चूत दिखा कर ब्लू फिल्म बनाने वाले को जेल भेजी
मै रिमी 22 साल की कोलकाता से हूँ,बहुत ही गोरी सेक्सी और सुंदर हूँ। हमारे परिवार मे चार लोग है मम्मी पापा मै और मेरा भाई सेम जो बहुत हैंडसम और 24 साल का है। कोलकाता मे बहुत सारे घुमने के जगह है तो मै और मेरा भाई हमेशा कही न कही घुमने जाते है। कभी मूवी तो कभी किसी पार्क के कोने मे लेट जाते और भाई मेरी पीठ तथा मेरी बड़ी बड़ी चुतड़ो को सहला सहला कर मजे देने की कोशिश करता है। कभी कभी घर मे एकेली होती हूँ तो भाई मेरी चुतड़ो की गोलाई को धीरे-धीरे मसल मसल कर मुझसे बाते करता है। भाई काफी तेज और रोमांटिक मूड का लड़का है।
कभी-कभी मै भाई को जगाने के लिए जाती थी तो भाई का टाईट मोटा लंड उसकी छोटी चड्डी मे साफ साफ दिख जाती थी।मम्मी शायद इसी वजह से सेम के रूम मे नही आती थी।मै भाई के लंड को एक तावेल से ढक देती थी। मै कुछ घर के काम भी करती थी और मस्ती भी करती थी।मम्मी मुझे कभी किसी बात के लिए नही रोकती थी।मम्मी मेरी बेस्ट फ्रेंड थी। चूत दिखा कर ब्लू फिल्म बनाने वाले को जेल भेजी
एक बार पापा घर मे नही थे तो शाम को मै मम्मी और सेम मूवी देखने जाने लगे।मै जिंस और टोप पेहन ली और मम्मी लेगिंस और कुर्ती।भाई कार चलाने लगा और हम दोनो पिछे बैठ गए।थोड़ी देर के बाद ही हम लोग मल्टीप्लेक्स पहुंच गए और मूवी देखने के लिए अंदर जा के एक सोफे के जैसी जो सिर्फ तीन लोगो के लिए थी उसमे हम बैठ गए मै बीच मे बैठी। आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | भाई कुछ चिप्स कुरकुरे और कोक ले आया।थोड़ी ही देर मे मूवी शुरू हुई।हम चिप्स कुरकुरे खा खा कर मूवी इंजोई करने लगे।मूवी काफी रोमांटिक थी और बीच बीच मे कुछ होट सिन थे और सेक्सी गाने भी थे।हमलोग चुप चाप मूवी को इंजोई कर रहे थे।मूवी खत्म हुई और हम बाहर निकले तो देखे तेजी से बारिश हो रही है।एक तो ये होट मूवी देखने के बाद मेरी चुत मचल रही थी उपर सेे ये बारिश।मै और मम्मी टोईलेट तक ले जाने के लिए सेम को बोले।सेम हमे जहा कार पार्क किया था वहा ले गया।वहा कुछ अंधेरा होने के कारण मै जल्दी से अपनी जिंस और पेंटी नीचे की और मम्मी भी लेगिंस और पेंटी नीचे की और हम दोनो टोईलेट करने बैठ गए सेम वही हमारे पिछे खड़ा हो के किसी से फोन पर बात करते हुए हमारी गोरी गोरी चिकनी चुतड़ो को साफ साफ देख रहा था।मेरी चुतड़ो की गोलाई मम्मी से थोड़ी बड़ी थी।हम कुछ देर बाद टोईलेट करके उठे और अपने कपड़े ठीक करने लगे।सेम हमे एक रेस्टोरेंट मे ले गया।हमने कुछ डीस ओडर किए और बाते करते हुए डीस के मजे लेने लगे।कुछ देर के बाद हम कार मे बैठे और वापस घर आने लगे बारिश अभी भी तेज थी।मम्मी डर से मेरा हाथ पकड़ रखी थी।थोड़ी दूर जाने के बाद ही अचानक एक सुनसान जगह पर हमारी कार रूक गई।मम्मी भाई से पूछी क्या हुआ लेकिन सेम कुछ बोले बिना चाभी घुमा घुमा कर कार चालू करने की कोशिश कर रहा था लेकिन कार खराब हो कर बंद पड़ गई थी।मम्मी और मै डर से एक दूसरे का हाथ जोर से पकड़कर सेम को बोलने लगे किसी को फोन कर के बुला लो ना।वह जगह बहुत सुनसान थी और काफी रात हो चुकी थी।मम्मी ने कार को धक्का देकर चालू करने की बात कही।तो जल्दी से हम तीनो कार से बाहर निकले और मै और मम्मी कार को पिछे से धक्का लगाने लगे और सेम आगे एक हाथ से एसटेरिंग और दूसरे हाथ से कार को धकेल रहा था।हमने तीनो भीग गए,काफी जोर लगाने के बाद भी कार चालू नही हुआ।हमे कुछ सियार की आवाज सुनाई दी और डर से हम तीनो कार मे बैठ गए।मै और मम्मी रोने लगे और हमारे दिल इस समय जोर से धड़ड़ रहे थे।भाई काफी जगह फोन लगाने लगा।डर से हमारे दिमाग भी काम करना बंद कर दिया था।थोड़ी देर के बाद भाई के एक दोस्त विर से बात हुआ।वह हमें लेने आ रहा था। सेम बोला पास मे ही विर का घर है जल्दी आ जाएगा। मै और मम्मी कुछ रिलेक्स हो गए।बारिश अभी भी तेज थी और कुछ ही मिनट के बाद विर अपनी कार से आ गया।विर काफी लंबा चौड़ा और गोरा था।
विर मुझे और मम्मी की कमर को पकड़ा और अपनी कार की ओर ले जाने लगा,हमारे शरीर ठंड से कांप रहे थे लेकिन विर के कठोर हाथ मेरी भीगी जिस्म को बेहका चुकी थी।विर ने कार का गेट खोल कर मम्मी को बैठा कर मेरी कमर को पकड़ कर मुझे बैठाते हुए मेरी भीगी चुतड़ो को भी सेहला दिया।हम कार मै बैठ गए।भाई और विर मिलकर अपनी कार से हमारी कार को एक मोटे रस्से से बांध दिया।भाई अपनी कार मै बैठ गया और विर अपनी कार चलाने हुए हमारी कार को खिंच कर अपने घर ले आया।बहुत रात हो जाने के कारण हमने विर के घर मे ही रूकने का फैसला किए।विर घर मे अभी एकेला ही था।वह हमे घर के अंदर ले गया।विर हमे कुछ कपड़े और दो तावेल दिया।भाई तो अपनी सारी कपड़े उतार दिया और एक तावेल लपेट कर दूसरी तावेल से अपने बालो को पोछने लगा।थोड़ी देर के सेम मम्मी को तावेल दे कर रूम से निकल गया।मै डोर लोक की और हम दोनो अपने सारी गिले कपड़े उतार कर नंगे हो गए।मम्मी तावेल से अपने जिस्म और बालो को पोछने लगी।मै मम्मी की चुत की ओर देखने लगी जो बालो से भरी हुई थी।मम्मी हसते हुए बोलने लगी काफी दिनो से वैक्सिंग नही की हूँ ना इसलिए।मम्मी मुझे तावेल देते हुए बोलने लगी विर काफी अच्छा लड़का है और कितना हैंडसम है।मै अपने बाल पोछते हुए मम्मी से चुपके से बोली क्यों ना आज विर को सिडूस करते है।लेकिन मम्मी गुस्से से मुझे डांटने लगी।मम्मी एक नाईटी पहनी और मै एक विर की सर्ट जो मेरी चुतड़ो को बड़ी मुश्किल से ढक पा रही थी पेंटी तो थी नही।मम्मी को कुछ एहसास हुआ और बोली रिमी तुम जैसा बोल रही हो क्या वैसा करना ठीक रहेगा।मै जानती थी कि मम्मी भी चाहती है लेकिन चुप थी।मै मम्मी को पकड़ कर बोली विर आज रात हमदोनो मे से किसी एक को ले कर रहेगा।मम्मी बोली हां काफी जोशीला लड़का है लेकिन सेम का क्या करे।मै सारी भीगी कपड़े उठाने लगी और मम्मी विर और सेम के पास चली गई।मै बालकनी मे गई और कपड़े निचोड़ निचोड़ कर सुखने के लिए देने लगी।अचानक वहा विर आ और मुझे बोला डर लग रहा है क्या मै कपड़े निचोड़ते हुए बोली नही तुम हो ना और कपड़ों को सुखने देने के लिए अपने दोनो हाथ उपर करती तो मेरी सर्ट मेरे चुतड़ो से उपर हो जाती थी,जिससे मेरी चुत और मेरी चुतड़ो साफ दिख जाते थे।विर वही खड़े हो कर मेरी गोरी मोटी-मोटी जांघो को देख रहा था।मै मुस्कुराते हुए अपनी चुत और बड़ी बड़ी चुतड़ो को विर को काम करते हुए दिखा रही थी।कुछ ही देर मे मेरा काम खत्म हुआ और विर मुझे अपनी वाहो मे भर लिया और किस करने लगा।कुछ देर की किसिंग के बाद,मै भाई के डर से विर को रोकी और हम मम्मी के पास चले गए।
वहा गई तो देखी भाई गहरी नींद मे नशे के कारण सो गया था।विर काफी कमीना निकला।मै समझ गई विर हम पर कोई मेहरबानी नही किया था।विर भाई को बहुत ज्यादा नशा देकर सुला दिया था और अब चाहे तो हम से रेप भी कर सकता था।मै ये सब सोच रही थी और मुझे पिछे से पकड़ कर मेरी चुचियो को कश कश के दबा रहा था।मै विर से बोली मम्मी कहा है तो वह हसने लगा । आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | मै समझ गई कि इसने मम्मी को भी कुछ किया होगा। मै विर की ओर घुमी और बोली मै तो तुम को खुद देने वाली थी ये सब तुमने क्यो किया और रोने लगी।मै मम्मी को देखने के लिए दूसरे रूम मे गई।मम्मी भी बेहोशी की हालत मे सोई हुई थी । विर अचानक आया और मेरी बोलो को पिछे से कश के पकड़ा और मुझे खिंचता हुआ एक रूम मे ले गया और बेड पर पटक दिया।उस रूम मे काफी लाईट लगा हुआ था।विर ने सारी लाईट चालू करने लगा थोड़ी देर मे सारा रूम बिल्कुल सफेद हो गया । आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | वह रूम मे लगे चारो तरफ के केमरो को चालू कर के लेपटॉप से मिलाने लगा।मै रोते हुए विर को ये करने से रोक रही थी और बोलने लगी की मे तुमको बहुत पसंद करती हूँ लेकिन वह मेरी बातो को सुने बिना नंगा हो गया और अपनी मोटी लंड को पकड़ कर नश मे इंजेक्शन लगाने लगा।फिर विर मुझे नंगा कर दिया और मेरी बालो को पकड़ा और बेड पर पेट के बल लेटाते हुए मेरी चुतड़ मे इंजेक्शन लगा दिया।विर मुझे इसी पोजीशन पर रख कर मेरी कानो मे गंदी गंदी गालिया दे रहा था।करीब दस मिनट के बाद मै इतनी गरम हो गई की मेरी चुत खुद गीली हो गई।तभी अचानक डोर बेल बजा।विर डर गया और मै हंसने लगी।मै हंसते हुए विर को बोली तुम अब जेल जाने वाले हो मै पुलिस को पहले ही फोन कर चुकी थी। विर काफी डर गया और मुझे छोड़कर रूम से निकलने का कोशिश किया लेकिन पुलिस विर को उसी समय आ कर पकड़ लिया।
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