मस्कार दोस्तों, कैसे हैं आप सब ? मैं उम्मीद करती हूँ कि आप सभी अच्छे होंगे | मेरा नाम ख़ुशी है और मैं होशंगाबाद की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 23 साल है और मेरा ग्रेजुएशन हो चुका है | मेरी हाईट 5 फुट 5 इंच है और मेरा फिगर सेक्सी है | मेरे बूब्स पर्की शेप के हैं और मेरे चूतड़ बड़े और गोल हैं | इसी के साथ ही मेरा रंग गोरा भी है | दोस्तों मैं इस साईट की बहुत पुरानी पाठक हूँ और मुझे इस साईट की कहानियां पढ़ना बहुत पसंद हैं क्यूंकि इसमें जो भी कहानी होती है सब बड़ी होती हैं और मुझे बड़ी चीज़े बहुत पसंद हैं | दोस्तों आज जो मैं आप लोगो के लिए अपनी एक कहानी पोस्ट करने जा रही हूँ ये मेरी पहली कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची घटना है | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी अच्छी लगेगी और मजा भी आएगा | तो अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय नहीं लेते हुए अपनी कहानी शुरू करती हूँ |

ये घटना कुछ समय पहली की है जब मैं कॉलेज की पढाई करती थी | मेरे घर में मैं हूँ और मेरे मम्मी पापा और हमारे साथ हमारे दादा जी भी रहते हैं | मैं अपने माँ बाप की अकेली संतान हूँ | दोस्तों स्कूल के समय मैं बहुत सीधी सादी थी लेकिन स्कूल के आंखिर तक मैं थोड़ी सी बिगड़ चुकी थी क्यूंकि मैं जवानी की तरफ कदम रख रही थी और मुझमे बहुत सा शारीरिक विकास हो रहे थे | मुझमे अब जवानी के लक्षण भी दिखने लगे थे | तो मेरे घर वालो ने बहुत समझया कि दुनिया बहुत गन्दी है और तुम अब बड़ी हो रही हो तो हो सकता है तुम्हे बहुत सी मुश्किलों का सामना करना पड सकता है इसलिए कभी निराश मत होना और हर गतिविधि को समझते हुए ही किसी चीज़ का फैसला लेना क्यूंकि अब तुम बड़ी हो रही हो तो हो सकता है कि तुम बहुत सी बाते हमे न बताओ | मैं हर बात को अच्छे से समझ रही थी लेकिन मुझे क्या पता था कि उसका उल्टा ही असर होगा | मैं घर में रोज ब्लू फिल्म देखने लगी क्यूंकि मेरे घर में ब्रॉडबैंड लगा हुआ था | लेकिन जब नेट का बिल कुछ ज्यादा ही आने लगा तो मैंने सोचा कि ब्लू फिल्म नहीं देखा करुँगी तो मुझे इस साईट के बारे में पता चला तो मैंने चुदाई की कहानियां पढ़ना चालू कर दी और कहानियां पढ़ते हुए मैं अपनी चूत में ऊँगली करने लगी | मुझे आज भी याद है जब मैंने पहली बार अपनी चूत में ऊँगली डाली थी और मेरी चूत का रंग लाल लाल हो गया था | उस समय तो मैं डर गई थी और मेरी चूत में बहुत दर्द भी उठा था | लेकिन फिर धीरे धीरे मेरी आदत पड़ गई थी रोज अपनी चूत का पानी निकालने लगी |

एक दिन की बात है मैं कॉलेज के लिए बस स्टॉप पर खड़ी थी कि मेरे पड़ोस में रहने वाला रवि भी वहीँ आ कर खड़ा हो गया | वो भी शायद बस का ही इन्तेजार कर रहा था | उसके बाद जब हमारी बस आई तो हम दोनों ही उसमे चढ़ गए | जहाँ मैं उतरी तो वहां भी उतर गया | मैंने उससे पूछा कि तुम भी इसी कॉलेज में पढ़ते हो क्या ? तो उसने कहा हाँ मेरा सेकंड इयर है | फिर धीरे धीरे हमारी बात होने लगी क्यूंकि पहले हमारी बात नहीं होती थी | जब हमारी दोस्ती हो गई तो वो रोझ मुझे मैसेज करने लगा | तो मैं भी उसके मैसेज का रिप्लाई करने लगी | कुछ समय दोस्त बने रहने के बाद हमारी दोस्ती और गहरी हो गई | हम बेस्ट फ्रेंड बन गए | एक दिन यही दोस्ती प्यार में भी बदल गई | मैं उससे प्यार करने लगी थी और वो मेरी जवानी का पहला प्यार था और आज भी मेरा प्यार ही है | हम दोनों कई घंटो तक बात किया करते थे और वो मेरी केयर भी अच्छे से करता था जैसे वो मेरा पति हो | फिर ऐसा ही करते करते हमारी फ़ोन सेक्स भी होने लगी | हम दोनों रोज रात में फ़ोन सेक्स किया करते थे और मैं गरम हो जाती थी |

उसके बाद एक दिन जब मैं उसके घर गई उस समय उसका घर खाली था | मैं उसकी तरफ देख रही थी और वो मेरी तरफ देख रहा था | कुछ देर यूँही देखने के बाद हम दोनों एक दुसरे के करीब आये और फिर एक दुसरे की बांहों में समां गए | जब हम अलग हुए तब उसने मेरे होंठ से अपने होंठ लगा दिए और मेरे होंठ को चूसने लगा | मुझे भी ये एहसास अच्छा लग रहा था तो मैं भी उसका साथ देते हुए उसके होंठ को चूसने लगी वो मेरे होंठ को चूसते हुए मेरे मुंह के अन्दर अपनी जीभ भी घुमा रहा था तो मैं भी उसके होंठ को चूसते हुए अपनी भी जीभ उसके मुंह के अन्दर डाल कर घुमाने लगी | कुछ देर किस करने के बाद उसने मेरे टॉप को निकाल दिया और ब्रा के उपर से ही मेरे उभारो को मसलने लगा तो मेरे मुंह से आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह की सिस्कारियां निकलने लगी | फिर जब उसने मेरे ब्रा को उतार दिया तो तुंरत ही मेरे दोनों मम्मों को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए उसे सहलाने लगी | वो मेरे दोनों मम्मों को जोर जोर से मसलते हुए चूस रहा था और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मजे ले रही थी | उसके बाद मैंने उसकी टी-शर्ट को उतार कर ऊपर से नंगा कर दिया और फिर उसके जीन्स को और अंडरवियर को साथ में उतार कर पूरा नंगा कर दिया | फिर मैं उसके सीने पे हाँथ फेरते हुए उसके लंड को अपने हाँथ में ले कर हिला कर खड़ा करने लगी | मैं उसके लंड को जीभ से चाटने लगी तो उसके मुंह से भी आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह की सिस्कारियां निकलने लगी |

जब मैंने उसके लंड को अच्छे से चाट कर गीला कर दिया तो उसके बाद मैं उसके दोनों अंटो को मुंह में ले कर चूसने लगी तो वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपना लंड हिलाने लगा | फिर मैं उसके लंड को अपने मुंह में डाल कर चूसने लगी तो वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मेरे मुंह में अपना लंड पेलने लगा | मैं उसके लंड को जोर जोर से आगे पीछे करते हुए चूस रही थी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हए मजे ले रहा था | उसके बाद उसने मुझे उठाया और फिर मेरी जीन्स और पेंटी को साथ में उतार कर मुझे भी नंगा कर दिया | फिर उसने मुझे लेटा दिया और मेरे दोनों पैरो को फैला कर चूत को अपनी जीभ से सहलाने लगा तो मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मजे लेने लगी |

फिर उसने मेरी चूत को चाटते हुए एक ऊँगली से चोदने लगा मेरी चूत को तो मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां ले रही थी | उसके बाद उसने अपना लंड मेरी चूत में रखा और अन्दर घुसेड कर चोदने लगा तो मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपने निप्पलस को मसलने लगी | उसके बाद उसने जोश में अपनी चुदाई की रफ़्तार बढ़ा दिया और जोर जोर से मेरी चूत को चोदने लगा तो मैं भी आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपनी कमर हिला हिला कर चुदवाने लगी | वो बहुत जोश में मुझे चोद रहा था और फिर उसके बाद उसने मेरे दोनों दूध को अपने हाथ से मसलते हुए मेरे पेर अपने कंधे में रख कर जोर जोर से चोदने लगा और मैं भी आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए चुदाई के मजे ले रही थी | कुछ देर की चुदाई के बाद उसने अपना माल मेरी चूत के ऊपर छोड़ दिया |

तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी अच्छी लगी होगी |

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