बहन ki चूत तड़प रही थी वो रोज ऊँगली डालती थी – मेने अचानक लंड सामने रखा तुरंत चूसने लगी और जमकर चुदी

नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम साहिल है, और मैं पुणे शहर का रहने वाला हु। आप यह कहानी देसी हिंदी सेक्स कहानी वेबसाइट पर पढ़ रहे है। मैं एक बड़ी आईटी कंपनी में काम करता हु। मैं दिखने में हैंडसम हु और मेरी उम्र २६ साल है। यह कहानी मेरी और मेरे बहन की है जिसमे मैंने अपनी बहन की तड़पती चुत की चुदाई कर के उसे संतुष्ट किया। मेरी छोटी बहन का नाम अनीता है, वो दिखने में किसी साउथ इंडियन हिरोइन से कम नहीं है। उसके गदराया बदन और सेक्सी फिगर देख कर मेरा लंड हमेशा खड़ा हो जाता है। जब भी अनीता टीशर्ट पहन कर मेरे सामने आती है उसके बड़े बड़े बूब्स को देख कर उसे बस चूसने का मन करता है। फिर दिल में दिल में ख्याल आता है की वो मेरी छोटी बहन है।

फ्रेंड्स मेरा परिवार अहमदनगर का है, अनीता पढ़ने में पहले से ही बहुत अच्छी थी। उसने अपनी बी-कॉम की पढ़ाई पूरी करने के बाद सी।ए। की कोचिंग जाने का निर्णय लिया, लेकिन छोटा शहर होने की वजह से वहां पर ऐसी कोई भी कोचिंग क्लास नहीं थी तो उसने एक दिन मुझसे फोन करके कहा कि भैया क्या में भी तुम्हारे साथ वहां पर रहने के लिए आ जाऊँ? दोस्तों तब तक मैंने उसकी जवानी को महसूस नहीं किया था तो यह सब बात होने के बाद वो एक महीने में मेरे साथ रहने आ गई, उसका ट्यूशन जाने का और मेरे ऑफिस जाने का समय एक ही था तो में हर रोज़ उसे ट्यूशन अपनी बाईक से छोड़ दिया करता था और दोपहर को वो ट्यूशन से फ्री होकर अकेली घर पर आ जाती थी और में शाम को घर पर आता था। एक दिन मुझे अपने ऑफिस से छुट्टी जल्दी मिल गई तो में उस दिन जल्दी घर पर आ गया, इसलिए मैंने मन ही मन सोचा कि आज में अनीता को जल्दी आकर चकित करता हूँ।

फिर में घर पर गया और फिर दूसरी चाबी से दरवाज़ा खोलकर अंदर चला गया और जब में अंदर गया तो मैंने देखा कि अनीता नहाकर अपने रूम में बिल्कुल नंगी खड़ी हुई थी। उसके बालों से पानी टपक रहा था और उसके आधे बाल उसके बूब्स पर थे। उसकी चूत पर बहुत छोटे छोटे सुनहरे बाल थे । उसकी चूत को देखने से ही पता चल रहा था कि वो अब तक कभी किसी से नहीं चुदी है और उसको इस हालत में देखते ही मेरा 6 इंच का लंड तुरंत तनकर खड़ा हो गया, लेकिन में उसके साथ कुछ नहीं कर सकता था, क्योंकि वो इतनी चतुर नहीं थी। वो तब बहुत शर्मीली स्वभाव और पुराने ख्याल की थी। फिर में घर से बाहर चला गया और कुछ देर बाहर खड़े रहने के बाद मैंने दरवाजे पर लगी घंटी बजाई। वो दौड़ती हुई पूरे कपड़े पहनकर दरवाजा खोलने आई। जब वो दरवाज़ा खोलने आई तब भी उसके बालों से पानी टपक रहा था जो सीधा उसकी छाती को भिगोकर अंदर से उसके उसकी काले रंग की ब्रा को दिखा रहा था।

दूसरे दिन सुबह जब में उसे उसकी ट्यूशन पर छोड़ने जा रहा था तो मैंने उसको कहा कि अनीता तुम भी मेरे साथ जिम क्यों नहीं चलती, देखो तुम कितनी मोटी हो गई हो? फिर वो बोली कि यह बात तो आप बिल्कुल सही कहते हो, में आपको सोचकर बता दूंगी और फिर उसी शाम वो मेरे घर पर आने के बाद मुझसे बोली कि में भी कल से आपके साथ जिम चलूंगी। फिर मैंने कहा कि ठीक है, लेकिन तू वहां पर यह सलवार कमीज़ नहीं पहनकर जा सकती, क्योंकि तुम्हे वहां पर जिम के कपड़े पहनकर ही जाना पड़ेगा। फिर में उसके साथ उसके लिए मॉल में केफ्री और टी-शर्ट लेने चला गया और कपड़े पसंद करने के बाद मैंने उसको रूम में पहनकर देखने के लिए भेज दिया और जब वो बाहर आई तो वो क्या मस्त माल लग रही थी? कुछ लड़के रूम के बाहर खड़े थे, क्योंकि उन्हें भी रूम में जाकर कपड़े पहनकर देखना था तो वो भी उसी को अपनी आखें बड़ी करके घूरकर देखते रह गये, क्योंकि उसकी टी-शर्ट के ऊपर से उसकी निप्पल साफ साफ दिख रही थी । उसकी पेंटी भी थोड़ी थोड़ी दिख रही थी, क्योंकि वो कपड़े उसके बदन पर बिल्कुल चिपके हुए एकदम टाईट थे, लेकिन मैंने उससे कहा कि यही सही है और अब मॉल का चौकीदार भी उसको लगातार हवस की नज़रों से देख रहा था।

फिर दूसरे दिन में उसे अपने साथ जिम लेकर चला गया और उसे अपने ट्रेनर से मिलवाया। फिर मैंने उससे कहा कि यह मेरी बहन है। मुझे इसका वजन थोड़ा कम करना है। मैंने उसके ऊपर ध्यान दिया कि जब हमारे बीच में यह सब बातें चल रही थी, तब वो बात तो मुझसे कर रहा था, लेकिन उसका पूरा ध्यान मेरी बहन के सेक्सी जिस्म पर था। वो अनीता के उभरे हुए फिगर को ताक रहा था। फिर वो ट्रेनर मुझसे बोला कि कोई बात नहीं, में इसका वजन बहुत जल्दी कम करवा दूंगा। वो अनीता को अपने साथ ले गया। उसने उसको उठक बैठक करने को बोला और जब अनीता ने उठक बैठक करना शुरू किया तो वो उससे कहने लगा कि तुम यह बिल्कुल ग़लत कर रही हो और उससे यह बात कहकर उसने मेरी बहन के कूल्हों को पकड़ लिया और बोला कि हाँ अब तुम सीधे नीचे जाओ और उसके बाद में ऊपर आओ। दोस्तों वो उसी बहाने उसकी गांड को छूकर मज़े ले रहा था।

अब अनीता को उस ट्रेनर का उसको इस तरह से छूना और उसके कूल्हों को पकड़कर उसे ऊपर नीचे उठाना बैठाना थोड़ा अजीब लगा, लेकिन वो कुछ नहीं बोली और चुपचाप उसकी कही गई सभी एक्सर्साईज़ करती रही। दोस्तों पहले दिन उस ट्रेनर ने मेरी बहन को थोड़ी हल्की एक्सर्साईज़ करवाई और फिर कल आने को बोला। फिर घर पर जाते समय रास्ते में अनीता मुझसे बोली कि वो मुझे छू रहा था तो मुझे उसका इस तरह छूना बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा और ना जाने क्यों वो मेरे साथ ऐसा कर रहा था, उसके मन में क्या चल रहा था भगवान ही जाने? फिर मैंने उससे कहा कि वो तो सिर्फ़ तुझे सिखा रहा था और ऐसा कुछ नहीं है, जैसा अभी तुम्हारे दिमाग में चल रहा है और मेरी यह बात सुनकर अनीता फिर से कुछ नहीं बोली और चुपचाप मेरी बात सुनती रही।

फिर दूसरे दिन जब अनीता जिम आई तो मेरे ट्रेनर ने मेरा और मेरी बहन का जिम का समय अलग अलग कर दिया और फिर उसने मेरी बहन के लिए एक्सर्साइज़ प्लान बताया, जिसमें पुल, सीट पुश-अप और कुछ योगा भी थे। वो ट्रेनर उसे छूने का कोई भी मौका नहीं छोड़ता था और अब धीरे धीरे जैसे जैसे दिन बीतते गए और अनीता के लिए वो सब आदत में आ गए थे, लेकिन मैंने महसूस किया कि उसकी वजह से अनीता का वजन बहुत जल्दी कम हो रहा था। वो हर रोज़ दिन गुजरते हुए और भी ज्यादा सुंदर, सेक्सी होती जा रही थी।

फिर कुछ महीने लगातार वहां पर जाने के बाद वो अब एक मदमस्त गदराए बदन की मालकिन बन चुकी थी। वो अब पहले जितनी शरमाती भी नहीं थी। फिर उसने और भी सेक्सी दिखने के लिए जिम आउटफिट खरीद लिया, वो अगर अब थोड़ा भी नीचे झुके तो किसी को भी उसके टॉप से उसकी छाती साफ दिखे और अब उस आउटफिट से एक्सर्साईज़ करने पर उसके बूब्स और कूल्हों का आकार साफ दिखता था और अब जब अनीता ज्यादा अच्छी दिखती थी तो उसकी क्लास के लड़के उसको अपनी तरफ आकर्षित करने के कोई मौके नहीं छोड़ते थे, वो उसको पिक्चर दिखाने, बाहर घूमने के बहाने बाईक पर ले जाते और उसे हर कभी कोई ना कोई गिफ्ट देते थे।

अब तो अनीता भी बहुत अच्छी तरह से जानती थी कि यह लोग अब उससे क्या चाहते है। वो उसके साथ ऐसा क्यों कर रहे है? लेकिन वो उन लोगों को ज्यादा भाव नहीं देती और अनीता उनके इस काम के बहुत मज़े लूटती। दोस्तों करीब 9 महीने के बाद अनीता का जिस्म बहुत ही सेक्सी हो गया था और जिसको एक बार देखकर कोई भी लड़का उसे चोदना जरुर चाहेगा। तभी फिर से एक बार में अपने ऑफिस से घर पर जल्दी आ गया।

फिर मैंने सोचा कि में आज फिर से चुपके से अंदर चला जाता हूँ और अंदर जाकर देखता हूँ कि वो क्या कर रही है? और जब में अंदर पहुंचा तो मैंने जो सब उस दिन देखा तो उसको देखकर मुझे अपने आप पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं हुआ, क्योंकि अनीता उस समय लेपटॉप पर ब्लूफिल्म देख रही थी और उस टाईम वो सफेद कलर का टॉप और केफ्री पहने हुई थी। वो टॉप के ऊपर से ही अपने बूब्स को दबा रही थी और में तो उसे हैरान होकर देखता ही रह गया, लेकिन उतने में ही उसने मुझे पीछे मुड़कर देख लिया और फिर वो अपने कपड़े ठीक करने लगी, लेकिन तब तक तो मेरा लंड भी तनकर खड़ा हो चुका था और जिसको को बहुत ध्यान से देख रही थी।

फिर मैंने उससे पूछा कि यह क्या कर रही थी? तो वो थोड़ा डरते हुए बोली कि कुछ नहीं। फिर में उसके पास गया और मैंने वो लेपटॉप बंद करके एक साईड में रख दिया और तब तक वो बेड पर सीधी होकर बैठ चुकी थी और में ठीक उसके पास खड़ा हुआ था और मेरी पेंट से साफ साफ नजर आ रहा था कि मेरा लंड खड़ा हो चुका है। तभी अचानक से मैंने उसको बेड पर ज़ोर से धक्का दे दिया और उसको लेटा दिया और में उसके ऊपर चड़कर उसके होंठो को किस करने लगा। अभी वो मेरा साथ नहीं दे रही थी। वो मेरा विरोध कर रही थी और मुझसे कह रही थी कि भैया यह सब बिल्कुल भी ठीक नहीं है, प्लीज अब आप मुझे छोड़ दो, जाने दो मुझे प्लीज। फिर भी में उसकी बात को ना सुनकर उसके कान पर और गले पर धीरे धीरे किस करने लगा और फिर मैंने उसके बंधे हुए रेशमी बालों को एकदम खुला कर दिया और उसके जिस्म को लगातार चूमता चाटता रहा और उसके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाता रहा।

फिर कुछ देर बाद अब उसको भी धीरे धीरे मेरे साथ बहुत मज़ा आ रहा था, लेकिन वो थोड़ा डर रही थी और उसी वजह से वो मेरे साथ यह सब पूरी तरह से खुलकर नहीं कर रही थी। में उसे किस करते करते उसकी गोरी गर्दन तक पहुंच गया और अब तो वो आह्ह्ह आईईईइ की आवाज़ करने लगी थी और फिर मैंने कपड़ो के ऊपर से ही उसके बूब्स को लगातार दबाना चालू रखा और में उसके बूब्स को ज़ोर से निचोड़ रहा था । उसकी निप्पल को मसल रहा था और मैंने उसके एक हाथ को पकड़कर अपनी पेंट के अंदर डाल दिया और जिसकी वजह से मेरा लम्बा, मोटा लंड उसके हाथ में था। फिर मैंने एक एक करके उसके कपड़े उतारने शुरू कर दिए और फिर उसे कुछ ही देर में अपने सामने पूरी नंगी कर दिया।

दोस्तो मैंने देखा कि उसकी चूत पर बहुत छोटे छोटे बाल थे, जिन्हें देखकर में बिल्कुल पागल हो रहा था। फिर मैंने भी अपने कपड़े उतारकर उसके हाथ में अपना लंड दे दिया और उससे कहा कि नीचे बैठकर चूस इसको। वो मुझसे ना बोलने लगी। तब मैंने उसका सर पकड़कर जबरदस्ती लंड को उसके मुहं में डाल दिया। दोस्तों शुरू शुरू में वो बहुत धीमे धीमे चूस रही थी, लेकिन कुछ देर बाद में उसको भी मेरा लंड चूसने में मज़ा आने लगा। वो ज़ोर ज़ोर से पूरा अंदर बाहर करके चूसने लगा। फिर पांच मिनट तक लंड चूसने के बाद मैंने उसको पीठ के बल लेटा दिया और अब में उसकी चूत का रस पीने लगा । उसकी चूत को चाटने लगा, लेकिन दोस्तों एक वर्जिन चूत को चाटने, चूसने और चोदने का मज़ा ही सबसे अलग होता है और फिर जब में उसकी चूत को चाट रहा था तो वो ज़ोर ज़ोर से आहहहह उम्म्म्मम आईईईई की आवाज़ करने लगी और तभी मेरे कुछ देर उसकी चूत को चूसने के बाद वो पहली बार झड़ गई और उसका वो सारा गरम गरम माल सीधा मेरे मुहं में चला गया और में उसको पी गया। फिर मैंने उसकी चूत को चाट चाटकर अच्छी तरह से साफ कर दिया।

दोस्तों करीब 15 मिनट के रसपान के बाद मैंने उसके दोनों पैरों को फैलाकर अपना लंड उसकी चूत के मुहं पर टिका दिया, लेकिन वो मुझसे मना करने लगी। मुझे अपने ऊपर से हटाने लगी। वो कहने लगी कि प्लीज भैया मुझे अब आप छोड़ दो, यह सब बहुत गलत है। मुझे इसको अपने अंदर नहीं लेना, प्लीज मुझे छोड़ दो, मुझे बहुत दर्द होगा, में मर जाउंगी, आपका बहुत बड़ा है प्लीज भैया। फिर मैंने उससे कहा कि तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो, में बहुत आराम से करूंगा और तुम्हे पहली बार में थोड़ा दर्द जरुर होगा, लेकिन उसके बाद में बहुत मज़ा आयेगा और जब तुम मुझसे हटने को कहोगी तो में तभी तुम्हे छोड़ दूंगा।

फिर वो बोली कि ठीक है, लेकिन थोड़ा धीरे धीरे करना और मेरे दर्द का भी ख्याल रखना। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुहं पर रखकर धीरे धीरे अंदर डालना शुरू किया, लेकिन वो उस हसीन दर्द से चिल्ला उठी और तड़पने लगी। फिर मैंने उसके मुहं पर अपना एक हाथ दिया और एक ही ज़ोर के झटके में पूरा का पूरा लंड अंदर डाल दिया और जिसकी वजह से उसकी आँख से आंसू बाहर निकल आए थे और उसका पूरा चेहरा पसीने की छोटी छोटी बूंदों से भर गया था और उसके चेहरे का रंग लाल हो चुका था। मुझे उसके दर्द का अंदाजा लग चुका था।

फिर मैंने कुछ देर रुककर बहुत धीरे धीरे अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया। वो आअहह उम्महा आईईई माँ मर गई प्लीज थोड़ा धीरे करो कि आवाज़ करने लगी, लेकिन में लगातार धक्के देकर उसे चोदता रहा और कुछ देर की चुदाई के बाद मैंने अपना वीर्य उसकी चूत के अंदर ही डाल दिया और इस बीच वो भी एक बार झड़ चुकी थी। दोस्तों उस रात उसको मैंने चार बार चोदा और पहली चुदाई के बाद मैंने उसको कुछ देर रुककर उसके कहने पर चोदा और फिर तो में हर रोज़ उसको रात को चोदता और हम एक ही बेड पर नंगे होकर एक दूसरे से चिपककर सोते थे।

फिर एक दिन मैंने उसको उसके कहने पर बाहर दूसरे लड़को से भी चुदवाने की भी आज़ादी दे दी। फिर वो एक बार जिम ट्रेनर से भी चुदी, क्योंकि ट्रेनर उसको एक बार जरुर चोदना चाहता था। वो भी अब उसके लंड का ज़ोर देखना चाहती थी, लेकिन उस एक बार की चुदाई की वजह से उसने उसकी फीस लेना भी उससे छोड़ दिया। वो कई बार अपनी क्लास के एक अमीर लड़के से भी चुदी, क्योंकि वो उससे बहुत प्यार करता है। वो अब अनीता से सारे खर्चे उठाता है। उसने अनीता को अपने से शादी करने के लिए कहा है और फिर अनीता ने मुझसे पूछकर एक दिन उसको हाँ कह दिया। उसने अपनी पढ़ाई को पूरा कर लिया है और अब वो एक बहुत बड़ी कम्पनी में नौकरी भी करती है। वो अपने प्रमोशन के लिए अपने बॉस से भी कई बार चुद चुकी है, क्योंकि यह बहुत बड़ी कम्पनी में है तो उसे इंडिया के और बाहर के बॉस को भी खुश करना पड़ता है।

दोस्तों अनीता ने एक दिन उसी लड़के के साथ शादी की जो उसके साथ क्लास में था और अभी भी जब कभी वो मेरे घर पर आती है तो हम दोनों जमकर चुदाई करते है। वो मेरी चुदाई से हमेशा संतुष्ट रही है। उसने मेरे साथ सेक्स के बहुत मज़े लिए, लेकिन अनीता ने आज तक अपने पति को अपनी और दूसरी चुदाई के बारे में कभी कुछ नहीं बताया और अब वो दोनों अपनी सेक्स लाईफ में बहुत खुश है। तो दोस्तों यह थी मेरी बहन को चोदकर उसके मन से चुदाई का डर बाहर निकालने की कहानी। जिसमें मैंने उसको पहली बार में ही अपनी चुदाई से बहुत ज्यादा खुश कर दिया। वो उसके बाद बिना किसी डर के सबसे अपनी चुदाई करवाने लगी।

उम्मीद करता हु आप को मेरी बहन की तड़पती चुत की चुदाई सेक्स कहानी हिंदी में पसंद आई होगी।
मैं जल्द ही अपनी बहन की एक और सेक्सी कहानी के साथ हाजिर होउंगा।

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