दोस्तो.. मेरा नाम नरेश है.. मैंने अन्तर्वासना पर बहुत सी कहानी पढ़ी हैं.. इसमें कुछ बहुत ही अच्छी लगीं। मैं अन्तर्वासना को पिछले 5 साल से नियमित रूप से पढ़ता आ रहा हूँ।
यह मेरी पहली कहानी है। आशा करता हूँ आप सबको पसंद आएगी।

मैं हरियाणा का रहने वाला हूँ। मैंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई अम्बाला से पूरी की है और फ़िलहाल मैं बड़ोदरा में जॉब कर रहा हूँ।

मेरी उम्र 28 साल है.. मैं पांच फुट दस इंच लम्बा और गोरा-चिट्टा हूँ। मेरा लण्ड भी ख़ासा लम्बा और मोटा है। मुझे शुरू से ही लड़कियां अच्छी लगती हैं।
मुझे दौड़ना और कसरत करना अच्छा लगता है.. इसलिए मैं कैसे भी करके समय निकाल लेता हूँ।

बात 6 साल पहले की है.. जब मैं फ़स्ट-ईयर में था। जब ठंड का मौसम आरम्भ हुआ.. मैं सिक्यूरिटी वाले के पास बैठने लगा.. उससे मेरी दोस्ती हो गई थी। बाद मेरा उसके घर पर आना-जाना भी शुरू हो गया था।

जनवरी के महीने में एक दिन उसकी बहन का फ़ोन आया.. मेरा दोस्त उस वक्त नहीं था तो मैंने फोन उठा लिया। उसने मुझे ‘हैलो’ बोला। मैंने भी ‘हैलो’ बोल कर पूछा- आप कौन बोल रही हैं?

उसने अपना नाम बेबी बताया मुझसे अपने भाई के बारे में पूछा।

फिर उससे बात होने लगी तो उसने मुझसे कहा- आपकी बात करने की स्टाइल से मुझे बहुत अच्छा लगा.. मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
मैंने कहा- ठीक है आप इधर आ जाइए।

उसके बाद बेबी आकर मुझसे मिली और कुछ दिन उससे बातचीत होने के बाद.. उसने मुझे ‘आई लव यू’ बोल दिया।
इसके बाद दो महीने तक हमारी प्यार वाली बातें हुईं। फिर एक दिन उसने बोला- मैं तुमसे एकांत में मिलना चाहती हूँ।
मैंने कैंट में इलाके में एक होटल में कमरा बुक किया और पहुँच गए।

पहले हमने कॉफी आर्डर की.. हम फ्रेश हुए.. तब तक कॉफी आ गई.. तो मैंने सब कुछ समझते हुए भी पूछा- बोलो क्यों मिलना चाहती थी अकेले में?
‘मैं तुमसे जी भर के प्यार करना चाहती हूँ।’

वो मुझसे लिपट कर मेरे होंठ चूमने लगी.. लड़का होने की वजह से मेरे लण्ड में भी जोश आ गया।

हम एक-दूसरे में इतना खो गए कि पता ही नहीं चला कब हमारे तन से कपड़े जुदा हो गए। वो मेरे सामने जन्मजात नंगी थी और मैं उसके सामने अंडरवियर में था।
वो मेरा लण्ड हाथ लेकर सहलाने लगी।
यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

मैं उसके मुँह में जीभ डालकर किस कर रहा था.. एक से हाथ उसकी 34 डी साइज़ की चूचियों को मसल रहा था। ऐसा करते हुए मैं उसके पूरे बदन को चूमने लगा और उसकी चूची चूसने लगा।

क्या बोलूँ यारों.. उसकी चूची चूसने में क्या मस्त मजा आ रहा था। मैंने पहली बार किसी लड़की की चूची को ऐसे किस किया था और दम से चूसा था।

मैं चूची को किस करते हुए उसकी नाभि को चूमने लगा। नाभि को किस करते हुए मैं उसकी जाँघों को चुम्बन करने लगा।

मैंने उसको लण्ड चचोरने को बोला.. वो मना करने लगी। मैंने भी ज्यादा दबाव नहीं दिया.. लेकिन इस दौरान वो एकदम पागल हो चुकी थी। वो बार-बार बोल रही थी- जान और मत तड़फाओ.. अब डाल दो.. मैंने जबसे तुमको देखा है.. तब से तुमसे चुदने को बेक़रार हूँ।

ये सुन कर मुझे जोश आ गया और मैंने अपनी चुदाई की पोजीशन ले ली।

मैं उसके होंठों को चुम्बन करते हुए अपना लण्ड उसकी चूत से रगड़ने लगा.. क्योंकि मैं उसे ज्यादा बेक़रार करना चाहता था।
उसकी चूत पानी छोड़ने लगी.. वो गाण्ड उठाकर लण्ड चूत में लेने की कोशिश करने लगी।

मैंने सोचा कि अब ये लण्ड लेने को तैयार लग रही है, पहले मैंने उसको पूरी तरह से अपने काबू में कर लिया ताकि वो लण्ड को निकाल ना पाए।
चूत की दरार में सुपार फंसा कर मैंने एक जोरदार झटका मारा तो मेरा करीब 3″ लण्ड उसकी चूत में घुस गया।

वो जोर से चिल्लाई और बोलने लगी- ऊह्ह.. मर गई.. प्लीज इसे बाहर निकालो.. बहुत दर्द हो रहा है.. मर गई मेरी फट गई।

लेकिन मैं लण्ड बाहर निकलने की बजाए थोड़ा रुक कर उसे चूमने लगा। फिर उसे थोड़ा दर्द में कमी महसूस हुई.. तो मैंने एक जोरदार शॉट मारा।
अबकी बार मेरा पूरा का पूरा लौड़ा उसकी चूत में घुस गया।

वो थोड़ा जोर से छटपटाई.. पर मैंने धक्के मारने चालू कर दिए। कुछ ही मिनट बाद बेबी का शरीर अकड़ने लगा। बेबी ने मेरे लण्ड को चूत में ऐसे जकड़ लिया कि किसी ने मुठ्ठी में बुरी तरह जकड़ा हुआ हो।
उसने अपने नाख़ून मेरी पीठ पर गाड़ दिए.. जिनके निशान 15-20 दिन तक मेरी पीठ पर बने रहे।

मुझे शॉट लगाने में तकलीफ हो रही थी बेबी ने अपने कामरस से मेरा लण्ड.. टट्टे.. बिस्तर सब गीला कर दिया था और वो बुरी तरह से मुझसे लिपटी हुई थी।

कुछ देर बाद जब वो कुछ शिथिल हुई.. तो मैंने फिर से पेलना चालू किया.. पेलने के थोड़ी देर बाद वो फिर से गर्म हो गई।
मैंने फिर शॉट मारने शुरू कर दिए। कुछ मिनट के बाद मैं भी चरम सीमा पर पहुँच गया, मैंने अपना पूरा माल बेबी की चूत में भर दिया और उसके ऊपर ढेर हो गया।

उस दिन हमने जम कर 3 बार चुदाई की.. वो बार-बार मुझे चूम रही थी, वो बोल रही थी- तुमने मुझे आज लड़की से औरत बना दिया.. बहुत मजा आया।

इसके बाद 6 महीने तक हमने एक-एक पल साथ बिताया.. चुदाई भी की.. वो मेरे कमरे पर रोज आती थी। उसके जाने के बाद भी मैं फ़ोन पर उससे बात करता रहता था।

दोस्तो, मुझे एक बात समझ में नहीं आई कि वो बोल रही थी कि उसने कभी सेक्स नहीं किया है.. लेकिन बेबी की चूत से खून का एक क़तरा भी नहीं आया। पर फिर भी.. वो दर्द से चीखी बहुत थी।

मैंने इक्कसवीं सदी का होने के कारण इस बात को बहुत सोचा भी था.. कि झिल्ली फटने की कई वजह हो सकती हैं।

इसके बाद मैं बेबी को दिल से प्यार करने लगा था और मैंने शादी करने का फैसला भी कर लिया था।

एक दिन मेरे एक दोस्त ने जो मेरे साथ ही इंजीनियरिंग कर रहा था। उसने बताया कि उसका तुमसे पहले भी कई लड़कों से चक्कर रह चुका है और तेरे साथ तो ये उसके घर वालों ने प्लान किया था।

मैंने इस बात पर विश्वास नहीं किया.. तो मेरे दोस्त ने सबूत के लिए मुझे एक वीडियो दिखाई.. जो उसने किसी राज नाम के लड़के से ली थी।
फिर मुझे यकीन आया और मैंने भी उसको सिर्फ अपने लौड़े के लिए अपने साथ रखा।

यह थी मेरी फर्स्ट लव स्टोरी.. जिसमें मैंने धोखा खाया था।

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