फौजी की सेक्सी पत्नी

नमस्कार दोस्तों और भाइयों मेरा नाम सुशील पटेल है और मैं गुजरात का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 33 साल है और मैं पेशे से मनोवैज्ञानिक हूँ | मेरी शादी को 5 साल हो चुके है और दो बच्चे भी है लेकिन फिर भी रंडियाँ चोदता हूँ वैसे मैं शादी से पहले भी रंडियाँ चोदता था और मैंने शादी से पहली भी तो सिर्फ शादीशुदा औरतें चोदी क्यूंकि उनके बड़े फायेदे होते है | मैं अपनी कहानी से यही सन्देश देना चाहता हूँ आज कल की युवा पीढ़ी को कि लड़कियों के पीछे ना भागे, उसमें पैसे भी ज्यादा खर्च होते है और दिमाग भी ख़राब होता है बल्कि उसे छोड़कर रंडियाँ चोदे जिसमें पैसे भी कम खर्च होगा और जो दिमाग में टेंशन बनती है वो भी नहीं बनेगी | चलिए दोस्तों मैं आपको अपने कुछ किस्से बताता हूँ जिससे आपको मेरी बात क्लियर हो जाएगी |

जब मैं कॉलेज में था तो मुझे अपनी क्लास की एक लड़की से बहुत लगाव था मतलब प्यार जैसा ही कुछ | हम काफी अच्छी दोस्त बने, घूमें फिरे खाया पीया और जिसकी वजह से मेरे काफी पैसे खर्च भी हुए लेकिन जब मैंने उसको आई लव यू कहा तो वो मुँह बना के निकल गई | उसके बाद मैंने उसको जैसे तैसे मनाया और उसके बाद फिर वो मान गई लेकिन उसने कभी मुझे हाँथ लगाने नहीं दिया तो चोदने की बात तो बहुत दूर थी | इसकी वजह से मेरा दिमाग ख़राब हो गया और होते होते कुछ ऐसा हुआ कि मैंने अपना रुख रंडियों और आंटियों की तरफ मोड़ लिया | एक दिन मेरा एक दोस्त आया तो मैंने उसको पूरी दास्ताँ बयाँ की और उसने कहा भाई चल मैं तुझे चकले ले चलूँ पहले तू अपने अन्दर की आग ठंडी कर उसके बाद तू कुछ सोच और समझ पाएगा | अब मैं गम में तो था ही इसलिए उसने जैसा कहा वो मैं करने पहुँच गया | वहाँ बहुत सी रंडियों में से मैंने एक चुनी और उसको लेके कमरे में पहुँच गया लेकिन मानने वाली बात है यार चकले की कुछ कुछ रंडियाँ ऐसी दिखती है कि हीरोइन भी फेल है उनके सामने | तो ऐसी ही एक को मैं लेके गया और जैसे ही हम कमरे में पहुँचे तो उसने झट से अपने कपड़े उतार दिए और मेरी पैंट उतारकर मुझे बिस्तर पर बैठा दिया और मेरा लंड हिलाने लगी |

उसने कुछ देर तक मेरा लंड हिलाया और मेरे पेट सहलाती रही | फिर वो उठी और बिस्तर पर लेट गई और टांगे उठाके कहा शुरू हो जाओ | मैंने भी उसकी चूत पे थूक लगाया और अपने लंड पे भी और उसकी चूत में लंड डाल दिया | उसकी चूत ज्यादा टाइट नहीं थी लेकिन चोदने में मज़ा आ रहा था | मैंने चोदते चोदते उसके दूध दबाए और चूसे भी और वो अहह अहह हहह ह्ह्ह अहहह हहह ह्ह्ह आआआ आआ आआ अहह करती रही | मैं उसको थोड़ी देर तक चोदता रहा और फिर मेरा झड़ने को हुआ तो मैंने लंड बाहर निकाला और उसके ऊपर गिरा दिया | फिर मैंने कपड़े पहने और बाहर आया और अपने दोस्त के साथ घर वापस आ गया | फिर उसने मुझे समझाया कि भाई जिस चीज़ की वजह से तू परेशान था वो तुझे थोड़े पैसे में ही मिल गई वो भी बिना किसी झंझट के और तू उस लड़की के पीछे परेशान बैठा था | उसकी बात मुझे समझ में आ गई और मैंने उस दिन के बाद किसी भी लड़की से फ़्लर्ट नहीं किया तो पटाना तो दूर की बात है और उस लड़की की तरफ तो मैं देखता भी नहीं था | फिर मेरे दोस्त ने मुझे एक और पाठ पढ़ाया कि मैं आंटियों पे ट्राई मारा करूँ |

दोस्तों आंटियों को पटाने के फायेदे बहुत है जैसे चकले में जिस काम के लिए आप पैसे देते है, उसी काम के लिए आंटियाँ आपको पैसे देती है, मतलब चुदाई की चुदाई और कमाई की कमाई | ये आईडिया मुझे बहुत भा गया और मैंने उसी दिन से आंटियाँ ढूँढना शुरू कर दिया लेकिन कोई मिली नहीं | एक हफ्ते बाद मैं और मेरा दोस्त पार्टी में गए हुए थे और एक जगह खड़े होकर हलवा खा रहे थे | तभी मेरी नज़र दूर से आती हुई एक औरत पे पड़ी, वो ब्लू साड़ी में क़यामत ढा रही थी और फिगर भी बहुत मस्त था | तो मैंने अपने दोस्त से कहा अबे देख आंटी माल और नज़र घुमाई तो एक दूसरी आंटी मेरी तरफ देख रही और जैसे ही हमारी नज़रें मिली, उसने स्माइल पास कर दी | ये देखके मेरे दोस्त ने कहा जा बात कर और मैं बात करने पहुँच गया | मैंने भी उससे थोड़ी देर बात की और जो मैंने टिश्यू पेपर पकड़ा था वो उनको देकर कहा आपका नंबर | उनके पास पेन नहीं था लेकिन लिपस्टिक थी तो उसने लिपस्टिक से नंबर लिखा और उसमें किस भी किया और मुझे दे दिया | मैंने भी पेपर लिया तो जहाँ उसके किस करने के निशान थे उसपे किस किया और वो शर्मा गई | फिर मैंने पूछा अच्छा आपका घर कहाँ है ? तो उसने कहा यहीं बाजू में और दो दिन तक मैं अकेली हूँ घर में | तो मैंने अपने दोस्त की तरफ देखा और कहा भाई घर चले जा आज मैं कहीं और जा रहा हूँ |

फिर मैं उसके पास गया और उसकी कमर म हाँथ डालकर कहा घर चले जानेमन और उसने कहा बहुत जल्दी है तुमको | तो मैंने कहा मैं देर नहीं करता और तुम्हें भी नहीं करनी चाहिए, फिर हम बाहर आये और चलते चलते उसके घर पहुँच गए | मैं उसके घर गया और उसने कहा तुम यहीं सोफे पे बैठो मैं अभी आती हूँ और इतना बोलकर वो अन्दर चली गई | मैं वहीँ सोफे पे बैठा था तभी मेरी नज़र उसके पति और उसकी फोटो पे पड़ी | उसका पति फौजी था और देखने में खतरनाक भी लग रहा था इसलिए मैंने सोचा निकल लूँ लेकिन ऐसे मौके रोज़ रोज़ नहीं मिलते इसलिए ये सोचकर मैं रुक गया | थोड़ी देर में वो बाहर आई और उसने सिर्फ साड़ी लपेटी हुई थी और कुछ नहीं | वो नज़ाकत से चलते हुए मेरे पास आई और सोफे पे बैठ गई | फिर उसने मेरी शर्ट के बटन खोले और मेरे गले और गर्दन को चूमने लगी | मुझे चूमने के बाद वो मेरे सामने खड़ी हुई और अपनी साड़ी उतार दी और बिलकुल नंगी हो गई | उसका बदन भरा हुआ था मतलब मोटी नहीं थी लेकिन पतली भी नहीं थी दोनों के बीच का कुछ लेकिन जैसे भी थी बहुत मस्त लग रही थी बिना कपड़े के | उसके दूध तो बड़े थे ही उसकी गांड भी मस्त थी इसलिए उसको बिना कपड़े के देख मैं खुद को रोक नहीं पाया और झट से उसको पकड़ लिया और उसकी नाभी को चूमने लगा | उसने मुझसे कहा चलो अन्दर चलते है और हम अन्दर पहुँच गए और वो बिस्तर पर लेट गई और मैं उसके ऊपर |

हमने किस करना शुरू किया और एक दूसरे के होंठों का रस चूसते रहे | फिर मैंने उसके दूध दबाना शुरू किया और जब ज़ोर से दबाया तो उसके उसमें से दूध निकला | तो मैंने उसके निप्पल को मुँह से लगाया और उसके दूध दबाने लगा और जो उसमें से दूध निकल रहा था वो पीने लगा | मैं थोड़ी देर तक सिर्फ उसके दूध ही चूसता रहा और वो मेरे बाल सहलाती रही | फिर मैंने उसकी चूत पर हाँथ रखा और रगड़ने लगा | उसकी चूत बहुत गरम थी मानो मैंने किसी तवे पे हाँथ रख दिया हो लेकिन गर्मी अपनी जगह और मज़ा अपनी जगह | फिर वो बिस्तर पर लेट गई और मैंने उसकी चूत में ऊँगली करना शुरू कर दिया | उसकी चूत से पानी भी निकल रहा था जो मेरी उँगलियों पर लगा था और वही ऊँगली मैंने उसके मुँह में डाल दी और वो चूसने भी लगी | फिर मैंने उसकी चूत में लंड डाला और एक बार में ही पूरा अन्दर घुसा दिया | जैसे ही मेरा लंड अन्दर घुसा उसकी चीख निकल गई तो मैंने डर के मारे अपना लंड बाहर निकाला और उसको किस कर दिया और थोडा लंड डाल के ही उसको चोदना शुरू किया और वो अह्ह्ह अहह ह्ह्ह अह्ह्ह अह्हह हहह अह्ह्ह अहह आआ आआ अहह अह्ह्ह आआ आआ ह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह करती रही |

उसकी चूत ज्यादा ढीली नहीं पड़ी थी जैसे शादी के एक हफ्ते बाद ही उसका पति बॉर्डर पे चला गया और उसके बाद नहीं आया | ऐसी चूत चोदने में जो मज़ा आ रहा था वो काबिले तारीफ था | फिर मैं उसको उसी तरह चोदता रहा और वो अह्ह्ह अहह ह्ह्ह अह्ह्ह अह्हह हहह अह्ह्ह अहह आआ आआ अहह अह्ह्ह आआ आआ करती रही | मेरा माल झड़ने को हुआ तो मैंने बाहर निकाला और उसके पेट पर गिरा दिया | तो उसने कहा अरे अन्दर ही गिरा देते न, अच्छा लगता, चलो अगली बार गिरा देना | उसके बाद तो मेरा उसके घर रोज़ का आना जाना हो गया कभी कभी तो मैं दिन में तीन तीन बार चला जाता था |

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