हेलो दोस्तों मैं आज आपके सामने अपनी एक नई मालकिन की  फेमडोम कहानी लेकर आया हूं इस कहानी को जरूर पढ़िए और अपने विचार मुझे लिखिए.

ज्यादातर लोग दुनिया में डॉक्टर या इंजीनियर बनना चाहते थे मैंने इंजीनियरिंग किया और एक अच्छी नौकरी भी मिल गई. लेकिन २ साल के बाद मैं बोर हो गया और मेरा मन भी काम में नहीं लगता था क्योंकि मेरे मन में हमेशा ही फेमडोम के विचार चलते रहते थे. हमेशा से ही मैं एक गुलाम कुत्ता बनने के सपने देखा करता था. हमेशा इंटरनेट पर मालकिन की तलाश करता रहता था, लेकिन मुझे कोई मिली नहीं रही थी.

एक दिन मैं ऑफिस में काम कर रहा था तभी मैंने अपने मेल में देखा तो उसमें एक नया मेल आया हुआ था, मैंने सेंडर में चेक किया तो उसमें मालकिन एस लिखा हुआ था. पहले तो मैं काफी घबरा गया और मुझे लगा कि किसी को मेरे फेमडोम इंटरेस्ट के बारे में पता चल गया है लेकिन फिर मैंने देखा कि उसके साथ एक मैसेज भी था उसमें लिखा था.

इस दुनिया में कितने सारे लोग अपनी जिंदगी बर्बाद कर देते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि एक औरत को देवी मानकर जिंदगी भर उन की पूजा करने से ही असली खुशी मिलती है. मुझे पता है कि तुझे एक मालकिन की तलाश है और उनके लिए तू कुछ भी करने को तैयार है, अगर तू सच में पालतू कुत्ता बनना चाहता है तो सबसे पहले तुझे सब कुछ खोना होगा, तभी तो मालकिन की सेवा अच्छे से कर सकता है. अगर तू गुलामी करना चाहता है तो नीचे लिखे एड्रेस पर आजा कल सुबह १० बजे वहां पर एक बस खड़ी होगी उसमे चढ़ जाना.. याद रखना मैं सिर्फ और सिर्फ एक ही मौका देती हूं.

मैं यह पढ़कर काफी शौक हो गया तो सोचा कि चलो एक बार जाकर देख लेते हैं, क्या पता यह सब किसी का मजाक ना हो और सच में कोई मालकिन भी हो; मैंने ऑफिस से अगले दिन छुट्टी ले ली; और बताए गए पते पर पहुंच गया; मैंने देखा कि वहां पर एक ब्लैक कलर की बस खड़ी हुई थी; बस में चढ़ गया मैं कुछ देख पाता इससे पहले किसी ने मेरी आंखों और मुंह पर पट्टी बांध ली और एक सीट से मुझे बांध दिया; मैं बिल्कुल हिल नहीं पा रहा था और सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी; थोड़ी देर बाद बस चलना शुरू हो गई और काफी देर बाद एक जगह जा कर रुक गई.

मैं काफी घबराया हुआ था और समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या करूं? तभी किसी ने मेरे सर पर जोर से कुछ मारा और मैं बेहोश हो गया; जब मेरी आंख खुली तो मैंने देखा कि मैं एक बड़े से कमरे में था; मैंने कुछ नहीं पहन रखा था. मेरे दोनों हाथ मेरे पीठ के पीछे बंधे हुए थे; गले में कुत्ते का एक पट्टा था जो की चेयर से बंधा हुआ था; जब मैंने ध्यान से देखा तो करीब ३० और आदमी मेरे आस पास थे उनकी हालत भी बील्कुल मेरी तरह थी; वह भी बहुत डरे हुए थे.

तभी थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि उस हॉल के अंदर लड़कियां आनी शुरू हो गई; सब बहुत ही सुंदर थी; सबने ऊंची एड़ी की हील पहन रखी थी; इतनी सुंदर लड़कियां मैंने कभी अपनी जिंदगी में नहीं देखी थी; सब लड़कियां एक एक आदमी के पास चली गई और जिस चेयर से हमारे पट्टी बंधे हुए थे वहां जाकर बैठ गई; एक बहुत सुंदर लड़की मेरे पास  आई और चेयर पर बैठ गई; फिर उसने मुझे देखा मुझे तो बहुत शर्म आ रही थी लेकिन मैं कुछ नहीं कर सकता था..

तभी अचानक से उसने एक जोरदार लात मेरे मुंह पर मार दी; उनकी हिल मेरे चेहरे पर जोर से लगी; मुझे बहुत दर्द हो रहा था. फिर मैंने उनकी तरफ नहीं देखा और जमीन की तरफ देखता रहा. करीब ५ मिनट बाद एक और लेडी हॉल के अंदर आ गई; वह करीब ३० साल की होगी; उन्होंने एक ब्लैक साड़ी पहन रखी थी और सिल्वर हिल्स थे ५ इंच. उनके पीछे पीछे दो गुलाम कुत्ते की तरह आ रहे थे; उनकी जीभ भी बाहर थी, उनको देखकर सब लड़कियां खड़ी हो गई; उन्होंने सब लड़कियों को बैठने का इशारा किया और वह भी एक बड़ी चेयर पर बैठ गई; फिर उसने बोलना शुरू किया..

मालकिनो और गुलामो मैं मालकिन शिवानी हूं और मैं यह मालकिन यूनिवर्सिटी चलाती हूं पिछले ७ सालों से; मैंने यहां हजारों गुलामों को ट्रेन किया है और मालकिनो को भी ताकि गुलाम ठीक से मालकिन की सेवा कर पाए; हर साल में ३० लकी गुलामों को मेल भेजती हूं; जिन्हें अपनी लाइफ में कोई इंटरेस्ट नहीं है. और मालकिन की सेवा में अपना जीवन बिताना चाहते हैं; गुलामों के कोई हक नहीं होते, उनका काम सिर्फ मालकिन का हुक्म मानना होता है; सिर्फ उनकी इच्छाएं पूरी करना होता है. उनकी कोई औकात नहीं होती; तुम सबको एक एक गुलाम दिया गया है और तुम्हें उसे ट्रेन करना है; और अगर वह ट्रेनिंग पूरी कर लेता है तो जिंदगी भर वह तुम्हारा गुलाम रहेगा; उसकी सारी प्रॉपर्टी सब पैसा सब तुम्हारा होगा, इसलिए ठीक से ट्रेन करना.. याद रखना यह तुम्हारे हील पर लगी धूल से भी नीचे है.

इतना बोलकर मालकिन शिवानी वहा से उठी और चली गई, थोड़ी देर बाद एक बार लेडी हॉल में आई वह थोड़ी यंग थी लेकिन बहुत सुंदर लग रही थी; उन्होंने ब्लैक हिल्स पहन रखी थी, फिर उन्होंने बोलना शुरू किया.

मैं मालकिन दिशा हूं और आप सब लड़कियां मेरी बातें बहुत ध्यान से सुनो, आज इन गुलामो को सबसे पहली चीज सीखानी है वह है गुलाम पोजीशन. हर मौके के लिए अलग पोजीशन होती है; सबसे जरूरी है कि गुलाम तब क्या करें जब वह मालकिन को देखें; वह होती है पोजीशन वन. मतलब गुलाम अपनी मालकिन के दोनों हिल को किस करेगा और फिर पीठ के बल अपनी जीभ निकालकर अपनी पीठ के बल लेट जाएगा. मालकिन उस पर चढ़कर उसकी जीभ से अपने दोनों हिल साफ करेंगी; फिर उसके मुंह में थूकेगी और फिर उतर जाएगी; चलो सब ट्राई करो..

और इतना सुनकर मेरी मालकिन अपनी चेयर से उठी मेरा पट्टा खींचा और अपने हील के पास मेरा मुह ले आई; मेने जल्दी से उनके दोनों हील पर किस कर लिया; फिर मैं लेट गया जमीन पर वह मुझ पर चढ़ी; फिर मेरे पेट पर चढ़ गई; मुझे उनकी दोनों हील लग रही थी; फिर अपनी हिल्स मेरे मुंह के पास लाइ और बोली चाटी मेरी हिल्स कुत्ते; मैंने जल्दी से उनकी हिल्स चटनी शुरू कर दी; मुझे बहुत खुशी हो रही थी कि फाइनली मेरी भी जिंदगी को कोई मतलब मिल रहा था; फिर अचानक ही मालकिन ने मेरे मुंह में थूक दिया और मैं जल्दी से निगल गया; मुझे बहुत अच्छा लगा; और वैसे भी मैंने बहुत देर से पानी नहीं पिया था; फिर मालकिन ने मेरे मुंह पर फिर से एक लात मारी और मुझ पर से उतर गई.

अब मालकिन दिशा ने फिर से बोलना शुरू किया; बहुत बढ़िया.. इन कुत्तों की यही औकात है. अब एक और नई पोजीशन है जिसे पोजीशन टू कहते हैं; यह गुलाम तब करते हैं जब मालकिन किसी से बात कर रही हो, या बिजी हो; उस में गुलाम मालकिन के हिल को चाट देता है लेकिन उसकी जीभ मालकिन के पैरों से टच नहीं होनी चाहिए; चलो अब सब ट्राय करो.

फिर मेरी मालकिन ने मेरी तरफ देखा; और बोला चल कुत्ते पोजीशन टू; यह बोलकर उन्होंने अपनी हिल आगे कर दी; मैंने अपनी जीभ बाहर निकाली और धीरे-धीरे उनकी हिल को चाटने लगा; फिर मैंने उनकी हील सक करना शुरू कर दिया; मालकिन मुझे देख रही थी; लेकिन मुझे बहुत खुशी हो रही थी और फिर में हिल्स चाटने लगा; मैं बहुत ध्यान से काम कर रहा था; मैंने उनकी हिल्स बिल्कुल साफ कर दी; तभी मालकिन ने मुझे लात मारकर दूर कर दिया.

फिर मालकिन दीशा ने कहा अब वक्त है गुलामों को याद दिलाने का कि यह हमेशा हमारे तलवों के नीचे रहेंगे; और हमेशा डरके रहेंगे; अब देर किस बात की अपना-अपना हंटर उठाओ और उन्हें तब तक मारो, जब तक ही अपनी जान की भीख नहीं मांगे; यह सुनकर तो मेरी जान निकल गई; एक तो हमारे हाथ बंधे हुए थे ऊपर से हमारे गले में पट्टे भी थे; तभी अचानक मेरी मालकिन ने एक काला हंटर उठाया और जोर से मेरी पीठ पर मारा; मुझे बहुत दर्द हुआ और फिर मेरे हाथ पर मारा; ऐसे करते-करते हर जगह मारने लगी; मैं जमीन पर तड़प रहा था.

मेरे पूरे शरीर पर लाल निशान बन चुके थे और काफी जगह से खून भी जा रहा था; मेरी दोनों आंखों से अब आंसू आ रहे थे; मैंने अपनी मालकिन के पैरों पर अपना सर रख दिया और उनसे भीख मांगने लगा; मेरी मालकिन प्लीज मुझे मत मारो; मुझ पर थोड़ी दया करो; आपका यह कुत्ता कभी कोई गलती नहीं करेगा; लेकिन मेरी मालकिन ने मेरी एक ना सुनी और बस मारती रही; फिर अचानक मेरे पीठ पर चढ़ गई और चलने लगी; उनकी हील से मुझे बहुत दर्द हो रहा था; मेरी नजर आस-पास गई तो मैंने देखा कि और गुलामों की भी यही हालत हो रही थी; मैं समझ गया कि मेरी मालकिन सच में बहुत स्ट्रिक्ट और उनका गुलाम बन के रहना बहुत मुश्किल होने वाला है.

इतने दर्द के कारण मुझे कुछ साफ नहीं दिखाई दे रहा था और थोड़ी देर के बाद मैं बेहोश हो गया. मुझे कुछ भी याद नहीं कि उसके बाद मेरे साथ क्या हुआ; जब मेरी आंख खुली तो मैं एक स्टील के पिंजरे में बंद था; वह इतना छोटा था कि मैं उसमें खड़ा तो नहीं हो सकता था; सिर्फ हाथों और घुटनों पर ही खड़ा हो सकता था; कुछ भी ना पहने होने के कारण मुझे बहुत ठंड लग रही थी; पिंजरे के अंदर एक बोल था जिसमें थोड़ा पानी था.

मेरे हाथ पैर बंधे हुए थे और गले में पट्टा था; इसलिए मुझे कुत्ते की तरह पानी पीना पड़ा और अंदर से भी मैं यही चाहता था. मैंने आसपास देखा तो कोई भी नहीं था; फिर अचानक मैंने किसी की चलने की आवाज सुनी; मैं समझ गया कि कोई मालकिन आ रही है; मैंने डर से अपनी नजरें झुका ली और जमीन की तरफ देखने लगा; थोड़ी देर बाद वह मेरे पिंजरे के पास आ गई; मैंने देखकर पहचान लिया कि वह मेरी मालकिन है क्योंकि वह हिल मैंने चाट के साफ की थी.

साले कुत्ते तेरी यह हिम्मत कि तू बेहोश हो गया; तुझे तो सांस भी मुझसे पूछ कर लेनी है, मालकिन बहुत गुस्से से बोली..

मालकिन प्लीज मुझे माफ कर दो; यह मेरी पहली और आखरी गलती है. मैं दबी हुई आवाज में बोला.

अभी तुझे बहुत कुछ सीखना है.. मालकिन ने कहा.

फिर वह मेरे पिंजरे के पास आई और उसका लोक खोल दिया; मुझे मेरी पट्टे से पकड़ कर बाहर खिंचा; मेरी तो अपने पैरों पर खड़े होने की हिम्मत नहीं हो रही थी; इसलिए मैं हाथों और घुटनों पर ही था; फिर अचानक मालकिन मेरी पीठ पर चढ़ गई जैसे मैं कोई घोड़ा हु.

मेरा कुत्ता तो तू ही है; लेकिन आज से तू गधा भी है मेरा; मैं बहुत थक गई हूं सुबह से चलते हुए; मेरे कमरे तक चल और एक बार भी अगर रुका तो जितनी मार सुबह पड़ी थी उससे ज्यादा पड़ेगी; इतना बोल कर मालकिन ने अपनी हिल मेरी टांग में चुभा दी; और जोर से एक थप्पड़ मेरे गाल में मार दीया; फिर मेरे पट्टे को जोर से खींचा; मैं समझ गया कि वह मुझे चलने का कह रही है; मेरे पूरे बदन में पहले से ही बहुत दर्द था लेकिन मैं क्या करता? मालकिन का हुक्म था.

मैंने बड़ी मुश्किल से चलना शुरु कर दिया; मुझे बहुत दर्द हो रहा था मालकिन का कमरा काफी दूर था; रास्ते में मैं देख रहा था कि मेरी तरह ही और गुलाम भी अपनी मालकिन की सेवा में थे; कोई मेरी तरह ही घोड़ा बना हुआ था; कोई अपनी मालकिन के तलवे चाट रहा था.

धीरे-धीरे मैं समझ गया कि यह एक यूनिवर्सिटी है जहां पर गुलामों को ट्रेनिंग दी जाती है ताकि मालकिन की सेवा और अच्छे से करें; और मालकिन को भी सही ट्रेनिंग मिलती है कि वह हम जैसे कुत्तों को और अच्छे से कैसे ट्रेन करें; करीब २५ मिनट बाद हम मालकिन के कमरे में पहुंच गए; कमरे के दरवाजे के ऊपर लिखा हुआ था मालकिन नेहा.. उस वक्त मुझे पता चला कि मेरी मालकिन का नाम नेहा है.

फिर वह मेरी पीठ से उतरी और मुझे मेरे पट्टे से खींच के अंदर ले गई; उनका कमरा बहुत बड़ा और सुंदर था; बीच में एक बहुत बड़ा बेड था; और दीवार पर हंटर लटके हुए थे; यह देख कर मैं डर गया; एक कोने में एक पिंजरा भी था; मे समझ गया की वह मेरे जैसे गुलामों के लिए है; उनके कमरे में एक डाइनिंग टेबल था; उस पर कुछ फ्रूट पड़े हुए थे; मैंने २ दिनों से कुछ भी नहीं खाया था; और मुझे बहुत भूख लग रही थी. मालकिन ने मुझे खाने को घुरते हुए देख लिया; और वह डायनिंग के पास गई उन्होंने केला उठा लिया और उसे खाने लगी; फिर थोड़ा सा केला जमीन पर थूक दिया.

कुत्ते मुझे अपने कमरे का फ्लोर गन्दा पसंद नहीं है; जल्दी से इसे साफ करो; मैं जल्दी से गया और जमीन पर गिरे उस केले को चाटने लगा; उस में मालकिन का थूक भी मिक्स था;  इतनी मार खाने के बाद मुझे कुछ अच्छा खाने को मिल रहा था; मालकिन ने अपनी हिल्स मेरी गर्दन पर रख दी और मेरे चेहरे को जमीन पर दबाने लगी; मैं कुछ नहीं कर सकता था; मैं चुपचाप बस उस केले को साफ कर रहा था; थोड़ी देर बाद फ्लोर बिल्कुल साफ हो गया; और मालकिन ने मेरी गर्दन से अपनी हिल हटा ली; फिर मालकिन बेड पर लेट गई और कहां..

कुत्ते मैं बहुत थक गई हूं; और थोड़ी देर सो रही हूं. अब से तू मेरा गुलाम कुत्ता रहेगा मुझे शिकायत का कोई मौका नहीं चाहिए वरना तुझे पता है कि अगर मुझे गुस्सा आया तो तू जिंदा नहीं बचेगा. तूने देखा ही होगा कि मेरे अलावा यहां पर और भी बहुत सारी मालकिन है जिनके पास अपने गुलाम है; मैं चाहती हूं कि तुम सबसे अच्छा गुलाम बने इस पूरी यूनिवर्सिटी में और मुझे सबसे अच्छी मालकिन बनना है; और तेरी वजह से मैं अपनी इंसल्ट नहीं सहन कर पाऊंगी; समझा कुत्ते..

जी मालकिन आपका कुत्ता आपके लिए जान भी दे सकता है; आप बस हुकुम करो.. मैंने बोला.

यह सुनकर मालकिन स्माइल करते हुए बोली, वेरी गुड; मुझे तुमसे यही उम्मीद थी. एक बात और मेरे कमरे का फ्लोर बहुत गंदा हो रहा है; और वह तुझे ही साफ करना है; तेरी जीभ इस काम के लिए बहुत अच्छी रहेगी; मैं ३ घंटे बाद उठूंगी तब तक मुझे काम पूरा चाहिए और हां तेरा मुंह थोड़ा सूख गया है इसलिए यह ले यह बोलकर मालकिन ने जमीन पर दो बार थूक दिया; और सो गई. मैंने जल्दी से चाट लिया और अब मेरी जीभ गीली हो गई थी; मुझे पता था यह काम बहुत मुश्किल होने वाला है; लेकिन मालकिन के हर हुक्म को पूरा करना मेरा धर्म था.

मैंने फ्लोर को चाटना शुरू किया और साथ में सोच रहा था कि अब पता नहीं मेरे साथ इस यूनिवर्सिटी में क्या होने वाला है? यह बात भी कितनी हैरान करने वाली थी कि जिस मालकिन ने मुझे इतना मारा था इस वक्त में उनके कमरे की जमीन चाट रहा था; और उनके लिए मरने के लिए भी तैयार हूं; लेकिन मेरे लिए यही तो मजा था; यह मेरी पुरानी नौकरी से बहुत अच्छा था; यहां पर मैं एक मालकिन की सेवा कर रहा था और यह मेरी जिंदगी का सच्चा मक़सद भी था..

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