हेलो दोस्तों में राहुल फिर हाज़िर हूँ एक नयी कहानी लेकर. मेरी पिछली कहानी में मैंने नेहा की चुदाई की थी | इस कहानी में मैने नेहा की बहन का कैसे शिकार किया वो बताने जा रहा हूँ नेहा और मेरे बीच अब हर हफ्ते सेक्स होता था. एक दिन में नेहा के यहाँ गया हुआ था. तो नेहा ने बताया कि उसकी दीदी आने वाली है घर से उसकी दीदी पुणे में ग्रेजुएशन करती है. और उनकी छुट्टी सुरू हो जाएगी सो वो यहाँ आ जाएगी. उसका नाम कविता है. दोस्तों में आपको बता दूं कविता नेहा की बड़ी बहन है. और उसका माल भी नेहा से बड़ा है. उसका फिगर कुछ 36-28-34 का है. एक दम मस्त गोरी चिकती है अब स्टोरी पे आता हूँ. नेहा को अपने फ्रेंड के भाई की शादी में भोपाल जाना था और कविता की भी छुट्टी चल रही थी वो वो यहाँ नेहा के फ्लॅट में रुकने के लिए आ गई. नेहा और कविता बहुत क्लोज़ हैं इसलिए नेहा ने कविता को हमारे बारे में सब कुछ बता दिया था. नेहा ने मुझे सॅटर्डे को डिन्नर पे इन्वाइट किया था, तभी उसकी दीदी भी आई हुई थी. कविता मुझसे करीब 1.5 साल ही बड़ी है. तब मैने कविता को देखा. कविता को देखते ही मेरे तो होश ही उड़ गये. मैने सोचा नही था कि कविता जैसी माल इस धरती पर होती हांगी. उसके कुर्वेस एक दम सही है . जब चलती है तो गांद के साथ साथ उसका बूब्स भी मस्त उछलते है. में तो उसका बूब्स का दीवाना हो गया था. हां तो हमने डिन्नर किया और उसकी बहन ने मेरे बारे में पूछा. वगेरा वगेरा. मुझे यह बात बाद में पता चला कि हू दोनो इतने क्लोज़ थे कि दोनो एक दूसरे के चूत में उंगली भी डालते हैं. फिर नेक्स्ट दिन में और कविता नेहा को स्टेशन छोड़ने गये. उसे छोड़ कर हम ऑटो करके आ रहे थे. हम ऑटो मे बैठे वापस आ रहे थे हमने ज़्यादा बातें नही की लकिन मेरे दिमाग़ में तो यह बात चल रही थी की उसको कैसे चोदु. मैने उसे डाइरेक्टेली पूछा कि तुम्हारा कोई बॉय फ्रेंड है तो उसने बोला ना नही है. मैने उसे पूछा की तुम हयदेराबाद कितने बार आ चुकी तो उसने कहा बहुत कम आई है और इस सहेर के बारे में ज़्यादा कुछ जानती नही है. ”आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |” और उसने मुझे इन्सिस्ट किया की में ही उसे हयदेराबाद क्यूँ नही घुमा देता. तो में सोचने लगा अच्छा मौका है तो मैने भी हां करदी. उसने कहा आज वो थक गयी है सो हम कल से चलगे. तो मैने कहा ओके नेक्स्ट दिन में अपना क्लास बंक करकर उसे घुमाने ले गया हम सुबह 9 बजे निकले न पहले नास्टा किया उस दिन गर्मी बहुत थी तो मैने कहा आज बहुत गर्मी है. तो क्यूँ ना हम वॉटर पार्क चलें तो उसे तो मेरे और नेहा के बारे में सब पता था. उसे भी ऐसे किसी मौके की तलाश थी. उसने भी ओके करदी फिर हमने वहीं से कॅब बुक की और वहाँ से माउंट ओपेरा चले गये. माउंट ओपेरा में हमने एंट्री करवाई और अंदर चले गये. उस दिन ज़्यादा भीड़ भी नही थी क्यूंकी मंडे था न मंडे तो कम भीड़ रहता है सो में जेंट्स टाय्लेट गया न सिर्फ़ स्विम्मिंग ट्रंक्स पहेन कर बाहर आया. बाहर काफ़ी लड़कियाँ हॉट न सेक्सी थी उनको देख कर मेरा लंड तो तरस रहा था. तभी कविता अंदर से आई तो मेरी ज़बान तो खुली की खुली रह गयी. वो ब्लॅक हॉट बिकिनी में थी उसके बूब्स क्या लटक रहे थे यार सर्र्प आआहह में तो पागल ही होये जा रहा था.”आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |” मैं ना जाने किन ख़यालों में खो गया था और ग़लती से मेरे मूह से सेक्सी निकल गया वो मेरे पास आई और बड़े ही सेक्सी अंदाज़ से थॅंक यू कहा. मै तो उस पर मानो फिदा हो गया था. उसने कहा चले नहाने. मैने कहा ओफ़कौरसे डियर. हमने वहाँ रैन डिस्को की रैन डिस्को में काफ़ी लोग थे हम सब नाच रहे थे. नाचते नाचते जान बुझ कर में उसे छूने की कोसिस कर रहा था और वो भी अपनी मोटा गांद मेरे लिंड से सटा कर नाच रही थी. मेरा लंड तो हठोड़ा सा हार्ड हो गया था और उसे इस बात का पता भी चल गया था. तभी उसने मेरे लंड में एक पिंच मारी और पीछे मूड कर मुझे आँख मार के स्माइल देने लगी. में समझ गया यह भी साली किसी रंडी से कम नही है. और आज तो साली को चोद के रहूँगा. हम उसके घर पहुँचे. शाम हो चुकी थी और हम थोड़े टाइयर्ड थे. उसने कहा तुम यहीं रुक जाओ उसे मुझसे कुछ बातें करनी है नेहा के बारे में तो में समझ गया की यह मेरे से क्या चाहती है तो मैने भी थोड़ा नाटक करते हुए आख़िर में हां बोल दिया. रात के दस बज रहे थे हम दोनो टीवी देख रहे थे. तभी आचनक लाइट चली गयी घर में एक दम अंधेरा था.कुछ दिखाई नही दे रहा था. में रिमोट को उठाने के लिए साइड में हाथ बढ़ा रहा था कि मुझे अपने पेंट के उपर कुछ फील हुआ. वो कविता का हाथ था. मैने हाथ को झट से पकड़ लिया.तो उसने सॉरी कहा और बोली कि वो मोबाइल ढूंड रही थी. में समझ गया कि यह नाटक कर रही है. तभी वो कॅंडल लेने उठी. और खिड़की की ओर बढ़ चली. में भी उसके पीछे चल दिया. मैने कविता से पूछा क्या ढूंड रही हो तो उसने कहा कॅंडल ढूंड रही हूँ. तो मैने कहा मेरे पास 7 इंच का लंबा कॅंडल है उसमें आग लगा आज तू. तो वो हस के बोली तुम ना बहुत नॉटी हो. मुझे ग्रीन सिग्नल मिल गया और मैने अपनी पेंट की ज़िप खोली और अपना लंड निकाला. वो कॅंडल ढूंड ने मे बिज़ी थी और में उसके पीछे जा कर खड़ा हो गया और अपना लंड उसकी गांद से चिपका दिया तो वो थोड़ा डर गयी और बोली यह क्या है तो मैने कहा कॅंडल है अंदर डालु. तो वो ”आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |” झट से पीछे मूडी और मेरे लंड को पकड़ के बोली में सब जानती हूँ तुम्हारे बारे में. तुमने क्या क्या किया है मेरी बहन के साथ. तो में थोडा सा डर गया. तो उसने कहा क्या हुआ चुप क्यूँ हो गये. तो मैने कहा कुछ नही. और तभी वो झुकी और मेरा लॉडा चूसने लगी आहह क्या बताउ दोस्तों क्या मज़ा आ रहा था. वो उसे पागलों की तरह चूस रही थी.. जैसे लंड की भूकी हो. उसने कहा राहुल आअज तो तू मुझे चोद दे, आज मुझे अपनी रांड़ बना दे. मैने उसे पकड़ा और उस पर चढ़ गया और ज़ोरो से क़िस्स्स करने लगा. मैने कहा साली रंडी सुबह से मेरा खून गरम कर रही है आज तो तुझे पटक अटक के चोदुन्गा. उसने भी अग्रेसिव होके कहा फाड़ दे मेरी चूत को. गेस वॉट शी वाज़ वर्जिन. में उसे किस करते करते उसके बूब्स को दबा रहा था. तभी लाइट आ गयी मैने उसे देखा वो तो मानो फारिस्ते जैसे लग रही थी. मैने उसे उठाया और कंधे पे उठा के बेड रूममें ले गया. उसने भी देर ना करते हुए अपने सारे कपड़े खोल दिए. में उसकी चुचियो को देख के हैरान रह गया. उसने कहा क्या हुआ चौंक क्यूँ गये सब नेहा का कमाल है चूस चूस के इतना बड़ा कर दिया है मेरा. में दंग रह गया यह सुन कर फिर में उस पर बैठ गया और अपना लंड उसके बूब के बीच रगड़ रहा था उउफ़फ्फ़ क्या मज़ा आ रहा था. मैने कहा पहले में तेरा बूब्स फक करूँगा, उसने कहा जो करना है कर ले आज मविन तेरी रांड़ हूँ. में जोश में आ गया और अपना लंड उसके बूब्स पर रगड़्ने लगा. वो भी मस्त हो चुकी थी न उउउफफफ्फ़ आअहह इसस्स्स्शह करके आवाज़ निकाल रही थी. ”आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |” फिर मैने उसे लेटा दिया और उसकी चूत की ओर बढ़ा. मुझे लड़कियों की चूत और गांद की सुगंध बहुत पसंदहै मे इससे और उत्तेजित हो गया और उसकी चूत को किसी जानवरों की तरह चाट रहा था वो भी मज़े में अपनी कमर उछाल रही थी उूुउउफफफ्फ़ राहुल खाअजाओ मस्त चोदो मेरी चूत को भुजाआ दो उसस्स्कीईइ प्यास आअहह म्‍मह ज़ोर्र्र्ररर्सीए आआहह. यह सुनकर में और भी जोश में आ गया और उसे फिंगर फककिन भी देने लगा. फिर मैने देर ना करते हुए अपने लंड का टोपा उसकी चूत पे रख दिया. और उसे उसकी चूत के उपर ही रगड़ रहा था. वूह उउउम्म्म्म उूउउफ्फ आअहह कर रही थी. उसने कहा और तडपा मत साले एब्ब चूड़ द्दी कुट्टी. इससे मुझे और मज़ा आ रहा था और मैने अपना लंड ठीक उसकी होल के नीचे रखा और हल्का हल्का. धक्का देने लगा हू तड़पने लगी तड़प के वो जैसे ही हिल रही तो उसके बूबे भी पूरे मोशन में आ गये थे फिर मैं एक ज़ूओररर का झटका मारा और पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया. वो दर्द के मारे चीखने लगी. मैने फिर अपने होंठो को उसके होटो पे रख दिया और उसके निपल्स को ज़ोर ज़ोर से निचोड़ रहा था. वो उउम्म्म्म आआअहह दर्द से उछल रही थी. कुछ देर मैं ऐसे ही शांत रहा और उसका दर्द कम होने के बाद फिर से एक झटका मारा और चोदने लगा. अब वो पूरे मज़े में थीं अपनी बड़ी बड़ी गांद पटक के चुद्वा रही थी. सच बताऊ इससे बड़ी रांड़ मैने आज तक देखी नही थी जो चुदवाने के लिए कुछ भी कर सकती थी. चोदते चोद्ते में उसके बूबे का हिलना देख रहा था. बहुत मज़ा आ रहा था. वो करीब तीन बार झड़ चुकी होगी. उसका गरम गरम चूत का पानी मेरे लंड को और भी उतेज़ित कर दे रहा था मैने उसे कहा में झड़ने वाला हूँ तो उसने कहा अंदर झड़ जा मुझे वीर्य चाहिए. में उसे और ज़ोर से चोदने लगा और पच पच करके आवाज़ आने लगी और पाँच मिनट में में उसके अंदर झड़ गया. और आधे घंटे तक हम ऐसे ही पड़े रहे फिर मेरा लंड खड़ा हो गया. और कविता मेरे लंड को सॉफ करने लगी. मैने कहा अब में तेरी गांद मारु. तो उसने कहा आज नही फिर कभी. में भी बुरी तरह थक गया था. फिर हम चादर के अंदर नंगे सो गये. फिर रात को मेरी 4 बजे नींद खुली और नींद खुलते ही मेरा लंड उसकी गांद के बीच रखा हुआ था में धीरे धीरे करके उसे रगड़ रहा था. अया उसकी गांद की गर्माहट मुझे अच्छी लग रही थी. वो भी नींद में उम्म्म्मम आआहह कर रही थी फिर मैने उसे उल्टा लेटा दिया और अपना लंड उसके गांद के गड्ढो के बीच रगड़ रहा था. उसका भी नींद खुल गया तो मैने कहा मुझे तेरी गांद मारनी है. वो मान गयी. फिर मैने हल्के से गांद में अपना लंड रखा और एक ही झटके में मैने उसकी गांद में अपना लंड घुसेड दिया बहुत मज़ा आ रहा था. ”आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |” वो दर्द से चीख रही थी करीब उसे आधे घंटे तक चोदा और सारा कम उसकी गांद में डाल दिया. फिर हम सुबह ग्यारा बजे उठे एक साथ नहाए, ब्रेकफास्ट किया फिर उसने मुझे किस किया और बोला यह दो दिन मेरे लिए सबसे अच्छे थे. अब हम बहुत अच्छे दोस्त हैं.

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