ना जाने कबसे चुदाई मेरी बाकी है

हाय फ्रेंड्स, कैसे हैं आप सभी ? मैं तो जानती हूँ कि आप सभी अच्छे होंगे तभी तो कहानी पढने के लिए समय निकाल कर यहाँ आये | मेरा नाम आकृति है और मैं बांधवगढ़ की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 45 साल है और मैं शादीशुदा महिला हूँ | मैं दिखने में दूध के जैसे गोरी हूँ और मेरी हाईट 5 फुट 5 इंच है और मेरा बदन एक दम भरा हुआ है और मैं मोटी भी हूँ | मेरे दूध बड़े हैं और मेरी गांड बड़ी और चौड़ी है | दोस्तों मैं इस साईट की दैनिक पाठक हूँ और मुझे इस साईट की लगभग सारी कहानियां पसंद आई हैं अब तक | मुझे काफी समय हो चुका है यहाँ पर कहानियां पढ़ते हुए पर कभी मौका नहीं मिला कि आप सभी के लिए कोई मजेदार कहानी लिख सकूँ | पर आज मिला है तो दोस्तों आज जो मैं आप लोगो के सामने अपनी कहानी पोस्ट करने जा रही हूँ ये मेरी पहली कहानी है और मेरी कुछ सच्ची घटनाओ में से एक है | मैं आशा करती हूँ कि आप लोगो को मेरी ये कहानी पढ़ कर मजा भी आएगा और आप सभी उत्तेजित भी हो जाओगे | तो अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय नहीं लेते हुए अपनी कहानी पर आती हूँ |

दोस्तों मेरे घर में मैं हूँ और मेरे अलावा मेरे दो बच्चे हैं | मेरी एक बेटी है जो अभी स्कूल में पढाई करती है और बेटा बाहर रह कर अपनी इंजीनियरिंग की पढाई कर रहा है और जो मेरा पति है वो सरकारी नौकरी करता है | मेरे सास ससुर जब जिन्दा थे तब उन्होंने अपने बेटे को कभी कुछ बनाना और न ही काम करना सिखाया था | यही चीज़ उनके जाने के बाद भी हो रही है | वो दफ्तर से घर आते हैं तो बस खाना खाना टीवी देखना और सोना यही काम बस रहता है उनके पास और जब उनसे कभी दूध लाने को कहो या बिल जमा करने को कहो या किसी भी काम के लिए कहो तो बस सारा घर अपने सिर पर उठा लेते हैं और कहने लगते हैं जब इन सब का मैं इस्तेमाल नहीं करता तो मैं इसका पैसा क्यूँ दूं | मुझे हर बात पर वो परेशान करते हैं और जब उनकी छुट्टी रहती है तब वो हर बात पर कुछ न कुछ मुझे बोलते रहते हैं |

मुझसे उन्होंने कभी प्यार से बात नहीं की | एक दिन की बात है मेरे घर के पास कुछ लड़के आये हुए थे जो कि किसी चीज़ का विज्ञापन कर रहे थे | मैंने सोचा कि घर के पास ही है तो चलो चल कर देखा जाये कि क्या है | फिर जब मैं वहां पर गई तो एक लड़का था जिसका नाम विनय है उसने मुझसे कहा आइये मैडम ये है आरो का प्यूरीफायर | इसे आप घर के इस्तेमाल दुकान के इस्तेमाल और पता नहीं क्या क्या कहाँ कहाँ यूज़ करने का बता रहा था | मैंने उनसे पुछा कि कितने का है ? तो उन्होंने कहा मैडम ये आपको आसान किश्तों में मिल जायेगा और इसको लगाने में आपका कोई भी पैसा नहीं लगेगा | मैंने महीने की किश्त पूछी तो उसने मुझे बताया कि आपकी 6 महीने की किश्त रहेगी और आपको हर महीने बस 1035 रूपए देने होंगे | ये मेरे बजट में था तो मैंने उनसे ही कह दिया कि आप ही लगा दो | जब वो मेरे घर में काम कर रहा था तो मैं उससे उसकी निजी जिन्दगी के बारे में पूछने लगी उसने जो भी मुझे बताया ये सुन कर मेरा दिल बस उसी को चाहने का कर रहा था | फिर मैंने उससे पूछा कि क्या मैं तुमसे एक बात कहूँ | तो उसने कहा हाँ मैडम बोलिए | मैंने उसको अपना नाम बतया और कहा कि मुझे नाम से बोलो | वो भी शायद समझ गया था कि मैं उसे लाइन मार रही हूँ | वो धीरे धीरे समझ रहा था मेरी बातो को | फिर मैंने उससे कहा कि तुम रुको मैं तुम्हारे लिए चाय बना कर लाती हूँ | उसने कहा अरे आकृति इसकी कोई जरुरत नहीं है | मैंने कहा प्लीज मना मत करो | फिर उसने कहा ठीक है | मैं जब चाय बना रही थी तो सोच रही थी कि मैं कैसे अपनी चूत चुदवाउ उससे | सोचते सोचते मेरे मन में ख्याल आया कि मैं अपनी अदाओं से इसको अपनी ओर आकर्षित करती हूँ और चाय ले कर उसके बाजु में जा कर बैठ गई एक दाम सट कर लेकिन वो दूर खिसक गया फिर मैंने उसका हाँथ पकड़ लिया और हमारी आँखे चार हो गई | यही समां चल रहा था फिर मैंने उसे अपने पास खिसका के बैठाया और उसके फेस को सहलाने लगी तो वो मुस्कुरा उठा और मुझे ध्यान से देखने लगा ऐसा करते हुए | फिर मैंने धीरे से उसके गाल पर किस कर लिया तो उसने सीधे मेरे होंठ से अपने होंठ को लगा दिए और मेरे होंठ को चूसने लगा | मुझे उसकी उत्तेजना पसंद आई | मैं भी उसका साथ देते हुए उसक होंठ को चूसने लगी | वो मेरे होंठ को चूसते हुए मेरे दूध भी दबा रहा था | कुछ देर किस करने के बाद उसने मेरे साड़ी के पल्लू को नीचे कर दिया और ब्लाउज को भी उतार दिया | फिर वो मेरे ब्रा के उपर से ही मम्मों को मसलने लगा तो मेरे मुंह से आहा ऊंह ऊमन ऊंह ऊम्ह आहा ऊम्ह ऊंह ऊम्ह आहा ऊंहू ऊम्ह अहा की सिस्कारियां निकलने लगी क्यूंकि मैं भी गरम हो चुकी थी | फिर उसने पीछे हाँथ कर के ब्रा के हुक को खोल कर ब्रा भी अलग कर दिया और मेरे मम्मो को अपने मुह में ले कर चूसने लगा तो मैं आहा ऊंह ऊमन ऊंह ऊम्ह आहा ऊम्ह ऊंह ऊम्ह आहा ऊंहू ऊम्ह अहा करते हुए उसके सिर पर हाँथ से सहलाने लगी |

वो बहुत ही जोश में जोर जोर से मेरे मम्मों को चूस रहा था जैसे आम चूस रहा हो और मैं आहा ऊंह ऊमन ऊंह ऊम्ह आहा ऊम्ह ऊंह ऊम्ह आहा ऊंहू ऊम्ह अहा करते हुए सिस्कारियां भर रही थी | मेरे दूध को चूसने के बाद मैंने उसके शर्ट को उतार दिया और छाती के बाल को सहलाते हुए चूमने लगी और चूमते हुए उसके पेंट को और अंडरवियर को भी साथ में उतार कर नंगा कर दिया | फिर मैं उसके लंड को हाँथ से हिलाते हुए जीभ से चाटने लगी तो उसके मुंह से भी आहा ऊंह ऊमन ऊंह ऊम्ह आहा ऊम्ह ऊंह ऊम्ह आहा ऊंहू ऊम्ह अहा की सिस्कारियां निकलने लगी | मैं उसके लंड को चाटते हुए दोनों गोटो को भी चूस रही थी और वो आहा ऊंह ऊमन ऊंह ऊम्ह आहा ऊम्ह ऊंह ऊम्ह आहा ऊंहू ऊम्ह अहा करते हुए सिस्कारियां ले रहा था | उसके लंड को चाटने के बाद मैं उसके लंड को अपने मुंह के अन्दर डाल कर चूसने लगी तो वो आहा ऊंह ऊमन ऊंह ऊम्ह आहा ऊम्ह ऊंह ऊम्ह आहा ऊंहू ऊम्ह अहा करते हुए आन्हे भर रहा था | मैं उसके लंड ऊपर नीचे करते हुए चूस रही थी और वो आहा ऊंह ऊमन ऊंह ऊम्ह आहा ऊम्ह ऊंह ऊम्ह आहा ऊंहू ऊम्ह अहा करते हुए अपनी गांड उठा उठा कर मेरे मुंह की ठुकाई कर रहा था | उसके बाद उसने मेरी साड़ी और पेटीकोट को भी उतार कर मुझे सिर्फ पेंटी में कर दिया और फिर पेंटी को भी उतार कर पूरा नंगा कर दिया | फिर उसने मेरी गांड के नीचे तकिया रख कर दिया और मेरी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा तो मैं आहा ऊंह ऊमन ऊंह ऊम्ह आहा ऊम्ह ऊंह ऊम्ह आहा ऊंहू ऊम्ह अहा करते हुए उसके मुंह को अपनी चूत पर दबाने लगी | वो मेरी चूत को चाटते हुए दूध भी मसल रहा था और मैं आहा ऊंह ऊमन ऊंह ऊम्ह आहा ऊम्ह ऊंह ऊम्ह आहा ऊंहू ऊम्ह अहा करते हुए मदहोश हो रही थी | चूत को चाटने के बाद उसने अपने लंड को मेरी चूत में रखा और अन्दर पेल कर चोदने लगा तो मैं भी आहा ऊंह ऊमन ऊंह ऊम्ह आहा ऊम्ह ऊंह ऊम्ह आहा ऊंहू ऊम्ह अहा करते हुए चुदाई में साथ देने लगी | फिर उसने अपनी चुदाई तेज किया और जोर जोर से धक्के लगाते हुए चोदने लगा तो मैं भी आहा ऊंह ऊमन ऊंह ऊम्ह आहा ऊम्ह ऊंह ऊम्ह आहा ऊंहू ऊम्ह अहा करते हुए अपनी कमर उठा उठा कर चुदवा रही थी | फिर उसने मुझे घोड़ी बना दिया और मेरे पीछे आ कर मेरी गांड में अपना लंड ठूंस दिया और चोदने लगा मेरी गांड तो मैं भी आहा ऊंह ऊमन ऊंह ऊम्ह आहा ऊम्ह ऊंह ऊम्ह आहा ऊंहू ऊम्ह अहा करते हुए गांड चुदाई के मजे ले रही थी | कुछ समय बाद उसने मेरे मुंह के ऊपर ही अपना माल झड़ा दिया |
तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को मेरी ये कहानी जरुर पसंद आई होगी और आपको लोगो के लिए कहानी लिखती रहूंगी | आप सभी का मेरी कहानी पढने के लिए धन्यवाद् |

Aunty Ki ChudaiBhabhi Ki ChudaiChut Ki ChudaiCollege SexHindi Kahaniसामूहिक चुदाई ग्रुप सेक्ससाली की चुदाई कहानियाँस्कूल व कॉलेज में चुदाई

Leave a Comment