आखिर सुप्रिया को मना कर चोद ही दिया
दोस्तो, एक बार फिर आप सबके सामने आपका प्यारा शरद एक नई कहानी के साथ हाजिर है। आप तैयार हैं न.. इस नई कहानी को पढ़ने के लिए.. मैंने एक पार्ट टाइम जॉब पकड़ लिया जिसकी टाईमिंग शाम को 4 बजे से 8 बजे तक की है, उसमें मैं एक कम्प्यूटर ऑपरेटर का काम करता हूँ। वहाँ पर जो मेरी मैनेजर है.. उसका नाम सुप्रिया है, मेरा और उसका केबिन एक ही है.. बस बगल-बगल में ही हम दोनों की टेबिल लगी हैं.. और दोनों टेबल के बीच की दूरी...