मेरा नाम अमित है, २७ साल की उम्र और कॉलेज में पढाई कर रहा हूँ..
मेरे कॉलेज में मेरी एक दोस्त है महक २६ साल की सेक्सी माल. बिलकुल गोरी और फिगर तो ३८-३०-३९ है.. चूचियां बड़ी बड़ी क़यामत ढाती है और बड़ी भारी गांड है साली की.मेरा उसको चोदने का हमेशा मन करता है. पर कभी मौका नहीं मिला..कभी कभी मजाक में मैं उसे पीछे से पकड़ लेता हूँ और अपना लंड उसकी गांड से रगड़ देता हूँ..
हमारा फाइनल का एग्जाम चल रहा था.. वह मैथ्स में थोड़ी कमजोर थी..उसने मुझे ग्रुप स्टडी के लिए अपने हॉस्टल में बुलाया..
मैं रात को उसके रूम पंहुचा. उस समय उसने टाइट टॉप पहने हुए थे.. और छोटी सी निकर .. टॉप पर उसकी बड़े बड़े बॉल क्या लग रहे थे.. जैसे ही थोड़ा झुकती थी.. चूचियों के दर्शन हो जाते थे.. और छोटी सी निकर में गांड नहीं छुप रहा थी उसकी.. क्या मस्त गांड थी.. जब वह चल रही थी तो उसकी चूचियां हिल रही थी और उसकी सेक्सी गांड मटक रही थी..

मैंने १ घंटे में पूरा मैथ्स उसे पढ़ा दिया.. अब वह थोड़ा रिलैक्स थी की एग्जाम सही होगा.

महक: अरे यार तूने तो इतनी जल्दी मुझे सब पढ़ा दिया..अब तो मैं फ़ैल नहीं होंगी.
मैं: अब तेरे मार्क्स अच्छे आएंगे.. पर मुझे क्या मिलेगा
महक: तुझे क्या चाहिए.. बोल

मैं: देख महक तुम एक जवान और सेक्सी लड़की हो.. तुम्हारा बदन देख कर मेरा लन्ड खड़ा हो गया.. मैं तुम्हे चोदना चाहता हूँ..

महक: क्या बोल रहे हो..
मैं: अब नाटक क्यू कर रही है..तब से अपनी चुकी और गांड दिखा रही है.. मुझे पता है आज तू भी चुदना चाहती है मुझसे.
महक: हाँ यार .. मैं तो कब से चुदने के लिए बेक़रार हूँ.. तू है की चोद ही नहीं रहा था.. इसलिए तुझे यहाँ बुलाया है की आज तो चुदाई हो ही जाये..

फिर उसने मुझे किश करना शुरू कर दिया.. मैंने भी उसको किस किया और उसके बॉल्स को दबाने लगा.

महक: अह्ह्ह्हह..उह्ह्ह्ह
मैं: महक तुझे मैंने अपने सपनो में कई बार चोदा है. अलग अलग पोजीशन में आगे पीछे सब जगह से तेरी ठुकाई की है मैंने.. रोज मुठ मरता हूँ तेरे नाम की.
महक: आ अब असली में चोद ले मुझे.

मैंने महक को दिवार से सटा दिया और उसकी गांड में लन्ड रगड़ने लगा.. और पीछे से उसकी चूचियों को दबाने लगा..
मैं: जानेमन.. क्या मस्त चुची है साली तेरी.. आम के साइज की..
महक: और दबा अमित.. मजा आ रहा है..

इतनी बड़ी चूचियां थी की एक हाँथ में नहीं आ रही थी.. खूब मसला मैंने दोनों चूचियों को बारी बारी से..एक चुची को चूस रहा था और दूसरे हाथ से उसकी गांड दबा रहा था..अब मैंने उसकी निकर उतर दी..

महक २६ साल की गदरायी माल एक दम नंगी खड़ी थी मेरे सामने.. मेरा लन्ड अब पूरा टाइट हो गया.. उसने येह देख लिया और मेरे लन्ड को आजाद करके चूसने लगी.. मुझे बहुत मजा आ रहा था..१० मिनट चूसने के बाद मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया और उसकी उसकी अनचुदी बूर में अपना लन्ड रगड़ने लगा..

महक: अह्ह्ह्हह. उईईई .. अमित यार तरसा नहीं चोद मुझे जल्दी..
मैं: डार्लिंग येह मोटा लन्ड झेल नहीं पाओगी.. फट जाएगी बूर तेरी..
महक: चोद न साले.. जल्दी डाल अपना लन्ड और कसकर चोद ..

मैंने एक जोर का धक्का मारा.. और मेरा लन्ड उसकी बूर को फाड़ता हुआ पूरा घुस गया.. उसकी बूर से खून निकल रहा था..

महक: उईईई माँ.. मर गयी.. फाड़ दिया यार तुमने..
फिर मैंने धीरे धीरे धक्का मरना शुरू किया.. ५ मिनट की चुदाई के बाद महक को भी मजा आने लगा..

महक: अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.. उह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.. आईईईई
मैं उसकी चूचियों को दबा दबा कर चोद रहा था.. मेरा लन्ड बुलेट ट्रैन की रफ़्तार से उसकी बूर में अंदर बहार हो रहा था..

मैं: येह ले साली मेरा लन्ड .. बहुत चोदा है सपने में तुझे.. आज पूरी मुराद पूरी करूंगा..
महक: अह्ह्ह्ह.. मैं भी अपने सपनो में कई बार चुद चुकी हूँ..
मैं: सच.. मजा आ रहा है..तेरी जैसी सेक्सी माल को चोद कर.. क्या चुची है साली तेरी..

पूरा कमरा फचा फच की चुदाई संगीत से गूंज रहा था.. मैं ताबड़ तोड़ अपना लन्ड महक की बूर में अंदर बहार कर रहा था.. वह भी पूरा साथ दे रही थी चुदवाने में.. एक एक शार्ट के साथ उसकी चुची हिल रही थी.. जिसे मैं दबा दबा कर चूस भी रहा था..

महक: अह्हह्ह्ह्ह.. आज तू मेरे साथ पूरा सम्भोग कर रहा है.. आ भोग ले मेरे जिस्म को .. चोदते जा मुझे.. ले ले मेरे जवान बदन का मजा..
मैं: अह्ह्ह्ह.. क्या मजा आ रहा है .. आज से तू मेरी रंडी बन कर रहेगी..हमेशा मैं तेरे बदन का मजा लूँगा..

मैंने करीब १ घंटा उसकी चुदाई की और अपना माल उसकी बूर में ही गिरा दिया.. फिर हम लेट गए.. थोड़ी देर बाद मैं फिर गर्म हो गया.. और हमारी चुदाई फिर स्टार्ट हो गयी.. उस रात मैंने महक को ६ बार बुरी तरीके से चोदा.. रात भर हमने चुदाई की और सुबह एग्जाम दिए..

एग्जाम ख़तम होते ही हमदोनों गोवा निकल गए.. और १० दिन हमने खूब मजे किये.. वह स्टोरी नेक्स्ट टाइम.

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