Category: रिश्तों में चुदाई
मुझे चुदाये हुए काफ़ी दिन हो गये थे। मेरा निशाना अब मेरा भाई था। अचानक ही वो मुझे सेक्सी लगने लगा था। घर पर पज़ामें में उसका झूलता लण्ड मुझे उसकी ओर आकर्षित करता था। उसे छुप कर नहाते हुए देखना मेरी आदत बन गई थी। जब कभी वो बाहर पेशाब करता था तो खिड़की से झांक कर मै उसका लण्ड देखा करती थी। वो भी मेरी नजरें पहचानने लग गया था। पर उसकी हिम्मत नहीं होती थी। वो भी मुझे नहाते हुए देखने की कोशिश करता था, उसमें मैं...
मेरे पापा और ताऊ जी दो भाई हैं। ताऊ जी मुंबई में रहते थे और हम लोग गाँव में रहते थे। ताऊ जी हर साल गाँव आते थे यह घटना करीब आठ साल पहले की है, ताऊ जी की दो लड़कियाँ हैं, उस समय बड़ी वाली सोनम दीदी 22 साल की और छोटी वाली 19 साल की थीं। मैं 18 साल का था, पर मुझे सोनम दीदी बहुत अच्छी लगती थीं। वो मुझको बच्चा समझती थीं, पर मैं उनको एक सुंदर लड़की की तरह देखता था। उनका गोरा बदन और...
दोस्तो, आज मैं आपको एक और सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ जो अनजाने में मुँह-बोली बहन की चुदाई से ख़त्म हुई। विदर्भ के वर्धा जिले में मेरे दूर के रिश्तेदार रहते हैं, जिनके लड़के की शादी अमरावती से सटे एक गाँव खेड़े में तय हुई थी। जिस लड़की के साथ शादी तय हुई थी उनका सरनेम और मेरा सरनेम एक ही था जिसके वजह से मैं उसको बहन के नाते से ही बात करता था। उनकी शादी 2003 में हुई और अभी तक उनको दो बच्चे हैं। वो मुझसे...
मेरा नाम सागर है, मैं राजस्थान के कोटा का रहने वाला हूँ। मैंने antarvasna.com पर बहुत सारी कहानियाँ पढ़ी हैं। आज मैं मेरी सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ। बात उन दिनों की है.. जब मैं पढ़ाई पूरी करके अपनी बुआ के यहाँ घूमने के लिए जयपुर गया था। आप लोगों को बता दूँ कि मेरी बुआ के घर में चार सदस्य हैं.. जिसमें सबसे छोटी मेरी बुआ की लड़की लक्ष्मी है। मेरी बुआ का लड़का बाहर पढ़ाई करता था। जब मैं अपनी बुआ के घर पहुँचा.. तो सभी मुझे...
एक दिन मैं काम से शहर गया था और दोपहर के समय लौट आया और आकर मैंने अनीता से पूछा- सब घर के लोग कहाँ गए हैं? तब उसने कहा- सब लोग खेत में गए हैं। सुनकर मैं बहुत खुश हुआ। वह पानी लेकर आई.. पानी पीने के बाद मैंने बिना कुछ कहे अपनी बाँहें फैला दीं.. वह मेरे सीने से आकर लिपट गई। एक अल्हड़ गदराया माल मेरे आगोश में सिमटा हुआ था, मैं उसकी पीठ सहलाने लगा। मैं धीरे से पलंग पर बैठ गया। मैंने उसके पतले होंठों...
मेरी पहली कहानी ‘भैया से सील भी नहीं टूटी‘ आप सभी ने पसंद की, मेरे पास बहुत मेल पुरुषों एवं महिलाओं के आए… बहुत बहुत धन्यवाद। अब मैं सीधे कहानी पर आता हूँ.. जब अंजलि भाभी के साथ सेक्स किया तो अंजलि ने कहा- रिकी अब तुम मुझे माँ भी बना देना.. इनसे तो सील भी नहीं टूटी.. तो माँ क्या बनाएंगे.. मैंने कहा- ठीक है.. अब मैं अंजलि के घर कभी भी पहुँच जाता और उसके साथ सेक्स करता.. एक दिन अन्जलि भाभी का फ़ोन आया। ‘रिकी तुम घर...
मैं कितना बड़ा गांडू हूँ.. आपको मेरी कहानी पढ़कर ही पता चल जाएगा.. पर मैं करूँ क्या.. मुझे गांड मारना बहुत अच्छा लगता है। मैंने गांड मारने के लिए अपनी जवान खूबसूरत बहन को किस तरह से राजी किया.. और वो भी तब.. जबकि वो कह रही थी- भैया गांड मत मारो.. प्लीज.. बहुत दर्द होता है.. पर मैं छोड़ने वाला नहीं था, मुझे बुर में चोदना अच्छा नहीं लगता है। मैं आपको पूरी कहानी सुनाता हूँ। मैं मोंटी.. दिल्ली का पंजाबी मुंडा हूँ, मैं दिन भर मस्ती करता हूँ,...
नमस्कार दोस्तो.. मैं सोनू एक बार फिर हाज़िर हूँ अपनी नई कहानी लेकर। मेरी पहली कहानी को आप लोगों ने बेहद सराहा उसका बहुत धन्यवाद। अब कहानी पर आते हैं… बात उस समय की है.. जब मैं अपने फर्स्ट इयर के एग्जाम देकर मेरठ से वापस अपने घर गाजियाबाद गया था। जैसा कि मैं पहले बता चुका हूँ कि मेरे माताजी और पिताजी दोनों डॉक्टर हैं। जिस कॉलोनी में हम लोग रहते हैं वहाँ पर सभी हॉस्पिटल के कर्मचारी रहते हैं। हमारे बगल वाले घर में काफी नर्सें भी रहा...
हैल्लो दोस्तों में समीर में मुम्बई से हूँ। दोस्तो मे इस का रेगुलेर रीडर हूँ। Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai aओर पहली बार अपना रियल अनुभव आपको बताने जा रहा हूँ। वैसे मे कोई राईटर नही हूँ। इस लिए कोई ग़लती हो जाये तो संभाल लेना उम्मीद है आपको मेरी कहानी पसंद आएगी। अब मे सीधे अपनी कहानी पे आता हूँ 6 महीने पहले मेरे साथ हुई यह सच्ची घटना के बारे मे बताता हूँ। दोस्तो ऐसे तो मे मिडिल क्लास फेमली से हूँ। मे...
मैं कॉलेज जाने के लिए घर से निकली ही थी कि मुझे लगा कि कोई मेरा पीछा कर रहा हैं आज तो कोई रिक्शा भी नहीं दीख रहा था, कॉलेज के लिए लेट भी हो रही थी तो मैंने चल कर जाना ही बेहतर समझा. इतनी सर्दी की सुबह में भी रोड बिलकुल सुनसान थी, न ही कोई गाडी वाला आ-जा रहा था. मुझे अब भी कोई मेरे पीछे आते लग रहा था, मैंने पीछे मुड़ कर देखा लेकिन कोई नज़र नहीं आया. लेकिन मुझे डर लगने लगा था, इतनी...