हेल्लो मेरे दोस्तों कैसे हो आप सब | उम्मीद में बस इतना ही कहूँगा कि आशा करता हूँ आप सब ठीक होगे और अपने काम में लगे होगे | दोस्तों मेरा नाम कल्लू सुपारी है और मैं जबलपुर के पास ग्राम पाटन में रहता हूँ | मुझे वैसे तो कोई शौक नहीं है पर हाँ एक चीज़ है जिसके लिए मैं एकदम दीवाना हूँ | वो चीज़ है चूत जी हाँ दोस्तों जिस भी चीज़ में चूत होगी वहां आप मेरा लंड हमेशा देखोगे | आज भी मैं यहाँ आपके समक्ष इसलिए आया हूँ ताकि आपको अपनी कहानी सुना सकूँ | मुझे सेक्स की कहानियां पढ़ना बहुत अच्छा लगता है और मुझे इनसे सेक प्रेरणा मिलती है जिससे मैं अपनी चुदाई क्रिया के लिए हमेशा तत्पर रहता हूँ | मुझे आप सब से अपनी एक कहानी साझा करनी है जिसमे मैंने अपने ही घर में चुदाई का वो मंज़र बताऊंगा और ये सब कैसे हुआ ये भी बताऊंगा | तो दोस्तों आप भी दिल थाम के बैठ जाओ क्यूंकि मेरा लंड बिलकुल तलवार की तरह चलता है और जुबां बिलकुल मिर्च कि तरह खतरनाक है | दोस्तों पहले तो मैं आप लोगो को अपने और अपने घर के बारे में बता देता हूँ |
मेरा नाम तो मैंने ऊपर लिख ही दिया है और मेरे घर में मेरे भैया और भाभी और भैया की साली रहती है | मम्मी पापा भी हैं पर वो अलग रहते हैं क्यूंकि पापा आर्मी में हैं और उनका ट्रान्सफर होता रहता है | भैया और मैं दिल्ली में रहते हैं और हम दोनों पाटन में ही खेती किसानी करते हैं और हमारे खाद बनाने का काम भी है | हमारे पास पैसे की कोई कमी नहीं है क्यूंकि हमारा धंदा जम चुका और बारिश भी अच्छी हो जाती है तो गल्ला भी अच्छा पैदा होता है | मेरे घर में जो भैया की साली कई वो एक दम मस्त पीस है क्यूंकि उसके बड़े दूध और बड़ी गांड का तो पूरा गाँव दीवाना है | भाभी भी दिखती अच्छी हैं पर उनके सामान बड़े नहीं हैं | मैंने तो कई बार भाभी को नहाते हुए भी देखा है और उनके दूध उतने बड़े नहीं है पर जैसे भी हैं अच्छे हैं | भाभी की एक बात मुझे बहुत अच्छी हैं और वो है उनकी चूत | हाँ उनकी चूत बिलकुल साफ रहती है और वो हर दिन अपनी झांटों को अलग करती हैं |

मैंने भाभी कि कई बार नंगी फोटो ली है और उनको पता भी नहीं पर एक बार गर्मी में मेरा सेक्स परवान पे चढ़ा और मैंने सोचा अब तो भाभी को बजा के ही रहूँगा | पर फिर मेरे मन में खाया आया मेरा भाई है और वो मेरी भाभी | एक दिन मैं उदास बैठा था और भाभी मेरे पास आई और कहा कल्लू क्या हुआ | मैंने कहा कुछ नहीं भाभी बहुत याद आ रही है माँ की | उन्होंने कहा मिल आओ जाके मैं सारा काम देख लूंगी | मैंने सोचा चलो ठीक है अब तो मिल के ही आऊंगा | फिर जैसे ही भाभी जाने लगी मैंने कहा भाभी आप से एक बात कहनी है | उन्होंने कहा हाँ बोलो न और मैंने तुरंत उनको गले लगा लिया और कहा भाभी आप जैसी भाभी हर किसी को मिले बस यही दुआ है मेरी | आप भाभी नहीं माँ हो मेरी | उन्होंने भी मुझे कस के पकड़ लिया और कहा चलो अब रुलाओ मत मैं जानती हूँ आप मुझसे बहुत प्यार करते हो | मैं हँसने लगा और उन्होंने कहा चलो आप तैयारी करो और मैं खाना बना देती हूँ | मैंने तुरंत ही पैकिंग की और जैसे ही निकलने वाला था तभी भाभी की बहन आई और कहा मैं भी चलूंगी काफी दिनों से कहीं घूमने नहीं गयी हूँ मैं |

भाभी ने भी कहा ठीक है चली जा पर जब कालू बोले तब तुरंत वापस आने के लिए तैयार हो जाना | उसने भी हाँ में सिर हिला दिया और कहा आप बस एक घंटे रुको मैं अभी आती हूँ | उसके बाद हम दोनों निकल गए और पापा सागर में थे तो हमने भी वहां के लिए बस पकड़ी और निकल लिए | करीब शाम के 6 बजे हम सागर पहुँच गए और वहां पापा हमे लेने आ गए | मैंने भी पापा के चरण स्पर्श किये और नेहा ने भी | अरे सॉरी मैंने आपको उसका नाम नहीं बताया मेरी भाभी की बहन का नाम नेहा है | तो जैसे ही हम घर पहुंचे वहां मुझे माँ मिली और मैंने माँ के भी चरण स्पर्श किये और उसके बाद माँ ने खाना बनाया था और वो भी मेरी पसंद का तो मैं टूट पड़ा | नेहा भी साथ थी और कह रही थी मम्मी देखो इसकी वजह से मुझे भी घूमने मिल गया और आप लोगों से मिलने का मौका भी |

तभी मम्मी ने कहा हाँ शादी के बाद अब तुझे देख रहे हैं | मैंने कहा क्या शादी के बाद अब तब माँ ने कहा हाँ बेटा शादी के टाइम ये बहुत छोटी थी | फिर माँ ने बताया इसकी नाक बहती रहती थी और ये हमेशा मेरे पास आकर बैठ जाती और कहती मम्मी मुझे कहानी सुनाओ ना | मुझे बहुत जोर से हँसी आ गयी और मैंने कहा इसकी नाक बहती थी | नेहा बोली ठीक है वो बचपन था अभी ऐसा कुछ भी नहीं है | मैंने कहा हाँ हाँ जाओ नेहा मम्मी के पास कहानी सुन लो | उसने कहा मम्मी देखो न इसको | फिर मम्मी ने मुझे प्यार से डांट के कहा मत परेशान कर मेरी बच्ची को खाना खा ले चुप चाप | मैंने कहा हां बच्ची जिसकी नाक बहती है | वो गुस्सा हो गयी और तभी मैंने कहा अरे मजाक कर रहा हूँ मैं तो | उसने कहा ठीक है मैं बुरा नहीं मानती खासकर तुमाहरी बात का | मै९ने मन में सोचा बावा कही इसके मन कुछ है तो नहीं | मैंने सोचा अगर है तो आज रात पता लगा लूँगा | इसलिए जैसे ही खाना हुआ और सब लोग बाते करते करते थक गए तब मैंने कहा चलो अब सब सो जाओ कल सुबह घूमने चलना है |
सब अपने अपने कमरे में चले गए और जैसे ही सबका दरवाज़ा बंद हुआ मैंने देखा नेहा मेरे बाजू वाले कमरे ही है | मम्मी पापा के सोने का इंतज़ार करने लगा मैं और उसके बाद जैसे ही वो सो गए मैंने नेहा के कमरे का दरवाज़ा खटखटाया | नेहा ने कहा कौन तो मैंने कहा अबे धीरे बोल मैं हूँ कल्लू | उसने कहा रुक आई | जैसे ही उसने दरवाज़ा खोला मैंने देखा वो बस एक निक्कर और टी शर्ट में थी | मैंने कहा यार तू माल लग रही है | उसने मुझे अन्दर खींचा और कहा कोई देख लेगा | और जैसे ही उसने खींचा मैं उसके ऊपर गिर गया | मैंने कहा यार तू कमाल कीई चीज़ है | उसने कहा अच्छा तो इस चीज़ को चखले | मैंने तुरंत उसको किस करना चालु किया और अपनी टी शर्ट को उतार कर फेक दिया और उसको गोद में उठा लिया | फिर मैंने उसकी भी टी शर्ट को उतार दिया और उसने ब्रा नहीं पहना था | मैंने उसको गोद में उठाये हुए दीवार पर टिकाया और उसको खूब किस किया |

उसके बाद मैं नंगा हो गया और उसको भी पूरा नंगा कर दिया और उसकी चूत बिलकुल जवान और गोरी थी | मैंने उसको कहा यार मेरे लंड को अब तेरी ज़रूरत है और उसने मेरा इशारा समझा और तुरंत मेरे लंड को पकड़ कर हिलाने लगी | फिर उसने कहा यार अब इसको थोडा और तरसाती हूँ | उसने मेरा लंड मुंह में भर लिया और आगे पीछे करते हुए चूसने लगी | मैं आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः कर रहा था जब वो मेरे लंड को चूस रही थी | उसके बाद उसने कहा कल्लू अब मेरी चूत को सहला दे | मैंने कभी चूत नहीं चाटी पर इसकी चूत गजब की थी इसलिए मैंने तुरंत अपना मुंह लगाया और चाटने लगा | वो भी आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करने लगी |
उसके बाद मैंने उसकी चूत में अपना लंड डाला तो उसने कहा दर्द हो रहा है पर मैंने कहा झेल ले थोडा | उसने भी कुछ नहीं कहा और चुप चाप मेरा लंड चूत में लेती गयी | मैंने भी पहले धीरे धीरे चुदाई करके उसको काबू में किया और उसके बाद दे लंड पे लंड उसकी चूत में मारता गया | वो भी मस्ती में चुदवाने लगी और आन्हे भरने लगी | फिर मेरा माल निकला जो मैंने उसके पेट पर गिरा दिया और उसने कहा वाह अब तो हमेशा तुझसे ही चुदुंगी |

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