हाय दोस्तों और मेरे चाहने वालों मेरा नाम है रितु और मैं 28 साल की हूँ | मेरे दूध बड़े है और गांड भी मस्त है | मेरा फिगर 36-26-36 है और रंग गोरा है | मैं दिखने में बहुत सुन्दर हूँ और स्कूल और कॉलेज में मेरे बहुत से चाहने वाले थे | मेरी शादी को दो साल हो चुके हैं और मैं अपने पति से खुश नहीं हूँ | उनका लंड छोटा है और मेरी वासना को शांत करने के लिए उतना चूता लंड काफ़ी नहीं है | लेकिन ऊपर वाला सब देखता है और उन्होंने मेरे लिए एक फ़रिश्ता भेजा | ये कहानी मेरी और मेरे पति के दोस्त के बीच की है |

मेरे शादी को डेढ़ साल बीत चुके थे और मेरे को एक भी बच्चा नहीं हुआ था जबकि मेरा पति मुझे रोज़ चोदता था | वैसे मेरे पति काफी कमज़ोर किस्म के इंसान है और वो ज्यादा देर तक टिक नहीं पाते | लेकिन जो भी हो मैं अपने पति के प्रति ईमानदार रहना चाहती थी पर क्या करू? पति धर्म एक तरफ और चूत की खुजली एक तरफ |एक दिन मेरे पति अपने एक दोस्त के साथ मेरे घर आये उनका नाम जतिन था और वो अच्छे लम्बे चौड़े आदमी थे | उन्होंने ने बताया कि वो उनके साथ ऑफिस में काम करते हैं | फिर मैं अन्दर चाय बनाने चली गई | मैंने उनको चाय लाकर दी और जैसे ही टेबल पर रखी तो मेरा पल्लू नीचे हो गया और और मेरे दूध दिखने लगे | उनके दोस्त मेरे दूध तरफ देखने लगे और मैंने चाय रखकर अपना पल्लू ठीक किया |

मैं भी वहीँ बैठ गई और चाय पीने लगी तभी मेरी नज़र उनके पैंट के ऊपर पड़ी | उनका लंड खड़ा हो गया था और दिखने में बहुत बड़ा लग रहा था बिलकुल जैसा मुझे चाहिए था | मैं अपनी नज़र उस पर से हटाने की कोशिश कर रही थी लेकिन मेरी नज़र बार बार वहीँ जा रही थी |फिर मैंने जैसे तैसे खुद को संभाला और अन्दर चली गई | मैं अन्दर बैठे बैठे सोच रही थी कि उनका लंड कितना बड़ा होगा और मेरी चूत में घुसेगा तो मुझे कितना मज़ा आएगा | उनके दोस्त बाहर के रहने वाले थे और उनकी शादी भी नहीं हुई थी इसलिए वो अक्सर मेरे पति से कहते रहते थे कि भाभी के हाँथ का खाना बिलकुल मेरे घर जैसा लगता है और कभी कभी वो मेरे घर पर आ जाते खाना खाने | जतिन जी बहुत चंचल मजाज़ के थे और हँसी मजाक भी बहुत करते थे |

मैं अक्सर उनसे चुदने के बारे में सोचती रहती थी लेकिन मैं अपने पति के साथ धोका नहीं करना चाहती थी इसलिए मैं उनकी तरफ ज्यादा ध्यान नहीं देती थी | एक बार की बात है जतिन जी मेरे घर पर आए और उस वक़्त मेरे पति घर पर नहीं थे | मैंने दरवाज़ा खोला और उन्होंने कहा भईया जी हैं क्या ? तो मैंने कहा नहीं है | तो उन्होंने कहा ठीक है मैं थोड़ी देर से आता हूँ और जाने लगे | तो मैंने उनको रोकते हुए कहा कहाँ जा रहे है वो थोड़ी देर में आते ही होंगे आप अन्दर इंतज़ार कर लीजिये | तो उन्होंने कहा नहीं भाभी ठीक है मैं थोड़ी देर से आता हूँ | हम दोनों का अक्सर हँसी मजाक चलता रहता था और काफी अच्छी जान पहचान थी | तो मैंने ऐसी ही उनका हाँथ पकड़ा और कहा चलिए अन्दर कहीं नहीं जाना वो आ जायेगे थोड़ी देर में और मैंने आज आपके लिए खाना भी बनाया है |

तो वो अन्दर आ गए और मैं उनके लिए चाय बनने चली गई | फिर जब मैं चाय लाई और उनको दी तो इस बार फिर मेरा पल्लू नीचे हो गया और मेरे दूध दिखने लगे | फिर उन्होंने ने चाय ली और मैंने अपना पल्लू ठीक किया | हम दोनों एक दुसरे को देखकर बातें कर रहे थे तभी मेरी नज़र उनके लंड पर पड़ी और मैंने देखा कि उनका लंड खड़ा है और उनकी पैन्ट के ऊपर से साफ समझ में आ रहा है | उनका लंड देखकर मैं अन्दर से मचल उठी लेकिन मैं कुछ करना नहीं चाहती थी | मेरी नज़र बार बार उनके लंड पर जाने लगी और उन्होंने भी मुझे ये देखते हुए पकड़ लिया लेकिन कुछ कहा नहीं | फिर हम दोनों ने थोड़ी देर तक बातें की और मैं अन्दर चली गई | मैं अन्दर जाके अपनी चूत रगड़ने लगी और दूध दबाने लगी | फिर थोड़ी देर बाद जतिन जी अन्दर आए लेकिन उन्होंने ने मुझे वो सब करते हुए नहीं देखा था |

मैंने उनसे पूछा कुछ चाहिए तो उन्होंने कहा पानी | मैं गिलास लेकर पलटी और फ़िल्टर से पानी भरने लगी तभी उन्होंने ने मुझे पीछे से पकड़ लिया | मैं झल्ला गई और कहने लगी आप ये क्या कर रहे है ? तो उन्होंने ने कहा कुछ नहीं बस आप जो देख रही थी उसका मज़ा दे रहा हूँ | तो मैंने कहा छोडो मुझे तो उन्होंने मझे छोड़ दिया | फिर मैंने कहा क्या करना चाहते थे ? तो उन्होंने कहा आप ही तो देख रही थी मुझे लगा आपको ज़रूरत है इसलिए मैं यहाँ आ गया | तो मैंने कहा कुछ भी हो तुम जाओ यहाँ से तो उसने कहा मैं पूरी बात जानना चाहता हूँ आप मेरे लंड को क्यों घूर रही थी ? तो मैंने कहा मैं कुछ नहीं बताना चाहती तो उसने मेरा हाँथ पकड़ा और अपनी पैन्ट में डालकर अपना लंड के पास रख दिया और कहा अब बताओ ये आपको चाहिए क्या ?

मैंने उसका लंड पकड़ा और उनका लंड बहुत मोटा था | मेरी आँखें बंद हो गई और मैं लंड को महसूस करने लगी और अपने होंठों को अपने दांत से दबाने लगी | मैं उनका लंड पकडे हुए ये सोच रही थी कि अगर मेरे पति को पता चला कि मैं ये सब कर रही हूँ तो उन्हें कैसा लगेगा ? फिर मैं कहीं खो गई और उनका लंड दबाने लगी | बस फिर क्या था मैंने अपनी आँखें खोली और देखा कि वो मुझे देखकर मुस्कुरा रहे है | मैने उनकी आँखों में देखा और उन्होंने मुझे किस करना शुरू कर दिया | मैं अभी उनके साथ कुछ भी करने में झिझक रही थी लेकिन उन्होंने मेरे होंठ अपने दांतसे पकड़ के खींचना शुरू कर दिया और मुझे मदहोशी छा गई और मैं भी उनको किस करने लग गई | हम दोनों बहुत देर तक एक दुसरे को किस करते रहे और मैं उनका लंड पकड़ के दबाती रही और मेरे दूध |

फिर मैंने उनकी पैन्ट खोली और उनकी चड्डी से लंड बाहर निकाला और उनका लंड देखकर मेरी चूत फटने लगी |फिर मैंने कहा अरे बाप रे ! इतना बड़ा मैं तो आज मर ही जाउंगी और फिर मैंने लंड मुंह में डाल लिया और चूसने लगी | लंड इतना बड़ा था कि पूरा मेरे मुंह में समां ही नहीं रहा था फिर भी मैं कोशिश कर रही और चाट भी रही थी | फिर उन्होंने ने मुझे उठाकर खड़ा कर दिया और मेरा ब्लाउज खोलकर मेरा ऊपर कर दिया और मेरे दूध चूसने लगे | मुझे अपने दूध पर उनकी जीभ का एहसास बहुत अच्छा लग रहा था और मैं उम्म्म्म उम्म्मम्म कर रही थी | फिर उन्होंने मेरे दूध को चूसा और मेरी चूत को साड़ी के ऊपर से दबाने लगे |

अब मुझे थोडा जोश चढ़ने लगा था और मैं भी अब चुदने के लिए पूरी तरह से तैयार थी | फिर उन्होंने ने मुझे उठा के ऊपर बैठा दिया और मेरी साड़ी को ऊपर करके मेरी पैंटी के ऊपर से मेरी चूत मलने लगे और मैं आहें भरने लगी | फिर उन्होंने मेरी पैंटी उतारी और मेरी चूत चाटने लगे | मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था और मैं आह्ह्ह्हा हहहाह्ह्ह अहाह्ह्हा अह्ह्ह्हह करे जा रही थी | उसके वो उठे और मेरी चूत के छेद पर लंड रखकर मेरी चूत में लंड डालने लगे | उनका लंड मेरी चूत के अन्दर आ चूका था और मुझे उनके लम्बे और मोटे लंड का एहसास अपनी चूत में हो रहा था | उनका लंड जैसे ही मेरी चूत के अन्दर गया मैं तो उनकी दिवानी हो गई | फिर वो मुझे चोदने लगे और मैं आह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह ऊउफ़्फ़्फ़्फ़ ऊह्ह्हह्ह्ह्ह ऊम्म्म्मम्म आह्ह्हह्ह ऊह्ह्हह्ह्ह्ह करने लगी | वो मुझे धीरे धीरे चोद रहे थे और जैसे ही मेरी सिसकियाँ कम हुई उन्होंने मुझे जोर जोर के झटके मार का चोदना शुरू कर दिया |

उनका लंड बहुत बड़ा और मोटा था और उनका लंड मेरी चूत जैसे फाडे डाल रहा था तो मैं वहीँ पर लेट गई और वो मुझे चोदते रहे | फिर चोदते हुए उन्होंने मुझसे पूछा कि जो निकलने वाला है उसको कहाँ छोडू तो मैंने कहा अन्दर ही गिरा दो | तो उन्होंने अपना सारा वीर्य मेरी चूत में झड़ा दिया और उनका गरम वीर्य मेरी चूत में गिर गया | मुझे मुझे बहुत अच्छा लगा और वो कपडे पहन कर बाहर चले गए और मैं वहीँ लेटी रही | फिर उसके हम दोनों ने बहुत बार चुदाई की लेकिन आज तक मेरे पति को हमारे बारे में कुछ भी पता नहीं चला |

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