मेरे प्यारे दोस्तों आपको मल्लिका का प्यार भरा नमस्कार, आज मैं आपके लिए एक कहानी लाइ हु, आज मैं आपको ये एहसास दिला दूंगा की आप भी मुझे चोद रहे हो, मैं आज आपको अपनी कहानी को जिवंत करने करने की कोशिश करुँगी, मेरी ये कहानी किसी और के बारे में नहीं बल्कि मेरे बड़े भाई के बारे में जो मुझसे 2 साल बड़ा है, मैं उसी से चुद गई, आज मैं आपको अपनी ये कहानी आप सब sexkahani.net के रीडर को सुनाऊँगी.

मेरी उम्र २० साल है और मेरा भाई २२ साल का, उसका नाम पंकज है, हमलोग ग्वालियर से है, मैं देखने में काफी सुन्दर हु, मैं बचपन से ही थोड़े शांत स्व्भाव की हु, मुझे दोस्त बनाना अच्छा नहीं लगता है, मैं हमेशा भयभीत रहती थी की अगर कोई मुझे गर्ल फ्रेंड बना कर चोद दिया और मैं माँ बन गई वो भी बिन व्याही तो, इसलिए मैं कभी किसी को दोस्त नहीं बनाई, कई लड़के मेरे इर्द गिर्द घूमते रहते है पर मैंने किसी को भाव नहीं दिया और उससे पटी भी नहीं, पर ऐसा वाकया हुआ मेरे भाई के साथ की मैं चुद गई, मैं अपने भाई के लंड का करंट को बर्दाश्त नहीं कर पाई.

बात पिछले महीने की है, जब मैं चुदी थी भाई से वो भी दिल्ली के होटल में, मैं ग्वालियर से दिल्ली एग्जाम देने आई थी, एग्जाम के एक दिन पहले ही हमलोग आ गए और करोलबाग़ के एक होटल में ठहरे, दूसरे दिन एग्जाम था, तो दिल्ली के पुराना किला घूमने गए, पर पता नहीं था की पुराना किला में खूब सारे जोड़े होते है, जो कोई किश कर रहा होता है, तो कोई गोद में बैठाये होता है, झाड़ियों में कई लड़कियों को देखा वो अपने बॉयफ्रेंड का लंड चूस रही थी, मैं तो वह जाकर देखि और हैरान हो गई, सारे लोग खुले आम कर रहे थे, मेरे साथ तो मेरा भाई था, तो मैंने कहा पंकज भैया हमलोग गलत जगह आ गए, वो पंकज भैया बोले कोई बात नहीं मल्लिका हमलोग इस ऐतिहाहिक किले को देखेंगे, लोग कुछ भी कर रहा है उसके बारे में क्या करना, वो अपना काम कर रहा है.

पर मेरा मन नहीं मान रहा था, मैंने ज़िंदगी में ऐसा नजारा पहली बार ही देखि हु, तो मुझे थोड़ा अजीब लग रहा था, वो भी लाइव, सच पूछिये तो मुझे लग रहा था की काश मुझे भी कोई ऐसे बाहों में जकड़ता तो क्या मजा आ जाता, मैं यही सब सोच रही थी, और एक दूसरे को देख रही थी, मेरा भाई भी उन सब को नीची निगाहों से देख रहा था, और वो मुझे भी घूर रहा था, मैं सोच रही थी की कास ये मेरा बॉयफ्रेंड होता तो अभी मैं उसके बाँहों में कसमसा रही होती, पर ये सब कुछ भी नहीं हो पाया और फिर वापस अपने होटल में चले गए, करते भी क्या कुछ हो भी नहीं सकता था,

होटल में एक ही कमरा लिया था, पर होटल बाले से एक्स्ट्रा बेड ले लिया था ताकि निचे मेरा भाई सो जायेगा, मैं ऊपर सो जाउंगी, पर रात को दोनों एक ही बेड पे सो के टीवी देख रहे थे, उसके बाद कब सो गए हम दोनों पता ही नहीं चला, जब रात को मेरी नींद खुली तो देखि मेर चूतड़ में कुछ लग रहा था, ध्यान से देखि तो भाई अपना लंड निकाल के मेरे चूतड़ से टिका रखा था, क्या बताऊँ दोस्तों मैंने जैसे ही लंड को अपनी चूतड़ में टिका देखा मेरे अंदर एक विजली दौड़ गई, ऐसा लगा की जोर से करंट लगा, थोड़ा झटक के अलग हो गई, पर ज्यादा देर अलग नहीं रह पाई और वापस फिर मैं अपने गांड को भाई के लंड के पास ले गई और हौले हौले से हिलाने लगी आगे पीछे करने लगी, क्या बताऊँ दोस्तों उसके बाद तो भाई का लंड शैतान बन गया और भी लंबा हो गया, मैं भी उसके लंड को गांड के बीचो बीच रखकर अंदर की दबाने लगी, पर वो भी कपड़ा पहन रखा था और मैं भी.

क्या बताऊँ रूम में कुछ अगर आवाज आ रही थी तो वो थी हम दोनों की साँसे जोर जोर से चल रही थी, उसके बाद एक दम से मैं घूम गई वो आँखे खोल कर देख रहा था और लम्बी लम्बी साँसे ले रहा था, फिर क्या था एक ही झटके में दोनों एक दूसरे को चूमने लगे, और वो मेरी चूचियों को दबाने लगा, फिर कब एक दूसरे के कपडे किसने कब उतारे पता भी नहीं चला और वो मेरी चूत को चाटने लगा और मैं उसके लंड को चूसने लगी दोनों 69 की पोजीशन में आ गए, अब तो सिर्फ आअह आआअह चाप चाआप की आवाज आ रही थी, उसके बाद मैंने कहा भाई अब देर मत करो, पर उसने कहा देर में ही तो मजा है, देख तेरी चूत कितनी गरम हो गई है, पानी भी छोड़ रहा है, तो मैंने कहा तुम भी कहा काम हो तेरे लंड से भी नमकीन नमकीन निकल रहा था, पर मैं बहुत भूखी हु आज दोपहर से जब से मैं पुराना किला से सब कुछ देखकर आई,

फिर क्या था वो ऊपर चढ़ गया और मेरी चूत में लंड घुसा दिया, पहले तो काफी दर्द हो रहा था, पर धीरे धीरे सब कुछ ठीक हो गया और सिर्फ कमरे में आॅफ़ उफ्फ्फ्फ्फ़ आआअह आआआह आआआह आआआह की आवाज निकल रही थी, और जोर जोर से धक्के मार रहा था, मुझे पहली बार ज़िंदगी का मजा आ रहा था, मैं बहुत खुश थी चुदवा के, करीब १ घंटे तक उसने मुझे चोदा, फिर दोनों एक दूसरे को चूम रहे थे और सहला रहे थे, फिर आधे घंटे बाद फिर से शुरू हो गए, क्या बताऊँ दोस्तों रात भर करीब ४ से पांच शॉट में चोदा, सुबह मैं पेन किलर खाई तो नार्मल हुई, मैं सही तरीके से चल चल भी नहीं पा रहा थी, पर मैं बहुत खुश थी, एग्जाम तो २ बजे खत्म हो गया पर हम दोनों ने प्लान किया की आज रात को रुकते है, घर में कह देंगे की ट्रैन छूट गई जाम की वजह से.

दूसरे रात भी वही रुके और फिर वही चुदाई चुदाई चुदाई, मजा आ गया था वो दो दिन दिल्ली के होटल में, फिर क्या अब तो हम दोनों एक दूसरे को खुश करते रहते है घर पे, पर जो छूट होटल में था वो कही नहीं, घर में डर डर के चुदवाना पड़ता है. आपको मेरी कहानी कैसी लगी जरूर रेट करें प्लीज् sexkahani.net desi kahani , hindi sex stories ,hindi sex story ,sex story , sex stories , xxx story ,kamukta.com , sexy story , sexy stories , nonveg story , chodan , antarvasna ,antarvasana , antervasna , antervasna , antarwasna , indian sex stories ,mastram stories , indian sex stories

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