मेरी बीवी की चूत और दोस्त का लंड

 
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हैलो दोस्तो, मेरा नाम अभिजित है, मैं लखनऊ से हूँ, मेरी बीवी का नाम नेहा है। हमारी शादी को एक साल हुए हैं। मेरी उम्र 29 साल और मेरी बीवी की उम्र 25 साल है। मेरी बीवी नेहा एक बहुत ही सेक्सी माल है। वो स्लिम फिगर वाली एक कामुक लड़की है। वो दुनिया की सबसे अच्छी लंड चूसने वाली लड़की है। हमारी लव मैरिज हुई है और शादी के पहले मैंने उसकी चूत का नज़ारा किया था और दीवाना हो गया था। एक बार हम मिले थे तब वो काली स्कर्ट और सफ़ेद टी-शर्ट में मिलने आई थी।

उसकी स्कर्ट घुटनों के ऊपर तक थी और मस्त सेक्सी माल लग रही थी, मेरा मन कर रहा था स्कर्ट के नीचे जाकर उसकी चूत को पी जाऊँ, पर उस वक़्त ऐसा नहीं कर सकता था।

पर किस्मत ने उसकी चूत के दीदार करा दिए। उस वक़्त हम एक पार्क में थे और तेज हवा चल रही थी। अचानक हवा से उसकी स्कर्ट उड़ने लगी और उसकी मेहरून पैन्टी बार-बार दिखाई दे रही थी।

मैंने उससे कहा- अपनी चूत दिखाओ न!

उसने कहा- ऐसे ही जो दिख रहा है.. देखो…बस..!

जैसे ही उसका स्कर्ट फिर से उड़ा, मैंने उसकी मेहरून पैन्टी को झट से नीचे उतार दिया और उसको कहा- अब स्कर्ट उड़ेगी तो चूत के दर्शन होते रहेंगे!

और वो मुस्कुराने लगी। ऐसे ही मैंने उसकी चूत का दीदार काफ़ी देर तक किया और जब उसको चोदने के लिए बोला।

तो वो बोली- शादी के बाद जी भर के अपने मन की कर लेना…!

मैंने उसकी पैन्टी को चूमा और अपनी चड्डी के अन्दर अपने लंड के पास रख लिया। दोस्तों आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

वो मुस्कुराने लगी, मैंने उससे कहा- उसे बिना पैन्टी के ही जाना होगा और ये पैन्टी मैं अपने पास रखूंगा। वो मान गई, फिर हम चले गए।

रात को उसने मुझे बताया- रास्ते भर मेरी स्कर्ट उड़ती रही थी और कई लोगों को मेरी चूत के फ्री दर्शन मिल गए और मुझे भी इस बात से मज़ा आ रहा था।

कुछ दिन बाद हमारी शादी हो गई और दो साल तक खूब चुदाई हुई। तब मुझे पता चला कि वो बहुत सेक्सी है वो मस्त लंड चूसती है। जैसे कि हर आदमी अपनी बीवी को किसी से चुदते हुए देखना चाहता था, मैं भी यही चाहता थी कि वो मेरे सामने मस्ती से किसी और से चुदे।

मैं कई बार सेक्स के वक़्त उसको कहता था- काश तू किसी और से चुदाए.. उसका लंड मस्ती से चूसे…

यह सब सुन कर उसकी आँखों में एक मस्त नशा सा छा जाता और वो और मज़े से मेरे साथ चुदाई करती। उसको भी किसी दूसरे लंड की बहुत इच्छा होने लगी थी, जिसको वो मस्ती से चूसे और उसके साथ चुदाई करे।

वो घर में बिना पैन्टी और ब्रा के ही रहती थी। केवल नाईटी में और अपनी पैन्टी-ब्रा घर में कहीं भी खोल कर फेंक देती थी।

एक बार रविवार का दिन था, अचानक से मेरा एक दोस्त आकाश मेरे घर आया। दोस्तों आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

मैंने उसे अन्दर बुलाया और हॉल में सोफे पर बैठाया। जैसे ही वो बैठा उसके नीचे कुछ आया तो उठ कर उसने देखा, वो मेरी बीवी की ब्रा थी..और उसके बगल में उसकी पैन्टी भी फेंकी हुई थी।

वो मुझे देख कर मुस्कुराया और पूछा- क्या यार.. चुदाई चल रही थी क्या?

मैंने कहा- नहीं यार.. ये कपड़े शायद यहाँ पड़े रह गए होंगे..!

उसने पैन्टी-ब्रा को बगल में रख दिया और बोला- ओके..!

मैं भी हँस कर रह गया।

उसने पूछा- भाभी जी कहाँ हैं?

मैंने कहा- रसोई में है।

मैं उसके लिए पानी लाने रसोई में गया और नेहा को बोला- चाय बना देना..!

जब मैं पानी लेकर गया, तो देखा वो मेरी बीवी की ब्रा और पैन्टी को अपने लंड से मसल रहा था।

मेरी आवाज़ सुनते ही उसने ब्रा-पैन्टी साइड में रख दी। मुझे उसकी हालत पर हँसी आ रही थी।

तभी नेहा भी रसोई से आई और उसको ‘हाय’ कहा।

उसने भी खड़े होकर ‘हाय’ बोला।

मैंने देखा पैन्ट के अन्दर उसका लंड तंबू बना रहा है। नेहा ब्रा और पैन्टी नहीं पहनती घर में इसलिए उसके निप्पल एकदम कड़क साफ़ दिख रहे थे।

वो जब बैठने के लिए मुड़ी तो उसकी मस्त गोल-गोल कूल्हे देख कर तो मेरे दोस्त के होश ही उड़ गए होंगे।

उसकी नज़र अभी भी मेरी बीवी की चूचियों पर ही थी।

नेहा भी समझ रही थी और अचानक से पूछा- आप क्या देख रहे हो?

मेरा दोस्त घबरा गया और बोला- नहीं.. कुछ भी तो नहीं…!

तभी मैं और नेहा रसोई में गए।

मैंने नेहा से मज़ाक में कहा- तुम्हारी ब्रा-पैन्टी से वो मज़े ले रहा था और तुम्हारे निप्पलों को भी देखे जा रहा था।

वो शर्मा गई और मुस्कुरा दी, उसकी हँसी में एक सेक्सी अंदाज़ था, जिसे देख कर मेरे दिमाग़ में एक ख्याल आया ‘क्यों ना आज इसकी दूसरे लंड की चाहत को पूरा किया जाए..!’

मैंने नेहा को कहा- नेहा आकाश अकेले बैठा है, तब तक तुम उससे बात करो, मैं चाय लेकर आता हूँ…!

वो तुरंत मान गई और बोली- ठीक है जानू…!

उसकी भी चूत मचल रही थी, वो हॉल में बिना ब्रा और पैन्टी के ही फिर से चली गई।

मैंने सोचा देखा जाए कि वो क्या करते हैं और छुप कर उनको देखने लगा।

वे दोनों बातें कर रहे थे और आमने-सामने बैठे थे।

मैंने देखा आकाश मेरी बीवी के निप्पल देखे जा रहा था और एक हाथ से बगल में पड़ी हुई उसकी ब्रा और पैन्टी को सहला रहा था। नेहा भी उसके लंड के उभार को देखे जा रही थी।

मैं समझ गया कि अगर इनको मौका मिले तो ये यहीं चुदाई शुरु कर देंगे। तभी मैंने सोचा कैसे आज मेरी बीवी की चुदाई का मज़ा लिया जाए। दोस्तों आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

मेरे दिमाग़ में एक बात आई। मैं तुरंत हॉल में गया और उनसे बातें करने लगा।

बात करते-करते मैंने अपनी बीवी को कहा- नेहा तुम भी ना कहीं भी अपनी ब्रा-पैन्टी खोल कर रख देती हो..!

और अपने दोस्त को कहा- ज़रा वो ब्रा-पैन्टी भाभी को देना यार.. ये कमरे में रख देगी!

आकाश थोड़ा घबरा गया, पर उसने ब्रा-पैन्टी को उठा कर नेहा को दे दिया।

नेहा उसे रूम में रखने गई, तभी मैंने देखा आकाश नेहा की गाण्ड को घूरे जा रहा था।

मैंने उससे पूछा- और सुना यार.. क्या हाल-चाल हैं?

उसने कहा- क्या हाल यार.. तेरे जैसा लकी नहीं, जो इतनी सेक्सी बीवी मिली!

मैंने डायरेक्ट उससे पूछ लिया- नेहा को चोदेगा क्या?

वो सकपका गया, बोला- क्या बोल रहा है यार?

मैंने कहा- नेहा रसोई में बोल रही थी कि तेरा लंड मिल जाए तो उसे मज़ा आ जाए।

वो खुश हो गया और बोला- मज़ा आ जाए.. यार तेरी बीवी के साथ तो…!

तभी नेहा आ गई और कहने लगी- क्या बातें हो रही हैं?

तो मैंने कहा- आकाश तुम्हारी फिगर की तारीफ कर रहा था।

उसने तुरंत आकाश को ‘थैंक्स’ बोला।

तभी मैंने टीवी चालू किया, उसमें रात को एक ब्लू-फिल्म की सीडी लगी हुई थी, जो मैं निकालना भूल गया था। उसमें दो मर्द एक औरत को चोद रहे थे। यह देखते ही सब शरमा गए, पर मैंने माहौल को सामान्य किया और कहा- सब दोस्त हैं, इसमें शरमाने की क्या बात है?

और सब मज़ा लेने लगे। तभी नेहा उठ कर रसोई में गई और मुझे बुलाया और फ्रीज़ से बियर की बोतल निकालने को कहा।

मैंने कहा- क्या बात है.. आज बहुत मूड हो रहा है?

तो वो बोली- सब मस्ती करते हैं.. रोज-रोज कोई कहाँ आता है..!

मैं उसकी इच्छा समझ गया था और मज़ाक में उससे पूछा- आकाश का लंड बहुत मस्त है.. चूसना है.. तो बताओ?
और वो शरमा कर ‘धत’ बोली।

बियर लेकर हम हॉल में आ गए। आकाश बड़े मज़े से ब्लू-फिल्म देखे जा रहा था। फिर सबने ‘चियर्स’ किया और बियर पीने लगे। नेहा ज़्यादा नहीं लेती, पर उस दिन वो पीते ही जा रही थी।

उसको चढ़ गई थी और ब्लू-फिल्म ने माहौल को और गर्म बना दिया था।

अचानक से नेहा उठी और आकाश की पैन्ट की जिप खोल कर उसका लंड बाहर निकाल लिया और ज़ोर-जोर से चूसने लगी।

हम दोनों उसकी चुदास देखते ही रह गए।

आकाश बोला- यार तेरी बीवी मस्त सेक्सी माल है… आज इसको चोदने दे भाई…!

मैंने भी आकाश को बोला- भाई, ये खुद तेरे से चुदना चाहती है..! आज तू इसकी बुर फाड़ दे.. साली बहुत सेक्सी माल है!

बस और क्या था, आकाश ने मेरे सामने मेरी बीवी के कपड़े फाड़ कर उसको नंगी कर दिया।

मेरी बीवी घपाघप उसका लंड चूसे जा रही थी और मुझसे कहे जा रही थी- वाह क्या लंड है.. अब रोज मुझे आकाश से चुदाई करवाना है..!

उनकी चुदाई का खेल देख कर मैं भी नंगा होकर मुठ मारने लगा। उस रात मेरी बीवी आकाश से अलग-अलग पोज़ में खूब चुदी और मैं अपनी बीवी की चुदाई देख कर मस्त होता रहा।

अगले दिन आकाश जाते वक़्त मेरी बीवी की चूत और मम्मों में चुम्मी देकर ‘बाय’ बोला और कहा- अब हर रविवार को तुम मेरी बीवी बन जाना। दोस्तों आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

मेरी बीवी ने कहा- मैं रविवार का बेसब्री से इंतज़ार करूँगी..!

और जाते-जाते आकाश की पैन्ट की जिप खोल कर उसके लंड को चूस-चूस कर उसका सारा पानी पी गई और अपनी एक पैन्टी और ब्रा खोल कर आकाश को गिफ्ट कर दिया।

फिर आकाश अगले रविवार को मिलने का वादा करके चला गया।

मेरी बीवी ने मुझे भी ‘थैंक्स’ कहा कि मैंने उसको इतना मस्त लंड से चुदने का मौका दिया और मेरे से प्रॉमिस लिया कि मैं हर रविवार को आकाश को घर बुलाऊँगा।

फिर हर रविवार आकाश घर आता और सारा दिन मेरी बीवी उससे चुदाई करवाती। इसके अलावा भी मेरे दो दोस्तों से मेरी बीवी ने चूत मरवाई.. मेरे तीनों दोस्त हफ्ते में तीन दिन उसको चोदते हैं और बाकी के 4 दिन मैं उसकी बुर का मजा लेता हूँ।

इस तरह हमारी जिन्दगी में आनन्द ही आनन्द आ गया है और लाइफ मस्त लगती है।

मेरी बीवी की भी अलग-अलग फ्लेवर के लंड से चुदाई की इच्छा पूरी हो जाती है।

मेरी बीवी अब मेरे तीनों दोस्तों से एक साथ चुदाना चाहती है.. जिसका प्लान हम दोनों कर रहे हैं।


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