रिक्शे वाले ने बारिश में चोदा

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हेल्लो दोस्तों.. में 21 साल की पंजाबी लड़की हूँ और दिल्ली के कॉलेज में पढ़ रही हूँ. मेरा फिगर 37-27-39 है और हाईट 5 फुट 9 इंच है.. मेरी आँखे और बाल काले हैं और में गोरी हूँ.. नाक पतली और छोटी है ठुड्डी राउंड है और फेस डायमंड शेप है.. होंठ पतले हैं और चेहरा भरा हुआ है. बात अभी कुछ ही दिन पहले की है.. जुलाई का आखरी था और बारिश कभी कभी हल्की हो रही थी.. में अपने होस्टल के रूम में बिस्तर पर बैठी हुई अपने फोन पर पॉर्न मूवी देख रही थी.. अचानक ही मेरी एक फ्रेंड का फोन आया.. जो कि अपने घर गयी हुई थी.

पायल : हेल्लो इशिका.

में : हाय पायल कैसी है और कब आ रही है वापस?

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पायल : अरे यार यहां बस स्टैंड पर खड़ी हूँ.. मुझे पुलिस स्टेशन में काम है अर्जेंट और मेरे पास काफ़ी सामान है.. तू आजा साथ में डिनर करके चलेंगे मार्केट से.

में : ओह.. ओके में अभी आती हूँ.. सब ठीक तो है ना?

पायल : मेरा सेलफोन चोरी हो गया.. मुझे रिपोर्ट करनी है अभी.

में : फिर चोरी हो गया.. तू करती क्या है? बड़ी लापरवाह है और रिपोर्ट बाद में करा लेना.

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पायल : अरे यार अभी ट्रैक हो जाए तो अच्छा है.. बाद में कोई कुछ नहीं करता.

में : ओके डार्लिंग टेन्शन मत ले.. में आती हूँ. फिर में जल्दी में तैयार हुई और बिना ब्रा के ही एक पीला टॉप और नीली जींस डाल ली. होस्टल के बाहर से रिक्शा पकड़ा जो कि ऊपर से खुला था.. ध्यान ही नहीं रहा कि बारिश हुई तो सब भीग जायेगा.

बस स्टेण्ड करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर था और जो रास्ता है वो काफ़ी सुनसान सा है और बारिश के टाइम वहाँ और भी कम ट्राफिक होता है. रास्ते में जो डर था वही हुआ.. बारिश शुरू हो गई और में भीगने लगी.. खेर इतनी तेज़ बारिश नहीं थी.. इसलिये मैंने रिक्शा नहीं रुकवाया.. पर कुछ ही सेकेंड में बहुत तेज़ बारिश होने लगी.

मैंने रिक्शे वाले भैया को साईड में पेड़ के नीचे रुकने को कहा.. में जल्दी से रिक्शे से कूदकर पेड़ के नीचे भागी और रिक्शे वाले को मैंने पैसे भी नहीं दिए थे.. इसलिए वो रुक गया और अपनी सीट पर ही बैठे बैठे घूरने लगा.

रिक्शा वाला : मेडम थोड़ी ही दूर है.. वहां जाकर खड़ी हो जाना.

में : अरे दिख नहीं रहा भैया.. में भीग गई हूँ. एक तो छत नहीं है तुम्हारे रिक्शे में और ऊपर से भीगा दोगे.. रिक्शा वाला मुझे घूरे जा रहा था.. तभी अचानक से मुझे ध्यान आया.. हे भगवान मैंने ब्रा नहीं पहनी है और मेरी दोनों चूची साफ चमक रही है और बाहर गीली टी-शर्ट से तो अंदर का सब दिख रहा था क्लियर.. ऊपर से बारिश की ठंडी ठंडी बूंदे जिनकी वजह से मेरे निप्पल कड़क हो गये थे.

रिक्शे वाले ने रिक्शा साईड में लगाया और मेरे पास आकर खड़ा हो गया.. मुझे जैसे ही ध्यान आया तो मैंने अपने हाथ फोल्ड कर लिए और नीचे सिर करके खड़ी हो गयी. शोर्ट टी-शर्ट पहनी थी.. जिससे मेरे हाथों में हल्की हल्की ठंड लग रही थी और जिससे में काँपने लगी. में फोन पर पॉर्न देखने के बारे में सोचने लगी और मेरे दिमाग़ में अजीब अजीब ख्याल आने लगे.. इतने में पायल का फोन आ गया.. तू कहां है इशिका.. में वेट कर रही हूँ.

में : अरे यार ऑटो नहीं मिला.. तो रिक्शे से आ रही थी और रिक्शे में छत ही नहीं है.. पेड़ के नीचे खड़ी हूँ अभी.

पायल : अरे यार.

में : तू बाद में रिपोर्ट करवा लेना. फिर फोन तो मिलेगा नहीं.

पायल : क्या पता मिल जाये.

में : अच्छा ठीक है बारिश कम होते ही आ रही हूँ. में फोन पर बात करते टाइम अपने हाथ नीचे कर चुकी थी.. जिससे रिक्शे वाले को खूब मज़ा आ रहा था.. वो मेरे साईड में खड़ा होकर मेरे उभारों को देखे जा रहा था. फिर वो बात करने की कोशिश करने लगा.

रिक्शे वाला : मेडम मौसम तो बढ़िया हो गया है.. अब मैंने सोचा कि ठीक है.. बातें करूँगी तो यह यहीं रहेगा और भागेगा नहीं.. तो में भी बातें करने लगी.

में : हाँ भैया कम से कम गर्मी तो कम होगी.

रिक्शे वाला : पर आप लेट हो गई बारिश में.

में : अब क्या करें.. किसी का फायदा तो किसी का नुकसान.. वेसे मुझे बारिश से कोई शिकायत नहीं है.

रिक्शे वाला : आप यू.पी से है?

में : नहीं में पंजाब से हूँ.. आप शायद यू.पी से हो.. रिक्शे वाला मुस्कुराने लगा.

रिक्शे वाला : मेडम आपका नाम क्या है? मुझे अजीब लगा कि ये क्या चाहता है जो नाम पूछ रहा है.

में : नाम का क्या करोगे?

रिक्शे वाला : मेरा नाम लखन है.. ऐसे ही मेडम परिचय के लिये.

में : हाँ हाँ हाँ.. आप तो मुझे पढ़े लिखे लगते हो.

लखन : हाँ मैने बी.ए किया है और में तो मजबूरी में रिक्शा चला रहा हूँ.

में : ओह.

लखन : आप क्या करती है? मतलब क्या पढ़ रही है.

में : अरे वो जो कॉलेज था ना.. जहाँ आप खड़े थे.. वहां पढ़ती हूँ.

लखन : अरे याद आया.. मैंने आपको कई बार आते जाते देखा है. लखन थोड़ा पास आ गया.. मेरा दिल तेजी से धड़कने लगा.. एक तो दिमाग़ मे पॉर्न मूवी चल रही थी.. जिसे देखकर में उंगली कर रही थी.. ऊपर से टी-शर्ट में खड़ी निपल्स. लखन बड़ा ही हंसमुख आदमी था.. मुझसे हाईट में कुछ छोटा और पतला सा था.. मुँह काफी पतला था और करीब 35–36 के आस पास उम्र होगी.. उसकी दाढ़ी हल्की सी थी..

दो तीन मिनिट तक तो वो खुद ही बोलता रहा. मेरे मन में अब लंड घूम रहा था.. मोटा सा लंड अपनी चूत में लेने की इच्छा हो रही थी. फिर मेरे दिमाग़ में आया कि क्यों ना में लखन के साथ ही कुछ शरारत करूँ.. मैंने अपने दोनों हाथ कमर पर रख लिए और फिर एक हाथ से टी-शर्ट को बाहर की तरफ खींचा.. खींचते ही टी-शर्ट से चिपके हुये मेरे गोल गोल मोटे चूचे अलग हो गये.. लखन बड़े ध्यान से देख रहा था और उसका मुँह शुरू से ही मेरी तरफ था.

में : अच्छा तो आप मुझे देखते क्यों थे?

लखन : अरे मेडम इतनी खूबसूरत हो.. नज़र तो टिकेगी ही.. में अकेला थोड़ी हूँ.. आप के कॉलेज के लड़के भी तो देखते है.

में : तो क्या? बताओ.

लखन : वही तो इशारे से पूछते थे कि अच्छा लगा.

में : ओह ऐसा है क्या? अच्छा तो फिर आप क्या कहते थे.

लखन : सच ही कहा था मेडम.

में : क्या कहते थे.. मैंने अपनी आँखें बड़ी की और सीधा लखन की आँखों में बड़े प्यार से देखा.

लखन : यही कि बड़ा मज़ा आया.

में : ह्म्‍म्म्म देख के मज़ा आता है?

लखन : और नहीं तो क्या मेडम.

में : मेडम मत कहो.. प्लीज़ मेरा नाम इशिका है.. बड़ा अजीब लगता है अपने से बड़े लोगों से मेडम सुनना.

लखन : ठीक है इशिका जी.. में सोच रही थी कि मर्द बड़ा रेस्पेक्ट देते है.. जब तक लड़की पट नहीं जाती.. लेकिन जब एक बार चोद लेते है.. तो रेस्पेक्ट को हमारी गांड मे डाल देते है. मुझे ये सोचकर हंसी आ गई कि अभी जब इसे चूत दे दूँगी.. तो फिर जी वी सब गायब हो जायेगा.

लखन : क्या हुआ इशिका जी.

में : यही सोच रही थी कि आपको क्या मज़ा आता होगा.. लखन भी इशारे पकड़ रहा था अब.

लखन : आपको पता है क्या?

में : हाँ आजकल तो सब को पता होता है और में मुस्कुराकर अपनी छाती बाहर निकाल कर नीचे देखने लगी. मेरी चूचियां फिर गीली टी-शर्ट पर चिपक गयी थी.. अब लखन का लंड भी पेंट का शेप बिगाड़ रहा था.

में : आपकी शादी हो गई होगी.

लखन : हाँ.. अब लखन की आँखें मेरे छाती पर टिकी थी और वो मुझसे एक हाथ की दूरी पर था.

में : फिर भी आप जवान लड़कियों को देखकर मज़े लेते हो?

लखन : जितनी टाईट होती है ना उतना मज़ा आता है देखने में भी और इतना कहकर ही उसने अपना एक हाथ मेरे लेफ्ट बोबे पर रख दिया और हॉर्न की तरह ज़ोर से दो तीन बार दबा दिया.

में : आह.. ये क्या कर रहे हो आप?

लखन : ड्रामा तो खूब कर लेती हो इशिका बेवकूफ़ समझती हो क्या? कब से लाइन दे रही हो.


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One Comment
  1. Anonymous
    September 28, 2016 |