चूत मे लंड गया तो बोली मजा आ गया
निखिल भैया घर की छत में टहल रहे थे रात के करीब 10:00 बज चुके थे मैंने भैया से कहा आप छत में क्या कर रहे हैं। भैया कहने लगे कुछ भी तो नहीं बस ऐसे ही टहल रहा था लेकिन भैया के चेहरे पर कोई तो ऐसी बात थी जिसे कि वह बताना नहीं चाहते थे। मैंने भैया से पूछा भैया ऐसा क्या हुआ है तो भैया कहने लगे अरे रोहित ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। भैया मुझसे 5 वर्ष बड़े हैं भैया को मैंने बचपन से देखा है वह हमेशा ही खुश रहते हैं लेकिन इस वक्त उनके चेहरे पर कुछ ज्यादा ही गम था। भैया की उम्र 32 वर्ष हो चुकी है और भैया अभी तक कुंवारे हैं लेकिन भैया ने मुझे उस दिन कुछ भी नहीं बताया मैंने भैया से कहा आप नीचे तो चलिए भैया मेरे साथ नीचे आ चुके थे और भैया ने उस दिन किसी से भी बात नहीं की और ना ही उन्होंने खाना खाया।
मम्मी ने भी मुझ से पूछा क्या ऐसी कोई बात हो गई है कि निखिल इतना दुखी है मैंने मम्मी से कहा मम्मी मुझे नहीं पता। मैं जब भैया के रूम में गया तो भैया अपने मोबाइल में पता नहीं क्या कर रहे थे मैं उनसे बात करने की कोशिश करता लेकिन उन्होंने मुझसे बात नहीं की अब मैं समझ चुका था कि उनसे बात करने का कोई अर्थ नहीं है। मैंने सोचा कि भैया से बाद में इस बारे में बात कर ली जाएगी और मैं वहां से अपने रूम में चला आया मैं जब अपने रूम में आया तो मुझे बड़ा ही अजीब सा महसूस हो रहा था। मैं अपने रूम में तो आ चुका था लेकिन मुझे यह बात समझ नहीं आ रही थी कि भैया इतना दुखी क्यों है मैं रात भर यही सोचता रहा मैं बिल्कुल भी नहीं चाहता था कि भैया दुखी रहे मैंने आज तक उन्हें कभी भी ऐसा नहीं देखा था। अगले दिन भी भैया का चेहरा उतरा हुआ था और वह अपने ऑफिस चले गए थे लेकिन ऐसी कोई तो बात थी जो उन्हें अंदर से खाए जा रही थी और वह बहुत ज्यादा परेशान थे। मैंने इस बात को जानने के लिए भैया के दोस्त से इस बारे में पूछा तो उन्होंने मुझे सारी बात बता दी। वह मुझे कहने लगे कि निखिल का एक लड़की के साथ रिलेशन चल रहा है और वह लड़की शादी शुदा है परंतु उसके पति और उसके बीच में बिल्कुल भी नहीं बनती जिस वजह से वह उसे तलाक देना चाहती है लेकिन उसके पति और उसके बीच अभी तक तलाक नहीं हो पाया है जिस वजह से निखिल बहुत परेशान है।
मैंने उनसे कहा लेकिन वह लड़की आखिरकार अपने पति को क्यों तलाक देना चाहती है उन्होंने मुझे बताया कि निखिल और उसके बीच में पहले से ही प्रेम संबंध था लेकिन उसके परिवार वाले निखिल से उसकी शादी नहीं करवाना चाहते थे जिससे कि वह दोनों अलग हो गए। कुछ ही समय बाद उसके पति का असली रंग सबके सामने आने लगा और वह उसे प्रताड़ित करने लगा फिर उसने तुम्हारे भैया की मदद ली तुम्हारे भैया का भी दिल फिसल गया और उनका दिल दोबारा से घड़कने लगा लेकिन तुम्हे तो मालूम हीं है ना कि तुम्हारे भैया कितने ज्यादा भावुक है वह किसी की बातों में भी आ जाते है। उस लड़की के पति ने अभी तक उसे तलाक नहीं दिया है वह दोनों साथ में रहने के लिए मजबूर है लेकिन वह लड़की और तुम्हारे भैया चाहते हैं कि हम दोनों साथ में रहे लेकिन ऐसा संभव नहीं है तुम्हें तो मालूम है ना ऐसा संभव हो भी कैसे सकता है क्योंकि वह तो पहले से ही शादीशुदा है। तुम्हारे भैया भी किसी को यह बात बताना नहीं चाहते हैं उन्होंने ना तो तुम्हारे मम्मी पापा को यह बात बताइ और ना ही किसी को उन्होंने इस बारे में बताया मैं तुम्हारे भैया को बचपन से जानता हूं इसलिए मुझे इस बारे में सब कुछ मालूम है। मैं घर चला आया लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ यही चल रहा था कि कैसे मैं भैया से बात करूं क्योंकि भैया तो मुझसे बड़े हैं लेकिन मैं भैया की तकलीफ देख नही सकता था और मैं उन्हें और भी ज्यादा दुखी नहीं देख सकता था इसलिए मैंने उनसे बात की। जब मैंने भैया से बात की तो भैया मेरी तरफ देखकर कहने लगे लगता है रोहित अब तुम समझदार हो चुके हो मैंने भैया से कहा भैया समझदारी की बात नहीं है लेकिन आपके चेहरे की उदासी देखकर मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता मुझे लगा मुझे आपसे बात करनी चाहिए इसलिए मैंने आपसे बात की।
भैया कहने लगे रोहित अब तुम्हें सब कुछ पता चल ही चुका है तो तुम से छुपाना कैसा दरअसल मेरे और अंजलि के बीच में कई सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था लेकिन उसके पिताजी ने उसकी शादी कहीं और ही करदी मैं भी इस बात से खुश था कि चलो अंजली की शादी कहीं और हो चुकी है लेकिन मुझे क्या पता था कि उसके पति के साथ उसकी बिल्कुल भी नहीं बनेगी और उसका पति उसे हर रोज प्रताड़ित करता रहेगा। जब मुझे यह बात पता चली तो मैंने उसके पति से इस बारे में बात की तो उसे हम दोनों के बारे में पता चला मुझे लगा था कि वह समझदार होगा वह एक अच्छे पद पर कार्यरत है लेकिन उसके बावजूद उसकी सोच और समझ बिल्कुल नीच स्तर की है और मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा क्योंकि मैं अंजलि को बिल्कुल भी दुखी नहीं देख सकता था। हम चाहते थे कि अंजलि के उसे तलाक देदे लेकिन अंजलि के पति उसे तलाक देना ही नहीं चाहते थे और उन दोनों के बीच अभी तक तलाक नहीं हुआ था। मैंने भैया से कहा कि भैया आप धैर्य रखें सब कुछ ठीक हो जाएगा। कुछ ही समय बाद अंजलि ने कोर्ट में याचिका दायर की जिसका फैसला हुआ और अंजली और उसके पति के बीच तलाक हो चुका था अब सबसे बड़ी मुसीबत थी पापा मम्मी को समझाना, उसमें भी मैंने भैया की मदद की और आखिरकार अंजलि हमारे घर की बहू बन चुकी थी। वह मेरी भाभी थी भैया बहुत खुश थे और भैया हमेशा ही मुझे इसका श्रेय देते और कहते कि यह सब तुम्हारी वजह से ही संभव हो पाया है।
मैंने भैया से कहा भैया आपको तो मालूम ही है ना मैं आपसे कितना प्यार करता हूं और आपके चेहरे पर भला मैं कैसे उदासी देख सकता था। इस पूरे वाक्यों को करीबन एक वर्ष हो चुका है भैया और अंजली भाभी बहुत खुश हैं और वह दोनों एक दूसरे का साथ बड़े अच्छे से देते हैं। अंजली भाभी की सहेली शगुन जो कि मुझे बहुत पसंद थी लेकिन हम दोनों के बीच उम्र का दो वर्ष का फ़ासला था जिससे कि उसकी शादी मुझसे नहीं हो सकती थी लेकिन फिर भी मैंने शगुन को अपना बनाने के लिए लाख कोशिश की वह तो मान चुकी थी लेकिन उसके माता पिता को मनाना बड़ा ही मुश्किल था। वह लोग अपनी पुरानी रीति रिवाज को मानते हैं और उसके अनुसार मेरी शादी उससे नहीं हो सकती थी परंतु हम दोनों का मिलना अभी जारी था। शगुन और मैं हमेशा ही मिलते रहते थे मुझे शगुन से मिलना बहुत अच्छा लगता। अंजली भाभी मुझसे शगुन के बारे में पूछती रहती थी क्योंकि शगुन और मेरे बीच में बड़ा ही प्यार था। हम दोनों का प्यार अब जगजाहिर था हम दोनों ने अपने प्यार को किसी से नहीं छुपाया था लेकिन शगुन के माता पिता ने हमारे रिश्ते को स्वीकार नहीं किया था और हमारी मुश्किलें बढ़ती जा रही थी। शगुन के पिताजी चाहते थे कि उसकी शादी कहीं और ही हो जाए लेकिन मैं नहीं चाहता था कि उसकी शादी कहीं और हो। मैंने शगुन से कहा मैं तुम्हारे बिना बिल्कुल भी नहीं रह सकता तो शगुन मुझे कहने लगी कौन सा मैं तुम्हारे बिना रह सकती हूं। शगुन और मैंने घर से भागने का फैसला कर लिया हालांकि यह फैसला ठीक नहीं था लेकिन हमारे पास अब इसके अलावा कोई और रास्ता ही नहीं था हम दोनों घर से भागकर महाराष्ट्र के एक छोटी सी कस्बे में चले गए और वहां पर हम लोग काफी समय तक रहे।
जब हम लोगों ने वहां पर घर लिया तो मैंने शगुन के साथ पहली बार शारीरिक संबंध बनाए वह बाथरूम से नहा कर बाहर ही निकली थी और उसके बाल खुले हुए थे उसने काले रंग का सूट पहना हुआ था। मैं उसे देखकर बहुत ज्यादा खुश हो गया मैंने शगुन से कहा मैं तुम्हारे होंठों को चूमना चाहता हूं? मैंने जैसे ही शगुन के होठों को अपने होठों में लेकर किस करना शुरू किया तो मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था और उसे भी बड़ा अच्छा लग रहा था हम दोनों का चेहरा पूरी तरीके से खिल चुका था क्योंकि मैंने उसके होठों को चूम लिया था। वह शर्माने लगी थी मैंने शगुन के बदन से कपड़े उतारे मैंने उसकी योनि पर अपनी उंगली को लगाया तो वह मचलने लगी और उसके स्तनों को भी मैं दबा रहा था। उसके स्तनों को दबाकर मुझे मजा आ रहा था और मैं सोचने लगा काश शगुन की चूत पहले ही मार पाता लेकिन अभी देर नहीं हुई थी। मैंने अपने लंड को निकाला शगुन की गीली हो चुकी चूत के ऊपर लगाते हुए अंदर की तरफ धकेलना शुरू किया तो उसकी टाइट चूत के अंदर मेरा लंड घुसाने लगा। उसकी टाइट योनि के अंदर मेरा लंड अंदर तक जा चुका था मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था।
मैंने शगुन के दोनों पैरों को खोल लिया और जिस प्रकार से मैंने उसके पैर को खोला उससे उसकी उत्तेजना में दोगुने वृद्धि हो गई। मैंने उसे बड़ी तेजी से धक्के देने शुरू कर दिए मैं उसकी योनि के अंदर बाहर लंड को किए जा रहा था और मुझे बड़ा मजा आ रहा था वह भी बड़ी खुश थी। वह मुझे कहती मुझे बड़ा मजा आ रहा है मैंने शगुन से कहा मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा है शगुन कहने लगी मुझे तुम डॉगी स्टाइल में चोदो मैंने बहुत देखा है कि कैसे पोर्न मूवी में डॉगी स्टाइल में चोदते हैं। मैंने शगुन से कहा क्या तुम पोर्न मूवी भी देखती हो तो वह कहने लगी हां क्यों नहीं मैंने शगुन को डॉगी स्टाइल में बनाते हुए उसकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसा दिया और अंदर बाहर करने लगा। मैंने जैसे ही शगुन की योनि के अंदर बाहर अपने लंड को करना शुरू किया तो वह अपन चूतडो को मुझसे टकराने लगी मेरा लंड भी उसकी योनि की दीवार से टकराने लगा था। उसकी योनि से मेरा लंड टकराता तो उसे भी मजा आता और मुझे भी बड़ा मजा आता। उसके मुंह से तेज आवाज निकलती जाती वह मेरे कानों में जाते ही मेरे अंदर की उत्तेजना और भी ज्यादा बढ़ जाती। मैंने अपने वीर्य को जब शगुन की योनि में गिराया तो वह खुश हो गई।
An outstanding share! I have just forwarded this onto a co-worker
who had been conducting a little research on this.
And he in fact bought me dinner due to the fact that I
discovered it for him… lol. So let me reword this….
Thank YOU for the meal!! But yeah, thanx for spending time to talk about
this issue here on your internet site.