बात उन दिनों की है जब मैं आपने मौसी के यहाँ रहता था, मौसी का घर मोकमा स्टेशन से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर एक छोटे से गाँव में है, वहाँ मैं लगभग दो साल रहा तो वहाँ के सभी लोगों से जान पहचान भी हो गई।

मुझे बचपन से ही मोबाईल में कुछ ज्यादा ही रुचि है तो थोड़ा बहुत प्रोब्लम सॉल्व करने सीख गया हूँ, अब वहाँ के किसी भी जने का मोबाईल में कोई प्रोब्लम हुआ तो मुझे याद कर लेते थे !
एक बार एक लड़के ने मुझे बुलाया और कहा- यार, तुम मोबाईल के बारे में इतना कैसे जानते हो?
तो मैंने बोला- यार जिसको जिस काम में ज्यादा मन लगता है, वो उस काम को बहुत अच्छे तरह से करता है।

फिर वो बोला- यार, मेरे मोबाईल में ईमेल बना दो!
तो मैंने बना दिया,

फिर उसकी बहन आई और मोबाईल लेकर चली गई, तब मुझे पता चला कि वो फोन उसकी बहन का था !
उसकी बहन क्या माल थी यार, मानो सनी लियोन Sunny Leone हो !

मैंने उसकी बहन का ईमेल फेसबुक पर सर्च किया फिर उससे चैट होना शुरु हो गया। अब उससे काफी बातचीत होने लगी, उसका नाम सिमरन था।

एक दिन उसने मुझसे पूछा- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?
मैंने बोला- क्यों?
तो वो बोली- ऐसे ही पूछ रही हूँ!
तो मैंने कहा- मुझे लड़कियों से डर लगता है!
तब वो बोली- तो हमसे कैसे रोज चैट करते हो?
मैंने बोला- तुम तो फ्रेण्ड हो!
वो बोली- क्यों लड़की नहीं हूँ?

तो मैंने हाँ में जवाब दिया, फिर बोली- ओ के बाय!

एक दिन वो मार्केट में मिली तो फिर हाय हेलो शुरु!
मैंने कहा- घर तक छोड़ दूँ?
तो उसने मना कर दिया और वो अब पूछने लगी- मैं तुम्हें अच्छी लगती हूँ?
मैंने बोला- हाँ!

फिर वो बोली- तो फिर प्रपोज क्यों नहीं करते?
मैंने उसका हाथ पकड़ा और ‘आई लव यू’ I Love You कहा वो मुस्कुराई और बोली- मी टू !

फिर हम लोग रोज सुबह टहलने के बहाने मिलने लगे।

एक बार उसने मुझे मेसेज कर के अपने घर मोबाईल ठीक करने बुलाया, मैंने सोचा कि इसी बहाने एक बार मिल तो लूँगा।
मैंने बाहर से उसके भाई अमनदीप को आवाज़ लगाई तो सिमरन ने मुस्कुराते हुये दरवाजा खोला और मैंने जैसे ही अन्दर पैर रखा कि वो मुझे किस करने लगी, मैंने उसे धक्का दिया और छूटते हुये बोला- तुम पागल हो गई हो? तुम्हारे घर वाले देख लेंगे तो? चलो जल्दी अपना मोबाईल दिखाओ क्या प्रोब्लम है?

तो बोली- प्रोब्लम मोबाईल में नहीं, तुम में है घर में कोई नहीं है, सभी मार्केट गये हैं और मैंने मना कर दिया तुमसे मिलने के चक्कर में !

तो फिर मैंने उससे सॉरी बोला फिर उसे अपनी बाहों में उठा कर उसके कमरे में ले गया, जाते ही मेरे होश उड़ गये, मैंने देखा कि उसने अपने कम्पयूटर में ब्लू फिल्म चला रखी थी।
मैंने पूछा- लड़की होकर भी ये सब देखने में तुम्हें शर्म नहीं आती?
तो वो मुस्काते हुये बोली- लड़का होते हुये भी लड़कियों से डरते हो तुम्हें नहीं आती?

फिर वो बोली- आज कुछ तूफ़ानी करते हैं !
तो मैंने बोला- ठीक है!

फिर वो मेरा होंठ अपने होंठ में दबाते हुये चूसे जा रही थी। ऐसा करते करते हम दोनों जोश में आ गये और मैं उसकी 32″ के बोबे दबाने लगा वो और जोश में आ गई और आआह्ह्ह उफ्फ्फ़ य्य्य्स्स्स… करने लगी, मैं और उत्तेजित हो गया और अपनी पैन्ट और चड्डी दोनों उतार दिए, मैंने उससे बोला- चूसो !
वह मना करते हुये अपनी चूत ऊपर से ही सहलाने लगी, फिर उसने अपने कपड़े मेरे कहने पर उतार दिए!
मैंने देखा उसने आज ही चूत के बाल साफ किए थे, मैं उसकी चूत पर टूट पड़ा और चाटते चाटते लाल कर दिया।
वो अब इतनी उत्तेजित हो गई थी कि पूरी एँठने लगी और रोते हुये बोली- प्लीज़ सोनू, अब देर मत करो, अब डाल दो !

मैंने लण्ड पे थूक लगाया और उसकी चूत पर बस एक उँगली डाली कि थोड़ा सा पानी निकल गया, मुझे लगा कि अब देर नहीं करना चाहिये क्योंकि जब लोहा हो या छोकरी, गर्म होते ही ठोको… वरना ठंडा हो जाने पर कोई काम का नहीं रहता है।

फिर मैंने अपना अकड़ता हुआ ठुल्लू उसकी छोटी सी गुलाबी चूत जो कि अभी लाल हो चुकी थी, उसमें डाला, वो चिहुंक उठी और मेरा लण्ड फिसल गया, अब मैं उस पर लेट कर उसके दोनों हाथ पकड़े और अपना लण्ड डालने लगा।
इस बार थोड़ा जोर लगाया तो मेरा लौड़ा रोते हुये फँस गया और मेरी गर्लफ्रेंड की चूत में आग से गर्मी लग रही थी।

मैंने अपने लौड़े निकाला और जोर से झटका मार के रुका, मेरा लण्ड रुका लेकिन अब तक सील टूट चुकी थी, सिमरन से अब सहन नहीं हो रहा था वो चिल्लाने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैं उसके होंठ अपने होंठों में दबाये हुए था ! इसी कारण से उसकी आवाज़ तो दब गई लेकिन आँसू बहने लगे।

थोड़ी देर बाद मैं जब उसके गोरे गोरे चूचे पीना चाहे तो वो बोली- सोनू अब नहीं चुदवाना है मुझे, अब निकाल दो बाहर, नहीं तो मैं मर जाऊँगी !

मैं फ़िर से उसके रसीले लाल होंठ चूसने लगा, थोड़ी देर चूसने के बाद अपने लण्ड पर थोड़ा दबाव डाला वो फ़िर छटपटाने लगी, मैंने उसके दो हाथों को अपने बाँहों में कस लिया और उसके होंठ चूसते हुये एक जबरदस्त झटका दिया। इस बार मुझे भी बहुत दर्द होने लगा और मैं उसी पर लेटे हुये उसके मोटे होंठ का रसपान करने लगा।

थोड़ी देर रुकने के बाद वो बोली- सिर्फ लेटने के लिये ही आये हो?
मैंने उसका इशारा भांप लिया और उसकी दोनों टांगें उठा कर उसकी खून से भीगी हुई चूत चोदने लगा, थोड़ी ही देर में वो अकड़ गई और अपना वीर्य के साथ खून भी गिराने लगी।
मैंने झट से अपने मौजे उसकी चूत पर लगा दिए ताकि खून के दाग बिस्तर पे ना लगे !

अब मैंने उसे कुतिया बनाया और ठोकने लगा, उसके मुँह से लगातार ‘उउन्ह्ह आह्ह्ह्ह स्सस्सीईईईई’ की आवाज़ निकल रही थी।
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वो फिर बोली- यार मैं फिर झरने वाली हूँ।
मैंने बोला- मैं भी झरना चाहता हूँ।
वो बोली- मेरा मुँह सूख गया है, मुँह में ही डाल दो।

मैंने चार या पाँच झटके दिये की वो बोली- आन्नह… ह्ह… होने वाला है।
और फुच फुच कर के झर गई।
अब मैंने उसे लेटा के एक पैर उठा लिया और सात झटके के बाद उठ कर उसके मुँह में अपना लौड़ा डाल दिया और पूरे ताकत के साथ उसके मुँह में झर गया, उसे चोदने से ज्यादा उसके मुलायम होंटों के बीच लौड़ा रख के झरने में मजा आया।

मेरा लण्ड फूल चुका था और उसकी चूत का तो भोंसड़ा बन गया था, अब हम दोनों एक दूसरे को सहारा देते हुये बाथरूम गये क्योंकि हम दोनों की सील आज ही टूटा था।
फिर उसने बताया कि आज पेशाब करने में मूतने की आवाज कुछ अलग लग रही है!
मैं बोला- मेरी जान, तुम्हारी सील आज टूटी है।

उसने मुस्कुराते हुये एक किस दी और बोली- ज़रा मुझे बेड तक पहुँचा दो।
मैंने उसे बेड पर लेटा कर उसका मोबाईल उसके हाथ में दिया और जाने लगा, तब वो बोली- सुनो!
मैं रुक गया, वो बोली- आई लव यू !
मैंने भी उसे एक किस की और वहाँ से लंगड़ाता हुआ चला गया !

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