यह गांड चुदाई की कहानी, जो मैं आपको सुनाने ज़ा रहा हूँ, वो मेरी सच्ची दास्तान है। मैं बहुत खुश हूँ.. कि किसी लड़की ने मुझको को 9″ के नकली लंड के साथ चोदा था।

ये बात तब की है जब मैं 12वीं में पढ़ता था। मैं एक चूतिया सा ही लौंडा था.. मुझे चुदाई के बारे में बहुत कम ही पता था। मेरे कोचिंग में एक लड़की आती थी जो मेरी मैडम थी.. वो देखने में एकदम सामान्य थी, मुझे देख कर हंस दिया करती थी। उसके अलावा और भी जो लड़कियां आती थीं.. वो भी मुझे देखकर कभी-कभी हंस दिया करती थीं। इस सब से मुझे लगता था कि ये लोग मेरा मुँह देखकर हंस रही हैं क्योंकि मैं चूतिया सा लगता था ना..!

पर धीरे-धीरे वो मैडम मेरी ओर आकर्षित होने लगी और मुझे भी अच्छा लगने लगा कि मेरे जैसे चूतिया के साथ कोई लड़की आ सकती है।

 

एक दिन वो हमारे घर पर आई। मुझे पता नहीं था कि कौन आया है क्योंकि मैं अपना कमरा बंद करके मुट्ठी मार रहा था। मुझे किसी बात की जानकारी ही नहीं थी। मैं आँख बंद करके उसका चेहरा सोचकर ही मुठ मार रहा था।

फिर मैंने उसकी आवाज़ सुनी तो मेरा लंड एकदम से झड़ गया और मैं बिना साफ किए ही पेंट ऊपर करके बाहर आ गया।

जैसे ही में बाहर आया तो वो मुझे देखकर हंसने लगी क्योंकि मेरी पेंट से मेरा लंड थोड़ा निकला हुआ था.. जिसे मैंने साफ़ भी नहीं किया था।
तो उसके मन में पता नहीं क्या चल रहा था कि वो मुझे देखकर मुस्कुराई।
मुझे लगा कि इसको चोदने के लिए मेरा रास्ता साफ़ हो गया है.. शायद वो चुदने को तैयार थी।

अब उससे मेरी बात होने लगी।

फिर वो एक दिन हमारे घर में रहने आ गई क्योंकि उसकी मम्मी बाहर गई हुई थीं और शायद वो इस मौके पर मुझसे चुदना चाहती थी।

मेरे घर में भी कोई नहीं था तो मैं मौके का पूरा फायदा उठाना चाहता था लेकिन मेरी मजबूरी थी क्योंकि मुझे खेत पर काम करने जाना था।
तो मैंने उससे कहा- आप यहीं बैठो, मैं खेत से होकर आता हूँ।
वो कहने लगी- नहीं.. मैं भी चलूंगी आपके साथ.. मेरी अकेले में फटती है।

मैं तो खुश हो गया क्योंकि वो भी मेरे जैसी चुदक्कड़ थी।
हम दोनों की खूब जम रही थी।

जब हम खेत के रास्ते में जाने लगे थे.. तो मैंने उसे अपने घर में जहाँ भैंस बाँधी जाती है, वहां ले गया, ये बहाना मारकर कि कुछ सामान छूट गया है।

फिर हम जैसे ही गेट के अन्दर गए.. तो मैं कुण्डी लगाकर बाहर चला गया। वो कुछ नहीं बोली.. दो मिनट बाद मैं अन्दर उसके सामने आकर मुट्ठी मारने लगा। वो ये देखकर हैरान रह गई और गरम हो गई।

वो मेरे लंड के पास आई.. और लंड पर हाथ फेरने लगी।
मेरा लंड चोदने को तैयार था।

फिर मैंने बिना देर किए उसका सूट उतारा और मम्मों को दबाने लगा। वो मोनिंग करने लगी- आआहह आआअहह उउउफ्फ़.. उम्म्म.. और जोर से.. पी जाओ इन्हें आज.. मुझे डेरी खुलवा दो.. मेरे मम्मों से..!
फिर क्या.. मैं तो पागल हो गया था, मैं एक हाथ से मम्मों को दबा रहा था और दूसरे हाथ से मुट्ठी मार रहा था।

फिर मैंने बिना देर किए उसकी सलवार उतार दी.. और जैसे ही मैंने उसकी पेंटी पर हाथ रखा तो मैंने देखा कि उसके पास मेरे से भी लंबा नकली लंड बंधा हुआ था। उसने झट से बाज़ी उल्टी की और अपना लंड मेरे मुँह में दे दिया। मैं साँस भी नहीं ले पा रहा था, मेरे मुँह में उसका लंड फंस गया था।

उसने मुझे उल्टा करके मेरी गांड में लंड डाल दिया और बोलने लगी- भोसड़ी के… बहुत चोदने की सोच रहा था ना मुझे.. ले आज तेरी मैं गांड चोदती हूँ।
जैसे ही उसने अपना नकली मोटा लंड मेरी गांड में डाला.. मैं पागल हो गया। चूँकि मैं पहले भी गांड मरवा चुका हूँ ना.. तो मुझे गांड मराने की आदत थी.. बस मौका चाहिए था।

मैं चुत मारने चला था और गांड मरवाने लगा। मेरे मुँह से आवाज़ आ रही थी- आआअहह.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… उउफफफ्फ़ मत मार..
मेरी गांड से खून निकल रहा है।

मेरा छेद ज़्यादा ही बड़ा हो गया था और लंड मुश्किल से ज़ा रहा था। उसने घर में पड़े हुए आम का इस्तेमाल किया और मेरी गांड पर आम का रस लगाकर अपना 9″ का नकली लंड डाल दिया और मेरी शर्ट फाड़कर मेरे छोटे से दानों पर भी आमरस लगा कर चूस लिया।

मुझे पता नहीं था कि मेरी वीडियो भी बन रही है। उसने शायद उन दो मिनट में इस सबका इंतज़ाम कर लिया था।

दोस्तो, मेरी गांड आम का रस लगाकर इस तरह से पहले कभी नहीं मारी गई थी। मेरी वीडियो उसके पास है वरना मैं आप सबको अपनी चुदाई भी दिखा सकता था।

अब मेरे लंड ने खड़ा होना बंद कर दिया है और उसी की वजह से मेरी आज तक सिर्फ गांड मारी गई है, जिससे मैं बहुत खुश भी हूँ। मेरा बचपन से गान्डू बनना मेरा सपना था और मेरी ज़िंदगी में मुझे सफलता मिल गई थी।

मैं फिर से अपनी गांड की चुदाई की कहानी के साथ हाज़िर होऊँगा तब तक आप मेल कीजिएगा।

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