मुझे हमेशा से लड़कों में दिलचस्पी थी और मैं उनको देख अपनी गांड चुदवाने का सपना देखता था, मेरा सपना तब सच हुआ, जब Meri Pehli Chudai ऋषभ ने शिमला ट्रिप में की

हाय दोस्तो,

मेरा नाम संचित है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ। मैं अभी 19 साल का हूँ! यह कहानी उस समय के है जब मैं 12th क्लास मैं पढ़ता था। मुझे हमेशा से ही लड़को में दिलचस्पी रहा है।

मैं मेरी सेक्स स्टोरी में गांडू वाली कहानी खूब पसंद करता हूँ! आज मैं भी अपनी एक सच्ची कहानी आपको बताने जा रहा हूँ। यह मेरी पहली कहानी है, जो की मेरी असल ज़िन्दगी की है!

जवान और मस्त लड़के मेरी पसंद

जब भी कोई मस्त और जवान लड़का मेरे आगे से गुज़रता! मेरी आँखें अपने आप ही उसकी ओर चली जाती और मैं ख्याली खवाब बनाने लगता! उसके साथ सेक्स के लिए!

मैं एकदम गोरा हूँ, पर थोड़ा मोटा हूँ! मेरे स्कूल में मेरा एक बहुत अच्छा दोस्त है, जिसका नाम ऋषभ है।

वो दिखने में भी बहुत ही सुन्दर है! और बहुत अच्छी बॉडी भी बना रखी थी। मेरा हमेशा से ही उस पर नजर रहा है।

हमारा 5 दोस्तों का ग्रुप है। ऋषभ मैं कपिल केशव ध्रुवन का ग्रूप है। सभी मुझे पसंद हैं! क्योंकि सभी बहुत हट्टे कट्टे हैं।

हम लोग हर किस्म की बातें करते थे, पर जब भी चुदाई की बात होती! वो सब लड़कियों को चोदने की ही बातें करते!

यह बात तब की है! जब हम स्कूल की ट्रिप से शिमला गए। हम नवम्बर में गए थे, इसलिए वहाँ बहुत ठंड थी!

यह स्कूल का ट्रिप था, तो हम लोगों को रूम शेयर करना था और हम पाँचों दोस्त एक ही कमरे में रुके! पहले दिन! हमने खूब मजे किए और बहुत घूमे पर पहली रात कुछ नही हुआ!

ऋषभ के साथ चुदाई करने के मौका

दूसरे दिन! हम लोगों को कुफरी जाना था, पर तबीयत खराब होने के कारण ऋषभ कमरे में ही रुक गया! मुझे यह मौका अच्छा लगा, तो मैंने भी बीमार होने का बहाना बनाया और रुक गया!

अब हम दोनों कमरे में अकेले थे! जब सभी चले गए, तब ऋषभ मुझे बोला- ठरकी देखनी है तुझे? नई वीडियोस हैं! मोबाइल में मैंने झट से चालू कर दिया।

उसने एक ग्रूप सेक्स की वीडियो लगाई, जिसमें दो लड़के एक लड़की को चोद रहे थे। उसे देख कर मेरा लण्ड खड़ा हो गया, मेरी नज़र अपने दोस्त पर थी।

उसका लण्ड भी बाहर आने को तरस रहा था। तभी मैंने उसे बोला- भाई यह लड़की तो बड़ा मस्त चूस रही है। काश! कोई मेरा भी चूसता! उसका जवाब सुन कर मैं हैरान रह गया।

ऋषभ मुझे चोदने को हुआ राजी

उसने कहा- कहाँ! अच्छा चूस रही है! इससे अच्छा तो मैं चूस लेता हूँ! तब उसने मुझे एक मुस्कान दी और मैं समझ गया कि वो भी गे सेक्स पसंद करता है।

तभी एकदम से! मैंने उसके होंठों को चूमने लगा! हम दोनों पाँच मिनट तक एक दूसरे के साथ फ्रेंच किस करने लगे!

अब हम दोनों ही गर्म हो चुके थे! वो कहने लगा- संचित, मैं तुझसे बहुत प्यार करता हूँ! अपनी रंडी बनाना चाहता हूँ! मैं यह सुनने के लिए तरस रहा था।

ऋषभ का नंगा बदन और गठीला बदन

मैंने भी उसे कहा कि- मैं उससे बहुत प्यार करता हूँ!

इसपर वो और तेज़ी से मेरे होंठ चूमने लगा! फिर मैंने उसकी शर्ट और पैंट उतारी, तो वह नज़ारा देख कर दंग रह गया!

क्या मस्त सीना था! बिल्कुल कसे हुए और बहुत मजबूत कंधे थे! साथ ही उसके बाजू भी बहुत मजबूत थे! सबसे अच्छा था! उसका लण्ड 9″ का मोटा और एकदम कसा और तना हुआ!

यह देख कर मेरे मुँह मे पानी आ गया! उसने भी मेरी शर्ट और पायजामे उतारे, मेरा लण्ड उससे थोड़ा छोटा था! लगभग! 7″ उसने मेरी आँखों में देखा और कहा- क्या? तुझे मेरा लण्ड पसंद है!

लम्बे और मोटे लण्ड को चूसने का मजा

मैंने बिना सोचे उसका लण्ड मुँह मे ले लिया और चूसने लगा! मैं तो स्वर्ग में था! इस वक़्त का मैं हमेशा से इंतेज़ार कर रहा था!

मैं उसके लण्ड को तेज़ी से चूसने लगा, और वो बहुत तेज़ आवाजें निकल रहा था। आहह! बहुत अच्छे! संचित बहुत अच्छे! और तेज़ आहह!

यह सुन कर मैं और गर्म हो गया और तेज़ी से उसका लण्ड चूसने लगा! मैंने 10 मिनिट तक लण्ड को चूसा!

गाढ़े और मीठे वीर्य को पीने का आनन्द

तभी! उसका पूरा बदन कस गया, और बहुत तेज़ सिसकारियों के साथ! उसका सारा माल मेरे मुँह मे आ गया! वाह! क्या मीठा माल था उसका, मज़ा आ गया!

मैंने सारे वीर्य चूस लिया! हम दोनों फिर से किस करने लगे। उसका हाथ मेरा पूरा बदन सहला रहे थे और मैं उसके मांसपेसियों को महसूस कर रहा था।

हम कुछ समय तक ऐसे ही रहे! तब उसका लण्ड फिर से बड़ा होने लगा!

उसने मेरे कान में कहा- मैं तेरी गांड चोदना चाहता हूँ। यह सुनकर मैं डर गया! क्योंकि यह मैंने आज तक नही किया था। उसके बहुत मनाने पर, मैं मान गया!

वह बेड से खड़ा हुआ और मुझे कमर के बल लेटने को कहा। मैं लेट गया! उसने मेरे दोनों टाँगें अपने कंधे पर रखे और अपना लण्ड मेरी गांड पर सहलाने लगा।

ऋषभ ने मेरी गांड की सील तोड़ी

मुझे अच्छा लग रहा था! उसने अपना लण्ड मेरे गांड के छेद पर रखा, और हल्का सा जोर लगाया। मेरा गांड कुंवारा होने की वजह से लण्ड नही घुस पाया।

उसने थोड़ा और ज़ोर लगाया तो उसके लण्ड का सिरा मेरे गांड के छेद में घुस गया!

मैं एकदम से चिल्ला उठा! आहा! माँ! मरर जाऊँगा! बहुत दर्द हो रहा है! इसपर वो मुझे प्यार से बोलने लगा- जानू थोड़ा झेल लो! फिर मज़ा आएगा! फिर वो नीचे होकर मेरे चूचे को चूसने लगा!

मुझे थोड़ा अच्छा लगा! तभी उसने एक ज़ोरदार धक्का लगाया और उसका पूरा लण्ड मेरे अन्दर चला गया। मुझे ऐसा लगा! जैसे किसी ने मुझे आग में जलाया हो!

मैं रोने लगा! पर, ऋषभ मुझे किस करने लगा! धीरे धीरे! दर्द कम होने लगा! फिर वो अपना लण्ड अंदर बाहर करने लगा।

अब मुझे अच्छा लग रहा था! मैं बहुत तेज़ आहें भर रहा था आहह ऋषभ! चोद मुझे! और तेज़! अपनी रंडी बना ले! मुझे आज तू जो चाहता है वो कर मेरे साथ अजजा! हाहा!

क्या मस्त बदन है तेरा! उसने 20 मिनट तक मुझे चोदा! जिसमें साथ साथ वह मेरा लण्ड भी सहला रहा था! उसने 20 मिनट तक मुझे चोदा! फिर एक ज़ोरदार आवाज़ के साथ झड़ गया।

मेरा लण्ड चूस सारा माल पिया

अब वो मेरे उपर आ गया! हम दोनों ठंड मैं भी पसीने में भीगे थे! वह उठा और अपने लण्ड साफ किया! फिर वो मेरे लण्ड को चाटने लगा।

 

करीब! 15 मिनट तक चाटने के बाद मैं भी झड़ गया और अपना सारा माल उसके मुँह में डाल दिया।

मुझे बहुत ही खुशी हो रही थी! कि जिसके सपने! मैं हमेशा से देख रहा था। वो आज मेरे साथ वही सब कर रहा है! जो मैंने सोचा था! बल्कि उससे और अच्छा था यह सब!

हम दोनों शाम तक ऐसे ही लेटे रहे और उठने के बाद दो बार और चुदाई किए तब हमारे दोस्त भी वापस आ गए।

हमने एक साथ रात का खाना खाया! पर एक अजीब बात थी! ध्रुव मुझे घूर रहा था, फिर जो हुआ वो था मेरा सामूहिक चुदाई! जिसके बारे में मैं अगली कहानी में बताऊँगा।

अगर आप वो सुनना चाहते हैं तो मेरी कहानी को पढ़कर मुझे जवाब जरुर भेजें कि मेरी कहानी कैसी है?
मेरा ईमेल आईडी है
meranaamgay@hotmail.com

ऋषभ और मैं कमरे में अकेले थे, तो मेरे गांड में खुजली होने लगी थी कि तभी ऋषभ ने मुझे एक ब्लू फिल्म दिखाई जिसे देख हम दोनों गर्म होने लगे और एक दूसरे के होंठों को चूमने लगे और एक दुसरे के लौड़े को चूस रस पिया और आखिर में ऋषभ ने मेरी कुँवारी गांड की चुदाई कर Meri Pehli Chudai के सपने को पूरा किया..

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