Chut Ki Chudai

सावन की रात सुमैत्री के साथ

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बरसात की रात में अपने कलिग के बुलाने पर उसके घर गया जहाँ meri sex story के उसके साथ शुरू हुई जब उसकी मदमस्त बदन का नज़ारा देख उसके करीब गया..

नमस्कार, मेंरा नाम अरुण है और मैं जयपुर का रहने वाला हूँ। मेंरा मेंल आई डी है arunksingh54@gmail.com। यह घटना अगस्त 2013 की है।
उस समय जयपुर में बहुत बरसात हो रही थी। अचानक मेंरे फोन पे मेंरी ऑफीस की लेडी सुमैत्री का कॉल आया की अरुण तुम कहाँ हो? मैंने रिप्लाइ किया की मैं टोंक रोड पे हूँ और घर जा रहा हूँ।

सुमैत्री ने बोला की उसकी कार रास्ते मेंं खराब हो गई है और स्टार्ट नही हो रही है, क्या तुम प्लीज आ सकते हो तो मैंने सुमैत्री से पूछा की उसकी लोकेशन कहाँ है।
उसने मुझे अपनी लोकेशन बताई और 10 मिनट मेंं मैं वहाँ चला गया, मैं पूरा भीग चुका था और मेंरे पास बाइक थी। मैंने कार स्टार्ट करने की कोशिश की पर कार स्टार्ट नही हुई।

मैंने सुमैत्री को बोला की शायद ज़्यादा पानी होने की वजह से कार में पानी चला गया है। हमें कार यहीं कहीं पार्क करनी होगी और मैं तुम्हे अपनी बाइक से तुम्हारे घर ड्रॉप कर देता हूँ। सुमैत्री ने मुझे ओके किया और हम लोग बाइक पे उसके घर के लिए निकल गये।

सुमैत्री एक मैरिड लेडी थी और उसके पति किसी काम की वजह से बाहर गये हुए थे। मैं भी जयपुर में अकेला रहता हूँ। हम लोग सुमैत्री के घर पहुँचे और मैंने सुमैत्री को ड्रॉप किया और निकलने लगा तो सुमैत्री ने मुझे बोला की तुम थोड़ी देर यहाँ रुक जाओ शायद बरसात कम हो जाए तो निकल जाना क्योंकि आगे रोड पे और भी पानी भरा होगा।

मुझे भी कोई जल्दी नही थी क्योकि मैं अकेला ही रहता था। मैं सुमैत्री के घर में चला गया और उससे पूछा की तुम्हारे पति कहाँ है तो उसने बताया की वो आउट ऑफ जयपुर हैं और 2 दिन बाद वापस आएँगे। बरसात ज़्यादा होने की वजह से लाइट भी कट थी।

सुमैत्री एक मोमबत्ती लेकर आई और बोली की तुम बैठो मैं चाय बना कर लाती हूँ। लेकिन पूरा गीला होने की वजह से मैं कहीं बैठ नही सकता था तो मैंने बोला की इट्स ओके मैं यहीं गेट पे खड़ा हूँ तुम चाय बना लो। उसने मुझे टॉवल दिया और बोली की मैं चेंज करके आती हूँ और फिर चाय बनाती हूँ।

वो चेंज करने के लिए अपने रूम में चली गई और वहाँ उसने एमर्जेन्सी लाइट ऑन कर ली। गेट के नीचे से लाइट बाहर आ रही थी।
और साथ में सुमैत्री की छाया भी जिसमें वो अपनी साड़ी उतार रही थी। यह देख कर मैं थोडा एक्साइट होने लगा और गेट के के होल से झाँकने लगा। अंदर का नज़ारा देख कर मेंरा लंड पूरा खड़ा हो गया, सुमैत्री ब्लाउज और पेटीकोट में थी और अपने बाल टॉवल से झाड़ रही थी।

इसके बाद सुमैत्री ने अपना ब्लाउज ओपन किया और सफ़ेद ब्रा और पीले पेटीकोट में अपने शरीर को पोंछने लगी की अचानक वो ज़ोर से चिल्लाने लगी।
मैं गेट से थोडा पीछे हट गया और घबरा गया लकिन दुबारा चिल्लाने की आवाज़ आने पे मैं हिम्मत करके उसके रूम में चला गया और देखा की सुमैत्री के पेटीकोट पे एक कॉकरोच चिपक गया था क्योकि लाइट नही थी और सुमैत्री ने एमर्जेन्सी लाइट ऑन की थी उसकी लाइट में कॉकरोच आ गया था।

मैंने झट से न्यूज़पेपर को रोल किया और कॉकरोच को उतार कर मार दिया। लकिन इस दौरान सुमैत्री यह भूल गई थी की वो मेंरे सामने सिर्फ़ ब्रा और पेटीकोट में है।
अब मैंने सुमैत्री को निहारा तो उसने झट से खुद को टॉवल से ढँक लिया। लकिन इस दौरान मैं भी एक्साइट हो चुका था और सुमैत्री को देखता रहा और धीरे धीरे उसकी तरफ बढ़ने लगा।

सुमैत्री तोड़ा सहम गई और मैंने सुमैत्री को अपनी बाहों में कस के पकड़ लिया। हम दोनों गीले थे उप्पर से बरसात का मौसम।
पहले सुमैत्री थोड़ा झिझक रही थी लकिन धीरे धीरे उसमें भी सेक्स करने की इच्छा जागने लगी। मैंने झट से सुमैत्री की ब्रा को ओपन कर दिया और उसके मस्त और भरे हुए बूब्स को दबाने लगा।

अब सुमैत्री गरम होने लगी थी और मेंरा लंड भी मचलने लगा था। सुमैत्री को सहलाते सहलाते मैंने उसका पेटीकोट भी उतार दिया आ वो सिर्फ़ ब्लू पैंटी में थी। फिर मैं भी नंगा हो गया और सुमैत्री को भी नंगा कर दिया और हम दोनों एक दुसरे से लिपट कर बेड पे चले गये।

सुमैत्री ने झट से मेंरा लंड पकड़ा और झट से अपने मुँह में लेकर चूसने लगी, मैं और ज़्यादा एक्साइट हो गया।
मैंने सुमैत्री को बेड पर सीधा लेटने के लिए बोला तो सुमैत्री ने बोला की पहले कंडोम लगा लो और बोल कर वो मैनफ़ोर्स कंडोम निकाल कर ले आई और मेंरे लंड पे चढ़ा दिया।

इसके बाद सुमैत्री बिस्तेर पे सीधा लेट गई और मैंने अपना लंड उसकी चूत पे रखा और पूरा लंड एक झटके में अंदर घुसा दिया। अब सुमैत्री ने मुझे कस कर अपनी बाहों में पकड़ लिया और मैं उसकी चूत को चोदने लगा और उसकी हल्की हल्की आहें मेंरे कानो में सुनाई देने लगी।

कभी हम दोनों की गरम साँसे एक दूसेरे से टकराती। अब पूरा मदहोशी का मौहाल बन चुका था। मैंने सुमैत्री को बोला की अब तुम डोगी स्टाइल में झुक जाओ। मैं तुम्हे पीछे से चोदूंगा, वो झुक गई और मैंने अपना लंड उसकी चूत में पीछे से डाल दिया, अब बहुत मज़ा आ रहा था।

सुमैत्री की आहें माहौल को और मदहोश बना रही थी साथ ही उसकी मस्त गाँड जब मुझसे आकर टकराती तो मज़ा दुगना हो जाता। मैंने सुमैत्री को बोला की मैं तुम्हारे हिप्स को चोदना चाहता हूँ तो उसने बोला की उसने पहले कभी ऐसा नही करवाया है तो प्लीज धीरे धीरे करने।

मैंने सुमैत्री की गाँड पे अपना लंड रखा और धीरे से थोडा अंदर डाला, सुमैत्री अब ज़ोर से आहें भरने लगी और बोली की प्लीज पीछे से नहीं होगा, तुम चूत को ही चोद लो लेकिन उसकी गाँड के टाइट होल और उसकी आहों ने मुझे पूरा मदहोश कर दिया था।

मैंने सुमैत्री को कमर से कस के पकड़ा और ज़ोर से झटका मारा तो मेरा लंड थोडा और अंदर चला गया, सुमैत्री की चीख निकल गई और वो अपनी पोज़िशन से हट कर बेड पे लेट गई और उसके साथ मैं भी बेड पे लेट गया और अपना पूरा लंड ज़बरदस्ती उसकी गांड में घुसा दिया।

सुमैत्री आहें भरने लगी और बोली की प्लीज लंड को अंदर ही रहने दो झटके मत मरो। लेकिन मुझे और मज़ा आने लगा था, मैंने सुमैत्री की गांड को थोड़ी देर चोदा और वापस अपना लंड बाहर निकल लिया और सुमैत्री को सीधा करके उसकी चूत में अपना लंड डाल कर उसकी चूत को चोदने लगा।

थोड़ी समय के बाद सुमैत्री ठंडी हो गई और मैं भी सुमैत्री को चोदते चोदते ठंडा हो गया। सुमैत्री ने मेंरे लंड पे से कंडोम निकाला और बेड के साइड पर रख दिया और मुझसे लिपट गई और बोली की क्या आज रात तुम यहाँ रुक सकते हो तो मैंने हाँ बोल दिया क्योकि मैं वैसे भी जयपुर में अकेला रेंट पे रहता हूँ तो कोई टेंशन नही थी।

उस रात मैंने सुमैत्री को बहुत मस्ती से चोदा लेकिन सुमैत्री ने मुझे उस रात अपनी गाँड को दुबारा नही चोदने नही दिया लकिन बदले में मैं जो चाहता था वो इच्छा सुमैत्री ने पूरी की।

दोस्तों कैसी लगी मेंरी यह कहानी, मुझे मेल करें और अगर कोई मैरिड लेडी या गर्ल मेंरे साथ सेक्स करना चाहती है तो मुझे मेल कर सकती है किंतु उनकी आयु 27 से 40 के बीच की होनी चाहिए।

मेरा मेल आईडी है arunksingh54@gmail.com

दोस्तों मैं अपने कलिग की सेक्सी फिगर को देख कर चौंक गया था और मौका ऐसा हाथ लगा की मैं ठीक उसके उसी दशा में करीब आ पहुंचा और हम दोनों बेकाबू हो उठे और meri sex story उसके साथ शुरू हुई.. आप सबों को कैसी लगी मेरी यह पेशकश अपने खुले कमेंट्स देकर मुझे बताएं..

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