वासना की आग इधर भी उधर भी
में आपने पढ़ा कि कैसे मैं पड़ोस वाली लड़की को ठोक कर दिल्ली आ गया था और यहाँ आकर पढ़ाई में बिजी हो गया। लेकिन लण्ड को बिना चुत कहाँ सुकून था। दिन में तो लाइब्रेरी में किताबों में व्यस्त रहता था लेकिन रात को रूम पर अकेले कहाँ नींद आती। इसीलिए रात का जुगाड़ करना जरूरी था। जहाँ मैं रहता हूँ ये स्टूडेंट एरिया है और यहाँ पर रहने वाले सब लोग अपने घर के कमरे किराये पर देते हैं। मेरा मकान मालिक जयपुर जॉब करता है लेकिन उसकी...