कुँवारी चूत की महक

मैंने बहुत बार अपनी कहानी इस साईट पर लिखने की कोशिश की है परन्तु हिम्मत नहीं हुई। आज मैं हिम्मत करके अपने एक एक्सपीरियंस के बारे में बता रहा हूँ।

यह एक सच्ची कहानी है!!!

कहानी शुरू करने से पहले, मैं अपने बारे में बता देता हूँ…

मेरा नाम हितेश है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 24 साल है और मेरा कद 5’8 है। मेरा लण्ड 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है।

अब मैं आपका ज्यादा समय न लेते हुए, सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ…

यह बात 6 महीने पहले की है। जब मैं बी।टेक के दूसरे वर्ष में पढ़ता था। तब मेरी मुलाकात एक परी (काल्पनिक) नाम की लडकी से फेसबुक पर हुई, जो की मेरे कॉलेज से ही थी। उसकी उम्र 23 साल थी और वो दिखने में बहुत ही सुन्दर और सेक्सी थी!!

उसका फिगर था 36-28-38। काफी दिनों चैटिंग करने के बाद मैंने उसने मिलने को कहा और उसे अपने कॉलेज की कैंटीन में मिलने को कहा।

अगले दिन हम कैंटीन में मिले और एक दूसरे का फ़ोन नंबर लिया। कुछ ही दिनों में हम हर तरह की बातें शेयर करने लगे!! !!!

काफी दिनों बाद मैंने उसको कॉलेज के बाहर अपने रूम पर बुलाया। करीब 1 घंटे बाद उसने मेरे रूम का दरवाज़ा खटखटाया।

मैंने दरवाजा खोला तो देखा की परी लाल सलवार और सफ़ेद कमीज़ में मेरे सामने खडी थी।

उसको इतने सेक्सी लुक में देख कर अपने आप को रोक नहीं पाया और उसका हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींचा और दरवाज़ा बंद कर दिया।

जैसे ही मैं दरवाज़ा बंद करके वापिस मुडा तो एक दम से उसने मुझे अपनी आगोश में ले लिया।

फिर हमने 20-25 मिनट तक एक दूसरे के होंठों पर चुम्बन किया। अब मैं एक एक करके उसके सभी कपडे उतार रहा था और वो मेरे कपडे उतार रही थी। कुछ ही देर में वो सिर्फ गुलाबी रंग की ब्रा और पैंटी और मैं सिर्फ अंडरवियर में था!!!

उसके चुचे उसकी ब्रा से निकलने को तड़प रहे थे। तब मैंने एक ही झटके में उसकी ब्रा को उतार फेका और उसके एक चुचे को अपने मुँह में ले लिया और दूसरे को हाथ से दबाने लगा।

उसके मुँह से लगातार आ आ आ… आह… आहह।। आहह… उफ़… उम्म… की आवाज़ें आ रहीं थीं!!… तभी मैंने अपना दूसरा हाथ उसकी पैंटी में घुसा दिया, उसके चूत रस से उसकी गुलाबी पैंटी पूरी तरह भीग चुकी थी।

जब मैंने उसकी चूत के दाने (तोता) को रगडा, तो वो हलकी हलकी सिसकारियाँ लेने लगी और सिसकारियाँ लेते हुए कहने लगी – अब और साहा नहीं जाता!!

उसने अपना हाथ मेरे अंडरवियर में डाल कर मेरे लण्ड को बाहर निकला और मेरे लण्ड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी!! !!!

मैं तो अब जन्नत में पहुँच चूका था… करीब 10 मिनट तक वो मेरा लण्ड चूसती रही। फिर वो उठी और बेड पर लेट गई और बोली – अब जल्दी से अपना लण्ड मेरी चूत में डाल दो!! !!!

मैंने समय ख़राब न करते हुए अपना लण्ड उसकी चूत के मुँह पर रखा और एक जोरदार झटके के साथ अपना 2 इंच का टोपा उसकी चूत में घुसा दिया और वो जोर जोर से चीख कर कहने लगी – प्लीज़, हितेश निकालो… बहुत दर्द हो रहा है!! !!!

जब मैंने नीचे देखा तो उसकी चूत से खून निकल रहा था… खून को देख कर वो मना करने लगी लेकिन मैंने उसकी न सुनते हुए दोबारा एक और जोरदार झटका लगाया तो मेरा आधा लण्ड उसकी चूत में चला गया और वो जोर से चिल्लाई…

अब उसकी आँखों से आँसू निकल रहे थे। मैं थोड़ी देर रुका और जब उसका दर्द कम हुआ तब मैंने अपना आखिरी शॉट मारा और मेरा पूरा लण्ड उसकी चूत में चला गया…

अब वो दोबारा चिल्लाई तो अबकी बार मैंने उसके मुँह पर हाथ रखा और लगातार झटके मरने जारी रखे… अब उसको भी मजा आने लगा और अब वो अपनी गाण्ड उछाल उछाल कर मेरा साथ दे रही थी और उसके मुँह से – आअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह… उम्म्म्म्म्म्म्म… ओअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह… आअन्न्न्न्ह्ह्ह्ह्ह्ह… की आवाज़ निकल रही थी।

कुछ ही झटको के बाद उसकी चूत ने अपना गाडा रस छोड़ दिया!! !!!

अब मेरे कमरे मे फचफच और उसकी सिस्कारियों की आवाज़ गूंजने लगी थी और पूरा कमरा उसकी “कुँवारी चूत की महक” से महकने लगा था!! !!!

करीब 20 मिनट बाद उसकी चूत अपना 3 बार रस छोड़ चुकी थी। अब मैं भी अपनी चरम सीमा पर पहुँच चूका था।

20-25 झटकों के बाद मैंने अपनी पिचकारी उसकी चूत में ही छोड़ दी और मै बिलकुल थक कर उसके ऊपर ही लेट गया।

करीब 15 मिनट आराम के बाद, हम एक साथ नहाये और उसके बाद वो कॉलेज चली गई।

अब जब भी हमें मौका मिलता है, तो हम मौका नहीं छोड़ते हैं…

मैंने बहुत बार अपनी कहानी इस साईट पर लिखने की कोशिश की है परन्तु हिम्मत नहीं हुई। आज मैं हिम्मत करके अपने एक एक्सपीरियंस के बारे में बता रहा हूँ।

यह एक सच्ची कहानी है!!!

कहानी शुरू करने से पहले, मैं अपने बारे में बता देता हूँ…

मेरा नाम हितेश है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 24 साल है और मेरा कद 5’8 है। मेरा लण्ड 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है।

अब मैं आपका ज्यादा समय न लेते हुए, सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ…

यह बात 6 महीने पहले की है। जब मैं बी।टेक के दूसरे वर्ष में पढ़ता था। तब मेरी मुलाकात एक परी (काल्पनिक) नाम की लडकी से फेसबुक पर हुई, जो की मेरे कॉलेज से ही थी। उसकी उम्र 23 साल थी और वो दिखने में बहुत ही सुन्दर और सेक्सी थी!!

उसका फिगर था 36-28-38। काफी दिनों चैटिंग करने के बाद मैंने उसने मिलने को कहा और उसे अपने कॉलेज की कैंटीन में मिलने को कहा।

अगले दिन हम कैंटीन में मिले और एक दूसरे का फ़ोन नंबर लिया। कुछ ही दिनों में हम हर तरह की बातें शेयर करने लगे!! !!!

काफी दिनों बाद मैंने उसको कॉलेज के बाहर अपने रूम पर बुलाया। करीब 1 घंटे बाद उसने मेरे रूम का दरवाज़ा खटखटाया।

मैंने दरवाजा खोला तो देखा की परी लाल सलवार और सफ़ेद कमीज़ में मेरे सामने खडी थी।

उसको इतने सेक्सी लुक में देख कर अपने आप को रोक नहीं पाया और उसका हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींचा और दरवाज़ा बंद कर दिया।

जैसे ही मैं दरवाज़ा बंद करके वापिस मुडा तो एक दम से उसने मुझे अपनी आगोश में ले लिया।

फिर हमने 20-25 मिनट तक एक दूसरे के होंठों पर चुम्बन किया। अब मैं एक एक करके उसके सभी कपडे उतार रहा था और वो मेरे कपडे उतार रही थी। कुछ ही देर में वो सिर्फ गुलाबी रंग की ब्रा और पैंटी और मैं सिर्फ अंडरवियर में था!!!

उसके चुचे उसकी ब्रा से निकलने को तड़प रहे थे। तब मैंने एक ही झटके में उसकी ब्रा को उतार फेका और उसके एक चुचे को अपने मुँह में ले लिया और दूसरे को हाथ से दबाने लगा।

उसके मुँह से लगातार आ आ आ… आह… आहह।। आहह… उफ़… उम्म… की आवाज़ें आ रहीं थीं!!… तभी मैंने अपना दूसरा हाथ उसकी पैंटी में घुसा दिया, उसके चूत रस से उसकी गुलाबी पैंटी पूरी तरह भीग चुकी थी।

जब मैंने उसकी चूत के दाने (तोता) को रगडा, तो वो हलकी हलकी सिसकारियाँ लेने लगी और सिसकारियाँ लेते हुए कहने लगी – अब और साहा नहीं जाता!!

उसने अपना हाथ मेरे अंडरवियर में डाल कर मेरे लण्ड को बाहर निकला और मेरे लण्ड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी!! !!!

मैं तो अब जन्नत में पहुँच चूका था… करीब 10 मिनट तक वो मेरा लण्ड चूसती रही। फिर वो उठी और बेड पर लेट गई और बोली – अब जल्दी से अपना लण्ड मेरी चूत में डाल दो!! !!!

मैंने समय ख़राब न करते हुए अपना लण्ड उसकी चूत के मुँह पर रखा और एक जोरदार झटके के साथ अपना 2 इंच का टोपा उसकी चूत में घुसा दिया और वो जोर जोर से चीख कर कहने लगी – प्लीज़, हितेश निकालो… बहुत दर्द हो रहा है!! !!!

जब मैंने नीचे देखा तो उसकी चूत से खून निकल रहा था… खून को देख कर वो मना करने लगी लेकिन मैंने उसकी न सुनते हुए दोबारा एक और जोरदार झटका लगाया तो मेरा आधा लण्ड उसकी चूत में चला गया और वो जोर से चिल्लाई…

अब उसकी आँखों से आँसू निकल रहे थे। मैं थोड़ी देर रुका और जब उसका दर्द कम हुआ तब मैंने अपना आखिरी शॉट मारा और मेरा पूरा लण्ड उसकी चूत में चला गया…

अब वो दोबारा चिल्लाई तो अबकी बार मैंने उसके मुँह पर हाथ रखा और लगातार झटके मरने जारी रखे… अब उसको भी मजा आने लगा और अब वो अपनी गाण्ड उछाल उछाल कर मेरा साथ दे रही थी और उसके मुँह से – आअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह… उम्म्म्म्म्म्म्म… ओअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह… आअन्न्न्न्ह्ह्ह्ह्ह्ह… की आवाज़ निकल रही थी।

कुछ ही झटको के बाद उसकी चूत ने अपना गाडा रस छोड़ दिया!! !!!

अब मेरे कमरे मे फचफच और उसकी सिस्कारियों की आवाज़ गूंजने लगी थी और पूरा कमरा उसकी “कुँवारी चूत की महक” से महकने लगा था!! !!!

करीब 20 मिनट बाद उसकी चूत अपना 3 बार रस छोड़ चुकी थी। अब मैं भी अपनी चरम सीमा पर पहुँच चूका था।

20-25 झटकों के बाद मैंने अपनी पिचकारी उसकी चूत में ही छोड़ दी और मै बिलकुल थक कर उसके ऊपर ही लेट गया।

करीब 15 मिनट आराम के बाद, हम एक साथ नहाये और उसके बाद वो कॉलेज चली गई।

अब जब भी हमें मौका मिलता है, तो हम मौका नहीं छोड़ते हैं…

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