की।

छुट्टी में जाते समय कनिका ने मुझे एक पत्र दिया.. जिस पर लिखा था कि मैं भी तुमसे प्यार करती हूँ.. नीचे उसका फोन नम्बर लिखा था।
उसने शाम को 5 बजे फोन करने को कहा था।
यह पढ़ा तो मेरा दिल खुश हो गया।

शाम को ठीक 5 बजे मैंने उसे फोन किया और उससे बातें करने लगा। अगले दिन सुबह 6 बजे कनिका का फोन आया और उसने मुझे स्कूल जल्दी आने को कहा.. तो मैं जल्दी से उठा और स्कूल चला गया।

स्कूल पहुँचते ही कनिका ने मुझे अपने गले से लगा लिया और मुझे किस करते हुए ‘आई लव यू टू..’ बोला, मैंने भी उसे किस किया। हम दोनों 5-10 मिनट तक चूमा-चाटी करते रहे और फिर किसी के आने की आवाज आई.. तो हम सामान्य होकर बातें करने लगे।

फिर हम रोज ऐसे ही स्कूल जल्दी आते थे और फिर हमारा एक-दूसरे को चूमना-चाटना शुरू हो जाता। पर अब हम से रहा नहीं जा रहा था क्योंकि हम तो जवानी की आग में जल रहे थे।

उस आग को भी तो किसी प्रकार से बुझाना ही था। सीधी भाषा में कहें तो हम दोनों चुदाई के लिए मौका तलाश करने लगे। जल्दी ही भगवान ने हमारी सुन ली और हमें एक मौका मिल गया।

एक दिन कनिका के पापा और मम्मी को किसी परिचित की बेटी की शादी में जाना था.. तो वे दोनों सुबह जल्दी ही चले गए। उस दिन कनिका ने स्कूल की छुट्टी कर ली और फोन पर मुझे सारी बातें बता दीं तो उस दिन मैंने भी स्कूल से छुट्टी कर ली।

करीब 9 बजे कनिका का भाई अपने ऑफिस चला गया और 11 बजे मैं उसके घर पहुँच गया। मैंने घंटी बजाने ही वाला था कि कनिका ने दरवाजा खोल दिया। मैंने जल्दी से अन्दर आकर दरवाजा बंद कर दिया। कनिका ने कहा- तुम बैठो.. मैं तुम्हारे लिए नाश्ता लेकर आती हूँ।

वो जाने लगी तो मैं उसके पीछे-पीछे चला गया और उसको पकड़ कर अपनी बांहों में ले लिया। वो भी मुझसे लिपट गई.. मैं उसके कोमल गुलाबी होंठों को चूमने लगा। कनिका भी मेरा साथ दे रही थी। फिर हम दोनों अलग हुए उसने नाश्ता लगाया तो दोनों ने नाश्ता किया और मैं आराम से बैठ गया।

इसके बाद कनिका ने मेरे पास आकर मुझे चूमना शुरू कर दिया। हम दोनों काफी देर तक चूमा-चाटी करते रहे और फिर मैं उसे अपनी गोद में उठा कर उसके कमरे में ले गया। मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया और उसे चूमना शुरू कर दिया।

अब कनिका बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी थी और बार-बार बोल रही थी- अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है.. प्लीज़ मुझे चोद दो.. मेरी चुदाई कर दो।

मैं भी गरम हो उठा था। तभी कनिका बिस्तर से उठी और उसने जल्दी से मेरे कपड़े उतार दिए और उसने खुद अपने कपड़े भी उतार फेंके। अब वो एकदम नंगी थी और उसने मुझसे लिपट कर मुझे चूमना-चाटना शुरू कर दिया। मैंने भी उसके गोल-गोल गोरे बड़े-बड़े मम्मे चूसने शुरू कर दिए।

थोड़ी देर बाद मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया और उसके दोनों पैरों को चौड़ा किया और उसकी चूत चाटने लगा। कनिका कामुक सिसकारियां ले रही थी और बड़बड़ा रही थी.. जो मुझे अच्छी लग रही थीं।

मैं तो पागल हुए जा रहा था, मैं उठा और कनिका की चूत पर अपना लंड रगड़ने लगा। कनिका तड़प रही थी, अचानक उसने मेरा लंड अपनी चूत के छेद पर लगा लिया और अपने चूतड उठा दिए इधर मैंने भी अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया।

कनिका दर्द के मारे चिललाने लगी और खुद मुझे अपने से दूर करने लगी। ये हमारी पहली चुदाई थी जिससे उसकी सील टूट गई थी और उसे बहुत ज्यादा दर्द होने लगा था।

मैंने उसे किस करते हुए समझाया तो अब वो चुप तो हो गई थी.. पर उसे दर्द था.. लेकिन मैंने तब भी उसे चोदना शुरू कर दिया।

कुछ ही पलों में उसको भी मजा आने लगा था। थोड़ी देर धकापेल चुदाई के बाद कनिका दो बार झड़ चुकी थी.. बाद में मैं भी झड़ने वाला था.. तो मैंने अपना लंड बाहर निकाला और कनिका के मुँह में दे दिया। उसने भी मुँह में लंड ले लिया और चूसने लगी। मैं कनिका के मुँह में ही झड़ गया।

फिर इसके कुछ देर बाद मैंने उसे घोड़ी वाले आसन में चोदा और खूब चुदाई और मजे लिए।

उस दिन के बाद हमें जब भी मौका मिलता है.. तो हम चुदाई का मजा जरूर लेते हैं।

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