आदरणीय गुरूजी को सादर प्रणाम | दोस्तों मेरा नाम विशु कपूर है और आगरा से एक 25 साल का स्मार्ट सा नौजवान हूँ लेकीन अभी फ़िलहाल अहमदाबाद में अपनी मौसी के घर पर उनके साथ ही रह रहा हूँ | मेरी मौसी के घर से करीब 5-6 कीलोमीटर दूर एक रेणुका नामक लड़की जो एक मसाज पार्लर चलाती है के यहाँ पर मैं मसाज बॉय हूँ जिसमें मेरा काम औरतों और लड़कियों की मसाज करना और मसाज कराने वाली औरतों और लड़कियों की मर्जी से उनकी चुदाई करना है | मेरे फिजिकल स्टेटस के बारे में तो शायद सभी लड़के दोस्त और सभी लड़कियां दोस्त जानते ही होंगे लेकीन जो नहीं जानते हैं उन्हें मैं फिर से बताये देता हूँ | मेरी लंबाई 5 फुट 11 इंच है और मेरा रंग गेहुँआ है, नियमित रूप से कसरत करने की वजह से मेरा बदन गठीला है और मेरा लंड 9 इंच लंबा और करीब 7 इंच गोलाई में मोटा है | यदि कीसी भी लड़की या लड़के को मेरे लंड की मोटाई पर शक हो तो वो इंची टेप ले और उससे 7 इंच नापे फिर इंची टेप का पहला सीरा 7 इंच पर रखे तो अपने आप गोलाई निकल आएगी | खैर मैं अपनी कहानी पर आता हूँ |

जैसा की मैंने अपनी पिछली कहानी में बताया था की 16 फरबरी 2017 को जब मेरे मौसी मौसाजी वैश्णो देवी दर्शन करने चले गए और सामने रहने वाली रीमा भाभी से मेरा खाना बनाने के लिए कह गए थे  तो 18 फरबरी को मेरे लंड पर गरम गरम कॉफी फैलने के कारण मेरा लंड झुलस गया था जिस कारण मैं रीमा भाभी और पार्लर में मसाज कराने आई कई औरतों और लड़कियों को चोद नहीं पाया था उसी दौरान मेरे मोबाइल पर आगरा की बहू डॉक्टर श्रेया जिसका माइका यहीं अहमदाबाद में है और मैंने आगरा से अहमदाबाद आते समय ट्रेन में डॉक्टर श्रेया और उसकी ननद की पूरे रास्ते चुदाई की थी का फ़ोन आया की विशु जी मेरी सहेली आपके लंड से चुदना चाहती है इसलिए आपकी फीस क्या है और वो एक गरीब औरत है क्योंकी उसका पती एक नंबर का शराबी है और न ही कुछ कमाता है और तो और उसे बिस्तर पर भी खुश नहीं कर पाता है और वो बिस्तर पर प्यासी रह जाती है | मैंने कहा की श्रेया जी, आपकी सहेली क्या करती हैं? श्रेया ने बताया की वो एक कंपनी में रिसेप्शनिस्ट है और उसे मुश्किल से 10-12 हज़ार सैलरी मीलती है |

जिसे भी उसका पती छीन कर ले जाता है और शराब में उड़ा देता है तो मैंने उसकी बात काटते हुए कहा की वो अपनी प्यास बुझाना चाहती है | तो मैंने कहा की श्रेया जी मैं उनसे अपनी फीस नहीं लूँगा लेकीन आप ये मत समझना की मैं उन्हें चोदुंगा नहीं, मैं उन्हें अवश्य चोदुंगा लेकिन आज नहीं कल क्योंकी कल मेरे लंड पर गरम गर्म कॉफी गीर गई थी जिस कारण से कीसी की भी चुदाई नहीं कर पा रहा हूँ और हाँ अपनी सहेली को कल सुबह 11:00 बजे भेजना क्योंकी मैं सुबह सुबह फ्री वाली चुदाई नहीं करता क्योंकी आप तो जानती हैं की मैं एक धंधे वाला लड़का हूँ और इस तरह बोनी ख़राब होती है | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | श्रेया ने बीच में ही कहा की नहीं विशु जी मैं आपकी बोनी ख़राब नहीं होने दूँगी | मैंने कहा ठीक है आप उन्हें सुबह करीब 11:00 बजे भेज दीजिये ओ0के0 | फिर मैंने एड्रेस और लोकेशन देकर फ़ोन काट दिया |

अगले दीन सुबह ठीक 11:00 बजे डॉक्टर श्रेया एवं उसकी सहेली शेवेरलेट कार से मेरे घर पर आ पहुँचे| जब मेरी कॉल बेल बजी तो मैंने दरवाजे पर देखा तो डॉक्टर श्रेया और एक परी जैसी सुंदर औरत खड़ी थी | डॉक्टर श्रेया को तो मैं ट्रेन में चोद चूका था इसलिए उसे तो मैं पहचान गया लेकीन जो श्रेया के साथ थी उसे मैं नहीं पहचानता था पर मैं समझ गया था की ये डॉक्टर श्रेया की सहेली है | डॉक्टर श्रेया ने उस औरत से मेरा परीचय नंदिनी (बदला हुआ नाम) कौर के नाम से कराया जिसकी हाइट करीब 4 फुट 11 इंच थी, रंग गोरा, फ़ीगर लगभग 36-26-34 था | कुल मिलकर वो एक बम थी जिसे देखकर कीसी का भी लंड खड़ा हो जाये और उसे चोद दे | मैं मन ही मन सोचने लगा की इसका पती कोई चुतीया है जो इतनी सुंदर बीबी को छोड़कर शराब पीता है मतलब असली शराब छोड़कर नकली शराब पीता है |

डॉक्टर श्रेया ने मुझसे चुटकी बजाकर पूछा विशु जी, आप कहाँ खो गए? मैंने कहा कहीं नहीं बस ऐसे ही | सोच रहा था आपकी सहेली का पती बेवकूफ है जो असली शराब को छोड़कर नकली शराब पीता है | उस शराब का नशा तो एक समय के बाद उतर जाता है लेकीन इस शराब का नशा मरते दम तक नहीं उतरेगा | तभी डॉक्टर श्रेया ने 25.. रूपये मेरे हाथ पर रखते हुए बोली की विशु जी, ये पैसे आप रख लीजीए |

मैंने कहा की हमारी बात तो आपकी सहेली के लीये फ्री चोदने की हुई थी तो वो बोली की मैं आपको अपनी सहेली की फीस नहीं दे रही हूँ ये पैसे उस दीन के हैं जब आपने मेरी ननद की सील तोड़ी और मुझे भी खुश किया था और जो भी बचे हैं वो आज के लिए हैं मतलब मेरी सहेली के साथ साथ आपको मेरी चूत भी चोदनी है क्योंकी आगरा से आने के बाद एक बार मैंने अपने पडोसी से चुदवाया था लेकीन उसके लंड में वो दम नहीं था जो आपके लंड में है| साला वो तो 10 मिनट में ही झड़ गया हालाँकी लंड तो उसका लंबा और मोटा था लेकीन 10 मिनट में ही झड़ गया था तो कहाँ मेरा पडोसी और कहाँ आप | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | और उल्टा आपको बहुत टाइम लगता है इसलिए मैंने नंदिनी को मैंने और मेरी ननद ने समझाया की वो अपनी चूत और गाँड में आपका लंड डलवाकर कम से कम एक बार तो देखे | मेरी ननद ने बताया की जब मेरी सील विशु जी ने तोड़ी तो मुझसे ढंग से चला भी नहीं जा रहा था तो भाभी मतलब मैंने उसकी चूत की सिकाई की थी और डॉक्टर श्रेया ने ये भी बताया की मैं खुद कितना चीखी चिल्लाई थी जब विशु जी ने मेरी चुदाई की थी | मतलब मैंने नंदिनी को बड़ी मुश्किल से आपसे चुदने के लिए राजी किया है इसलिए विशु जी, आपसे प्रार्थना है की इसे ऐसे चोदो की इसकी पूरी प्यास बुझ जाये |

मैंने नंदिनी से पूछा की आप को कंडोम पसंद है या नहीं? नंदिनी ने कहा कंडोम लगाना जब पसंद होता है मैं महीने से होती हूँ अदरवाइज़ नहीं और फिर इतने बड़े और मोटे लंड से चुदवाओ और उसका बीज चूत में न गीरे तो क्या मज़ा? आप बीना कंडोम के ही अपना लंड मेरी चूत में डालो जीससे उससे निकलने वाला बीज भी मेरी चूत में गीर सके | मेरी शादी को पूरा एक साल हो गया लेकीन अभी तक मैं ढंग से चुदी नहीं हूँ | और एक बात मेरे पती का लंड बहुत पतला और छोटा है ऊपर से पूरी तरह से खड़ा भी नहीं होता है | तो मैंने नंदिनी से पूछा की आपके पती के लंड का क्या साइज़ है? उसने कहा की करीब 4 इंच वो भी खड़ा होने के बाद |

मैंने कहा की कोई बात नहीं अब आप मेरे पास हैं इसलिए आप चिंता न करें आपकी चुदाई मैं घंटो के हीसाब से करूँगा तो चुदाई का कार्यक्रम शुरू करें क्योंकी मुझे पार्लर भी जाना पड़ता है इसलिए आप लोग अपने कपडे उतारिये ओ0 के0 | वो दोनों ही सलवार कमीज में थी | नंदिनी ने मुझसे पूछा की विशु जी क्या मैं आपका लंड देख सकती हूँ? मैंने कहा की हाँ हाँ क्यों नहीं लेकीन कपडे तो उतारिये | तो नंदिनी बोली की हमारे कपडे हम उतारें, आप उतारिये न? मैंने कहा ओ0 के0 और मैंने सबसे पहले नंदिनी की कमीज़ उतारी | दोस्तों क्या जिस्म था उसका? एकदम संगमरमर के जैसा गोरा बदन, एकदम तने हुए गोल गोल और सख्त दूध जिन पर यदि मैं अपनी शर्ट टाँग दूँ वो गीरेगी नहीं |

फिर मैंने उसकी ब्रा का हुक जिससे उसके दूध जो अब तक ब्रा में कैद थे उछल कर बाहर आ गए | मैं तो उसके दूध देखकर पागल सा ही हो गया और बहुत देर तक उसके दूध देखता रहा तो नंदिनी ने कहा क्या हुआ विशु जी, कहाँ खो गए? मेरे कपडे उतारिये न |

फिर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया तो मैंने देखा की क्या गोरी गोरी भरी भरी जांघे थी और दोनों जांघो के बीच में एक प्यारी सी क्लीन शेव चूत जिस पर एक भी बाल नहीं था शायद उसने आज सुबह ही अपनी चूत शेव की होगी? तो मैं नंदिनी को बैड पर ले गया और उसे कीस करते हुए उससे बेल की तरह लिपट गया तो डॉक्टर श्रेया ने मुझे बाहर से आवाज लगाई की विशु जी मुझे नहीं चोदोगे क्या? इसलिए मेरे कपडे कौन उतारेगा? तो मैंने डॉक्टर श्रेया से कहा की आप भी अंदर आ जाओ और अपने साथ साथ मेरे भी कपडे उतारो| तो डॉक्टर श्रेया ने जवाब दिया की आपके कपडे मैं क्यों उतारूँ, नंदिनी से उतरवाओ न? मैंने नंदिनी से कहा तो नंदिनी ने मेरी टीशर्ट उतारी फिर पजामा उसके बाद मैंने डॉक्टर श्रेया के सभी कपडे उतारे तो डॉक्टर श्रेया ने मेरा लंड अपने हाथ में ले लीया और सहलाने लगी |

इधर मैं नंदिनी को कीस करते हुए उसके एक हाथ से दूध दबाने लगा और पीने लगा और उधर डॉक्टर श्रेया ने मेरे लंड की ऊपर की खाल हटाकर सुपाड़ा खोल लीया और उसे जीभ से चाटने लगी | करीब 10 मिनट मैंने नंदिनी के दूध दबाये और पीये उसके बाद मैंने नंदिनी की टुंडी में जीभ डाल दी और साथ साथ मैं उसका सपाट पेट अपनी जीभ से सहलाने लगा तब तक डॉक्टर श्रेया ने मेरा पूरा लंड अपने मुँह में भर लीया तो अचानक ही मेरी कमर हीलने लगी और मैं डॉक्टर श्रेया का मुँह चोदने लगा और फिर मैं नंदिनी की चूत पर आ गया और मैंने अपनी एक ऊँगली नंदिनी की चूत में डाली तो नंदिनी दर्द से चिहुंकी इसका मतलब नंदिनी शादीशुदा होते हुए अब तक कुँवारी थी तो मैंने अपना लंड डॉक्टर श्रेया के मुँह से नीकाल लीया और नंदिनी के मुँह में दे दिया और मैं नंदिनी की चूत में ऊँगली डाल डाल कर चाटने लगा जैसे ही मैंने नंदिनी की चूत पर अपनी जीभ लगाई तो वो ऐसे उछली जैसे उसे 1000 वॉट का करंट लगा हो |

बीच बीच में मैं उसके चूत के दाने को भी जीभ से सहला देता था जिससे नंदिनी सिसकारी भरने लगी कुछ देर बाद मैंने डॉक्टर श्रेया से कहा की आप नंदिनी की चूत चाटो तो डॉक्टर श्रेया एक आग्याकारी बच्चे के तरह नंदिनी की चूत चाटने लगी तब तक मैंने अपना लंड जो अब तक रॉड की तरह तन गया था को डॉक्टर श्रेया को कुतिया बनाकर उसकी गाँड में पेल दिया और कास कास के 4-5 जोरदार झटके दीये जिससे मेरा लंड डॉक्टर श्रेया की गाँड में पूरा घुस गया | फिर मैं थोड़ी देर के लीये रुक गया क्योंकी डॉक्टर श्रेया की गाँड बहुत टाइट थी जिससे मेरे लंड के सुपाड़े का पिछला हिस्सा कट गया था | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |

फिर मैं धीरे धीरे डॉक्टर श्रेया की गाँड में लगाने लगा जिससे डॉक्टर श्रेया का दर्द मजे में बदल गया और मजे लेते हुए गरम गरम सिसकारियाँ लेते हुए बोली की भोसड़ी के ऐसे धीरे धीरे क्यों चोद रहा है जोर जोर से अपना लंड मेरी गाँड में पेल तो डॉक्टर श्रेया की बात सुनकर मुझे भी जोश आ गया और शताब्दी एक्सप्रेस की स्पीड से उसकी गाँड चोदने लगा तो वो बोली की हाँ ऐसे ही पेलो बहुत मज़ा आ रहा है इधर डॉक्टर श्रेया द्वारा नंदिनी की चूत चटाई से नंदिनी अकड़कर डॉक्टर श्रेया के मुँह पर झड़ गई लेकीन डॉक्टर श्रेया ने नंदिनी की चूत चाटना नहीं छोड़ा जिससे नंदिनी फिर से सिसकारने लगी तब तक मुझे भी डॉक्टर श्रेया की स्पीड से गाँड मारने से मेरा भी धैर्य जवाब दे गया तो मैंने डॉक्टर श्रेया से कहा मेरा बीज निकलने वाला है तो आप बताइये मैं अपना बीज कहाँ निकालूँ? तो डॉक्टर श्रेया ने कहा की मेरी गाँड में | तो मैं 3-4 धक्कों के बाद डॉक्टर श्रेया की गाँड में झड़ गया और उसी के ऊपर धड़ाम से गीर गया लेकिन फिर भी डॉक्टर श्रेया ने नंदिनी की चूत नहीं छोड़ी और लगातार चाटती रही जिससे वो एक बार फिर से झड़ गई | उसके बाद करीब आधे घंटे हम तीनो ने नंगे ही आराम किया तो नंदिनी खीसिया कर मेरा लंड ऐंठने लगी और बोली मुझे इतना गरम कर दिया जिससे मैं दो बार झड़ गई, आप मेरी चूत में अपना मूसल डालकर मेरी चूत की चटनी नहीं बना सकते थे तो मैंने नंदिनी से कहा की मेम मैं कोई मशीन तो हूँ नहीं जो बिना रुके आप दोनों के हर छेद की प्यास बुझा दूँ |

सब्र करो हर क्रिया में समय लगता है तभी मजा आता है | मैं इस काम को पिछले 5 सालों से कर रहा हूँ और अब तक मैंने जितनी क्लाइंट्स को अपनी सर्विस दी है वो सभी संतुष्ट हैं अगर यकीन नहीं है तो डॉक्टर श्रेया से ही पूछ लो ये भी तो मेरी क्लाइंट हैं| तो डॉक्टर श्रेया ने कहा की नंदिनी अभी गाँड मरवाने में मुझे बहुत मजा आया |

तुमने अभी देखा नहीं की विशु जी कीतनी अच्छी तरह से चुदाई करते हैं, अभी जब तुम्हारी चुदाई होगी तब बताना ओ0 के0 | और मुझसे डॉक्टर श्रेया बोली की विशु जी, आप अभी नंदिनी की चूत चोदो तो नंदिनी द्वारा मेरा लंड ऐंठने से मेरा लंड खड़ा हो चूका था तो मैंने 69 की पोजीशन लेली मतलब मैंने नंदिनी के मुँह में अपना लंड दे दिया और मैं नंदिनी की चूत चाटने लगा जिससे नंदिनी सिसकारियाँ भरते हुए मेरे मुँह को अपने हाथों से पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगी और कभी अपनी कमर को हीला हीला कर मेरे मुंह पर धक्के मारने लगी और अकड़ते हुए मेरे मुँह पर फिर से तीसरी बार झड़ गई लेकीन मैंने उसका चूत चाटना नहीं छोड़ा लगातार चाटता रहा |

कुछ देर बाद मैंने अपना लंड नंदिनी के मुँह से निकाल लीया और उसकी चूत से हटकर सीधा होकर उसकी दोनों टाँगों के बीच में आ गया और मैंने नंदिनी की दोनों टाँगे खोल दी और उसकी चूत में एक ऊँगली डालकर आगे पीछे करने लगा तो नंदिनी मीठे मीठे दर्द से चिहुँक उठी तो मैंने 2 ऊँगली एक साथ डाली जो बड़ी से मुश्किल से उसकी चूत में गई जिससे नंदिनी को बहुत तेज दर्द हुआ | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | ऐसा मैंने करीब 5 मिनट तक किया जिससे नंदिनी मेरी ऊँगली को ही लंड समझकर धक्के मारने लगी तो मैंने अपनी दोनों ऊँगली उसकी चूत से निकालकर अपना लंड का सुपाड़ा खोलकर उसकी चूत के छेद पर रख दिया और घिसने लगा |

मैंने डॉक्टर श्रेया को अपने पास बुलाया और नंदिनी के होंठ चूसने को कहा फिर मैंने सही मौका देखकर एक पूरी ताक़त के साथ जोरदार धक्का नंदिनी की चूत पर लगा दिया जिससे मेरे लंड का सुपाड़ा नंदिनी की चूत में करीब 3 इंच तक घुस गया जिससे नंदिनी मेरे नीचे दर्द से तड़प उठी और छटपटाने लगी लेकीन मैंने उसकी तड़पन पर कोई ध्यान नहीं दिया और 3 इंच तक धीरे धीरे धक्के लगाता रहा इधर डॉक्टर श्रेया नंदिनी के होठों को चूसते हुए उसके दूध दबा रही थी जिससे नंदिनी का दर्द कुछ कम हुआ और वो कामुक सिसकारियाँ लेते हुए आsssssssssहsssssssss आssssssssssssहsssssssss करने लगी और अपनी कमर हीलाने लगी तो मैंने अपना लंड चूत से बाहर निकाले बीना पूरा खींचकर दूसरा दुगनी ताक़त के साथ जोरदार धक्का लगा दिया जिससे मेरा लंड नंदिनी की चूत में 5 इंच तक घुस गया तो नंदिनी कराहते हुए मssssरssss गssssईsssssssss र र र र र ऐsssssssss उसे इतनी तेज दर्द हो रहा था जैसे उसकी चूत के छोटे से छेद में कोई धार दार चाकू डाल दिया हो| फिर मैंने 5 इंच तक धीरे धीरे धक्के लगता रहा जिससे उसे कुछ रिलेक्स मीला हालाँकी उसकी चूत मेरे लंड से दर्द से दुःख तो रही थी लेकीन जो दर्द पहले था उसकी अपेक्षा कम था और साथ साथ उसे मजा भी आ रहा था

जिससे वो अपनी कमर उठाती और गिराती तो मैंने भी सही समय देखकर 2-3 धक्के जोरदार तब तक लगाये जब तक मेरा लंड नंदिनी की चूत में पूरा नहीं घुस गया उसके बाद मैं उसकी चूत से अपना लंड बाहर निकाले बीना कुछ देर के लीये रुक गया जिससे नंदिनी को दर्द में कुछ राहत मीली फिर कुछ देर बाद पहले धीरे धीरे फिर तेज़ी से अलग अलग मुद्राओं में करीब 55 मिनट तक धक्के लगाये | जब मैं झड़ने के करीब था तो मैंने नंदिनी से कहा की नंदिनी जी मेरा बीज निकलने वाला है, कहाँ निकालूँ? नंदिनी ने बताया की मेरी चूत में और मैं नंदिनी की चूत में झड़ गया | इसी तरह से मैंने नंदिनी और डॉक्टर श्रेया को दो दो बार चोदा और एक एक बार दोनों की गाँड भी मारी |

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