हेल्लो मेरे प्यारे दोस्तों कैसे हो आप सब | मेरा नाम है अंकुश और मैं कजरवारा तहसील जबलपुर का निवासी हूँ | मैं वैसे तो एक बहुत ही सज्जन किस्म का इंसान हूँ पर जब मेरी सरक जाती है तब मैं किसी की नहीं सुनता बस अपने बाप की सुनता हूँ क्यूंकि अगर उसकी बात नहीं मानता तो गांड पे लात मारता है | अब क्या करूँ दोस्तों बाप तो बाप होता है इसलिए सहना पड़ता है पर मेरा बाप एक नंबर इंसान है | उसने मुझे किसी चीज़ के लिए मना नहीं किया यहाँ तक की दारू पीने के लिए भी नहीं | हाँ पर तीन चीज़ों से उसने मुझे दूर रहने के लिए कहा था और मैं आज भी उसकी बात मान रहा हूँ | पहली चीज़ बहुत अधिक शराब का सेवन दूसरी चीज़ लड़की और तीसरी चीज़ रंडी | मैं भी सख्त लौंडे की तरह उसकी बातों का पालन कर रहा हूँ | पर दोस्तों आप भी समझ सकते हो एक लड़का अपने लंड को कब तक काबू में रख सकता है जैसे ही वो जवानी की देहलीज पर आता है उसका लंड उचकने लगता है चूत के लिए और उसके बिना बस मुट्ठ मारके काम चलाना पड़ता है |

तो दोस्तों मैं अपने बारे मे बता चुका हूँ और मेरे घर में मेरा बाप और मेरे ताऊ रहते हैं मेरी माँ का स्वर्गवास हो चुका है | बस दोस्तों अपनी जिंदगी ऐसे ही कट रही थी और मैं आराम से अपना काम धाम कर रहा था | पर ना जाने क्यूँ मुझे कुछ बेचैनी सी होती थी रात में और मेरा लंड अपने आप पानी छोड़ने लगता था | मुझे समझ नहीं आ रहा था क्या करूँ फिर एक दिन मैंने अपने दोस्त से पूछा यार मेरे लंड से रात को पानी निकलता है ऐसा क्यों ? तो उसने कहा भाई अब तेरे लंड को चूत की ज़रूरत है अपने बाप से बोल और तेरी शादी करवा दे | मैंने कहा यार अभी नहीं अगले साल तक करवा लूँगा बाप बात तो करता है शादी के लिए हर जगह | उसने कहा हां वो तो हो जाएगी तुम लोगों के पास कमी किस चीज़ की है | बाप के पास बड़े बड़े खेत हैं तू सरकारी नौकरी करता है | मैंने कहा बकरचोदी मत कर और ये बता मैं इस पानी को रोकूँ कैसे ? उसने कहा भाई देख जब भी तेरा लंड खड़ा हो रात में तो तू बस एक बार हिला के मुट्ठ मार लेना |

मैंने कहा मुट्ठ मारने से काम बन जाएगा और लंड में कुछ होगा तो नहीं | उसने कहा भाई हर लड़का जिसके पास चूत का जुगाड़ नहीं है वो यही करता और इससे लंड में दम बनती है | मैंने कहा ठीक है आज रात को करके देखूंगा पर अगर साले कुछ नहीं हुआ ना तो तेरी गांड तोड़ दूंगा | उसने कहा अबे लौड़े करके तो देख उसके बाद मुझसे बात करना | मैंने पहले कभी मुट्ठ नहीं मारा था पर मुझे इतना पता था कि जैसे ही लंड खड़ा हो जाए उसे पकड़ के हिलाना है और आगे पीछे करना है | रात में मैं सोने के लिए तैयार हुआ और थोड़ी देर बाद मेरा लंड खड़ा हो गया | मैंने सोचा चलो मुट्ठ मार लेता हूँ और मैंने अपने लंड को पकड़ा और हिलाना शुरू किया | जब मैं अपने लंड को हिला रहा था तब मेरे लंड के ऊपर की खाल हलके हलके से नीचे हो रही थी और मुझे दर्द हो रहा था | मैंने सोचा अब जो होगा देखा जाएगा और उसको जोर जोर से ऊपर नीचे करने लगा | मेरी खाल एकदम से पीछे हो गयी और हल्का सा खून भी निकला |

मैं समझ गया मेरी सील टूट चुकी है और पहले दिन मैंने मुट्ठ निकाला और उसके बाद मुझे खूब दर्द हुआ और मेरा लंड दो दिन तक फूला रहा | पर अगली रात को मैंने सोचा अब तो एक बार मुट्ठ और मारूंगा | मैंने उस दिन मुट्ठ मारा और रात को सो गया | अगले दिन मुझे बड़ा सुकून मिला और मेरा दर्द भी ख़त्म हो चुका था और अब मैं आराम से मुट्ठ मारता मज़े लेकर | एक दिन मेरे बाप ने बताया बेटा तेरे चचेरे भैया की बीवी आ रही है मैं तो जा रहा हूँ गाँव तो तू उनका पूरा ध्यान रखना | मैंने कहा ठीक है बापू पर जल्दी आ जाना | मैं उस दिन घर में ही था क्यूंकि मेरी छुट्टी थी और मैंने खाना बना लिया और पूरा घर भी जमा दिया | वो भाभी जिनका आने का मेरा बाप बोल रहा था वो आ चुकी थीं | मैंने देखा कि वो भाभी एक दम जवान और करीब 25 साल की होगी | मैंने कहा भाभी आप नहा लो और मैं खाना लगा के रखता हूँ | उसने कहा ठीक है मैं अभी आती हूँ |

मैंने भी पूरी तैयारी कर ली और उसके बाद जब वो नहाके बाहर निकली तो कमाल लग रही थी | उसकी कमर तो बिलकुल लाजवाब थी | मैंने कहा आओ भाभी आज अपने देवर का चखलो | मैंने कहा खाना भाभी आप क्या समझ रहे हो | उसने कहा मैं ये समझ रही हूँ कि मेरा देवर बड़ा शैतान है | फिर हम दोनों खाना खाने बैठ गए और उसके बाद हम दोनों सोने जा रहे थे तो भाभी ने कहा अरे देवर जी पहली बार मिले हो और सोने जा रहे हो चलो गप्पे मारते हैं | मैंने कहा ठीक है भाभी जैसा आप कहो | फिर हम बात करने लगे तो मैंने देखा भाभी का पल्लू नीचे गिर रहा था और दूध के बीच की नाली साफ नज़र आ रही थी | मेरा लंड खड़ा होने लगा और मैं खुद पे काबू नहीं कर पा रहा था | भाभी लेट गयी और उनका पेट भी दिखने लगा और मुझे ये सब देख कर और ज्यादा सेक्स चढ़ रहा था | भाभी से बात करते करते मुझे लगा मेरा मुट्ठ हल्का सा बहने लगा है | उतने में भाभी ने कहा देवर जी आपके बम्बू ने तो पायजामे में तम्बू बना दिया है |

मैंने कहा हाँ भाभी और अपना लंड बाहर निकाल लिया और कहा भाभी मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा तो क्या मैं यही मुट्ठ मार सकता हूँ | भाभी ने कहा अरे देवर जी आपके सामने कमसिन चूत है और आप मुट्ठ मारने की बात कर रहे हो | इतना बोलने के बाद उसने मेरा लंड हाथ में पकड़ा और हिलाने लगी | मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि क्या बताऊँ क्यूंकि पहली बार किसी औरत ने मेरे लंड को छुआ था | वो मज़े से मेरे लंड को हिला रही थी और थोड़ी देर बाद उसने मेरे लंड को अपने मुंह में भर लिया और चूसने लगी | उसने कहा देवर जी क्या सख्त लंड है आपका मज़ा आगया आज मेरी चूत का भरता बना देना | मैंने कहा ठीक है जानेमन आज तो तेरी चूत और गांड दोनों फाड़ दूंगा | वो मेरे लंड को छोस रही थी और मैं आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् ऊऊऊम्म्म्म्म्म्म्म्म् ऊऊउफ़्फ़्फ़्फ़् आअह्ह्ह्ह आआह्हह्हह आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् ऊऊऊम्म्म्म्म्म्म्म्म् ऊऊउफ़्फ़्फ़्फ़् आअह्ह्ह्ह आआह्हह्हह करते हुए सिस्कारियां भर रहा था | उसने मेरे लंड को पांच मिनट ही चूसा होगा और मेरे लंड से मुट्ठ की एक मोटी धार निकली और उसके पूरे मुंह में भर गयी |

उसने कहा क्या स्वादिष्ट मुट्ठ है और पूरा पी गयी | फिर मैंने उससे कहा भाभी नंगी हो जाओ न और उसने एक एक करके अपने कपडे उतार दिए और ये देख के मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया | उसने कहा आज ये लंड मुझे नहीं छोड़ेगा | मैंने कहा हाँ और उसके दूध को पीने लगा | वो भी मज़े से मेरे मुंह को अपने दूध पे लगाने लगी और कहने लगी आज इनको पीके खाली कर दो | मैंने आधे घंटे तक उसके दूध चूसे और उसने कहा देवर जी अब मेरी चूत का रस भी पीलो ज़रा | मैं उसका पेट चूमते हुए नीचे गया और उसकी चूत को चाटने के लिया उसकी जाँघों को फैला दिया | मैंने उसकी चूत चाटना चालु की तो वो पहले ही गीली हो चुकी थी | मैं उसकी चूत को चाटने हुए उसका रस पी रहा था और वो आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् ऊऊऊम्म्म्म्म्म्म्म्म् ऊऊउफ़्फ़्फ़्फ़् आअह्ह्ह्ह आआह्हह्हह आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् ऊऊऊम्म्म्म्म्म्म्म्म् ऊऊउफ़्फ़्फ़्फ़् आअह्ह्ह्ह आआह्हह्हह आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् ऊऊऊम्म्म्म्म्म्म्म्म् ऊऊउफ़्फ़्फ़्फ़् आअह्ह्ह्ह आआह्हह्हह करते हुए आन्हे भर रही थी | उसके बाद मैंने उससे कहा भाभी अब गांड चाटनी है तो वो पलट गयी और मैं उसकी गांड चाटने लगा और फिर चुदाई का कार्यक्रम चालु का मन हुआ |

मैंने उससे कहा भाभी इसको अपनी चूत के छेद में लगाओ | उसने अपनी चूत पे मेरा लंड सेट किया और मैंने एक धक्के में पूरा लंड अन्दर घुसा दिया | वो चिल्लाई और कहा अरे देवर जी आराम से आपसे ही चुदने वाली हूँ | मैंने पूरी रफ़्तार के साथ दूसरा धक्का मारा और वो चिल्लाते हुए आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् ऊऊऊम्म्म्म्म्म्म्म्म् ऊऊउफ़्फ़्फ़्फ़् आअह्ह्ह्ह आआह्हह्हह आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् ऊऊऊम्म्म्म्म्म्म्म्म् ऊऊउफ़्फ़्फ़्फ़् आअह्ह्ह्ह आआह्हह्हह आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् ऊऊऊम्म्म्म्म्म्म्म्म् ऊऊउफ़्फ़्फ़्फ़् आअह्ह्ह्ह आआह्हह्हह करने लगी | 20 मिनट की घटक चुदाई के मैंने अपना मुट्ठ उसकी चूत में ही भर दिया | बाद में ना जाने मैंने उसे कैसे कैसे चोदा और उसके हर छेद में अपना लंड घुसा चुका हूँ |

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