पतिव्रता कामवाली को चोदने का मजा, उसकी चुत का स्वाद मस्त था

हेल्लो दोस्तों, आजसे पहले मैं अपने जीवन में होनेवाले वास्तविक कहानी लिखता आया हूं. यह घटना अभी ३ महीने पहले की है. मैं थोड़ा सा अपने बारे में बताता हूं. मैं दिखने में मासूम लड़का लगता हूं, मैं दुबला पतला लड़का हूं लेकिन मेरे अंदर सेक्स का स्टेमिना बहुत है और रंडी को भी चोदता हूं तो वह भी झड़ जाती है. पहले एक दो बार पैसे देकर मिलता हूं, उसके बाद खुद बुलाती है. और मैं अगर बोल दूं कि पैसा नहीं है तो फ्री में करवाने को भी तैयार हो जाती है. आप सोच लो मेरा किस हद तक जोश और जुनून है सेक्स को लेकर, अब तो मैं अपनी कहानी पर आता हूं.

मेरी बहन की शादी थी, हम गांव गए हुए थे और मैं उदास था, क्योंकि जब तक दिल्ली मैं हूं मेरे लिए चूत की कमी नहीं है. यहां मेरे कांटेक्ट में भाभी और रंडी है तो मैं उन से काम चला लेता हूं, लेकिन गांव में कोई नहीं मिलेगा यह सोचकर मेरा मूड ऑफ था.

फिर भी जाना तो था. मैं जब वहां गया तो पांच छह दिन सब कुछ नॉर्मल था लेकिन कभी कभी बहुत बुरी तरह से जोश चढ़ता था लेकिन मैं कुछ कर नहीं सकता था.

फिर मैंने ध्यान दिया जो मेरे यहां काम करती थी उस पर. वह दिखने में काली थी लेकिन फिगर मस्त था उसका. मैं सोचा इस को मनाया जाए, तो यहां पर जब तक हु काम चल जाएगा. मैं उसको हर बात प्यार से बोलता था और जो भी रहता मेरे पास खाने का उसे शेयर कर लेता था. वह इस चीज पर गौर कर रही थी. मैं चुपके से उसको खाने वाला सामान दे देता, वह वैसे तो खुश थी.

एक दिन जब मेरे रूम को सफाई कर रही थी मैं अनार खा रहा था. मैंने उसे बुलाया और बोला खाले तू भी. जब वह झुकी तो मैंने उसकी चूची पर कंधा भिड़ा दिया. उसने उस बात को नोटिस नहीं किया. फिर मैंने उसे बोला आराम से खा कोई नहीं आएगा. तो वह बैठ गई. में धीरे धीरे अपने कंधे से उसके बूब्स को मसलने लगा. वह समझ गयी और उठ गयी जैसे गुस्सा हो गई. फिर मैं भी डर गया की कही किसी को बोल ना दे.

मेने दूसरे दिन उसको पास बुलाया और उसको कुछ पैसे दिए, वह मना करने लगी. मैंने बोला अपने लिए अच्छे कपड़े ले लेना. तो वह मुझे देखने लगी और बोलने लगी मैं अपने पति से बहुत प्यार करती हूं. मैं समझ गया वह क्या बोलना चाहती है.  मुझे लगा यह मेरे हाथ से निकल जाएगी. तो मैंने पूछा तेरा पति कहां है? तो बताने लगी वह बाहर गया है ६ महीने हो गए हैं. मैने बोला तू कैसे रह लेती है? मैं तो १५ दिन नहीं रह पाया. वो बोली आप कैसे करते हो? तो मैंने अपने बारे में सब कुछ बताया कि मैं उसके बिना नहीं रह सकता और दिल्ली में मुझे लड़कियों की कमी नहीं है, तो वह हंसने लगी.

मैं समझ गया, अब मामला कुछ जमेगा. मैं उसे बोला मैं तुझे १००० रूपये दूंगा. लेकिन रात को तुम मेरे पास आ जा. वह मान गयी दोस्तों उस रात मुझे नींद नहीं आ रही थी. डर भी था की आएगी या नहीं, लेकिन ११ बजे रात को मेरे मोबाइल पर कॉल आया, मैंने उठाया तो वह बोली कि मैं बाहर खड़ी हूं. गेट खोलो मैं झट से गया गेट खोला तो वह अंदर आ गई, और मैंने गेट बंद कर दिया. मैं उसे देख कर खुश हो गया. वैसे तो वह इतनी अच्छी नहीं थी लेकिन वासना में मैं पागल हो गया था. मैंने सीधा उसका कपडा खोल दिया और वह देखती रह गई. पूरा शरीर काला था लेकिन दोस्तों वह मुझे बहुत अच्छी लग रही थी.

उसकी चूत पर रेशमी बाल  उसकी चूत को छुपाए हुए थे. मुझ से रहा नहीं गया मेने झट से उस के मम्में अपने मुंह में ले लिया. वह थोड़ा सा शरमा रही थी. मैंने उसे बेड़ पर लेटने को बोला लेकिन वह लेटी नहीं. मैं खड़े खड़े ही उसकी चूत को बहुत तेज तेज मसलने लगा और उसके दोनों बूब को बारी बारी मुंह में लेने लगा.

करीब १० मिनट बाद वो गर्म होने लगी और मुझे मस्ती में किस करने लगी. मैं फिर धक्का देकर उसको बेड पर गिराया उसे इस बात का पता नहीं था अचानक बेड पर गिरने से उसकी टांगें फैल गई और मैंने झपट्टा मारकर उसकी चूत पर मुह लगा दिया.

उसके बाद पहले वह मुझे हटाने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैं जब माना नहीं तो ५ मिनट बाद वह खुद मेरा मुह पकड़ कर अपनी चूत पर लगाने लगी. मैंने अपनी जीभ उसकी चूत के छेद में डाल दिया था. वह तड़प रही थी मे जीभ से उसकी चूत चूस रही थी. उसके लिए नया था, पर वह खुद बोली अब देर मत करो, चोद डालो मैं समझ गया ऐसा ना हो यह जड जाए. तो मेने अपना लंड उसकी चूत पर रखा.

दोस्तो मेरा लंड ज्यादा बड़ा नहीं है, बस ६ इंच का होगा. वैसे मैंने नापा नहीं है. उसे रहा नहीं गया और खुद मेरा लौड़ा अपनी चुत में डलवा ली क्योंकि मैं भी १० दिनों से भूखा था, तो मुझे यह भी डर था कि मैं पहले नहीं जड जाऊ. तो मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत को बहुत चाटा, उसको पागल कर दिया. मजा तब आता है चुदाई का जब सामने वाला आप से ज्यादा जोश में हो. और मुझे ऐसी ही चुदाई करना पसंद है. वह मेरे लंड को चूत में घुसा ली, मुझसे भी नहीं अब रहा नहीं गया.

मेने उसकी चूत में लंड डालकर उसकी चूची पीने लगा. वह धीरे धीरे हिल रही थी नीचे से, मैं समझ गया अब ज्यादा देर करूंगा तो मैं शायद तड़पता रही जाऊंगा और यह जड़ जाएगी तो मैंने जोर जोर से झटके मारना शुरू कर दिया.

हम दोनों ठंड में भी पसीना पसीना हो गए थे. वह अचानक से अपनी शरीर को टाइट कर ली और मुझे जोर से पकड ली. मैं समझ गया जड़ गयी. मैं भी १०-१५ और जटके मार कर उसके ऊपर ही नीढाल हो गया. वह बोली आप तो मेरे मर्द से भी बहुत अच्छा चोदते हो. कहां सीखा यह सब?

मैंने उसे लैपटॉप पर मूवी दिखाई और वैसे ही उसे चोदना लगा लेकिन सारा पोजीशन वह नहीं कर पाती थी, लेकिन हम रात के ३ बजे तक चुदाई करते रहे. उसके बाद वह बोली मुझे अब जाना होगा, लेकिन अब तुम मुझे रोज चोदना. जहां बोलोगे वहां आ जाऊंगी. मैं बिलीव नहीं कर रहा था यह वही लड़की है जो बोल रही थी कि मैं अपने पति से बहुत प्यार करती हूं.

मैंने बोला ओके. उसके बाद हम कहीं भी जहां जगह मिलता वहां चुदाई कर लेते. एक बार तो मैं अपने वोशरुम में भी उसको चोदा और आधा घंटा तक उसकी चूत में लंड  डालकर चोदता रहा पर ना वह जड़ी ना मैं.. और कोई दूसरा आदमी आ गया था लेकिन हम छुप गए और उसके जाने के बाद में जब जाने लगा, तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोल मुझे छोड़ कर मत जाओ. और फिर हमने चुदाई किया बहुत देर तक. फिर उसकी बहन पर मेरी नजर पड़ी, वह थोड़ी सुंदर थी लेकिन पेट से थी इस बार जाऊंगा तो सोचा है उसकी बहन की चुदाई करूं.

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