दोनों भाभी के साथ रंग्ल्रालियाँ

 
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हेल्लों फ्रेंड्स, मेरा नाम नजमा है और मैं नरसिंगपुर कि रहने वाली हूँ | मैं अंजुमन स्कूल में 12वी कक्षा की छात्रा हूँ | मेरी उम्र 17 है, और मैं दिखने में बहुत गोरी हूँ | पर आप सभी तो जानते हैं कि मुसलमानों में कितना रोक टोक कितना परदे में रहना पड़ता है | जिस वजह से मैं अपने सिर्फ बदन की बनावट दिखा सकती हूँ असलियत में नहीं | मेरे घर में मैं हूँ, मेरे अम्मी-अब्बू हैं, और मेरे तीन भाईजान है जिनका नाम, असलम,करीम,अब्दुल है | मेरे तीनो भाईजान अच्छी अच्छी जगह जॉब करते हैं | जिनमे से करीम और अब्दुल की शादी हो चुकी है | मेरे दोनों भाईजान की बीवियां बहुत सुन्दर है और साथ ही उनका बदन एक दम भरा हुआ है | कुल मिला कर हमारे घर में 11 सदस्य हैं अब्दुल भाई के तीन बच्चो को मिला कर | दोस्तों अब मैं आप लोगों का ज्यादा वक़्त नहीं लूंगी और अब सीधा कहानी में आती हूँ |

ये घटना पिछले साल कि है जब मैं 11वी कक्षा में पढ़ती थी | तब मैं 16 साल की थी | वैसे तो मैं बहुत मस्तीखोर पहले से ही रही हूँ पर मैं घर में बहुत लिबास में रहती हूँ | एक दिन कि बात है, मैं अपने रूम में पढ़ रही थी | तभी मुझे अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ कि आवाजे आने लगी | मैं सोचने लगी कि क्या हो रहा है ? फिर मैंने अपने कमरे से निकल के देखा कि बाहर तो कोई नही है ? फिर मैंने सोचने लगी कि अब ये आवाज़ कहा से आ रही है ? फिर मैं अब्दुल के भाई के कमरे कि तरफ जाने लगी तो आवाज़ और तेज होने लगी थी | मुझे समझते देर ना लगी कि क्या हो रहा होगा | पर मैं खुद को रोक नहीं पाई और दरवाजे के छेद से देखने की कोशिश करने लगी | तो मैंने देखा कि अब्दुल भाई भाभी को घोड़ी बना के उनके पीछे खड़े हो कर उनकी चूत में अपना लंड जोर जोर से मार रहे हैं | भाभी के दूध धक्को के कारण झूल रहे थे | ये सब देख के मैं भी गरम होने लगी थी | मैं बाहर ही खड़े खड़े अपने दूध को एक हाँथ से मसल रही थी और अपनी पेंटी में हाँथ दाल कर अपनी चिकनी चूत को सहलाने लगी | मैं ये सब देख कर एक बार झड़ गयी पर मेरे भाईजान अभी तक नही झड़े थे | वो जोर जोर से भाभी कि चूत में अपना लंड डाल कर चोद रहे थे और भाभी अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ कर रही थी |

ये सब देखने के बाद मैं बहुत ही ज्यादा मदहोश हो चुकी थी | इसलिए मैं अपने रूम में आ गयी थी | फिर मैं अपने रूम में नंगी हो कर अपनी चूत को रगड़ने लगी और चूत का पानी निकलने लगी | जब मेरी चूत से पानी की धारा निकल चुकी थी तो मेरी नींद ही लग गयी | फिर अगले दिन सुबह मेरी नींद खुली और मैं फ्रेश हो कर स्कूल जाने कि तयारी करने लगी | तभी भाभी से किचन में रूबरू हुई | मैं भाभी को देख देख कर बहुत मुकुराए जा रही थी तो भाभी ने मुझसे पूछा कि क्यू रे नजमा क्या हुआ तुझे ? बड़ा ही मुस्कुरा रही है ? तो मैंने हँसते हँसते भाभी से कहा कि अरे भाभी ऐसी कोई बात नहीं है ? लेकिन फिर भी मुस्कुराये जा रही थी | उतने में मेरी दूसरी भाभी याने की करीम भाईजान की बीवी | वो आई और वो मुझे देख देख के मुस्कुराये जा रही थी | तो मैंने पूछा अरे भाभी आप को क्या हुआ ? आप क्यूँ इतना मुस्कुरा रहे हो ? तो उन्होंने भी यही कहा जो मैंने कहा था | मेरी तो कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था | फिर मैं स्कूल चली गयी | स्कूल से आने के बाद मैंने अपना बैग रखा और नहाने चली गयी फिर नहा कर आई तो देखा कि अम्मी और अब्बू कहीं जा रहे थे | और बड़ी वाली भाभी से यह कह रहे थे कि हम रात तक आयेंगे |

तो मैंने भाभी को आवाज़ देते हुए पूछा कि भाभी अम्मी और अब्बू कहाँ गये हैं ? तो उन्होंने बताया कि किसी के घर में फंक्शन है तो वहां गये हैं | फिर मैंने कहा अच्छा ठीक है भाभी मुझे खाना देने लगी | तो उन्होंने कहा ठीक है तू आजा नीचे मैं खाना लगा देती हूँ | उसके बाद मैं नीचे गयी तब तक भाभी ने खाना लगा दिया था | मैं टीवी देखते हुए खाना खा रही थी तभी मेरी दूसरी भाभी आई और वो मेरे पास बैठ कर बोली कि क्यूँ रे नजमा कल रात में तू क्या कर रही थी ? तो मैंने कहा भाभी कुछ नहीं देख रही थी क्यूँ क्या हुआ ? तो फिर उन्होंने कहा कुछ नहीं अच्छा सुनना तू खाना खा ले फिर मेरे कमरे में आ जाना | मैंने कहा ठीक है ! पर मैं अन्दर ही अन्दर डर रही थी तो मैंने सोचा कि मैं नहीं जाती हूँ | खाना खाने के बाद मैं सीधा अपने रूम में आ गयी थी | थोड़ी देर बाद में भाभी मेरे रूम में ही आ गयी और मेरे पास बैठ गयी और पूछने लगी कि क्यूँ तू मेरे रूम में क्यूँ नही आई ? तो मैंने कहा कि भाभी मैं थोडा डर गयी थी | इसलिए मैं आप के रूम में नही आ रही थी | तो उन्होंने पूछा अब बता क्या कर रही थी क्यूंकि मैंने तुझे देखा था कल रात | तो मैंने भाभी को सब कुछ बता दिया | भाभी ने पता नहीं क्या सोचा और क्या समझा ? मेरे होंठ में होंठ रख के किस करने लगी | मुझे अच्छा लगा तो मैंने भी उनका साथ देते हुए उनके होंठ को चूसने लगी |

भाभी मेरे उभारो को दबाते हुए मुझे किस कर रही थी और मेरा एक हाँथ उठा के अपने दूध में रख लियाथा | मैं समझ गयी थी कि क्या करना है तो मैंने भी उन्हें किस करते हुए उनके दूध दबा रही थी | अब दोनों ही ऐसा कर रहे थे | फिर कुछ देर के बाद उन्होंने मेरी कुर्ती उतार दी और मेरी ब्रा भी | वो मेरे दोनों दूध को मसल मसल के चूस रही थी और मैं अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ कर रही थी | मुझे बहुत अच्छा लग रहा था उनका ऐसा और मैं गरम हो चुकी थी | कुछ देर भाभी मेरे दूध को चूसने के बाद खुद की भी कुर्ती उतार ली और ब्रा भी | मुझे समझते देर ना लगी कि क्या करना है और मैं तैयार थी | अब मैं भाभी के दोनों बड़े बड़े दूध को जोर जोर से दबा दबा के चूस रही थी और भाभी अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ कर रही थी | मैंने उनके दूध को 10 मिनट तक खूब चूसा | फिर भाभी ने मुझे नंगी कर दिया और वो भी खुद नंगी हो गयी थी | तभी सबसे बड़ी वाली भाभी रूम के अन्दर आ आ गयी और हम दोनों नंगा देख कर उन्होंने कहा कि क्या कर रहे हो तुम दोनों ये सब ? पागल हो क्या तुम लोग ? हम दोनों डर के कारण कपडे पहनने लगे तो बड़ी वाली भाभी ने भी हँसते हुए अपने सारे कपड़े उतर दिए और कहा कि अरे पागलो मैं तो मज़ाक कर रही थी | और हम तीनो हंसने लगे |

अब हम तीनो नंगे थे | मैं लेटी हुई थी, बीच वाली भाभी मेरे दूध पी रही थी और और सबसे बड़ी वाली भाभी मेरी चूत को चाट रही थी | मैं मदहोश हो चुकी थी और अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ कर रही थी | फिर मैं सबसे बड़ी वाली भाभी की चूत चाटने लगी और वो बीच वाली भभी की चूत चाट रही थी और हम तीनो ही सिस्कारिया भरते हुए अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ कर रहे थे | हम तीनो बारी बारी से एक दुसरे की चूत का पानी निकाले और फिर कपडे पहन के अपने अपने काम में लग गए थे |

अब दोस्तों जब भी हमे कभी मौका मिलता था हम तीनो एक दूसरे के साथ लेस्बियन सेक्स कर लेते थे | अभी तक हमारे घर में किसी को भी ये बात नहीं पता सिवाए हम तीनो के |

तो दोस्तों, ये थी मेरी कहानी | उम्मीद करती हूँ कि आप सभी को मेरी ये कहानी बहुत पसंद आई होगी |


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4 Comments
  1. SATISH KULKARNI
    January 11, 2018 |
  2. karan
    January 11, 2018 |
  3. Anonymous
    January 12, 2018 |
  4. shubham
    January 12, 2018 |
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