मम्मी की चुदासी सहेली
इकलौता लड़का होने के कारण मेरे घर के अमूमन हर काम का बोझ मेरे ही सर पर था और वैसे देखा जाए तो ये काम करता भी कौन क्यूंकि पापा बिज़नस में लगे रहते थे और मम्मी अपनी समाजसेवा और कमिटी वाली सहेलियों के साथ में. देखा जाए तो एक तरह से अच्छा ही हुआ मैं एक ज़िम्मेदार इंसान बना और अब मुझे हर तरह के काम की माहिती है. और अपने इसी टैलेंट के चलते मुझे जवान होते ही जवानी का ज़बरदस्त अहसास मिला और उसके बाद तो जैसे...