स्नेहा भाभी की चूत की मलाई

हैल्लो दोस्तों, ये कहानी मेरी और मेरी भाभी की है. मेरी उम्र 22 साल है और मेरे लंड का साईज़ 7 इंच है. अब में आपको अपनी भाभी के बारे में बताता हूँ, उनकी उम्र 24 साल है. वो बिल्कुल दूध जैसी गोरी, पतली और फिगर ऐसा कि बूढ़े का भी लंड खड़ा हो जाए. उनका फिगर 32-28-34 है और आप जानते ही होंगे कि पंजाबी लड़कियां बॉम्ब होती है. अब में सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ.

ये आज से 1 महीने पहले की कहानी है जिसने मेरी लाईफ बदल दी. ये मेरी कज़िन भाई की पत्नी है और हमारी फेमिली साथ में ही रहती है. भाई को नौकरी के लिए आउट-ऑफ शहर रहना पड़ता है और भाभी यहाँ अकेली अपने सास ससुर के साथ रहती है. मेरी भाभी से अच्छी बनती है, क्योंकि में उनकी उम्र का हूँ और उन्हें मेरे साथ समय बिताना बहुत अच्छा लगता है.

यह घटना तब हुई जब मेरी माँ मेरी मौसी के घर चली गई और में घर पर अकेला था, क्योंकि मेरे एग्जॉम स्टार्ट होने वाले थे तो में जा नहीं सकता था तो वो चली गई. अब पापा अपनी शॉप पर चले जाते थे और में घर पर अकेला होता था. भाभी ग्राउंड फ्लोर पर रहती है और में फर्स्ट फ्लोर पर रहता हूँ. उस दिन दोपहर में भाभी मेरे पास आई और जब मेरी ताई जी सो रही थी वो मेरे पास आ गई और पूछने लगी कि क्या चल रहा है? तो मैंने कहा कि बस एग्जॉम की तैयारी चल रही है और डर भी लग रहा है. उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और कहा कि इसमें डरने की क्या बात है? सब ठीक होगा. मुझे उनका हाथ बहुत अच्छा लगा था.

फिर मैंने भी मौके का फायदा उठाया और उनका हाथ पकड़कर कहा कि आप हो तो डर नहीं लगेगा. फिर वो बात करते-करते कुछ उदास हो गई तो मैंने पूछा कि क्या हुआ? तो वो बोली कि कुछ नहीं तो मैंने उन्हें फोर्स किया और कहा कि क्या भाई की याद आ रही है? तो वो बोली हाँ और मैंने उन्हें कहा कि भाभी एक बात पूंछू आप नाराज़ तो नहीं होंगी ना, तो वो बोली कि नहीं तो, पूछो. फिर मैंने कहा कि रहने दो आप नाराज़ हो जायेगी फिर वो बोली कि नहीं होउंगी तू पूछ तो सही. तब मैंने हिम्मत करके कहा कि आप बिना भाई के यहाँ अकेली कैसे रह लेती है? वो थोड़ी उदास हुई, लेकिन उन्होंने पूछा कि क्या मतलब? तो मैंने बोला कि आपको उनकी कमी नहीं लगती, आपकी ज़रूरत कैसे पूरी होती होगी? वो मेरी तरफ बड़े ध्यान से देखने लगी और मेरा हाथ पकड़कर बोली कि क्या करूँ मजबूरी है? तब मेरी हिम्मत और बढ़ी तो में बोला कि आपको सेक्स की इच्छा नहीं होती क्या?

फिर वो मेरी तरफ बड़े ध्यान से देखने लगी और बोली कि तुम ये क्या पूछ रहे हो? तब में बोला कि भाभी में भी जवान हूँ और मुझे भी सेक्स की इच्छा होती है और आप तो जानती है कि में मेडिकल साइन्स का स्टूडेंट हूँ. तो वो थोड़ी देर में बोली कि इच्छा तो बहुत करती है लेकिन में क्या कर सकती हूँ? तुम तो जानते ही हो कि तेरे भाई महीने में एक दिन के लिए आते है. अब मेरी हिम्मत बढ़ी और में बोला कि तो बाकी दिन आप कैसे कंट्रोल करती है? तब वो कुछ नहीं बोली.

मैंने कहा कि बताइये ना भाभी आप क्या करती है? तब वो बोली कि में क्या कर सकती हूँ? बस तड़प कर रह जाती हूँ. फिर मैंने उनका हाथ पकड़ा और कहा कि भाभी में भी आपसे बहुत प्यार करता हूँ और आपको जी भर कर प्यार करना चाहता हूँ तो वो नाराज़ हो गयी और बोली कि तुम ये क्या कह रहे हो? में तुम्हारी भाभी हूँ. तब में और थोड़ा उनके पास गया और उनको समझाया कि देखिए में आपसे बहुत प्यार करता हूँ. क्या में आपको पसंद नहीं हूँ? तो वो रुककर बोली कि ऐसा नहीं है, तू भी मुझे बहुत पसंद है जो लड़की तुझे मिलेगी वो खुश किस्मत होगी. वैसे में भी भाभी के नाम की बहुत बार मुठ मार चुका था और कब से उनकी प्यारी सी चूत को चोदने के लिए बेताब था.

फिर में बोला कि तो प्रोब्लम क्या है? वो बोली नहीं ये ठीक नहीं है किसी को पता चल गया तो? अब वो भी चुदवाने को बेताब थी, लेकिन डर रही थी. तब मैंने अपना हाथ उनकी जाँघ पर रखा और धीरे-धीरे उनकी जांघ को सहलाने लगा तो वो कुछ नहीं बोली. अब उन्हें भी मज़ा आ रहा था, अब वो धीरे-धीरे भी बोल रही थी कि मत कर ये ठीक नहीं है. फिर वो उठकर जाने लगी तो मैंने उनका हाथ पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया और उनको अपने सीने से लगा लिया. अब में उनको किस करने लगा, पहले तो उन्होंने थोड़ा गुस्सा किया, लेकिन बेचारी सेक्स की प्यासी कहाँ तक अपने आपको रोक पाती. अब वो भी मुझे समर्थन देने लगी और हम दोनों कस कर एक दूसरे को किस करने लगे और अपनी जीभ और थूक एक दूसरे के मुँह में डालने लगे.

ये मेरा पहला समय था, क्योंकि आज से पहले मैंने कभी किसी लड़की के साथ संबंध नहीं बनाया था, अब मुझे तो मज़ा आ गया था. करीब 15 मिनट तक हम लोगों ने किस किया और फिर में उन्हें गर्दन पर किस करने लगा. अब वो तो आउट-ऑफ कंट्रोल हो गयी और ज़ोर-ज़ोर से मौन करने लगी. फिर मैंने अपना एक हाथ उनके सीधे बूब्स पर रखा और ज़ोर-ज़ोर से उनके बूब्स को दबाने लगा और दूसरा हाथ उनकी मोटी भारी हुई जाँघ पर चल रहा था. अब वो तो पागल ही हो गयी और चिल्लाने लगी, आआअहह हमम्म्मम ऊऊहह आज क्या मार ही डालोगे क्या? तब मैंने उनका थोड़ा सा कुर्ता उनके कंधो से नीचे सरका दिया. क्योंकि उन्होंने पंजाबी सूट पहन रखा था और अब में उनके कंधे पर किस करने लगा. अब मैंने अपने हाथ से उनके बूब्स दबाने चालू रखे.

अब वो मेरे बालों को खींच रही थी और मुझे अपनी बॉडी पर दबा रही थी. अब वो चुदने के लिए मछली की तरह तड़प रही थी, लेकिन आज में उन्हें बहुत तड़पाना चाहता था ताकि जब में उन्हें चोदूं तो उन्हें पूरा सुख मिले और वो हमेशा मेरे से चुदवाती रहे. अब मैंने उन्हें बेड पर लेटाया और उनका कुर्ता उतार दिया. वाह अब दो बड़े-बड़े सफेद दूध की डेयरी मेरे सामने थी. अब उन्होंने एक गहरी गुलाबी और काले कलर की बहुत ही सेक्सी नेट वाली ब्रा पहन रखी थी. अब तो में देखते ही पागल हो गया था, लेकिन अब में उनको तड़पाना चाहता था.

मैंने उन्हें ब्रा के ऊपर से ही चूसना स्टार्ट किया और एक हाथ उनकी नाभि में डाल दिया. तो वो आआऊउच करके उछल पड़ी और बोली कि क्या आज मारने का प्रोग्राम है क्या? क्या कोई इतना तड़पाता है? तो में बोला कि ये तो अभी शुरुवात है मेरी जान. फिर वो बोली कि भाभी से सीधे मेरी जान और इतना कहकर वो हंसने लगी और कहा कि मुझे आज के बाद इसी नाम से बुलाना और तुम मेरा नाम ही लिया करो. सॉरी दोस्तों मैंने आपको भाभी का नाम तो बताया ही नहीं, भाभी का नाम स्नेहा है.

अब मैंने उनकी ब्रा के हुक खोल दिए और वाह क्या बूब्स थे? बिल्कुल दूध जैसे सफेद और पिंक निप्पल तो कहर ढहा रहे थे. फिर मैंने सीधे बूब्स को अपने मुँह में लिया और चूसने लगा और लेफ्ट बूब्स की निप्पल को दबाने लगा. तो वो आआऊउचचच आआअहह मेरे राजा उूउउम्म्म्मम की आवाज़ निकालने लगी और अपना हाथ मेरे बालों में घुमाने लगी. अब में थोड़ी देर तक उनके बूब्स चूसता रहा और अब भाभी ने बीच में अपनी चूत को सहलाने के लिए अपना हाथ लगाया तो मैंने उनके हाथ को पकड़ लिया.

अब तक मैंने भाभी की चूत को हाथ भी नहीं लगाया था, क्योंकि मुझे उन्हें तड़पता देखकर बहुत मज़ा आ रहा था. वो बोली कि तू खुद भी उंगली नहीं कर रहा और मुझे भी नहीं डालने दे रहा है. अब में पागल हो जाउंगी, प्लीज कुछ कर, लेकिन मुझे तो अब मज़ा आ रहा था और में उनके दोनों हाथ पकड़कर उनके बूब्स चूसता रहा.

फिर करीब 20 मिनट तक चूसने के बाद में नीचे आया और अपनी जीभ को उनकी नाभि में घुसा दिया और अपनी जीभ घुमाने लगा. अब वो तो अपना सिर ही पटकने लगी और बोली कि ये क्या कर रहे हो? अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है, प्लीज जल्दी कुछ करो, मेरी चूत में आग लगी हुई है उसको बुझाओ. अब ऐसी बातें सुनकर मुझे जोश चढ़ रहा था और अब मैंने उनकी सलवार के ऊपर से ही उनकी जाँघो के बीच में चूसना स्टार्ट किया और खूब दबाया. फिर थोड़ी देर के बाद मैंने भाभी की सलवार का नाड़ा खींचा और उनकी पूरी सलवार उतार दी. अब भाभी मेरे सामने मैचिंग काली और गहरी पिंक कलर की नेट वाली पेंटी पहने हुई थी और में तो देखकर ही पागल हो गया. फिर मैंने उनकी जाँघो को चूसना स्टार्ट किया, वो बोली कि चोद दे, अब तो मेरी चूत की आग मिटा दे, तो में बोला कि रूको मेरी जान मज़ा तो अब आयेगा.

फिर मैंने उनकी चूत की दरार को पेंटी के ऊपर से ही रब करने लगा, क्या मस्त चूत थी मादरचोद? में तो अब पागल ही हो गया था और अब में भूखे शैर की तरह उनकी चूत पर टूट पड़ा और उनकी चूत को दबाने लगा. अब भाभी ने भी चिल्लाना स्टार्ट कर दिया, आआआहह में मर गईई आओउऊउक्क्ककज मारररर डालोंगे क्या? और चूस मादरचोद चूस. ये बात सुनकर तो मुझे और जोश चढ़ गया और अब मैंने उनकी पेंटी भी उतार दी. आज मेरे सामने जन्नत थी जिसके नाम की मैंने आज तक इतनी बार मुठ मारी थी.

अब वो मेरे सामने थी और भाभी अब तक एक बार झड़ चुकी थी. फिर मैंने उनकी चूत को चूसना स्टार्ट किया. अब वो अपना सिर पटकने लगी और इधर उधर मारने लगी. अब वो मौन कर रही थी, आआमम्म्मम ऊऊहह आआआहह आाआईईईईईईईईईई माँ, ये क्या कर दिया तूने, अंदर आग लग गयी है? फिर मैंने उनकी चूत में अपनी जीभ घुसा दी और एक उंगली भी डाल दी. वो अब आउऊउचचच करके चिल्लाई और बोली कि थोड़ा धीर करो, लेकिन में कहाँ उसकी मानने वाला था. भाभी वर्जिन तो नहीं थी, लेकिन उनकी चूत बहुत टाईट थी.

अब में 20 मिनट तक भाभी की चूत को चूसता रहा और अब तक भाभी 2 बार और झड़ चुकी थी तो भाभी बोली कि अब और मत तड़पा, चोद दे अपनी भाभी को, बना दे मेरी चूत का भोसड़ा, अब में तेरी रंडी हूँ. अब मैंने उन्हें अपना लंड चूसने के लिए कहा तो उन्होंने पहले मना किया, लेकिन मेरे जोर देने पर वो मेरे लंड को चूसने लगी. और अब में तो जैसे सातवें आसमान पर था. वो बहुत अच्छा लंड चूसती थी. अब 10 मिनट तक वो मेरा लंड चूसती रही और फिर मैंने उनको सीधा लेटा दिया और अब मैंने अपना लंड उनकी चूत के पास रखा और उनकी चूत पर रगड़ने लगा. तो वो बोली क्यों तडपा रहा है? डाल ना. फिर मैंने एक धक्का लगाया और मेरे लंड का सुपड़ा एक बार में ही 2 इंच तक उनकी चूत में अंदर चला गया. वो बहुत तेज चिल्लाई, आआईइ माँ में मररर गइईई, निकालो बाहर इसको वो ऐसे चिल्ला रही थी कि जैसे वो पहली बार चुद रही हो.

फिर मैंने कहा कि भाभी आप क्या वर्जिन है? तो वो बोली नहीं तो, तेरे भाई का लंड बहुत छोटा है और वो मादरचोद वैसे भी महीने में एक बार चोदता है और एक बार में ही झड़ जाता है तो में संतुष्ट नहीं हो पाती. फिर मैंने एक और ज़ोरदार झटका मारा और मेरा पूरा लंड भाभी की चूत को चीरता हुआ अंदर चला गया. अब वो जैसे ही चिल्लाती तो मैंने उनको किस करना स्टार्ट कर दिया और उनके होंठो को लॉक कर दिया और लगातार झटके मारता रहा. फिर वो कुछ देर के बाद शांत हो गयी और अपनी कमर उठाने लगी, में समझ गया कि अब इन्हें भी मज़ा आ रहा है. फिर में उन्हें अपनी फुल स्पीड में चोदने लगा. अब तक भाभी 1 बार फिर झड़ चुकी थी और में फुल जोश में था. अब में भाभी को 25 मिनट से चोद रहा था और भाभी को अलग-अलग पोज़िशन में चोदता रहा. भाभी फिर से एक बार झड़ गयी.

अब में झटके मारता रहा और अब 20-25 धक्के मारने के बाद में भी झड़ने वाला था तो में भाभी को बोला कि भाभी मेरा निकलने वाला है. भाभी बोली अंदर ही निकाल दो मेरी जान, फिर में 10 धक्को के बाद उनकी चूत में ही झड़ गया और भाभी भी मेरे साथ झड़ गयी. अब भाभी की चूत मेरे माल से भर चुकी थी और हम दोनों का माल एक साथ चूत से बाहर आ रहा था. अब भाभी बहुत खुश थी और अब उनके चेहरे पर एक अलग ही चमक थी.

फिर उन्होंने मुझे किस किया और थैंक्स बोला और कहा कि आज से में तेरी हूँ, तू ही मुझे चोदेगा उस मादरचोद ने तो मुझे कभी संतुष्ट किया ही नहीं था. फिर भाभी उठी और अपनी पेंटी पहनने लगी. भाभी जैसे ही नीचे झुकी तो मुझे उनकी मस्त गांड का छेद नज़र आ गया तो मैंने अपने एक हाथ कि उंगली उनकी गांड में डाल दी तो भाभी चिल्ला पड़ी और में हंसने लगा और बोला कि अगली बार इसकी बारी है मेरी जान. तो वो बोली ना बाबा ना मेरी तो गांड ही फट जायेगी. फिर मैंने कहा कि देखते है और फिर मैंने उन्हें 5 दिन तक लगातार चोदा और उनकी गांड भी मारी. फिर 5 दिन के बाद मेरी माँ वापस आ चुकी थी.

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